सरूपगंज भूमि प्रकरणः ज्यादा के लालच में जो था वो भी जाने के कगार पर!

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सबगुरु न्यूज-सिरोही। सत्ता मद में चूर होकर सरूपगंज में बेवा वृद्धा की जमीन पर अपना हक जताते हुए कथित रूप से कब्जा करके स्कूल बनाने की कवायद अब आदर्ष षिक्षा समिति को भारी पड़ती दिख रही है।

इस जमीन पर कथित कब्जे के प्रकरण में पीडिता देवीबाई के भतीजे छगनलाल खण्डेलवाल ने सरूपगंज तहसीलदार को आदर्ष षिक्षा समिति की भावरी स्थित जमीन पर उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में प्रक्रियाधीन 177 की कार्रवाई को तेज करने के लिए ज्ञापन दिया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि भावरी में खसरा संख्या 1412 में कृषि भूमिक निजी संस्था आदर्ष विद्या मंदिर द्वारा वाणिज्यिक उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए तहसीलदार द्वारा 16 जुलाई 2018 को बिलानाम घोषित करने के लिए सहायक जिला कलक्टर न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया था।

ज्ञापन में बताया कि इस वाद को पूर्ण करने की 30 दिन की मियाद थी। लेकिन, आज दिन तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने तहसीलदार से अनुरोध किया है कि इस प्रकरण में पैरवी को रफ्तार देकर इस भूमि को बिलानाम दर्ज करवाएं।

-क्या है प्रकरण
गत वर्ष सरूपगंज में वृद्ध बेवा देवीबाई की न्यायालय में वादग्रस्त भूमि को अपने नाम पर आवंटित बताते हुए आदर्ष षिक्षा समिति के पदाधिकारियों ने उस जमीन पर कथित रूप से घुसकर कब्जा किया था। इसके बाद वहां पर आनन फानन में ईंटों से निर्माण भी ष्षुरू कर दिया था।

पीडित परिवार द्वारा स्थानीय पुलिस और प्रषासनिक अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करवाया गया था, लेकिन सत्ता के दबाव में पीडितों की फरियाद नहीं सुनी गई। इधर, आदर्ष षिक्षा समिति की एक भूमि भावरी में भी है। पूर्व कलक्टर संदेष नायक के कार्यकाल में जिले में उन कृषि भूमियों पर राजस्थान काष्तकारी अधिनियम की धारा 177 के तहत कार्रवाई की गई थी, जिनके भू-उपयोग परिवर्तन के बिना ही वहां पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर दी गई थी।

इस धारा के तहत पिण्डवाड़ा तहसील में ही 34 भूमि मालिकों को इस धारा के तहत नियमों का उल्लंघन किए जाने पर उनकी भूमियों को राजसात कर दिया गया था। इसी नियम के तहत पिण्डवाड़ात तहसीलदार ने खसरा संख्या 1412 रकब्जा 3.02 बीघा में से 0.13 बीघा भूमि पर बिना संपरिवर्तन के 10 हजार 934 वर्गफुट क्षेत्र में दो मंजिला निर्माण करने के लिए धारा 177 तहत प्रकरण दाखिल कर दिया था।
-बिजली पानी का कनेक्षन कटवाने की भी कार्रवाई
देवीबाई खण्डेलवाल ने जलदाय विभाग और डिस्काॅम के अधीक्षण अभियंताओं को भी नोटिस दिया है। इसमें बताया कि सरूपगंज स्थित उनकी पुष्तैनी जमीन का वाद राजस्व न्यायालय में लम्बित है। ऐसे में दोनों विभागों ने वादग्रस्त भूमि पर कथित कब्जेधारियों को नियम विरूद्ध बिजली और नल का कनेक्षन जारी किया है। देवीबाई ने अपने अधिवक्ता सुरेष वैष्णव के माध्यम से इन कनेक्षनों को विच्छेद नहीं करने पर विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध कानूनी प्रक्रिया अमल में लाने की ताकीद की है।