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चित्तौड़गढ़ में पति की हत्या कर पत्नी को लेकर फरार प्रेमी अरेस्ट

चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ शहर में एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका के पति की हत्या कर दी और जबरन मृतक की पत्नी को लेकर फरार हो गया जिसे पुलिस ने कुछ घंटों के भीतर पकड़ लिया।

सदर थाना पुलिस ने बताया कि बीती रात करीब ग्यारह बजे थाने पर किसी ने सूचना दी कि रेल्वे स्टेशन के बाहर एक व्यक्ति मृत पड़ा है और उसके पास तीन छोटे बच्चे बैठे हुए रो रहे हैं। इस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लहुलुहान हालत में पड़े व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर रोते हुए बच्चों ने मृतक को अपना पिता बताया और एक व्यक्ति द्वारा मारना बताया।

पुलिस ने चारों ओर नाकेबंदी कर दी जिसके चलते आज सुबह हत्यारे को शहर से ही महिला सहित गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बताया कि निम्बाहेड़ा की कच्ची बस्ती में रहने वाले विष्णु रंगास्वामी की पत्नी मंजू अपने तीन बच्चों को छोड़कर प्रेमी हत्यारे बांसवाड़ा निवासी रमेश भील के साथ फरार हो गई थी जो कल रात ही वापस अपने पति के पास आ गई और दोनों अपने बच्चों के साथ चित्तौड़गढ़ आ गए और रेल्वे स्टेशन के बाहर रूके थे।

इस बीच रात को प्रेमी रमेश भी वहां आ पहुंचा जिसके पास सरिया था। यहां पर महिला के पति एवं प्रेमी के बीच हुए झगड़े के दौरान उसने सिर में सरिये से वार कर दिए जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसकी मौत होने पर पुलिस के डर से आरोपी मृतक की पत्नी को जबरन अपने साथ वहां से ले गया और स्टेशन के समीप ही अपने एक परिचित के यहां पहुंच गया। पुलिस ने आज सुबह शव की शिनाख्त करवाई तो यहां लालजी का खेड़ा में रह रहे मृतक के रिश्तेदारों ने उसे पहचान लिया और उसकी पत्नी के प्रेमी के ठिकाने भी बताए जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित हुआ योग समागम

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में जाने माने योगाचार्यों एवं नगर निगम ग्रेटर की महापौर सौम्य गुर्जर की मौजूदगी में योग समागम आयोजन किया गया।

ब्रह्माकुमारीज संस्था के राजयोग भवन में आयोजित योग समागम को निगम की महापौर सौम्य गुर्जर ने संबोधित करते हुए जयपुर के नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य शांत मन एवं आध्यात्मिक उत्थान के लिए योग शिविरों में निशुल्क एवं निस्वार्थ सेवा दे रहे संगठनों ब्रह्माकुमारी, क्रीडा भारती, पतंजलि योग समिति, योगा पीस संस्थान, गायत्री परिवार, योगास्थली, अक्षरधाम स्वामीनारायण मंदिर, अक्षय पात्र, राजस्थान स्वास्थ्य योग, एकम प्रो, रश्मि योगा हाउस, फिट योगा, जयपुर योगा लीग, नर्सरी पार्क परिवार, नमन योगा आदि का धन्यवाद किया।

उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पश्चात एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में जयपुर के 2100 योग प्रेमियों को निगम सार्वजनिक रूप से अभिनंदित एवं सम्मानित करेगा। स्वयं नियमित योग कर अन्य को प्रेरित करने वाले जयपुर के योगगुरुओ, योगाचार्यों, योग प्रशिक्षकों के साथ-साथ लोक कल्याण के लिए हठयोग राजयोग भक्ति योग ज्ञान योग एवं कर्म योग के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुंचाने वाले योग प्रवर्तक के साथ योगाभ्यास खेल प्रतियोगिताओं एवं योग फ्यूजन प्रस्तुतियों में जिला प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि प्राप्त करने वाले बच्चों को बाल योगी एवं बाल योगिनी की उपाधियों से भी नवाजा जाएगा।

निगम द्वारा प्रतिदिन हो रहे योग शिविरों की शुरुआत गायत्री परिवार द्वारा नैनो सूक्ष्म यज्ञ करवाए जाने के संबंध में कहा कि प्रकृति को योगदान मिलता है वह पवित्र होती है जिससे दिव्य और ऊर्जावरण वातावरण में योग ध्यान साधना में बड़ा सहयोग मिलता है इससे अंतर मन शुद्ध होने से आध्यात्मिक उन्नति मिलती है ऐसा व्यक्ति अपने परिवार समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में महती भूमिका निभाता है।

