पंजाब में हर वर्ग को मिलेगी राजनीतिक हिस्सेदारी : गजेन्द्र सिंह शेखावत

चंडीगढ़। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री और पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा पूरी तरह तैयार है। ‘नवा पंजाब- भाजपा दे नाल’ के नारे के साथ पार्टी के कार्यकर्ता जनता तक पहुंचेंगे। भाजपा नशा, माफिया और भ्रष्टाचार से मुक्त खुशहाल पंजाब बनाने के संकल्प के साथ चुनाव में उतरेगी। पंजाब के हर वर्ग को उसकी आबादी के अनुपात में राजनीतिक हिस्सेदारी दी जाएगी।

गुरुवार को यहां प्रेसवार्ता में शेखावत ने बताया कि पंजाब की जनता कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी से निराश है और उम्मीद से भाजपा की ओर देख रही है। मोदीजी के नेतृत्व में चल रही केंद्र सरकार ने पिछले सात सालों में पंजाब और पंजाबियों के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं।

केंद्र सरकार के पंजाब के लिए किए कार्यों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि 1984 के दंगाइयों को एसआईटी (सिट) बनाकर सजा दिलवाना, श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर बनाना, काली सूची को खत्म करना, लंगर को जीएसटी से बाहर करना, श्री हरमंदिर साहिब को एफसीआरए देना, बठिंडा में एम्स, अमृतसर में आईआईएम, संगरूर और फिरोज़पुर में पीजीआई के सैटलाइट सेंटर, दो नए एयरपोर्ट, टूरिज्म के नए सर्किट, इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े प्रोजेक्ट जैसे कई काम हैं, जिस कारण पंजाब की जनता के मन में भाजपा के प्रति विश्वास बढ़ा है।

शेखावत ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब में सभी 117 सीटों पर चुनाव के लिए तैयार है। पार्टी ने सभी सीटों पर अपने प्रमुख नेताओं को इंचार्ज लगाया है। हर सीट पर बूथ लेवल पर संगठन को और मजबूत करने का काम चल रहा है। पार्टी को सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। पिछले 6 महीनों में 5 हजार से ज्यादा सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता पार्टी में शामिल हुए हैं, जो दर्शाता है की पार्टी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

कृषि कानूनों के मुद्दे पर पार्टी और सरकार संवेदनशील

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा कृषि कानूनों के मुद्दे के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील हैं और गंभीरता से इस मुद्दे के हल के लिए प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा किसान संगठनों के साथ 11 दौर की बातचीत हो चुकी है। किसान संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों के आधार पर सरकार कानूनों में संशोधन करने के लिए भी तैयार है। सरकार द्वारा कानूनों को डेढ़ साल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव इस मुद्दे के हल के लिए एक सार्थक प्रयास था, जिसके बाद यह आंदोलन समाप्त होना चाहिए था। अभी भी सरकार खुले मन से इस मुद्दे के हल के लिए प्रयास कर रही है।

किसान हित में हो रहे कार्य

उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा केंद्र सरकार द्वारा किसानों के खातों में गेहूं और धान की फसल के सीधे भुगतान की पुरजोर सराहना करती है। हालांकि, पंजाब सरकार, शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी सहित कई अन्य दलों ने इस कदम का कड़ा विरोध किया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस फैसले को सख्ती से लागू किया है और करीब 8 लाख किसानों के खातों में सीधे करीब 24,000 करोड़ रुपए जमा किए गए हैं। यह पंजाब के किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है।

इस बार सरकार ने रिकॉर्ड 405 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है, जिसमें से 132 लाख मीट्रिक टन अकेले पंजाब से खरीदा गया है। सरकार ने किसानों की फसलों के लिए एमएसपी में भी वृद्धि की है, ये आंकड़े विपक्ष के झूठे प्रचार का जवाब हैं, क्योंकि भाजपा राज्यों में एमएसपी और सरकारी खरीद बढ़ रही है। शेखावत ने कहा कि डीएपी की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने किसानों को 2400 रुपए की जगह 1200 रुपए में खाद उपलब्ध कराकर भारी राहत दी है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजाब के 23,33,598 किसानों के खातों में 26,73,26,56,000 रुपए (करीब 27 अरब) जमा कराए गए हैं। पंजाब के किसानों को 17 लाख से अधिक सॉयल हैल्थ कार्ड, नीम कोटिड-यूरिया, ई-नेम प्लेटफॉर्म आदि प्रदान किए गए हैं।

पंजाब भाजपा राज्य के किसानों से झूठे प्रचार से प्रभावित न होने और मोदी सरकार की किसान हितैषी गतिविधियों का मूल्यांकन और सशक्तीकरण करने का आग्रह करती है। साथ ही यह किसान संगठनों से अपील करती है कि सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को डेढ़ साल के लिए टाल दिया गया है। पंजाब भाजपा की यह बैठक किसानों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त करती है।

बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में परिवर्तन पर विपक्ष कर रहा राजनीति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश के 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में परिवर्तन किया गया है। पंजाब सहित सीमावर्ती राज्यों गुजरात, राज्यस्थान, पश्चिम बंगाल आदि में यह क्षेत्र 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी किया गया है। पंजाब में कांग्रेस सरकार और अन्य विपक्षी दलों द्वारा इस मुद्दे पर की जा रही राजनीति की भाजपा कड़ी निंदा करती है। भाजपा का स्पष्ट मत है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ जुड़े मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। पंजाब एक संवेदनशील राज्य है, जो पहले भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंवाद को झेल चुका है।

पिछले कुछ सालों में जिस प्रकार से सीमा पार से ड्रोन और हथियार आ रहे हैं, उस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी कई बार गहरी चिंता प्रकट चुके हैं। अभी पिछले सप्ताह ही हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद हुई है। इसी प्रकार सीमा पार से आने वाली ड्रग्स के कारण यह समस्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।

वर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी भी इस विषय पर गृहमंत्री से अपनी भेंट में चिंता व्यक्त कर चुके हैं। इन हालातों में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ना पंजाब और देश की सुरक्षा के लिए अच्छा ही है। पंजाब के लोग ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे और ड्रग्स की समस्या को काबू करने में भी आसानी होगी, इसलिए इस विषय को राजनैतिक हितों के लिए इस्तेमाल करने से विपक्षी दलों को गुरेज करना चाहिए।

कांग्रेस सरकार हर फ्रंट पर असफल

पंजाब कांग्रेस में बढ़ती कलह पर शेखावत ने कहा कि यह सरकार हर फ्रंट पर असफल साबित हुई है। इसलिए पंजाब के असल मुद्दों जैसे ड्रग्स माफिया राज, बेअदबी का इन्साफ, भ्रष्टाचार, उद्योगों का पलायन, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती हालत, बढ़ती बेरोजगारी, जर्जर होती अर्थव्यवस्था आदि से लोगों का ध्यान हटाने के लिए कृषि कानूनों तथा बीएसएफ जैसे मुद्दों पर भ्रम फैलाने का काम कर रही है। आगामी आठ नवम्बर को सरकार द्वारा बुलाया गया पंजाब विधानसभा का सेशन ऐसा ही प्रयास है। भाजपा इन कुप्रयासों को सफल नहीं होने देगी।