अंधविश्वास : देवी माता मंदिर में युवक ने दी खुद की बलि

चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के थाना पहाड़ी क्षेत्र में एक युवक ने देवी माता को प्रसन्न करने के लिए चाकू से अपनी गर्दन काट दी जिससे मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार दरसेडा निवासी 28 वर्षीय राजू उर्फ बिल्लू अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। वह नागपुर में हल्दीराम के यहां दुकान में सफाई का काम करता था। होली की छुट्टियों में वह घर आया था।

राजू लोहदा ग्राम में बने चौसठी माता के मंदिर में दर्शन करने गया था वहीं अचानक कीर्तन करते करते जेब से चाकू निकालकर मां के चरणों में अपनी गर्दन भेंट कर दी।

मृतक के परिजनों का कहना है कि वह बहुत सीधा-साधा था और माता के दर्शन के लिए घर से गया था वहां क्या हुआ इस बात की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल अंधविश्वास के चलते राजू ने अपनी गर्दन काट ली जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की छानबीन की जा रही है। पहाड़ी थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार पाठक के मुताबिक मंदिर में गर्दन काटने वाला युवक राजू (28) दरसेड़ा गांव का है।

वह रविवार सुबह नौ बजे वह देवी पूजा की बात कहकर घर से निकला था। पूर्वाह्न करीब 11 बजे उसको लोगों ने मंदिर में पूजा करते हुए देखा था। उसने गर्दन कब काटी, किसी ने नहीं देखा।

करीब 12 बजे कुछ महिलाएं मंदिर में पूजा-अर्चना को पहुंचीं तो राजू को बेदम चौसठ देवी के चरणों में पड़ा देखा। मंदिर में खून ही खून फैला था। मंदिर परिसर में रामायण का पाठ कर रहे लोगों को महिलाओं ने जानकारी दी।

पहले भी हो चुका है हादसा

बतादें कि अंधविश्वास में 22 वर्षीय एक युवक रामनरेश ने काली मंदिर में जीभ काटकर चढ़ा दी। मानिकपुर के बाल्मीकि नगर पश्चिमी में भइयालाल के घर होली करने शनिवार को खिचरी निवासी रामनरेश (22) ननिहाल आया था।