ब्रह्माकुमारीज जयपुर की उपक्षेत्रीय संचालिका राजयोगिनी सुषमा दीदी ने बताया कि योग का मतलब जोड़ना होता है। आज मनुष्य मनुष्य से टूट चूका है, तालमेल खो चुका है, अब समय आ गया है की हम सभी साथ मिलकर सर्वप्रथम मनुष्य को खुद से जोड़ें फिर परिवार के साथ तालमेल बिठाकर समाज से जोड़े।

उन्होंने कहा कि पाश्चात्य की दौड़ में आज का मनुष्य खुद की संस्कृति को भूल बैठा है इसलिए योग द्वारा मनुष्य को भारतीय परम्परा एवं संस्कृति से जोड़ने का जिम्मा उठाया गया है। योगा पीस संस्थान के संस्थापक एवं योग गुरु ढाकाराम ने कहा कि योग परिवार में प्रसन्नता लाता है और योग से तनाव दूर होता है। तनाव दूर रहने से रिश्तों में सुधार होगा और सुधरे हुए रिश्ते ही परिवार को सशक्त बनाते है।

पतंजलि योग समिति राजस्थान के अभिभावक कुलभूषण बैराठी ने योग के प्रयोग पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज का युवा दिशा विहीन हो चूका है, चिंता, तनाव, भय, नकारात्मकता से घिर चूका है अतः अब युवाओं में योग एवं प्राणायम के प्रति जागृति लानी होगी।

ब्रह्माकुमारीज के वैशाली नगर सेवा केंद्र प्रभारी बीके चन्द्रकला दीदी ने बताया कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव उल्टी गिनती कार्यक्रमों की संख्या में चल रहे 21 दिवसीय जयपुर योग महोत्सव 2023 के तहत शनिवार को सांय राजयोग भवन में योग से वसुधैव कुटुम्बकम की थीम पर योग समागम संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

योग समागम में राजयोग, हठयोग, भक्ति योग, कर्मयोग आदि योग के विभिन्न मार्गों के माध्यम से योग को आगे बढ़ाने वाले संगठनों के प्रतिनिधियों एवं योगाचार्यों, योग शिक्षकों एवं साधको के साथ 500 लोगों ने हिस्सा लिया। योग महोत्सव 2023 के मुख्य समन्वयक योगी मनीष भाई विजयवर्गीय ने सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर एकत्रित करने में अहम भूमिका अदा की।

दुबई में महिला को बेचने के आरोप में शाहकोट के दंपती के खिलाफ मामला दर्ज

नकोदर। पंजाब में नकोदर सदर पुलिस ने शाहकोट के एक युगल ट्रैवल एजेंट पर मानव तस्करी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया है।

एसएचओ जीएस नागरा ने शनिवार को कहा कि आरोपियों की पहचान मोहल्ला बाग वाला शाहकोट निवासी ऋषि थापर और उसकी पत्नी सीमा के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि गांधारन गांव निवासी लखबीर सिंह की पत्नी गुरबकाश कौर ने पुलिस को शिकायत दी कि आरोपी ने उसे दुबई भेज दिया जहां से उसे मस्कट में ऋषि की पत्नी सीमा के पास भेज दिया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि सीमा ने नौकरानी के रूप में एक घर में उसकी नौकरी की व्यवस्था की। उसने कहा कि जब उसने मजदूरी मांगी तो उसे बताया गया कि सीमा ने उसे 1000 रियाल में बेच दिया है।

गुरबख्श कौर ने कहा कि जब उसने सीमा से पूछा तो उसने कहा कि अगर वह भारत वापस जाना चाहती है तो उसे उसके पति को दो लाख रुपए देने होंगे। उसने कहा कि उसके पति ने ऋषि थापर को पैसे दिए। कौर ने कहा कि वह 24 मई को भारत वापस आ गई, लेकिन अभी भी आरोपी ऋषि और पैसे की मांग कर रहा है। गुरबख्श कौर ने कहा कि सीमा ने अच्छी मजदूरी का झांसा देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और मस्कट में बेच दिया।

एसएचओ ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 370 (मानव तस्करी) 370-ए (तस्करी किए गए व्यक्ति का शोषण), 406 (विश्वासघात) 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) और ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट पंजाब की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बिपरजोय का सबसे ज्यादा प्रभाव माउंट आबू में, ये हुए हालात

सिरोही। चक्रवात बिपरजोय का सबसे ज्यादा प्रभाव राजस्थान और गुजरात सीमा पर सटे सिरोही जिले के माउंट आबू में नजर आ रहा है। यहां 15 जून की रात से शुक्रवार शाम तक रह रहकर तेज हवाओं के साथ बारिश चलती रही। जिला प्रशासन ने पहले से ही जिले में जिस तरह से लोगों को अलर्ट जारी किया उससे जान माल का नुकसान ना के बराबर हुआ साथ ही कहीं से भी बारिश और तूफान में लोगों के फंसने की कहीं सूचना नहीं है।

शुक्रवार को तेज हवा का दौर शुरू हुआ। इसके बाद रात करीब 8 बजे से बारिश होने लगी। बादल बरसने का सिलसिला अब तक जारी है। शनिवार सुबह 8 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में 135 मिलीमीटर यानि करीब सवा पांच इंच बारिश रिकार्ड की गई। बारिश और हवा के कारण शुक्रवार सुबह से लेकर शनिवार सुबह तक एकाध घण्टे बिजली वितरण बहाल किया गया। इसके अलावा बिजली गुल रही।

मोबाइल नेटवर्क भी शुक्रवार शाम से ठप होने के बाद शनिवार करीब 11 बजे बहाल हो पाया। अनवरत बारिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। जर्जर मकानों में पानी टपकने से लोगों के लिए रात काटनी मुश्किल हो गई। घरों में टपकते पानी की वजह से लोग इधर उधर पानी से बचने और सामान भीगने से बचाने के लिए आंखों में रात काटते रहे। कई जगह पेड़ भी टूटकर गिरे।

बिपरजोय के कारण कर दी थी छुट्टी

बिपरजोय का सबसे ज्यादा प्रभाव माउंट आबू में रहने की आशंका के कारण यहां पर शुक्रवार और शनिवार को स्कूलों का अवकाश घोषित कर दिया गया। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी जारी की गई। नौकायन बन्द कर दिया गया। नगर परिषद ने शुक्रवार को पेम्फलेट बंटवाकर लोगों को तूफान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति आगाह किया।

गुरुवार शाम से ही आबूरोड माउंट आबू मार्ग पूरी तरह से सूना हो गया। यहां से पर्यटक पहले ही कूच करने लगे और शनिवार को ही बिपरजोय का प्रभाव सबसे ज्यादा रहने की पूर्व चेतावनी के कारण पर्यटक आए भी नहीं। आबूरोड-माउंट आबू मार्ग ओर वीरानगी छाई रही।

यहां हुई इतनी बारिश

सिरोही जिले के शेष इलाकों में भी शनिवार सुबह तक बिपरजोय का आंशिक असर दिखा। बादल छाए रहे। रह रहकर बारिश भी होती रही। शनिवार सुबह 8 ब्जे समाप्त हुई 24 घण्टे में सिरोही में 30 मिलीमीटर (मिमी), पिंडवाड़ा में 57.25 मिमी, आबूरोड में 38 शिवंगज में 15, देलदर में 65 और रेवदर में 68 मिमी बारिश दर्ज की गई।

ये रहे जिले में हालात

सिरोही कलेक्टर डॉ भंवरलाल ने सबगुरु न्यूज को बताया कि जिले भर में चक्रवात का प्रभाव रहा। लेकिन, सबसे ज्यादा प्रभावित माउंट आबू रहा। पेड़ और बिजली के खम्भे गिरने से माउंट आबू में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई, लेकिन इसे लगातार दुरुस्त करवाते हुए पुनर्बहाली की जाती रही। पूरे जिले में पेम्फलेट और लाउड स्पीकर के माध्यम से लगातार जागरूक किया गया।

उन्होंने बताया कि माउंट आबू के अलावा जिले के शेष इलाकों में करीब 50 के लगभग खम्भे गिरने की सूचना है। इनको लगातार रिस्टोर करवाया जा रहा है। माउंट आबू में अत्यधिक बारिश की वजह से कई नदियों में पानी आ गया है। जिसकी वजह से रपटों के दोनों तरफ एहतियातन कार्मिक तैनात कर दिये गए हैं। बिजली गिरने से दो भैंसे मरने की सूचना है।

कलेक्टर ने बताया कि आबूरोड की निचली बस्ती लूनियपुरा को पहले ही खाली करवा लिया गया था। बांधों के डूब में खेती करने वाले लोगों को हटवा लिया गया था। इसके अलावा सड़कों के किनारे कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वासित करवा लिया गया था।

चक्रवात ‘बिपरजॉय’ से गुजरात में 719 मकानों को पहुंचा नुकसान

गांधीनगर। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को एक उच्च स्तरीय बैठक में शुक्रवार को बताया गया कि ‘बिपरजॉय’ प्रभावित आठ जिलों में लगभग 719 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है या वे पूर्ण क्षतिग्रस्त हुए हैं।

पटेल ने चक्रवाती आपदा से हुए न्यूनतम प्रभावों के लिए तंत्रवाहकों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, केंद्रीय एजेंसियों तथा राज्य सरकार के कर्मयोगियों की दिन-रात की मेहनत और समय पर अग्रिम आयोजन करने के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने चक्रवात के परिणामस्वरूप राज्य के तटीय जिलों में उत्पन्न हुई स्थिति की विस्तृत जानकारी संबंधित जिलों के कलक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर हासिल की।

