मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थल के 10 वर्ग किलोमीटर में मांस मदिरा की बिक्री बैन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थल के दस वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को तीर्थ क्षेत्र घोषित कर दिया है जिसके बाद इस परिधि में मांस मदिरा की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शुक्रवार को इस फैसले की जानकारी दी गई। जिसके अनुसार मथुरा-वृंदावन में श्री कृष्ण जन्म स्थल को केंद्र में रखकर 10 वर्ग किमी क्षेत्र के कुल 22 नगर निगम वार्ड, क्षेत्र को तीर्थ स्थल के रूप में घोषित किया है।

मुख्यमंत्री ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा में इस आशय के संकेत दिए थे जिस पर आज मुहर लगा दी गई। सरकार के इस फैसले के बाद श्रीकृष्ण जन्मस्थल के आसपास मांस मदिरा की बिक्री पूर्णत: निषेध होगी। इस सिलसिले में जल्द ही शासनादेश जारी किया जाएगा।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों की इच्छा के अनुरूप मथुरा में मांस और मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि इससे प्रभावित लोग दूध बेचना शुरू कर सकते हैं। दुग्ध उत्पादन और दूध की बिक्री के क्षेत्र में लोगों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इसके लिए अफसरों को निर्देश दिए थे।

तीर्थ क्षेत्र में शामिल घटीबहालराय, गोविन्दनगर, मंदीरामदास, चौबियापाड़ा, द्वारिकापुरी, नवनीत नगर, वनखंडी, भरतपुर गैट, अर्जुनपुरा, हनुमान टीला, जगन्नाथपुरी, गऊघाट, मनोहरपुरा, वैरागपुरा, राधानगर, बदरीनगरा, महाविद्या कालोनी, कृष्णानगर प्रथम, कृष्णानगर द्वितीय, कोयलागली, डैम्पीयरनगर और जयसिंह पुरा वार्ड में मांस मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।