पिता-पुत्र जिस बेटी की हत्या के आरोप में सजा काट रहे है वह जिन्दा मिली

अमरोहा। उत्तर प्रदेश में अमरोहा के आदमपुर क्षेत्र में जिस बेटी की गोली मारकर हत्या के बाद बोरी मे शव को भरकर गंगा नदी में बहाने के आरोप में पिता और भाई सजा काट रहे हैं वह युवती जिन्दा मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश है।

मलकपुर गांव निवासी राहुल ने शुक्रवार को यहां बताया कि उसकी बहिन अचानक पिछले सात छह फरवरी को घर से गायब हो गई थी। काफी तलाशने के बाद भी जब उसका कहीं कोई अता पता नहीं चल सका। इस मामले में आदमपुर थाने में पुलिस को तहरीर देकर बेटी को खोज निकालने में मदद की गुहार लगायी। पुलिस ने उल्टे पिता और बेटे को हवालात में बंद कर दिया।

उन्होंने बताया कि आदमपुर थाना पुलिस ने उसके पिता सुरेश तथा भाई रूपकिशोर तथा निकटवर्ती गांव शीशोवाली निवासी देवेंद्र पर आनर किलिंग का आरोप लगाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर बेहोश हो जाने तक जमकर पिटाई की थी। बेटी की हत्या जबरन स्वीकार कराने के बाद मेरे भाई और देवेंद्र को भी हवालात में पीट कर हत्या के आरोप में 18 फरवरी को जेल भेज दिया था।

पहली जून को अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत की अर्जी लगाई थी जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया। शुक्रवार को आदमपुर थाना क्षेत्र के पौरारा गांव में ग्रामीणों द्वारा कमलेश का जिंदा होने का पता लगाए जाने पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस टालमटोल करते हुए सूचना के लगभग दो घंटे इंतजार करने के बाद पौरारा गांव से कमलेश को जिंदा बरामद किया।

खबर सुनकर लोगों का पुलिस के प्रति आक्रोश फैल गया। थाने के गेट पर काफी तादाद में भीड इकट्ठा हो गई। इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य रामपाल सिंह ने पत्रकारों को बताया कि इस तरह का क्षेत्र में पुलिस की नाकामी का यह पहला गंभीर मामला है।

उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक को भी इस बाबत अवगत कराते समय निर्दोष बाप को बेटी की हत्या के आरोप में जेल की सजा काटने के लिए संबंधित थाना पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों ने मांग की कि निर्दोष बाप बेटे को जेल की सजा देने के जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव मलकपुर में लगभग डेढ़ साल पहले गांव निवासी सुरेश की पुत्री गायब हो गई थी। जिसकी बरामदगी के लिए सुरेश ने आदमपुर पुलिस से गुहार लगाई थी। गांव के ही कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी लेकिन, पुलिस युवती को बरामद करने में नाकाम रही।

जिस पर पिता सुरेश ने आदमपुर पुलिस पर युवती को गायब करने वालों से हमसाज होने का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली। 28 दिसंबर 2019 को पुलिस ने विवेचना के आधार पर युवती की हत्या करने के आरोप में पिता सुरेश और उनके बेटे रूपकिशोर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। पिछले आठ माह से बाप बेटा जिंदा युवती की हत्या के जुर्म में जेल काट रहे हैं।

शुक्रवार की सुबह युवती के गांव पौरारा में होने की सूचना पुलिस को मिली। जिसके बाद पुलिस युवती को थाने ले आई। युवती के जिंदा होने की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई। ग्रामीण इकट्ठा होकर आदमपुर थाने पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई के प्रति नाराजगी जताते हुए रोष प्रकट किया।

दर्जनों ग्रामीण आदमपुर थाने में मौजूद हैं। उनका कहना है पुलिस ठीक से जांच करती तो निर्दोश सजा नहीं काट रहे होते। इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी मंडी धनौरा सत्येंद्र सिंह ने बताया कि बरामद लडकी के बयानों के बाद निर्दोष लोगों को जेल भेजने के दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी। वह अभी इस मामले की जांच पड़ताल में जुटे हैं। पूरे मामले की जांच कर न्याय संगत कार्रवाई किए जाने का पीडित परिजनों को भरोसा दिलाया है।