अपने बूते अरबपति क्लब में दाखिल हुईं 72 महिलाएं

न्यूयॉर्क। आमतौर पर फोर्ब्स सूची में शामिल अरबपति महिलाएं विरासत में मिली संपत्ति के दम पर अपनी जगह बनाती हैं लेकिन इस साल की सूची की 256 महिलाओं में 72 महिलाएं ऐसी हैं, जो अपने दमखम पर अरबपति क्लब में दखिल हुई हैं।

दुनिया भर की 256 अरबपति महिलाओं की कुल संपत्ति इस साल 20 फीसदी बढ़कर 10 खरब डॉलर के पार पहुंच गई है। दस सबसे अमीर महिलाओं में आठ महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी पूरी संपत्ति विरासत में मिली हैं जबकि दो महिलाओं से अपने दम पर विरासत में मिली संपत्ति में काफी बढोतरी की है। अास्ट्रेलिया की जिना राइनहार्ट और अमरीका के एबिगेल जॉनसन परिवार का ही कारोबार चलाती हैं लेकिन उन्होंने इसमें काफी विस्तार किया है।

सबसे अमीर महिला का ताज वालमार्ट के संस्थापक सैम वॉल्टन की बेटी एलिस वाल्टन के नाम है। एलिस की संपत्ति इस साल 33.8 अरब डॉलर से बढ़कर 46 अरब डॉलर हो गयी है। वालमार्ट के शेयरों में उछाल के कारण वह विश्व सूची में एक पायदान चढ़कर 16वें स्थान पर पहुंच गई हैं। एलिस ने लॉरिएल की वारिस लिलियन बेटनकोर्ट से यह खिताब हासिल किया है।

इससे पहले बेटनकोर्ट पहले पायदान पर थीं लेकिन गत साल सितंबर में 94 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। बेटनकोर्ट की बेटी फ्रांस्वा बेटनकोर्ट मेयर्स एलिस को कड़ी टक्कर देती हुई 42.2 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर रही हैं।

विरासत में मिली वाहन निर्माण कंपनी बीएमडब्ल्यू के शेयरों के कारण 25 अरब डॉलर की मालकिन सुजैन क्लाटेन तीसरे स्थान पर हैं।

फोर्ब्स की सूची में पिछले साल ऐसी 56 महिलाएं थीं, जो स्वयं अर्जित संपत्ति के कारण इसमें जगह बना पायी थीं। इस साल यह संख्या बढ़कर 72 हो गई है। अपने बूते अरबपति क्लब में शामिल होने वाली सबसे अधिक महिलाएं अमरीका और चीन की हैं। ऐसी दो तिहाई महिलाएं इन्हीं दो देशों की हैं। सबसे अमीर महिला उद्यमी अमरीका की डायेन ऐंड्रिक्स हैं। डायेन ने अपने दिवंगत पति केनेथ के साथ मिलकर एबीसी सप्लाई की शुरूआत की थी।

हांगकांग की झाऊ कुनफे ने भी 7.8 अरब डॉलर की संपत्ति भी अपने दम पर खड़ी की। बचपन में अपनी मां को खोने वाली इस महिला को मात्र 16 साल की उम्र में स्कूल छोड़कर काम करना पड़ा था। उन्होंने कई कारखानों में काम किया और उससे प्राप्त अनुभव के आधार पर घड़ियों की लेंस बनाने का कारोबार शुरु किया। वह मोबाइल फोन के लिए ग्लास कवर भी बनाती हैं।

ऐसी ही कहानी चीन की झाऊ जिओगुआंग की भी है। उन्हें पैसे की कमी के कारण 16 साल की उम्र में स्कूल छोड़ना पड़ा और वह ट्रेनों में पायल और ब्रेसलेट बेचने लगीं। बाद में उन्होंने अपने पति के साथ जेवरात बनाने का कारोबार शुरु किया और फिर कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। वह 1.9 अरब डॉलर की संपत्ति के बल पर पहली बार सूची में शामिल हुई हैं।

इस सूची में पहली बार शामिल हुई 42 महिलाओं में दो ऐसी महिलायें भी हैं, जो अन्य देशों से आकर अमेरिका में बसीं। लंदन में जन्मी और भारत में पली बढ़ी जयश्री उल्लाल ने अमेरिका में शिक्षा ग्रहण कीं और सिस्को सिस्टम में दस साल तक नौकरी की। वह 2008 में एरिस्टा नेटवर्कस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनीं और 1.3 अरब डॉलर की संपत्ति के बल पर सूची में शामिल हुईं।

तुर्की की एरेन ओज्मन ने अमरीका में शिक्षा ग्रहण करने के बाद एयरोस्पेस एंड डिफेंस फर्म सहएरा नेवादा कॉर्प में नौकरी शुरू की। एरेन का सफर यहीं नहीं रूका और उन्होंने अपने पति फातिह के साथ इस कंपनी को 1994 में खरीद लिया और इसे नई बुलंदियों पर पहुंचाया। उनके पास डेढ़ अरब डॉलर की संपत्ति है।