फेसबुक पर फर्जी आईडी से ठगी करने वाले गिरोह का विदेशी सदस्य अरेस्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले नाईजीरियन गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को शुक्रवार को दिल्ली के प्रहलादपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने यहां बताया कि फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से राष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले नाईजीरियन गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक नाईजीरियन मार्क पौवेल उर्फ मोरेल को प्रहलादपुर (दिल्ली) से गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी मार्क पौवेल उर्फ मोरेल अकूजबे स्ट्रीट, बेनिन-इडो स्टेट, नाईजीरिया का रहने वाला है। वह दिल्ली के बदरपुर इलाके में विश्वकर्मा कालोनी में किराये पर रह रहा था। उसके पास से लैपटाॅप, दो पासपोर्ट साऊथ अफ्रीका एवं नाईजीरिया के अलावा मोबाईल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

सिंह ने बताया कि पिछले साल 18 मार्च को कर्नाटक के बेंगलुरू के बेलदुरू थाने में सुजाता ने एक मामला आईटी एक्ट एवं धोखाधड़ी का दर्ज कराया था। उसने बताया कि फेसबुक पर उसकी दोस्ती मार्क पौवेल उर्फ मोरेल से हुई थी। सुजाता को उसने बताया था कि वह पैट्रोलियम कम्पनी नार्वे में कार्यरत है। उसने उससे 70 हजार और 150204 रुपए कस्टम क्लीयरेन्स और 3,45,000 रुपए आरबीआई से डालर क्लीयरेन्स की मदद देनेे के नाम पर ठगी कर ली है।

उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि इस घटना में प्रयुक्त बैंक खाता गाजियाबाद का है। इस सम्बन्ध में बेंगलुरू पुलिस अधिकारियों ने एसटीएफ से बैंक खाते वाले अभियुक्त को गिरफ्तार करने के लिए सहयोग मांगा था।

इस क्रम में उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक त्रिवेणी सिंह की टीम को लगाया था। एसटीएफ ने बंगलुरू पुलिस से प्राप्त सूचनाओं को साझा किया। आज पता चला कि आरोपी मार्क पौवेल उर्फ मोरेल अपने एक मित्र के यहां दिल्ली आएगा।

इस पर एसटीएफ टीम दिल्ली पुलिस को साथ लेकर बताए गए स्थान पर पहुंची आैर आरोपी की तलाश प्रारम्भ की और करीब साढ़े नो बजे प्रहलादपुर इलाके के लाल कुआं, हेल्ड इण्डिया जिम के सामने से उसे गिरफ्तार कर लिया।

सिंह ने कहा कि पकड़े गए जालसाज ने पूछताछ पर बताया कि वे लोग भारत मेें ही रहकर फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों को मित्र बनाते हैं और फेसबुक मैसेेंजर से ही बात करते हैं ताकि लोगोें को यह न पता लग पाए कि वे भारत से बोल रहे हैं।

यह भी बताया कि वे लोग ज्यातादार बैंक एकाउन्ट नार्थ ईस्ट के लोगों के नाम पर ले लेते हैं, क्योंकि उनके नाम विदेशियोें से मिलते जुलते होते हैं और इस कारण उन पर शक नहीं हो पाता है।

उन्होंने बताया कि उसने यह भी बताया कि गिरोह के सदस्य बैक एकाउन्ट जिस भारतीय का बताते हैं उसे 10 प्रतिशत कमीशन भी देते हैं और सारा पैसा एटीएम से तुरन्त निकाल लेते हैं। एटीएम से पैसा निकालते समय यह ध्यान देते है कि एटीएम मेें कैमरा न हो या एटीएम का कैमरा खराब हो। इस दौरान वे चेहरे को कपडे से ढक लेते है और हैलमेट भी लगा लेते है।

वे फेसबुक के माध्यम से ही अपना टारगेट ढूंढ़ते हैं और इसी तरह से सैकड़ों लोगोें को मैसेज करते रहते हैं। यह जितने भी मोबाईल सिम प्रयोग करते हैं वह सारे फर्जी आईडी से प्राप्त की हैं।

उन्होंने बताया कि उसके पास से बरामद सिम भी 500 में खरीदी थी। जिससे यह सिम कार्ड ली गई थी वह वर्तमान समय में अफ्रीका चला गया है। इनके द्वारा प्रयुक्त किए जा रहें बैंक एकाउन्टस की डिटेल, फोन रिकार्ड, एवं फेसबुक मैसेंजर की चैट डिटेल भी फेसबुक से मंगवाई जा रही है।

सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह बात भी प्रकाश में आई हैं कि बहुत से नाईजीरियन युवक एवं युवतियां इसी तरीके से सैकड़ों लोगोे को ठगी का शिकार बना रहें है और इसमें कुछ भारतीय लड़कियों को भी कमीशन के आधार पर अपने नेटवर्क मेे रखे हुए हैं। इन्ही लड़कियों से वे कभी आरबीआई, कभी इन्कम टैक्स, कभी कस्टम आॅफिसर के नाम से फोन करवाकर तरह तरह के बहाने बनाकर पैसा बैंक खातोें मेें जमा कराते रहते हैं।

उन्होंने बताया कि इस गिरोह के पूरे नेटवर्क के सम्बन्ध में छानबीन की जा रही है। पूर्व में भी एसटीएफ द्वारा पटना, कोल्हापुर, नई दिल्ली से ऐसे ही नाईजीरियन गिरोह के लोग जो विभिन्न ठगी के कार्यों जैसे हर्बल सीड (दवाईयाँ के व्यवसाय के नाम पर ठगी), कस्टम में माल छुड़ाने के नाम पर ठगी आदि में लिप्त थे, की गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।

मार्क पौवेल के पास से बरामद दोनों पासपोर्ट जो साऊथ अफ्रीका और नाईजीरिया से निर्गत किए गए हैं की भी जांच की जा रही है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। गिरफ्तार मार्क पौवेल उर्फ मोरेल के विरूद्व अागे की कानूनी कार्रवाइ बेंगलुरू पुलिस द्वारा की जा रही है।