उन्होंने शुक्रवार शाम स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में इस संदर्भ में मुख्य सचिव राज कुमार सहित वरिष्ठ सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने प्रभावित जिलों में बिजली आपूर्ति, पानी और सड़क व्यवस्था को बहाल करने तथा पेड़ उखड़कर गिरने की वजह से सड़कों के अवरोधों को दूर करने की भी ताकीद की।

इस बैठक में पशुओं की मौत के मामले में नियमानुसार सहायता का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा अन्य नुकसान का सर्वे जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए। कैशडोल का भुगतान नकदी में करने संबंधी राज्य के राजस्व विभाग के प्रस्ताव में कहा गया है कि चक्रवात ‘बिपरजॉय’ से प्रभावित क्षेत्र के जिन लोगों का एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण किया गया था। ऐसे वयस्क व्यक्ति को 100 रुपए प्रतिदिन और प्रति बालक 60 रुपए प्रतिदिन की सहायता का भुगतान अधिकतम पांच दिनों के लिए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस बैठक में जिलेवार प्राथमिक नुकसान का आकलन हासिल किया और स्पष्ट रूप से कहा कि राहत स्थानों में आश्रय ले रहे लोगों को कैशडोल एवं अन्य सहायताओं का समय पर भुगतान करने पर ध्यान देना आवश्यक है। इतना ही नहीं उन्होंने कच्चे-पक्के मकानों और झुग्गियों को हुए आंशिक नुकसान या पूर्ण क्षतिग्रस्त होने के मामले में भी जल्द से जल्द सर्वे शुरू किए जाने पर जोर दिया।

इस संदर्भ की जानकारी देते हुए बैठक में बताया गया कि प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित आठ जिलों में लगभग 719 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है या वे पूर्ण क्षतिग्रस्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में जहां बिजली आपूर्ति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है, ऐसे स्थानों पर स्थिति को बहाल करने के लिए ऊर्जा विभाग की अतिरिक्त टीमों को कार्यरत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली के खंभे या ट्रांसफॉर्मर को क्षति पहुंचने के मामले में उसे पूर्ववत करने के लिए जलापूर्ति, रिहायशी मकानों और संचार क्षेत्र से जुड़े बिजली के खंभों एवं ट्रांसफॉर्मरों की बहाली को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने चक्रवात के कारण बड़ी संख्या में गिरे पेड़ों को ध्यान में रखते हुए सभी से साथ मिलकर उससे दोगुने पेड़ लगाकर ग्रीन कवर को बनाए रखने का भी अनुरोध किया।

मुख्य सचिव राज कुमार ने इस बैठक में चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि, अब हमारा फोकस ‘रिस्टोरेशन ऑफ सर्विसेज’ यानी सेवाओं की बहाली पर होना चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में कहा कि गांवों और नगरों में जहां जल भराव की समस्या उत्पन्न हो रही है, वहां साफ-सफाई, संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए दवाइयों का छिड़काव तथा रोग प्रतिरोधक दवाइयों की व्यवस्था भी तत्काल करनी होगी।

उन्होंने परिस्थिति को तेजी से पूर्ववत करने के लिए आवश्यक सेवाओं की त्वरित बहाली सुनिश्चित करने की ताकीद की। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर और टीमें भी कार्यरत करने का सुझाव दिया।

मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार पाटण और बनासकांठा जिलों में अभी भी बारिश की संभावनाएं हैं, जिसे ध्यान में लेकर बैठक में इन जिलों के कलक्टरों को अग्रिम आयोजन के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए। इस बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार प्रभावित जिलों में 1536 बिजली के खंभों की मरम्मत कर दी गई है, 4490 फीडरों को पुनः कार्यरत किया गया है।

वन विभाग ने धराशायी हुए 1784 पेड़ों व अवरोधों को दूर किया है। चक्रवात से 3700 किमी लंबाई की सड़कें प्रभावित हुई थीं, जिसमें से ज्यादातर की बहाली का कार्य पूरा हो चुका है। इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और सचिवों सहित वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने विभागों के कार्यों के ब्यौरे के साथ सहभागी हुए।

गुजरात में सटीक कम्युनिकेश प्लान से लोगों को किया सावधान

गुजरात सरकार के सटीक कम्युनिकेश प्लान से लोगों को सावधान किया गया था। सरकारी सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार के सूचना विभाग की ओर से गुजरात में चक्रवात के पहुंचने से पहले 13 जून की शाम से शुरू कर आज तक राज्य के चक्रवात से प्रभावित होने की आशंका वाले छह जिलों में 65 लाख मोबाइल धारकों को मुख्यमंत्री का वॉइस मैसेज (ओबीडी – आउटबाउंड डायलिंग) भेजा गया। इन संदेशों में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों और चक्रवात पूर्व के सतर्कता उपायों के बारे में जानकारी दी गई थी।

