भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डाॅ विजय सिंगला पद से बर्खास्त

चंडीगढ़। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डाॅ विजय सिंगला को भ्रष्टाचार के मामले में मंगलवार को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि डाॅ सिंगला को पद से हटाने के साथ उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

मान ने कहा कि इस मामले में किसी को कुछ पता नहीं था कि एक मंत्री अपने महकमे में घपला कर रहा है। इसकी न तो मीडिया और न ही विरोधियों को कोई जानकारी थी। यदि मैं चाहता तो इस केस को दबा सकता था। यदि मैं ऐसा करता तो अपने जमीर के साथ धोखा करता और उन करोड़ों लोगों के साथ भी धोखा होता जिन्होंने आम आदमी पार्टी को भारी बहुमत के साथ जिताया और मुझ पर विश्वास किया।

उन्होंने कहा कि डॉ सिंगला का मामला उनकी नोटिस में आने के बाद पूरी तहकीकात कराने के बाद कार्रवाई करते हुये उन्हें मंत्री पद से हटा दिया। उन्होंने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश भी दिए।

मान ने कहा कि उन्होंने अपने विभाग में घपलेबाजी की और हर टेंडर पर एक प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी। मंत्री ने गुनाह कबूल किया है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सभी को चेतावनी देते हुए कहा कि आप सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति जारी रखेगी।

आजादी के बाद के इतिहास में पहला मामला दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने 2015 में अपने खाद्य आपूर्ति मंत्री के खिलाफ उठाया था और दूूसरा पंजाब में आज उन्होंने किया। सभी अफसरों, राजनेताओं और प्रभावशाली लोगों को बताना चाहते हैं कि एक पैसे का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगे। बेहतरी इसी में है कि सभी ईमानदारी की राह पर चलते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। नीयत साफ हो तो सब कुछ हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को वचन दिया था कि भ्रष्टाचार कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। अपने हों या पराये किसी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसा ही मैंने किया है।