वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर गिरा, 35 लोगों के दबने की आशंका

Under construction flyover collapses in Varanasi, several feared trapped
Under construction flyover collapses in Varanasi, several feared trapped

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के निकट मंगलवार शाम एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर का पिलर गिरने से कई राहगीर और वाहन दब गए। इस हादसे में कम से कम 35 लोगों के हताहत होने की आशंका है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि कैंट स्टेशन के निकट निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा तेज धमाके के साथ गिर गया। भीडभाड वाले क्षेत्र में हुए इस हादसे में करीब आधा दर्जन वाहन दब गये। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। पुल का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निर्माण निगम करा रहा है। इस दौरान भागादौड़ी और जान बचाने की कोशिश में कई लोग गिरकर घायल हो गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में निर्माणाधीन पुल गिरने की घटना पर दुख जताया है और उन्होंने जिला प्रशासन को तेजी से बचाव कार्य करते हुए लोगों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य वाराणसी के लिये रवाना हो गये हैं।

पुलिस की सहायता के लिये राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम राहत कार्य मे जुट गयी है। गिरे हुए पिलर को क्रेन की मदद से हटाया जा रहा है। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है। इस हादसे की उच्च स्तरीय कमेटी से जांच कराने के आदेश दिए है। कमेटी अगले 48 घंटे में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। योगी ने मृतकों को पांच पांच लाख और घायलों को दो दो लाख रूपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

योगी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताया है और तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा कि एनडीआरएफ और पुलिस मौके पर जुटी हुई है। उनकी कोशिश है कि हादसे में कम से कम जनहानि हो।

भीड़भाड़ वाले इलाके में पिलर के गिरने से आसपास के क्षेत्र में धूल और धुएं का गुबार छा गया। अचानक हुए इस हादसे में भगदड़ मचने से कई लोग एक दूसरे पर गिर पड़े। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा ले लिया।

दुर्घटनाग्रस्त पिलर के आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा बलों ने अपने घेरे में ले लिया। दमकल विभाग और पुलिस के जवानों के साथ स्थानीय लोग भी राहत कार्य मे जुट गए। गिरे हुए पिलर के नीचे से कुछ लोगों को निकाला गया और एंबुलेंस के जरिये उन्हे निकटवर्ती अस्पताल में भेजा गया।

दुर्घटना के बाद यातायात बाधित हो गया और लंबी दूरी तक जाम की स्थिति भी बन गई। लोगों को बचाने के साथ ही पुलिस यातायात को सुचारु रूप से संचालित करने में व्यस्त हो गई।

लखनऊ में मंत्रिमंडल की बैठक में व्यस्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की सूचना मिलते ही वाराणसी जिला प्रशासन को स्थिति को संभालने और राहत कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और नीलकंठ तिवारी को वाराणसी जाकर स्थिति और बचाव कार्य का जायजा लेने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी रामेश्वर मिश्रा ने कहा बचाव कार्य तेजी से जारी है। पुलिस और एनडीआरएफ के जवान पिलर के नीचे दबे घायलों को निकालने में जुटे है। घटना स्थल पर डाक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात किया गया है। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल भेजा जा रहा है।

लखनऊ में पुलिस महानिदेशक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हादसे में पिलर के नीचे दबे लोगों की संख्या के बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी हालांकि दुर्घटना के बाद भगदड की स्थिति बनने से कई लोग चुटहिल हुए हैं।

पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि मौके पर पुलिस की टीमें भेजी गई है। राहत व बचाव कार्य के साथ ही यातायात नियंत्रण पर भी ध्यान रखा जा रहा है। कोशिश है कि सभी घायलों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाए। एनडीआरएफ एक प्रोफेशनल टीम है, वह अपना काम कर रही है।