दुनिया का 12वां सबसे बड़ा हवाई अड्डा बना दिल्ली एयरपोर्ट

मांट्रियल। दिल्ली का इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा यात्रियों की संख्या के लिहाज से दुनिया के बड़े हवाई अड्डों की सूची में चार स्थान की छलाँग लगाकर 12वें पायदान पर पहुंच गया है।

एयपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल की यहा मंगलवार को जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि यात्रियों की संख्या के मामले में अमरीका का हार्ट्सफील्ड-जैकसन अटलांटा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा 10.74 करोड़ यात्रियों के साथ पहले, चीन का बीजिंग कैपिटल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा 10.10 करोड़ यात्रियों के साथ दूसरे और दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा 8.91 करोड़ यात्रियों के साथ तीसरे पायदान पर कायम रहा। वहीं अमरीका के लॉस एंजिलिस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने जापान के टोक्यो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को पांचवें स्थान पर खिसकाकर चौथे स्थान पर जगह बना ली है।

दिल्ली हवाई पर यात्रियों की संख्या 2017 की तुलना में 10.2 प्रतिशत बढ़कर 2018 में 6.99 करोड़ पर पहुंच गई। सूची में उसे 12वा स्थान मिला है जबकि 2017 में वह 16वें पायदान पर था। यह शीर्ष 20 में जगह बनाने वाला एक मात्र भारतीय हवाई अड्डा है।

डेढ़ करोड़ से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही वाले सबसे तेजी से बढ़ने वाले हवाई अड्डों में बेंगलूरु हवाई अड्डा पहले पायदान पर है। पिछले साल यहाँ यात्रियों की संख्या 29.1 प्रतिशत बढ़कर 3.23 करोड़ पर पहुंच गई। हैदराबाद हवाई अड्डा 21.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहा पिछले वर्ष यात्रियों की आवाजाही 2.09 करोड़ पर रही।

विमानों की आवाजाही के लिहाज से दिल्ली हवाई अड्डा शीर्ष 20 में जगह बनाने में कामयाब रहा है। वर्ष 2017 में यह 21वें स्थान पर था जो आठ स्थान की छलांग लगाकर यह 13वें स्थान पर पहुंच गया। यहां पिछले साल कुल 4,80,707 लैंडिंग और टेकऑफ हुए और इसकी वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत पर रही।

एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल की महानिदेशक एंजेला गिटेन्स ने कहा कि उदार विमानन बाजार की तरफ भारत ने जो कदम बढ़ाया है और अर्थव्यवस्था की बुनियाद को मजबूत करने के उपायों से यह सबसे तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में से एक बन गया है। अपेक्षाकृत कम समय में वहां हवाई यातायात में तेज वृद्धि हुई है।

इस मामले में शिकागो हवाई अड्डे ने अटलांटा हवाई अड्डे को पछाड़कर पहले स्थान पर कब्जा कर लिया है। लॉस एंजिलिस हवाई अड्डा तीसरे, अमेरिका का डलास चौथे और बीजिंग चौथे स्थान पर रहा। ये पिछले साल भी इसी क्रम में थे।

कोर्गो के मामले में हांगकांग हवाई अड्डा पहले, अमरीका का मेमफिस हवाई अड्डा दूसरे और शंघाई हवाई अड्डा तीसरे स्थान पर रहा। इसमें शीर्ष 20 में कोई भारतीय हवाई अड्डा नहीं है।