बंगाल में सत्ता में आने पर महिलाओं को 33 फीसदी से अधिक आरक्षण : शाह

काकद्वीप। केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर पश्चिम बंगाल में महिलाओं को 33 फीसदी से अधिक के आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने का भी वादा किया।

शाह ने यहां एक जन सभा को संबोधित करते हुए इस आशय की घोषणा एवं वादा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल को ‘सोनार बांग्ला’ में बदलने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि बंगाल को ‘सोनार बांग्ला’ बनाने के लिए यह भाजपा की लड़ाई है। यह लड़ाई हमारे बूथ कार्यकर्ताओं और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सिंडिकेट के बीच है।

शाह ने दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप में पार्टी की पांचवी और अंतिम चरण की परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करते हुए कहा कि ममता बनर्जी की सरकार को हटाने के बाद भाजपा की सरकार लाना हमारा उद्देश्य नहीं है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पश्चिम बंगाल में स्थिति में बदलाव हो, राज्य के गरीबों की स्थिति में बदलाव हो, राज्य की महिलाओं की स्थिति में बदलाव हो।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर अम्फान राहत निधि के वितरण में किये गये घोटाले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से जुड़ी आपदाओं तथा चक्रवाती तूफानों से लोगों की जिन्दगी बचाने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। भाजपा नेता ने कहा कि जय श्री राम का नारा तुष्टीकरण की राजनीति के विरोध का प्रतीक है। यह हमारी परिवर्तन यात्रा का नारा भी है। अब, इन परिवर्तन यात्राओं को निकाला जा रहा है, हम जय श्री राम के नारे के साथ हर दरवाजे तक पहुंचेंगे।

शाह ने कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद की विचारधारा एक समान थे तथा दोनों ने ही देश के लिए काम किया। उन्होंने दावा किया कि मुखर्जी के कारण आज पश्चिम बंगाल का अस्तित्व है अन्यथा यह बांग्लादेश में चला गया होता।
शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में राज्य में दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा के आयोजनों में बाधाएं आ रही हैं क्योंकि सरकार अल्पसंख्यक समुदाय का तुष्टीकरण करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि लोगों को दुर्गा पूजा आयोजित करने के लिए अदालत से अनुमति लेने की आवश्यकता होती है। भाजपा के दबाव में आने के बाद कि बनर्जी को देवी सरस्वती की पूजा करते हुए देखा गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने राज्य में नमामि गंगे कार्यक्रम को लागू नहीं किया। साथ ही उन्होंने सागर द्वीप को दक्षिण 24 परगना जिले में लाने का वादा भी किया।

इससे पूर्व हेलीकॉप्टर के जरिये गंगासागर रवाना होने से पूर्व शाह ने कोलकाता के रास बिहारी एवेन्यू में भारत सेवाश्रम संघ में पूजा-अर्चना की। भारत सेवाश्रम संघ (बीएसएस) के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शाह ने संघ के साधुओं को बताया कि संगठन का गठन ऐसे समय में किया गया था जब इसकी सबसे अधिक आवश्यकता थी।

उन्होंने कहा कि संगठन ने लोगों को स्वतंत्रता के बारे में जागरुक करने के लिए बहुत प्रयास किए। स्वामी प्रणवानंद ने स्वतंत्र भारत के बारे में सोचा। शाह ने कहा कि बीएसएस द्वारा मार्ग प्रशस्त करने से भारत को आत्मनिर्भर देश में बदलने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बीएसएस से उम्मीद है कि जिस रास्ते पर वह अभी तक यात्रा की है उस पर आगे बढ़ना जारी रखेगा और एक नए ‘हिंदुस्तान’ के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।