इसी तरह लगभग 65 लाख मोबाइल धारकों तक मुख्यमंत्री का जनता के नाम संदेश और ऐसे अन्य पांच संदेश जैसे- चक्रवात पूर्व बरती जाने वाली सावधानी का टैक्स्ट मैसेज, सभी संभावित प्रभावित जिलों में शुरू किए गए कंट्रोल रूम के फोन नंबर और टेलीविजन कमर्शियल को वीडियो फॉर्मेट में व्हाट्सएप मैसेज के मार्फत भेजा गया।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने चक्रवात की स्थिति में नागरिकों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर (079-232-51900) भी जारी किया था। राज्य के सभी 33 जिलों का जी-स्वान टेलीफोन हॉटलाइन के साथ संपर्क स्थापित किया गया था। कच्छ, जामनगर, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, मोरबी और राजकोट जिले में हेम रेडियो स्टेशन शुरू किए गए, साथ ही जियो, बीएसएनएल और वोडाफोन जैसे टेलीकॉम ऑपरेटरों को सभी 743 टावरों के लिए पर्याप्त बैकअप बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जीएसडीएमए) ने भी सूचना विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर टीवी कमर्शियल्स, रेडियो विज्ञापन और अखबारों में विज्ञापन के जरिए नागरिकों को चक्रवात के दौरान ‘क्या करें और क्या न करें’ के संदेश पहुंचाए। संभावित चक्रवात के परिणामस्वरूप संचार व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए गुजरात पुलिस सैटेलाइट फोन और वायरलेस नेटवर्क का उपयोग कर रही है।

जिला प्रशासन के रहे भगीरथ प्रयास

प्रभारी मंत्रियों, सचिवों तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने चक्रवाती तूफान के टकराने से पहले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान भली-भांति पूरा किया। बिजली, संचार, जलापूर्ति और परिवहन जैसी चार महत्वपूर्ण सेवाओं को नुकसान पहुंचने की स्थिति में उन्हें तेजी से बहाल करने के लिए जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर कार्य किया।

स्वास्थ्य विभाग ने भी की थी तैयारी

इस चक्रवात के दौरान राज्य के संभावित प्रभावित क्षेत्रों में कुल 1005 मेडिकल कार्यरत थीं। प्रभावितों के लिए 202 ‘108 एंबुलेंस’ और 302 सरकारी एंबुलेंस सहित कुल 504 एंबुलेंस आवंटित की गई थीं। इसके अलावा संभावित प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 3851 क्रिटिकल बेड की भी व्यवस्था की गई थी। इन क्षेत्रों में कुल 197 डीजी (डीजल जनरेटर) सेट आवंटित किए गए थे।

स्वास्थ्य विभाग ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयों और लॉजिस्टिक्स का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया था। प्रभावित जिलों के अस्पतालों में सौ फीसदी डीजल जनरेटरों की व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने चक्रवात से प्रभावित होने की आशंका वाले क्षेत्रों में रह रहीं गर्भवती महिलाओं तथा उनकी अनुमानित डिलीवरी तिथि की सूची बनाई थी। 1152 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए तत्काल एक्शन हुए

ऊर्जा विभाग के अंतर्गत पश्चिम गुजरात वीज कंपनी लिमिटेड (पीजीवीसीएल) की ओर से सौराष्ट्र के आठ जिलों के कुल 3751 गांवों में 1127 टीमें तैनात की गईं जबकि गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (गेटको) की ओर से कुल 714 सबस्टेशनों में 51 टीमें तैनात की गईं। पीजीवीसीएल द्वारा संभावित प्रभावित जिलों के आसपास के जिलों में कुल 889 टीमें स्टैंडबाय पर रखी गईं, जबकि गेटको द्वारा आसपास के जिलों में कुल 81 टीमें स्टैंडबाय पर रखी गईं।

प्रभावित सड़कों की मरम्मत करने के लिए सड़क एवं मकान विभाग रहा तैयार: राज्य के सड़क एवं मकान विभाग ने संभावित प्रभावित जिलों में आवश्यक साजो-सामान सहित 132 टीमें तैयार रखी थीं। 328 जेसीबी मशीन, 276 डम्पर, 204 ट्रैक्टर, 60 लोडर और 234 अन्य उपकरणों के साथ ये टीमें प्रभावित सड़कों की मरम्मत का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा, प्रभावित जिलों की 263 सड़कों से अब तक 1137 पेड़ों को हटाया गया है।

