भाजपा की गंदी राजनीति के खिलाफ लडेंगे : राहुल गांधी

We will fight Modi and beat him, says Rahul gandhi in Singapore
We will fight Modi and beat him, says Rahul gandhi in Singapore

सिंगापुर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश में गंदी और घिनौनी राजनीति कर रहे हैं और कांग्रेस अगले आम चुनावों में इस पार्टी को हराएगी।

गांधी ने यहां ली जुआन येव विश्वविद्यालय के छात्राें को संबोधित करते हुए कहा कि हम शुरू से ही भाजपा और संघ से लड़ते आ रहे हैं और इस समय भारत में बहुत ही गंदी और घिनौनी राजनीति की जा रही है। कांग्रेस पार्टी इस तरह की राजनीति के खिलाफ लडेगी और आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराएगी।

हम भारत में इस तरह की विचारधारा को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे कि लोगों को सिर्फ इस बात के लिए परेशान किया जाएगा कि वे क्या खातें हैं, क्या पीते हैं, क्या कपड़े पहनतें हैं अथवा उनकी सोच क्या है। आप बहुत जल्द एक एेसा भारत देखेंगे जहां हर किसी का सम्मान किया जाता है और सभी को साथ लेकर चला जाता है।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की कश्मीर नीति की आलोचना करते हुए श्री गांधी ने कहा कि पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने वर्षों तक जो मेहनत की थी उसे माैजूदा सरकार ने नष्ट कर दिया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति को लेकर मुझे एक शिकायत यह है कि यह ज्यादा बयानबाजी करती है और रणनीति बनाने में गंभीर नहीं है। जब हम 2004 में सत्ता में आए थे तो हमें एक एेसा कश्मीर दिया गया था जो जल रहा था, लोग मर रहे थे और चारों तरफ हिंसा तथा आंतकवाद का बोलबाला था।

हमने एक योजना बनाई और इस पर नौ वर्षाें तक काम किया और यह योजना लोगों तक पहुंच बनाने की थी। हमने वहां स्थानीय निकाय चुनाव कराए और लोगों का विश्वास जीतते हुए आतंकवाद की कमर तोड़ दी। जब मैं 2014 में आतंकवाद पीड़ित राज्य गया तो वहां के हालात देखकर बहुत दुखी हो गया कि किसी पार्टी का कोई बुरा राजनीतिक फैसला वर्षाें की कठिन मेहनत पर पानी फेर सकता है।

उन्होंने केन्द्र सरकार पर देश की संस्थाअों को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही उच्चतम न्यायालय के चार शीर्ष न्यायाधीशों द्वारा प्रेस कांफ्रेंस करना दर्शाता है कि देश में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में लोग न्याय की अास में अदालतों और न्यायाधीशाें के पास जाते हैं लेकिन मैने अपने जीवन में पहली बार देखा कि उच्चतम न्यायालय के चार शीर्ष न्यायाधीशों ने प्रेस के माध्यम से जनता तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया ताकि लोग उनकी बात सुन सके कि कहीं न कहीं कुछ गलत चल रहा है।

देश के संस्थागत ढांचे के समक्ष अपने आपको बचाने का खतरा है और जब आप इतने लोगाें के बीच जा रहे हैं तो कुछ उम्मीद लेकर ही जा रहे है और इसमें कहीं न कही कुछ डर भी है। उन्होंने कहा कि यह सरकार देश के युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है और देश में इस समय बेरोजगारी की स्थिति पिछले आठ वर्षो में सबसे उच्चतम स्तर पर है।