BJP ने राहुल से पूछा कैम्ब्रिज एनालिटिका से संबंध को लेकर सवाल

What is Cambridge Analytica's role in Rahul Gandhi's social media asks BJP
What is Cambridge Analytica’s role in Rahul Gandhi’s social media asks BJP

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने डाटा चोरी करने एवं चुनावों को प्रभावित करने के आरोपों से घिरी कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका से कांग्रेस के कथित संबंधों को लेकर आई रिपोर्टों पर चिंता जाहिर करते हुए उससे पूछा कि क्या वह इस विवादास्पद कंपनी की सेवाएं कर्नाटक एवं अगले लोकसभा चुनाव के लिए लेने वाली है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और देश के कानून एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में सवाल किया कि आखिर कांग्रेस में मन में ऐसी कंपनियों के प्रति प्रेम कैसे उमड़ रहा है।

उन्होंने वैश्विक मीडिया में कैम्ब्रिज एनालिटिका को लेकर आई रिपोर्टाें का हवाला देते हुए कहा कि इस कंपनी ने स्वयं दावा किया है कि उसने अमरीका, केन्या और नाइजीरिया सहित अनेक देशों के चुनावों को प्रभावित किया है। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस पार्टी ने इनसे कोई डाटा का सौदा किया है?

उन्होंने कहा कि वह यह सवाल इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि कर्नाटक के चुनाव होने वाले हैं। हाल ही में गुजरात में भी चुनाव हुए हैं। कांग्रेेस को बताना चाहिए कि क्या उसने इस कंपनी की पूर्व में भी सेवाएं लीं हैं और क्या कर्नाटक में भी उसकी सेवाएं लेगी।

उन्होंने कहा कि ये गंभीर सवाल हैं। मोदी सरकार ने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है और इस बात को लेकर हैरानी व्यक्त की कि गत तीन दिन से यह मुद्दा गर्म है और कांग्रेस पार्टी इस बारे में अब तक चुप्पी साधे हुए है। उसे बताना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी का कैम्ब्रिज एनालिटिका से संबंध जारी है या नहीं।

प्रसाद ने कहा कि हाल के डाटा माइनिंग फर्म में कैम्ब्रिज एनालिटिका की भूमिका के संबंध में हाल ही में प्रकाश में आयीं घटनाओं से दुनिया भर में हड़कंप मच गया है क्योंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा एवं चुनाव प्रणाली में निष्पक्षता से भी जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि देश के आईटी एवं कानून मंत्री होने के नाते वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सरकार प्रेस की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आज़ादी और सोशल मीडिया पर विचारों के मुक्त आदान प्रदान का पूरी तरह से समर्थन करती है लेकिन प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से फेसबुक सहित सोशल मीडिया पर भारत की चुनावी प्रक्रिया को अवांछित तरीके से प्रभावित करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रसाद ने यह भी पूछा कि क्या कांग्रेस पार्टी वोटरों को लुभाने के लिए डाटा के छेड़छाड़ करने या चोरी करने पर निर्भर हो गई है। कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करने की ज़रूरत है कि वह वोटरों काे प्रभावित करने के लिए कंपनी की सेक्स और फर्जी खबरें फैलाने के तौर तरीकों को स्वीकार करती है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य विपक्षी दल को यह भी साफ करने की ज़रूरत है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सोशल नेटवर्किंग टीम को सहयोग देने में इस कंपनी की क्या भूमिका है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बताएं कि वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। उनके सोशल मीडिया प्रोवाइडर के रूप में कैम्ब्रिज एनालिटिका की क्या भूमिका है।

प्रसाद ने सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म फेसबुक के मुखिया मार्क ज़ुकरबर्ग को भी चेतावनी दी कि उसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले 20 करोड़ भारतीयों के डाटा की चोरी या दुरूपयोग के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा होने पर सरकार उन्हें भारत में तलब भी करेगी।

उन्होंने कहा कि श्री मार्क ज़ुकरबर्ग, आप अच्छी तरह से समझ लें, अगर फेसबुक के सिस्टम से कोई डाटा चोरी या डाटा के दुरुपयोग किया गया तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारे पास आईटी कानून के तहत कड़े अधिकार है जिनमें अापको भारत में समन करने का अधिकार शामिल है।