एमपी में भाजपा, कांग्रेस को आरोप-पत्यारोप लगाने के बजाय कोरोना नियंत्रण करना होगा

will have to control corona instead of accusation BJP Congress in MP
will have to control corona instead of accusation BJP Congress in MP

महाराष्ट्र के बाद अब मध्यप्रदेश में कोरोना का कहर जारी है। राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

स्थिति बिगड़ने पर अब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर जोरदार हमला बोलते हुए कई आरोप लगाए हैं। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1100 पार कर गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि शिवराज की सरकार बनवाने के लिए लॉकडाउन देर से लागू किया गया जिसकी वजह से संक्रमण और तेजी से फैला।

इसके जवाब में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि आप राजनीति करिए, मैं काम करता रहूंगा। इसके बाद राज्य कांग्रेस ने एक और ट्वीट किया इसमें शिवराज सिंह चौहान के बारे में यह लिखा था, ये आदमी कुछ दिन सत्ता भूख और बर्दाश्त कर लेता तो मध्य प्रदेश में एक भी मौत नहीं होती।

राज्य में मंत्रालय न होने की वजह से पुलिस प्रशासन अफसरों ने फैसले लेने में देर की

मध्यप्रदेश में मंत्रालय के गठन न होने की वजह से पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने कोरोना संक्रमित रोकने के मामलों में फैसले लेने में काफी देर कर दी थी। खासतौर में इंदौर में स्थिति नियंत्रण में नहीं समय रहते हो पाई। जब तक आप सर संक्रमित को रोकने के लिए आगे आते हैं तब तक स्थित बिगड़ चुकी थी। राज्य में इस समय कोरोना टेस्टिंग के मामलों में अब तेजी लाई जा रही है। मध्य प्रदेश में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1299 हो गई है।

इनमें से 842 मामले अकेले इंदौर में हैं। यानी राज्य के 65% कोरोना पॉजिटिव मरीज अभी इसी शहर में हैं। भोपाल में 196 लोग संक्रमित हैं। गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली व तमिलनाडु के बाद चौथे नंबर पर हैं। यहां अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

एमपी में शिवराज ने अभी तक नहीं किया है मंत्रिमंडल का गठन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभी तक मध्य प्रदेश में अपने मंत्रियों का गठन नहीं किया है। कांग्रेस ने पिछले दिनों इस पर भी मुख्यमंत्री पर हमला बोला था। राज्य में इस समय करोना की स्थिति बिगड़ती जा रही है। मध्य प्रदेश में इस समय स्वास्थ्य मंत्री न होने की वजह से महकमा पूरा परेशान नजर आ रहा है। लगभग एक महीने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रियों का बंटवारा नहीं कर सके हैं।

यहां हम आपको बता दें कि इस समय देश में लॉकडाउन होने की वजह से शिवराज सिंह चौहान स्वयं निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। किस विधायक को कौन सा मंत्रालय देना है अभी इसमें पेच फंसा हुआ है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के 22 विधायक समर्थक भी मंत्री पद पाने के लिए लालायित हैं। तभी मुख्यमंत्री शिवराज को मंत्रिपरिषद गठन करने में देरी हो रही है। उधर राज्य में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार