क्या कांग्रेस में चल पाएगा ‘संयम’ मंत्र?

सिरोही ब्लॉक कांग्रेस द्वारा आयोजित बैठक को संबोधित करते सिरोही विधायक संयम लोढ़ा।
सिरोही ब्लॉक कांग्रेस द्वारा आयोजित बैठक को संबोधित करते सिरोही विधायक संयम लोढ़ा।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। पंचायत समिति चुनावों की तिथि की घोषणा होते ही कांग्रेस और भाजपा की तैयारियां शुरु हो गई। शिवगंज और सिरोही में कांग्रेस ने शनिवार को बैठकें आयोजित की।

इसमें मौजूद कार्यकर्ताओं को प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार के एसोसिएट सिरोही के निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि हर कार्यकर्ता विधायक है। राजनीति में संकल्प कर लिया जाए तो फिर कोई काम असंभव नहीं होता है।
संयम लोढ़ा का बूस्ट अप सिरोही विधानसभा में काम आ पाएगा। ये 1 सितम्बर के बाद पता चल पाएगा।

सिरोही विधानसभा में सिरोही और शिवगंज दो पंचायत समितियां पड़ती हैं। लोढ़ा ने सिरोही की बैठक में ये कहा कि वो शिवगंज में हमेशा ही कांग्रेस का बोर्ड बनवाते रहे हैं, लेकिन सिरोही पंचायत समिति में नहीं हो पाया। लोढ़ा ने आगे कहा कि पूरे दमखम से लग जाएं।
बैठक से जो एक बात निकल कर आई उसके अनुसार जावाल के पंचायत से बाहर होने को कांग्रेस पंचायतों में अपने पक्ष में देख रही है।

स्थानीय विधायक होने के नाते सिरोही विधायक संयम लोढ़ा के लिए सिरोही और शिवगंज में कांग्रेस का प्रधान बनवाना एक चुनौति है, ऐसे में इस बैठक में ही प्रभारियों की घोषणा और आवेदन पत्र जारी करके संयम लोढ़ा ने बैठक में कहे अपने कथन पर काम करना शुरू कर दिया है कि पूरे दमखम से चुनाव लड़ो।

हार जीत की चिंता के बिना। वो भी दो बार हारने के बाद यहां खड़े हैं। संयम लोढ़ा ने सिरोही नगर परिषद में तो कांग्रेस का अकाल खतम कर दिया, लेकिन वार्ड वार प्रभारियों की नियुक्ति और आवेदन पत्र जारी करके फिलहाल वो दोनों पंचायत समितियों में तैयारियों को लेकर प्रतिद्वंद्वी से एक कदम आगे हैैं। लेकिन, सिरोही नगर परिषद की तरह सिरोही पंचायत समिति में भी करिश्मा दिखा पाएंगे इसके लिए परिणाम का इंतजार करना होगा।