महाशिवरात्रि पर शिव को क्यों चढ़ाते है कांटे दार जहरीले फल फूल

महाशिवरात्रि जो कि अपने आप में बड़ा ही अनोखा त्यौहार है जिसे लोग बड़े ही धूमधाम से बनाते हैं हिंदुओं में इस त्यौहार का बहुत ही बड़ा महत्व है और और आप लोग इस त्यौहार में उपवास भी रखते हैं और चाहे कोई स्त्री हो या पुरुष का उपवास हर कोई रखता है और इससे बड़े ही अच्छे तरीके से मनाता है भगवान शिव एक ऐसे अनोखे भगवान हैं जो कि बहुत ही विचित्र रहे हैं।

lord shiva drank poison
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भगवान शिव के लिए तो यह भी कहा जाता है कि वह आधे राक्षस है वह आधा मनुष्य इसलिए अधिकतर राक्षस उन्हें पूजा करते थे और उन से वरदान मांगा करते थे यदि आप जानते हैं या नहीं कि रावण ने भी उनसे ही वरदान लिया था और उस वरदान के बाद आ रावण ने अमरता का वरदान प्राप्त किया था इसके अलावा भी भगवान शिव के कई वक्त ऐसे रहे हैं जो कि अधिकतर राक्षस ही थे।

bholenath-shivratri
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आपको बता दें भगवान शिव एक ऐसे अनोखे भगवान थे जो कि जहर तक पीने पर बिल्कुल स्वस्थ अवस्था में रहे और भगवान शिव के लिए यह भी कहा जाता है यदि जहर भी उनके मुंह में जाता है तो वह अमृत बन जाता है इसलिए महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को आम फल फूलों के अलावा कुछ ऐसी चीजें भी चढ़ावे में दी जाती है जो किसी अन्य भगवान को नहीं दी जाती जैसे कि बेर कांटो वाले फल जैसे कि धतूरा और ऐसे फल व सब्जियां जो कि अधिकतर जड़ों के ही हिस्से होते हैं।

Mahashivratri celebrations in bihar
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इन सब को देने का भगवान शिव को यह मतलब होता है यह भगवान शिव आपकी हर एक बुरी और कड़वी चीजों को अपनाने के बाद सही कर देंगे और इसके अलावा भगवान शिव को कई लोग उनके शिवलिंग को दूध से नहलाते हैं तो कोई पानी से नहलाता है सब अपनी आस्था के अनुसार महाशिवरात्रि को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं।

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आखिर महाशिवरात्रि मनाई जाती है इसके लिए हम आपको पिछले कहानी बता चुके हैं। जिसमें कि हमने आपके लिए 2 कहानियां लिखी थी यदि वह कहानी आपने नहीं पढ़ी हैं तो नीचे उसके लिए जो लिंक दिए गए हैं जहां पर क्लिक करके आप महाशिवरात्रि की दोनों कहानियों को पढ़ सकते हैं यदि आपको यह खबर पसंद आती है तो कृपया इसे फेसबुक पर भी शेयर करें और व्हाट्सएप पर भी शेयर करें ताकि आपके सहयोग से हम इस प्रकार की और कहानियां ला सकें और हिंदू धर्म की धार्मिक आस्था को बनाए रखने का प्रयास निरंतर करते रहे।

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