अजमेर। विजयादशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को अजमेर में संघ के अजयमेरू महानगर की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में पथ संचलन आयोजित किया गया। गणवेशधारी स्वयंसेवकों की अनुशासित कदमताल, घोष दल की धुन और मार्ग में हुए स्वागत ने शहर में आयोजन का माहौल बना दिया।
संघ के स्वयंसेवक घोष की ध्वनि के साथ निर्धारित मार्गों पर कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े। पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवकों ने विभिन्न स्थानों पर शारीरिक एवं कौशल प्रदर्शन भी किया। शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से गुजरते पथ संचलन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
11 क्षेत्रों में निकला पथ संचलन
अजयमेरू महानगर की ओर से इस वर्ष शहर के 11 क्षेत्रों में पथ संचलन आयोजित किए गए। संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया गया। विभिन्न क्षेत्रों में स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभाव का संदेश देते हुए संचलन किया।
पथ संचलन के मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों की ओर से स्वयंसेवकों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। स्वागत के दौरान लोगों ने उत्साह के साथ स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया।
घोष की धुन पर दिखा अनुशासन
पथ संचलन की सबसे खास झलक घोष दल की प्रस्तुति रही। घोष की ताल पर एक साथ कदम बढ़ाते स्वयंसेवकों की कतारें लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। कई स्थानों पर स्वयंसेवकों ने शारीरिक कौशल और करतब का प्रदर्शन भी किया।
आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों की वेशभूषा और अनुशासित संचालन ने शहरवासियों का ध्यान खींचा। विभिन्न मार्गों पर लोग कुछ देर रुककर पथ संचलन देखते नजर आए।
शताब्दी वर्ष के समापन से जुड़ा आयोजन
आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई थी और वर्ष 2025 से संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संघ की ओर से 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी उत्सव को शताब्दी समारोहों के समापन अवसर के रूप में भी आयोजित किया गया।
अजमेर में भी शताब्दी वर्ष के दौरान संगठनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के साथ पथ संचलन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संघ के अनुसार शताब्दी वर्ष में संपर्क, सामाजिक समरसता, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी और नागरिक अनुशासन जैसे विषयों पर भी गतिविधियां संचालित की गईं।
शहर में जगह-जगह हुआ स्वागत
पथ संचलन जैसे-जैसे शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरा, कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। इससे आयोजन के दौरान उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला।
विजयादशमी के मौके पर आयोजित इस पथ संचलन के माध्यम से संघ स्वयंसेवकों ने संगठनात्मक अनुशासन और सामाजिक एकजुटता का संदेश देने पर जोर दिया। आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी संबंधित स्तर पर प्रबंध किए गए।



