अगर क्रोध को त्याग दें तो तलाक की नौबत ही ना आए

नमस्कार दोस्तों आज के डिजिटल दुनिया में कई सारी चीजें बहुत आगे निकल गई है लेकिन इसके चलते हैं रिश्तो में कड़वाहट सी आ गई है, आज का मसला पति-पत्नी का है जो कि अब उस तरह का नहीं रहा जैसा कि पुराने समय में होता था आज के समय में अगर बात करें तलाक के प्रतिशत की तो वह पहले की तुलना में लगभग 10 गुना बढ़ चुके हैं।

why divorce ratio high in india
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यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है और तलाक होने की वजह अब केवल दहेज या और किसी प्रकार के लड़ाई झगड़े नहीं है बल्कि आजकल तलाक की नौबत बहुत छोटी-छोटी बातों से ही आ जाती है ऐसी छोटी-छोटी बातें जो कि किसी भी प्रकार के बड़े झगड़े का मसला नहीं होनी चाहिए लेकिन शांति के अभाव में क्रोध इतना ज्यादा हावी हो जाता है जो कि घमंड का रूप ले लेता है और फिर जब यह पति और पत्नी दोनों की तरफ से बढ़ जाता है तो तलाक जैसी चीजें सामने आती है और इतना बड़ा फैसला लेने से पहले कई बार पति पत्नी है अभी नहीं सोचते कि अगर उनके बच्चे हैं तो उनका क्या होगा और अगर नहीं भी है तो आगे उनकी जिंदगी का क्या होगा और बिना सोचे समझे तलाक जैसा कदम उठा कर अलग हो जाते हैं और नए जीवनसाथी की तलाश में भी लग जाता है जबकि सत्य यह है जीवनसाथी की तलाश उनकी पूरी नहीं होगी जितनी कि उनके पुराने जीवन साथी के साथ पूरी हो सकती थी,

यह बात हर तरह से सही नहीं है इसका मतलब यह नहीं कि तलाक बुरा है या गलत है लेकिन तलाक अगर केवल छोटी-छोटी बातों पर लिया जाने वाला फैसला बन जाता है इसका सबसे बड़ा कारण क्रोध है लेकिन इससे बचने के लिए आप  योगा करें कुछ सोशल वर्क करें अपने आसपास की स्थिति को देखें कि आप से भी बुरी स्थिति में कई लोग हैं और अपने आप को संतुष्ट करें कि आप जैसे हैं खुश हैं कभी भी किसी और से खुद को कंपेयर ना करें क्योंकि किसी से तुलना आपके लिए नुकसानदेह हो सकती है और अपने गुस्से को कभी भी घमंड का रूप ना दें क्रोध इंसान का दुश्मन है ही पर घमंड उससे भी बड़ा दुश्मन है जब भी आपको क्रोध है तो आप केवल अच्छी बातों के बारे में सोचें जिससे आपका क्रोध शांत होगा और किसी भी मसले को शांति से बैठ कर चर्चा करके सुलझाएं ताकि आपका रिश्ता अच्छे से बना रहे क्योंकि किसी को तो पहल करनी होगी और जब आप में से कोई एक पहल करेगा तो दूसरा अपने आप अपनी पहल करेगा और आपका रिश्ता बना रहेगा।