मैं निखत जरीन से हाथ क्यों मिलाऊं : मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम

नई दिल्ली। छह बार की विश्व चैंपियन मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने ओलम्पिक क्वालीफायर्स के लिए शनिवार को यहां 51 किग्रा के ट्रायल में अपनी प्रबल प्रतिद्वंद्वी निखित जरीन को 9-1 से हारने के बाद कहा कि जब निखत उनका सम्मान नहीं करती है तो वह उसका सम्मान क्यों करें।

मैरी ने यह मुकाबला जीतने के बाद निखत से हाथ नहीं मिलाया और गुस्से में रिंग से उतर गईं। इस बारे में मुकाबले के बाद पूछे जाने पर मैरी ने संवाददाताओं से कहा कि मैं उससे हाथ क्यों मिलाऊं, जब वह मेरा सम्मान नहीं करती है तो मैं उसका सम्मान क्यों करूं। एक तरफ तो वह कहती है कि मैं उसकी आदर्श हूं और दूसरी तरफ वह मेरे खिलाफ कुछ भी बोलती रहती है।

ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज ने गुस्से के साथ कहा कि वह पहले मीडिया में मेरे खिलाफ बहुत कुछ कह चुकी है, उसने खेल मंत्री को पत्र लिखा है, उसने फेडरेशन को पत्र लिखा है, मुझे इस तरह का व्यवहार पसंद नहीं है कि एक तरफ आप कुछ बोलो और दूसरी तरफ कुछ।

उन्होंने कहा कि मैं कभी विवाद पसंद नहीं करती। हमेशा मेरा ध्यान अपने खेल पर लगा रहता है। मैं जब तक खेल रही हूं मेरा ध्यान हमेशा देश के लिए अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पदक जीतने पर लगा रहता है। मैंने ट्रायल को लेकर कोई विवाद नहीं खड़ा किया था और मैंने सब कुछ फेडरेशन के नियमों के तहत किया है।

राज्यसभा सांसद ने मीडिया से भी कहा कि यदि आपको मेरा इंटरव्यू करना है तो मुझसे अनावश्यक सवाल नहीं पूछें। मुझे इस तरह की बातें पसंद नहीं हैं। कुछ भी होता है आप लोग मुझसे सवाल पूछने लगते हैं। आखिर मुझे खुद को रिंग में कितनी बार साबित करना पड़ेगा। मैं टूर्नामेंटों में पदक जीत रही हूं और आपको क्या चाहिए। मेरा ध्यान अब ओलम्पिक के लिए टिकट हासिल करने और टोक्यो में पदक जीतने पर लगा हुआ है।

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