धामी ने टपकेश्वर में पूजा के बाद सैनिकों, नेत्रहीन बच्चों के संग काटा केक

देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपने 47वें जन्मदिन पर देहरादून स्थित अमरत्व प्राप्त अश्वत्थामा की जन्मस्थली टपकेश्वर स्थित महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर भगवान शिव से प्रदेश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। धामी ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों और राष्ट्रीय दृष्टीबाधार्थ संस्थान (एनआईबीएच) के बच्चों के संग केक काटा।

टपकेश्वर मन्दिर में पूजा के बाद धामी ने सीमाद्वार, देहरादून में आईटीबीपी द्वारा संकल्प दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों एवं जवानों के बीच केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया। उन्होंने कहा कि सेना एवं विद्यार्थियों से जुड़े कार्यक्रम हमेशा नई ऊर्जा देते हैं। अनेकता में एकता ही भारत की विशेषता है। हमारे जवान देश की सुरक्षा से लेकर हर क्षण सेवा हेतु तत्पर रहते हैं। सैनिकों एवं उनके परिवार का जीवन हमेशा ही संघर्ष भरा रहता है। हमारी सेना एवं अर्धसैनिक बलों का इतिहास हमेशा से ही शौर्य और पराक्रम का रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान सम्मान स्वाभिमान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया गया। अब देश का अमृतकाल शुरू हो चुका है।

इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, आईजी आईटीबीपी नीलाभ किशोर, आईटीबीपी के अन्य अधिकारी व जवान तथा केंद्रीय विद्यालय के बच्चे मौजूद थे। इसके बाद धामी ने एनआईवीएच राजपुर रोड में संकल्प दिवस के अवसर पर दिव्यांग बच्चों से भेंट की। मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के साथ अपना जन्म दिवस मनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय दृष्टि बाधित संस्थान को 25 लाख रूपए देने की घोषणा की।

धामी ने कहा कि एनआईवीएच में बच्चों से मिलकर आत्मीय शांति और संतोष का अनुभव हुआ है। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि संकल्प शक्ति एवं इच्छा शक्ति ऐसी शक्तियां हैं, जिनसे हम सब कुछ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा हर संभव सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। आज दिव्यांग अनेक क्षेत्र में अपनी प्रतिभाओं के दम पर सराहनीय कार्य भी कर रहे हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, एनआईवीएच के निदेशक हिग्मांशु दास एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।