चक्रवात के कारण भारी वर्षा और तेज हवाओं की स्थिति में जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए अग्रिम उपाय करते हुए संभावित प्रभावित आठ जिलों से 4317 होर्डिंग्स को हटा लिया गया। इसके अलावा, प्रभावित बिजली के खंभों, क्षतिग्रस्त सड़कों, बिजली आपूर्ति बाधित क्षेत्रों और क्षतिग्रस्त मकानों को बहाल करने का कार्य किया जा रहा है।

वन विभाग ने उखड़कर गिरे पेड़ों को सड़कों से हटाया

राज्य के वन विभाग ने तीव्र हवाओं के चलते उखड़कर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए संभावित प्रभावित जिलों में 237 टीमें तैनात की थीं। इन टीमों ने राज्य में चक्रवात की शुरुआत से लेकर अब तक उखड़कर गिरे कुल 581 पेड़ों को सड़कों से हटाया है।

इसके अलावा, चक्रवात ‘बिपरजॉय’ के प्रभाव से वन्य जीवसृष्टि-वन्य प्राणियों को सुरक्षित रखने के लिए भी वन विभाग ने अग्रिम आयोजन किया था। एशियाई बब्बर शेरों के जोन में रेस्क्यू, रैपिड एक्शन और उखड़कर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए कुल 184 टीमें रणनीतिक रूप से पोजिशन में तैनात की गई थीं। कच्छ के अभयारण्य क्षेत्र में भी 13 ऑपरेशनल टीमें तथा आवश्यक साजो-सामान सहित विशेष छह वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू टीमें मुस्तैद थीं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के साथ समन्वय

गुजरात सरकार भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में थी और चक्रवात की सभी गतिविधियों के बारे में निरंतर जानकारी हासिल कर रही थी। गृह विभाग के अधीन राज्य का पुलिस महकमा भी कानून और सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए हुए है।

गुजरात ने समय-समय पर अनेक प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है और हमेशा उससे सुरक्षित रूप से उबरकर निकला है। इस बात भी समुचित एवं समय पर किए गए आयोजन तथा पूर्व तैयारियों के साथ गुजरात और उसकी जनता ने चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ का सफलतापूर्वक सामना किया है। गुजरात ने एक बार फिर डिजास्टर मैनेजमेंट की बेहतरीन मिसाल पेश की है।

पूर्व तैयारियां और प्रभावी उपाय किए गए

मुख्यमंत्री ने चक्रवात के संदर्भ में गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में राज्य के उच्च अधिकारियों के साथ तत्काल समीक्षा बैठक बुलाई और सभी जिलों के प्रशासनिक तंत्र को स्टैंडबाय रहने के आदेश दिए। विभिन्न जिलों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने सहित माइक्रो प्लानिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की थी। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश में एक लाख आठ हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, जिसमें 10,918 बच्चे, 5070 बुजुर्ग और 1152 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं।

भारतीय तट रक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड) ने चक्रवात के कारण बीच समुद्र में फंसे 50 लोगों को एयर लिफ्ट किया। कोस्ट गार्ड ने द्वारका में समुद्र के बीच से 50 लोगों का रेस्क्यू किया। सभी को भारतीय तट रक्षक बल के ओखा ऑपरेशन सेंटर में लाया गया। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर सहायता के लिए भारतीय वायु सेना, हवाई सेना और थल सेना को भी स्टैंडबाय पर रखा गया था। समुद्र में मछली पकड़ने गए मछुआरों-सागरखेड़ू सुरक्षित वापस लौट आए और 21 हजार से अधिक नौकाओं को लंगर डालकर खड़ा किया गया।

गुजरात के नौ तटीय जिलों यानी कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर, मोरबी, पोरबंदर, गिर सोमनाथ, जूनागढ़, राजकोट और वलसाड तथा एक केंद्र शासित प्रदेश दीव में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की कुल 19 टीमें तैनात की गई थीं। कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर, मोरबी, पोरबंदर, गिर सोमनाथ और जूनागढ़ सहित सात तटीय जिलों तथा पाटण एवं बनासकांठा में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 12 टुकड़ियां तैनात की गईं, जबकि सूरत में एसडीआरएफ की एक टुकड़ी को रिजर्व रखा गया था।

मुख्यमंत्री ने चक्रवात के दौरान लगातार मॉनिटरिंग शुरू कर दी थी। उन्होंने कंट्रोल रूम से जिला प्रशासन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जानकारी हासिल कर आवश्यक सुझाव दिए। गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में मुख्य सचिव सहित राज्य सरकार के सभी विभागों के वरिष्ठ सचिवों के साथ सर्वग्राही बैठक कर हर छोटी-बड़ी जानकारी हासिल की।

