भाजपा को आन्ध्रप्रदेश में ‘त्रिपुरा के जादू’ की उम्मीद

Undaunted by TDP exit, BJP now hopes to repeat 'Tripura magic' in Andhra
Undaunted by TDP exit, BJP now hopes to repeat ‘Tripura magic’ in Andhra

नई दिल्ली। तेलगू देशम पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से अलग होने काे कोई तबज्जो नहीं देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वह आन्ध्र प्रदेश में तदेपा विरोधी भावनाओं का फायदा उठाकर ‘त्रिपुरा जैसा जादू ’ करेगी।

भाजपा के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने राज्य में अगले चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन का विश्वास व्यक्त करते हुए ट्वीट किया कि भाजपा के लिए आन्ध्र प्रदेश अगला त्रिपुरा होगा। भाजपा ने 2014 के चुनाव में आन्ध्र में दो लोकसभा सीट और चार विधानसभा सीट जीती थी।

आन्ध्र प्रदेश निवासी राव ने कहा कि तेदेपा का राजग से अलग होना उसके लिए ही नुकसानदायक होगा भाजपा के लिए नहीं। वर्ष 2014 के चुनाव में तेदेपा-भाजपा गठबंधन 1.7 प्रतिशत के मामूली अंतर से जीता था और तेदेपा लगातार तीसरी बार हार से बच गई थी। त्रिपुरा में वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा को मात्र 1.3 प्रतिशत वोट मिला था जो हाल में हुए चुनाव में बढकर 43 प्रतिशत हो गया।

आन्ध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने से नाराज तेदेपा प्रमुख एवं मुख्यमंत्री चन्द्र बाबू नायडू ने कुछ दिन पहले केन्द्रीय मंत्रिमंडल से अपनी पार्टी के दोनों मंत्रियों से इस्तीफे दिलवा दिए थे और शुक्रवार को तेदेपा राजग से भी अलग हो गई। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाले वाईएसआर कांग्रेस के आन्ध्र प्रदेश से नौ सांसद हैं और राजनीतिक क्षेत्रों में चर्चा है कि भाजपा उसके साथ मिलकर अगला चुनाव लड़ सकती है।