देश की कोरोना प्रबंधन की दुनियाभर में हो रही प्रशंसा : नितिन गड़करी

जयपुर। केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के संकट से पूरा विश्व जूझ रहा है, लेकिन भारत ने इसका जिस तरह से सामना किया है उसके लिये दुनियाभर में देश की प्रशंसा की जा रही है।

गड़करी ने आज राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की तीसरी वर्चुअल जनसंवाद रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि ऐसा किसी ने भी नहीं सोचा था कि ऐसे संकट का हमें सामना करना पड़ेगा। यह एक चुनौती है जो हमारे सामने खड़ी है, जिसका हमें डटकर मुकाबला करना है। उन्होंने कहा कि विश्व के वैज्ञानिक वैक्सीन की खोज में जुटे हैं, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब हम इस वैक्सीन की खोज कर लेंगे। तब तक हमें कोरोना संक्रमण से बचाव वाले नियमों की पालना करनी है।

गड़करी ने कहा कि हमारे देश में यह कोई पहला संकट नहीं है, इससे पहले भी हमारे देश ने कई संकट देखे हैं। गड़करी ने राजस्थान का जिक्र करते हुये कहा कि राजस्थान की भूमि वीरों की भूमि है। राजस्थान के पूर्वजों ने इतिहास को बचाने के लिये अपने प्राणों की आहूति दी।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रयासरत है, जिसमें हमें जरूर सफलता मिलेगी। हम किसी देश की जमीन पर कब्जा नहीं करना चाहते, हमारे पड़ोसी नेपाल, भूटान एवं बांग्लादेश का हम पूरा सम्मान करते हैं और जरूरत पड़ने पर हरसम्भव मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी पर आक्रमण नहीं करना चाहते, लेकिन कोई हमारी सीमाओं की तरफ आंख उठाकर देखेगा तो हमें उसी भाषा में जवाब देना आता है, जिसके लिए हम पूर्ण रूप से तैयार है।

गड़करी ने सड़क परियोजनाओं एवं सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान में मोदी सरकार तेजी से सड़कों का जाल बिछा रही है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रिंग रोड़ सहित तमाम परियोजनाऐं शामिल हैं और लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के पूरा होने पर राजस्थान की 34 हजार हैक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और आठ जिलों को पीने का शुद्ध पानी मिलेगा।

उन्होंने कहा कि लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना में 28 अगस्त, 2018 को छः राज्यों के बीच समझौता हस्ताक्षर हो गया है, 5747 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में राज्य सरकारों द्वारा उनकी जल उपयोगिता के हिसाब में धन दिया जाएगा। इस परियोजना से नाॅन मानसून सीजन में भी जलापूर्ति 165 प्रतिशत बढ़ जाएगी। इस परियोजना से राजस्थान, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश के लोगों को 79 एमसीएम शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।