उत्तराखंड : उच्च हिमालयी क्षेत्र में कैलाश यात्रा मार्ग पर पैदल पुल बहा

नैनीताल। उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश का असर देश के ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा पर पड़ सकता है। यात्रा मार्ग पर एक पैदल पुल के बह जाने से फिलहाल यह यात्रा पूरी तरह से बाधित हो गई है।

सीमांत पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने 17वें दल को पहले आधार शिविर धारचूला वापस बुला लिया है जबकि विदेश मंत्रालय को पूरी वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। अब यात्रा जारी रखने को लेकर भारत सरकार के निर्णय का इंतजार है।

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले दो दिन से लगातार बरसात हो रही है। पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्र में भी अनवरत रूप से बरसात हो रही है। पिथौरागढ़ के प्रशासनिक व कुमाऊं मंडल विकास निगम के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के लिपूलेख से होकर गुजरने वाले कैलाश मानसरोवर मार्ग पर लामारी के पास रविवार को भारी बारिश के चलते एक पैदल पुल बह गया है। भारी बारिश के चलते पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

पुल के बहने से इस क्षेत्र मे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है और कैलाश यात्रियों के लिये भी आगे की यात्रा करना संभव नहीं हो पा रहा हैं। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी डा0 विजय कुमार जोगदंडे ने इसकी पुष्टि की है।

उन्होंने कहा कि कैलाश यात्रा मार्ग पर लामारी के पास एक पैदल पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पुल को बनाने में कम से कम दो से तीन दिन का समय लग सकता है। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन की ओर से भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को पूरी रिपोर्ट भेज दी गयी है।

जोगदंडे ने बताया कि पुल के क्षतिग्रस्त होने के चलते कैलाश यात्रा पर जाने वाले 17वें दल को वापस धारचूला बुला लिया गया है। दल के सभी सदस्य भारत सरकार के निर्देश तक धारचूला में रूकेंगे।

इस घटनाक्रम का असर कैलाश मानसरोवर यात्रा के अंतिम 18वें दल पर भी पड़ सकता है। अंतिम दल को कल सोमवार को दिल्ली से हरी झंडी दिखाई जानी है। 33 यात्रियों वाले इस दल को कल दिल्ली से रवाना होकर पहले पड़ाव अल्मोड़ा पहुंचना है।

कुमाऊं मंडल विकास निगम के सूत्रों के अनुसार 17वें दल के यात्रियों को धारचूला से दो दिन की पैदल यात्रा के बाद रविवार को गुंजी पहुंचना था लेकिन यात्री अभी भी धारचूला में फंसे हुए हैं। ऐसे में आगे की यात्रा को लेकर पूरी तरह संशय बना हुआ है।

उल्लेखनीय है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर धारचूला से आगे पांगला में मलबा आने के कारण 17वां दल आगे की यात्रा नहीं कर पाया था। यात्रियों को कल पांगला में रोक दिया गया था। मलबा हटाने के बाद 17वें दल को आगे के लिए रवाना किया गया था लेकिन लामारी के पास पुल के बह जाने से यात्री अगले पड़ाव तक नहीं जा सके और इस वजह से सभी यात्रियों को धारचूला वापस बुला लिया गया।