तमिलनाडु में सेंथिल बालाजी बिना पोर्टफोलियो के मंत्री बने रहेंगे

चेन्नई। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक और राजभवन के बीच चल रहा विवाद शुक्रवार रात उस समय और गहरा गया जब तमिलनाडु सरकार ने एक आदेश जारी कर वी. सेंथिल बालाजी को बिना पोर्टफोलियो के मंत्री के रूप में काम जारी रखने को कहा।

वी. सेंथिल बालाजी को ईडी द्वारा धनशोधन मामले में गिरफ्तार किएजाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और बाइपास सर्जरी के लिए एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सेंथिल बालाजी द्वारा रखे गए विभागों को मंत्रियों थंगम थेनारासाउ और मुथुसामी को आवंटित किया गया है और इस आशय का एक आदेश शुक्रवार रात राज्यपाल द्वारा आपराधिक कार्यवाही के मद्देनजर मंत्रिपरिषद में उनकी निरंतरता का विरोध करते हुए जारी किया गया है।

पोर्टफोलियो पुनर्वितरण पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सिफारिशों को स्वीकार किया गया और यह कि सेंथिल बालाजी बिना पोर्टफोलियो के मंत्री बने रहेंगे।

सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका की खारिज, 8 दिन की ईडी हिरासत में भेजा

दिल्ली के कोचिंग सेंटर में आग लगने के मामले में दो लोग अरेस्ट

नई दिल्ली। दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान में आग लगने के एक दिन बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों की पहचान शिवेश मिश्रा (45) और श्याम सुंदर भारती (54) के रूप में हुई है। बाद में, दोनों अदालत से जमानत पर रिहा हो गए।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान 12 छात्रों और चार स्टाफ सदस्यों के बयान दर्ज किए गए। तदनुसार, इस मामले में दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि गुरुवार को मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 336/337/338/120बी/34 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

गुरुवार को पुलिस ने कहा कि उसे मुखर्जी नगर इलाके में बत्रा कॉम्प्लेक्स के भंडारी हाउस बिल्डिंग के अंदर आग लगने के संबंध में मुखर्जी नगर थाना में एक पीसीआर कॉल मिली। आनन फानन में पुलिस अमला मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य शुरू किया। पहली मंजिल और दूसरी मंजिल के छात्रों को इमारत से बचाया गया, 61 छात्रों को इलाज के लिए तीन अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने पहले कहा था कि घटना की जगह का जिला अपराध टीम द्वारा निरीक्षण किया गया था और एफएसएल, रोहिणी, दिल्ली की फोरेंसिक टीम द्वारा भी निरीक्षण किया गया था।गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में गुरुवार दोपहर एक कोचिंग संस्थान में आग लग लग गई। घबराहट में बाहर की ओर भागते समय कई छात्र घायल हो गए।

रियलमी ने फ्लैगशिप नंबर सीरीज के दो नए फोन लांच किए

लखनऊ। स्मार्टफोन प्रदाता कंपनी रियलमी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फ्लैगशिप नंबर सीरीज़ में शुक्रवार को रियलमी 11 प्रो सीरीज़ 5जी में दो स्मार्टफोन रियलमी 11 प्रो+ 5जी और रियलमी 11 प्रो 5जी पेश किए।

कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीहरि ने लांचिंग के मौके पर स्मार्टफोन की खूबियां गिनाते हुए कहा कि 23 हजार 999 रूपए के शुरुआती मूल्य में उपलब्ध फोन में अत्याधुनिक फीचर्स और लीप फॉरवर्ड टेक्नॉलॉजी है।

रियलमी 11 प्रो+ 5जी में 4एक्स लॉसलेस ज़ूम, ऑप्टिकल इमेज स्टेब्लाईज़ेशन (ओआईएस) और सुपरज़ूम के साथ दुनिया का पहला 200 मेगापिक्सल का कैमरा है। इसमें 120 हर्ट्ज़ का कर्व्ड विज़न डिस्प्ले, 5000 एमएएच की बैटरी के साथ 100 वॉट सुपरवूक चार्जिंग, मीडियाटेक डायमेंसिटी 7050 5जी चिपसेट है।

रियलमी 11 प्रो प्लस 5जी तीन रंगों सनराईज़ बेज़, ओसिस ग्रीन, और एस्ट्रल ब्लैक में आएगा और यह दो स्टोरेज वैरिएंट्स 8जीबी+256जीबी में 27 हजार 999 रुपए और 12जीबी+256जीबी में 29 हजार 999 रुपए में मिलेगा।

उन्होने कहा कि हम अगले 5 सालों में मिड प्रीमियम सेगमेंट में नं. 1 स्मार्टफोन सीरीज़ बनना चाहते हैं। रियलमी 11 प्रो सीरीज़ 5जी इस विरासत को आगे बढ़ा रहा है और यूज़र्स को उनकी अपेक्षाओं से बढ़कर लीप फॉरवर्ड अनुभव प्रदान कर रहा है।

