उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ रावत ने राज्यपाल को सौंपा अपना त्यागपत्र

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार देर रात राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना त्यागपत्र सौंप दिया।

तीरथ ने शुक्रवार सुबह से जारी अटकलों को विराम लगाते हुए देर रात 11 बजे अपने मन्त्रीमण्डल के सहयोगियों सुबोध उनियाल, अरविंद पांडेय, विशन सिंह चुफाल, गणेश जोशी और विधायक राजेश शुक्ला के साथ राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भी थे। तीरथ करीब 10 मिनट तक राजभवन में रहे। राज्यपाल ने नया मुख्यमंत्री चुने जाने तक उन्हें अपने पद पर बने रहने को कहा है।

इस बीच सूचना मिली है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दो दिन के दौरे पर 10 जुलाई को देहरादून आ रहे हैं, जबकि शनिवार शाम तीन बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है जिसमें दल का नया नेता चुना जाएगा।

तीरथ रावत ने गिनाईं एक वर्ष की उपलब्धियां

इससे पहले आज सुबह से ही तीरथ के त्यागपत्र को लेकर अटकलें जारी थी। उन्होंने रात नौ बजे सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन में सरकार की पिछले एक वर्ष की उपलब्धियां गिनाईं और पत्रकारों द्वारा त्यागपत्र के सम्बंध में पूछे सवालों का जवाब दिए बिना वहां वहां से चले गए थे।

सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन में तीरथ ने कहा कि गत एक वर्ष से कोरोना महामारी के कारण विश्व की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इससे उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था भी अछूती नहीं रही है रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आगमी छह माह में राजकीय विभागों में सीधी भर्ती के जरिए 22 हजार से अधिक पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सम्मिलित राज्य सेवा हेतु भी परीक्षा आयोजित किए जाने हेतु निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

इससे पूर्व आज सुबह से ही राज्य में मुख्यमंत्री द्वारा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को त्यागपत्र सौंपे जाने की चर्चा थी। तीरथ पिछले तीन दिनों से दिल्ली में थे। जहां उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से मुलाकात भी की थी। इस बीच पार्टी विधायक दल की बैठक पार्टी के प्रदेश कार्यालय में शनिवार तीन बजे आहूत की गई है।

भाजपा ने मुख्यमंत्री पद की गरिमा घटा दी: कांग्रेस

उत्तराखंड कांग्रेस ने राज्य में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच शुक्रवार कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री पद की गरिमा को तार तार कर दिया है।

उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने आज यहां जारी बयान में कहा कि साढ़े चार साल के शासन में भाजपा ने दो-दो मुख्यमंत्री बनाए और अब तीसरे मुख्यमंत्री को नियुक्ति किए जाने की अटकलें हैं।

प्रताप ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राज्य में मुख्यमंत्री पद की गरिमा गिरा दी है और ऐसा साफ लग रहा है कि राज्य में जल्द ही 11वां व्यक्ति मुख्यमंत्री पद पर पदासीन करने की‌ तैयारी की जा चुकी है।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड के 20 साल के राजनीतिक इतिहास के सबसे असफल मुख्यमंत्री बताया और कहा कि दोनों नेताओं ने नौसीखियो की तरह आचरण किया है जिससे साफ झलकता है कि भाजपा विधायक दल नेतृत्व शून्यता से ग्रस्त है और उनमें एक भी व्यक्ति ऐसा सक्षम नहीं है जो राज्य का ठीक से नेतृत्व कर सके। उन्होंने इसे उत्तराखंड राज्य का दुर्भाग्य बताया।