यूपी राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने घोषित किए 8 उम्मीदवार, धर्मपाल सिंह समेत इन नेताओं पर जताया भरोसा

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्य की राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी देते हुए चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट कर दी है। पार्टी की ओर से जारी सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यसागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया गया है।

भाजपा की ओर से घोषित सूची में संगठन से जुड़े अनुभवी नेताओं के साथ विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास नजर आ रहा है। पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन के जरिए आगामी चुनावी समीकरणों को भी साधने का संकेत दिया है।

16 अक्टूबर को होगा मतदान

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। इन सीटों पर वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने जा रहा है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित है। ऐसे में भाजपा द्वारा आठ उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब अन्य दलों की रणनीति पर भी निगाहें टिक गई हैं।

403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के हिसाब से भाजपा और उसके सहयोगी दलों की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। एक राज्यसभा सीट पर जीत के लिए लगभग 37 विधायकों के मतों की आवश्यकता होगी। इस गणित के आधार पर भाजपा गठबंधन आठ सीटों तक पहुंच बनाने की स्थिति में दिखाई दे रहा है।

आठवीं सीट पर मुकाबला हो सकता है रोचक

राज्यसभा चुनाव में असली दिलचस्पी आठवीं सीट को लेकर मानी जा रही है। समाजवादी पार्टी ने पहले ही प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को मैदान में उतार दिया है। सपा के मौजूदा विधायक संख्या बल के आधार पर दो सीटों पर जीत की स्थिति में है। हालांकि पार्टी तीसरी सीट के लिए भी प्रयास करती है तो चुनावी गणित बदल सकता है।

ऐसी स्थिति में विधायकों के समर्थन, राजनीतिक गठजोड़ और संभावित क्रॉस वोटिंग की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। भाजपा और सपा दोनों ही अपने विधायकों को एकजुट रखने के साथ-साथ विपक्षी खेमे में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर सकते हैं।

विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण चुनाव

उत्तर प्रदेश का यह राज्यसभा चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अगले वर्ष प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्यसभा चुनाव के जरिए भाजपा जहां अपने संगठनात्मक और राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने की कोशिश करेगी, वहीं सपा के सामने अपने मौजूदा समर्थन आधार को बनाए रखने की चुनौती होगी।

भाजपा द्वारा आठ उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब नामांकन प्रक्रिया और अन्य दलों के अगले कदम पर सबकी नजर है। यदि सभी 10 सीटों पर मुकाबला हुआ तो 16 अक्टूबर को होने वाला मतदान राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की तस्वीर सामने ला सकता है।