जब राज्यादेश नहीं तो सिरोही में बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ क्यों?

जब राज्यादेश नहीं तो सिरोही में बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ क्यों?

सिरोही के अरविंद पेवेलियन में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयरियों के पूर्वाम्यास में हिस्सा लेते स्कूली बच्चे
सिरोही के अरविंद पेवेलियन में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयरियों के पूर्वाम्यास में हिस्सा लेते स्कूली बच्चे

सबगुरु न्यूज-सिरोही। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा संगीता बेनीवाल शुक्रवार को स्कूलें खुलने पर कोरोना गाइडलाइन की पालना और उसका मार्गदर्शन देने के लिए सिरोही आईं। इस दौरान सबुगरु न्यूज ने उनसे कोरोना गाईडलाइन में बच्चों के 26 जनवरी के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के नए आदेशों के बारे में प्रश्न किया।

 

उन्होंने कहा कि हमने तो प्रार्थना सभा तक में बच्चों का हिस्सा लेने से मना किया है फिर 26 जनवरी के कार्यक्रम में हिस्सा लेने का प्रश्न नहीं उठता।  सिरोही में स्कूली बच्चों को गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने की बात बताई तो उन्होंने इस पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि ऐसा सवाल ही नही उठ्ता।

सवाल ये उठता है कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग यह दावा कर रहा है। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के 12 जनवरी को जारी गणतंत्र दिवस समारोह के कार्यक्रम में शारीरिक व्यायाम आदि में बच्चों की भागीदारी की मनाही की गई है तो सिरोही में कोरोना से बच्चों को ऐसा कौनसा सुरक्षा कवच मिल गया है कि उन्हें शारीरिक व्यायाम और प्रभातफेरी आदि में हिस्सा लेने के लिए प्रेक्टिस शुरू करवाई जा रही है।

लम्बे समय से स्कूलें खुलने के बाद अभिभावक बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं ऐसे में बच्चों की सुरक्षा और पढाई से समझौता करके कार्यक्रम को चमकाने का आदेश आया कहां से यह प्रश्न अब भी बरकरार है।
-यह था राज्य सरकार के आदेश में
राजस्थान सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के ने 12 जनवरी 2021 को गणतंत्र दिवस समारोह के कार्यक्रम की कोरोना को देखते हुए दिशा निर्देश जारी किए। इसके बिंदु संख्या 2 में स्पष्ट लिखा गया है कि कोरोना को देखते हुए कार्यक्रम में बच्चों और बुजुर्गों को शामिल या आमंत्रित नहीं किया जाएगा।

इसी आदेश में जिला मुख्यालय पर आयेाजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की भी गाइडलाइन दी है। इसके बिंदु संख्या 3 में लिखा है कि अद्र्ध सैनिक बल और पुलिस की टुकडिय़ां जिला स्तरीय समारोह में भाग लेंगी। बिंदु संख्या 4 में विद्यालयों के कार्यक्रमों का उल्लेख है।

इन दोनों ही बिंदुओं में ब्रेकेट में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम में छात्र/छात्राओं को शामिल नहीं किया जाए। इसके बावजूद सिरोही में शुक्रवार को अरविंद पेवेलियन में प्रेक्टिस में स्कूली बच्चों को बुलवाया गया।
-जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश पर ये कार्यक्रम भी
राज्य सरकार द्वारा 12 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन को लेकर गाइडलाइन जारी की गई। इसी दिन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गणतंत्र दिवस कार्यक्रम आयोजन समिति में लिए निर्णयों का हवाला देते हुए कार्यवाही विवरण जारी किया गया।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए विद्यालयों को इसके तहत कक्षा नवी से बारहवी तक के बच्चों को परेड और व्यायाम के पूर्वाभ्यास में भाग लेने, प्रभातफेरी आयोजित करने और पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्णयों का विवरण है।

सवाल यह कि जब राज्य सरकार ने मना कर दिया राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोजित की अध्यक्षा बच्चों के गणतंत्र दिवस के किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने की पाबंदी की बात कर रही हैं तो यह प्रस्ताव आ कहां से गया।
इनका कहना है…
जिले में 26 जनवरी के कार्यक्रम में बच्चों को भागीदारी करने के लिए जबरन बुलवाने की कोई शिकायत नहीं आई है। आयोग ने तो एडवाइजरी जारी करके प्रार्थना सभा तक स्थगित करवाई है तो 26 जनवरी के कार्यक्रम या परेड में भागीदारी तो दूर की बात है।
संगीता बेनीवाल
अध्यक्ष, राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राजस्थान।