गौरव यात्रा नहीं, सरकार की विदाई यात्रा : अशोक गहलोत

Vasundhara Raje's pre election tour is her vidai yatra says Ashok Gehlot
Vasundhara Raje’s pre election tour is her vidai yatra says Ashok Gehlot

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में शनिवार से शुरु गौरव यात्रा को इस सरकार की विदाई यात्रा करार दिया है।

गहलोत ने अपने बयान में आरोप लगाते हुए कहा कि राजे के कार्यकाल की किसी भी क्षेत्र में कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं रही, तो फिर किस गौरव की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह गौरव यात्रा नहीं बल्कि इस सरकार की विदाई यात्रा प्रारंभ करने जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि राजे अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए गौरव यात्रा निकालकर प्रदेशवासियों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं। पहले यात्रा का नाम सुराज यात्रा रखा गया जबकि राजस्थान को उन्होंने कुराज के सिवाय कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भाजपा की डैमेज कन्ट्रोल करने की असफल कोशिश साबित होगी।

उन्होंने आराेप लगाया कि यात्रा का सारा खर्च सरकारी खजाने से किया जा रहा है एवं राज्य सरकार के स्तर पर इसकी सारी व्यवस्थाओं के लिए आदेश भी जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि यह यात्रा भाजपा की है या राजस्थान सरकार की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की विदाई के लिए मानस बना चुकी है। मुख्यमंत्री और भाजपा अब चाहे कुछ भी करले उनका जाना तय लग रहा है।

उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, कमजोर एवं अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, युवा, महिलाएं-बच्चियां, कर्मचारी और बेरोजगार सभी भाजपा के कुशासन से परेशान, आक्रोशित और त्रस्त है। प्रदेश में आर्थिक बोझ के दबाव में बड़ी संख्या में किसानों को पहली बार इस शासन में आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि राज्य में डकैती और महिला असुरक्षा के साथ दुष्कर्म की घटनाएं आए दिन घटित हो रही हैं। महिला अत्याचार, दुष्कर्म और मॉब लिंचिंग की घटनाओं ने प्रदेश को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि मॉब लिंचिंग की घटनाएं बेरोजगारी एवं जनसंख्या वृद्धि की वजह से हो रही है, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण एवं ऐसी घटनाओं को रोकने में अपनी विफलताओं को छिपाने की नाकाम कोशिश है।

उन्होंने कहा कि गत चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री ने पन्द्रह लाख नौकरियां देने का वायदा किया था। बेरोजगारों द्वारा प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन करने पर उन पर लाठीचार्ज किया गया।

इसी तरह सुराज संकल्प पत्र में विद्यार्थी मित्र, शिक्षाकर्मी, शिक्षा मित्र, संविदा शिक्षक, अतिथि शिक्षक, अंशकालीन शिक्षक, प्रबोधक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विशेष योग्यजन, होमगार्ड्स आदि की समस्याओं के समाधान का वायदा किया था, जिसे भुला दिया गया। इन वर्गो द्वारा आंदोलन करने पर भाजपा मुख्यालय पर इन पर लाठियां बरसाई गई।

गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा प्रारंभ की गई विकास की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को अब तक लटकाए रखा है। यदि ये परियोजनाएं समयबद्धता से पूरी होती तो प्रदेश के विकास के साथ लाखों लोगों को रोजगार मिलता, सिंचाई और पेयजल की सुविधा बढ़ती और आर्थिक विकास की रफ्तार भी तेज होती।