…जब जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बोले, थैंक्यू रेन मैन

पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री से बातकर उत्साहित हुए 72 वर्षीय डॉ. राघवन
तमिलनाडु में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग से आमजन को जोड़ने में है अहम योगदान
नई दिल्ली/जोधपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने तमिलनाडु के रेन मैन कहे जाने वाले डॉ. शेखर राघवन का रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के प्रति जन जागरुकता फैलाने के लिए आभार जताया है।

शेखावत जानना चाहते थे कि डॉ. राघवन ने कैसे घर-घर जागकर आमजन को बारिश का पानी जमा करने लिए मनाया। जलशक्ति मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि चेन्नई आने पर वे उनसे जरूर मिलेंगे। उनके कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। डॉ. राघवन ने बताया कि वे पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री से सीधे बात कर रहे हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि दिल्ली से ऐसा कोई फोन आएगा।

चेन्नई स्थित रेन सेंटर के डायरेक्टर 72 वर्षीय डॉ. राघवन को तमिलनाडु में रेन हार्वेस्टिंग को मुहिम का रूप देने के लिए जाना जाता है। उन्होंने 1995 में घर-घर जाकर लोगों को रेन हार्वेस्टिंग से जोड़ने के अभियान के साथ अपने सफर की शुरुआत की थी। डॉ. राघवन ने अनेक परिवारों की सिस्टम लगाने में मदद की।

तमिलनाडु सरकार ने उनके प्रयासों को सराहा और उन्हें अपने साथ शामिल किया। डॉ. राघवन के प्रयासों से साल 2002 में आकाश गंगा ट्रस्ट ने चेन्नई में रेन वॉटर सेंटर शुरू किया, जिसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता के हाथों हुआ था।

हाल में उनके रेन सेंटर ने भू-जल स्रोतों के किफायती उपयोग के लिए नई पहल प्रारंभ की है, जिसके तहत समाजसेवा से जुड़ी संस्थाओं को अपने परिसरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस उम्र में भी डॉ. राघवन स्कूलों में जाकर छात्रों को वर्षाजल बचाने के फायदे बताते हैं। केंद्रीय मंत्री शेखावत को डॉ. राघवन के विषय में जानकारी मिली थी, जिसके बाद वे उनसे चर्चा के इच्छुक थे।

जल को लेकर संवाद की श्रृंखला

शेखावत जल संरक्षण को जनता तक पहुंचाने का कार्य कर रहे लोगों से सीधे संवाद की श्रृंखला शुरू की है। इससे पहले उन्होंने कर्नाटक के दसानादोड्डी गांव के 82 वर्षीय कामेगौड़ा से बात की थी, जिन्होंने अकेले पहाड़ी पर 14 तालाबों का निर्माण किया है।