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अजमेर : निलंबित आईएएस एवं आईपीएस को बहाल करने की मांग

जयपुर। राजस्थान जाट महासभा ने जयपुर-अजमेर हाईवे पर एक होटल में झगड़े के मामले में निलंबित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी गिरधर एवं भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी सुशील कुमार को बहाल करने एवं घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की राज्य सरकार से मांग की है।

महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील ने एक बयान में यह मांग करते हुए कहा कि इन अधिकारियों को होटलकर्मियों के साथ झड़प के आरोप में बिना किसी जांच के निलंबित किया जाना, गलत है। मील ने कहा कि राजनीतिक हस्तक्षेप से की गई कार्यवाही से समाज में आक्रोश एवं रोष है।

उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की जा सकती थी लेकिन आनन फानन में की गई कार्यवाही अन्यायपूर्ण है। जिसकी महासभा कड़ी निंदा करती हैं।

मील ने कहा कि जबकि इस घटना में पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट हुई थी लेकिन एकतरफा कार्यवाही की गई। उन्होंने सरकार से मांग की कि निलंबित किए गए अधिकारियों को बहाल कर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका की खारिज, 8 दिन की ईडी हिरासत में भेजा

चेन्नई। तमिलनाडु में चेन्नई की प्रधान सत्र अदालत ने धनशोधन के एक मामले में गिरफ्तार राज्य के बिजली मंत्री वी सेंथिलबालाजी की जमानत याचिका शुक्रवार शाम खारिज कर दी और उन्हें प्रवर्तन निदेशालय को पूछताछ के लिए उन्हें आठ दिन की हिरासत में भेज दिया।

आरोपी बिजली मंत्री सेंथिलबालाजी और ईडी द्वारा दायर याचिकाओं पर आदेश पारित करते हुए प्रधान सत्र न्यायाधीश अल्ली ने सेंथिलबालाजी की गुहार सुनने के बाद उन्हें अस्पताल से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और आठ दिन की हिरासत में पूछताछ के लिए ईडी की याचिका को मंजूर कर लिया।

अदालत ने कहा कि मंत्री से अस्पताल में पूछताछ की जानी चाहिए। श्री सेंथिलबालाजी के वकील ने जोर दिया की उनके मुवक्किल की बायपास सर्जरी होनी है। इस पर न्यायाधीश ने ईडी को निर्देश दिया कि सेंथिल बालाजी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 23 जून को अपराह्न तीन बजे तक अदालत में पेश किया जाए।

मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें बायपास सर्जरी के लिए सरकारी अस्पताल से एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। उन्होंने निर्देश दिया कि मंत्री को अस्पताल से बाहर कहीं नहीं ले जाया सकता है। पीएसजे के आदेश के बाद सेंथिलबालाजी अब न्यायिक हिरासत से तत्काल प्रभाव से ईडी की आठ दिन की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन की सिफारिशों पर राज्यपाल आर.एन.रवि द्वारा दो मंत्रियों को उनके द्वारा रखे गए विभागों को आवंटित किए जाने के बाद सेंथिलबालाजी अब बिना विभाग के मंत्री हैं। ईडी ने जहां 15 दिन की हिरासत मांगी, वहीं न्यायाधीश ने जांच एजेंसी को मंत्री को हिरासत में पूछताछ के लिए आठ दिन की मोहलत दी।

मंत्री के अधिवक्ता ने ईडी की हिरासत का विरोध करते हुए कहा कि अगले कुछ दिनों में उनकी बायपास सर्जरी होनी है और उनका स्वास्थ्य पूछताछ की अनुमति नहीं देगा। ईडी ने उच्च न्यायालय को पहले ही बता दिया था कि तलाशी के दौरान उन्हें पता चला है कि मंत्री और उनकी पत्नी के बैंक खाते में 1.60 करोड़ रुपए नकद जमा कराए गए थे और इस बारे में कोई उचित दस्तावेज नहीं मिले। उसने अदालत को यह भी बताया कि मंत्री ने जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया है और ईडी अधिकारियों ने हिरासत में पूछताछ के लिए प्रार्थना की।

सेंथिलबालाजी को बुधवार सुबह गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उन्हे सीने में दर्द की शिकायत के बाद कल रात कावेरी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया था। राज्य सचिवालय में उनके आधिकारिक आवास और उनके चैंबर पर 17 घंटे तक चले छापे के बाद पूछताछ के लिए ले जाते वक्त उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी। एक एंजियोग्राम से पता चला कि उनकी रक्त वाहिकाओं में तीन ब्लॉक हैं और और डॉक्टरों ने उन्हें जल्द से जल्द कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्ट (सीएबीजी) सर्जरी की सलाह दी है।