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इतिहास पुरुषों की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत : शेखावत

मुंबई में महाराणा प्रताप एकता मंच के कार्यक्रम में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री का उद्बोधन
मुंबई। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि अंग्रेजों ने हमारे इतिहास को विकृत करने का काम किया है। अब समय आ गया है कि हम उसे सुधारें और हमारे इतिहास पुरुषों की गौरवगाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम करें।

शेखावत मुंबई में रविवार देर रात महाराणा प्रताप एकता मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने हितों को कुर्बान कर समष्टि के कल्याण के लिए काम किया। समाज के लिए कई लोगों ने प्रताप के साथ काम किया और हिदुत्व की संस्कृति को बचाने के लिए अपने आप को होम कर दिया।

उन्होंने कहा कि कोई भी शासक जब अपने हितों और परिवार से ऊपर उठकर समाज के लिए काम करता है तो वह समाज को अपने साथ जोडकऱ चलता है। गरीब के कल्याण के लिए काम करता है, तब जाकर वह आसुरी शक्तियों पर विजय प्राप्त करता है। महाराणा प्रताप ने भी आदिवासियों को साथ लेकर लड़ाई लड़ी। उन्होंने दिवेर का युद्ध में अकबर की सेना का नरसंहार किया था। कई साल तक मुगलिया सुल्तान ने इधर देखा तक नहीं।

इतिहास के साथ हुई छेड़छाड़

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई। हल्दीघाटी युद्ध में प्रताप को हारा हुआ दिखाया गया। उस पीढ़ी परम्मरा में कई योद्धा अजेय रहे। इसमें महाराणा सांगा और महाराणा लाखा जैसे नाम है, लेकिन सुनियोजित तरीके से इतिहास के पन्नों से उन्हें मिटा दिया गया। महाराणा लाखा ने ईरान तक जाकर मुगलों को खदेड़ दिया था। तीन सौ साल तक विदेशी आंक्रांता नही आए थे, भारत भूमि की।

आजादी के बाद भी गुलाम मानसिकता

शेखावत ने कहा कि आजादी के बाद ऐसा लगता था कि गुलामी की मानसिकता से हम आजाद हो जाएंगे, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो सका। हमारी मानसिकता आजादी के बाद भी गुलामी की ही रही। इसलिए अकबर महान, बाबर महान पढ़ाया गया। महाराणा लाखा नहीं महान नहीं पढ़ाया जाता। राजस्थान में सरकार आज भी महाराणा प्रताप पर लिखे पन्नों को इतिहास से मिटाने का काम करते हैं, क्योंकि वे तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। इस गुलामी की मानसिकता को दूर करने के लिए देश को नरेन्द्र मोदी जैसे व्यक्तित्व का इंतजार करना पड़ा।

अब सरकार के भरोसे नहीं रहें

शेखावत ने कहा कि समय आ गया है कि अब सरकार के भरोसे नहीं रहें। उन्होंने लेखक ओमेद्र रत्नू की पुस्तक का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक किताब लिखी है- महाराणा एक हजार वर्ष का धर्मयुद्ध। ऐसी पुस्तकें लिख-लिखकर देश की गौरवगाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम करना होगा। अब सरकार के भरोसे नहीं बैठना है। हमें अपने प्रयासों से समाज में जागृति लाकर युवा पीढ़ी को देश के इतिहास पुरुषों और इसके मानबिंदुओं के सम्मान की परम्परा शुरू करनी होगी।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया पौधारोपण

हिन्डौन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डाॅ मोहन मधुकरराव भागवत संघ शिक्षा वर्ग द्वितीय वर्ष के तीन दिवसीय प्रवास पर रविवार रात हिन्डौन पंहुचे।

सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर डॉ मोहन भागवत द्वारा विद्यालय प्रबंध समिति के साथ शिशु वाटिका परिसर में चीकू एवं आंवले के पौधे का रोपण किया गया। डॉ मोहन भागवत ने प्रारंभ में पौधे का पूजन करते हुए मंत्रोचार के साथ पौधारोपण किया साथ ही इस अवसर पर क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने कटहल, क्षेत्र सेवा प्रमुख शिवलहरी ने बीलपत्र एवं प्रांत प्रचारक बाबूलाल ने आम का पौधा लगाया।

शिशु वाटिका में पांच फलदार पौधों की पंचवटी तैयार की गई है। आदर्श विद्या मंदिर प्रबंध समिति ने संकल्प लिया कि इन पौधों को वृक्ष के रूप में विकसित करेंगे।

एक पेड़ देश के नाम

पर्यावरण गतिविधि द्वारा एक पेड़ देश के नाम अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत इस अभियान में बीज से पौधे बनाने की विधि का प्रशिक्षण दिया जाता है। पर्यावरण गतिविधि ने सभी से इस प्रकार तैयार पौधे को स्वयं के घर पर लगाने का आह्वान किया है।

इस अवसर पर सर्वाधिकारी प्यारेलाल मीणा, वर्ग कार्यवाह गेंदालाल, विद्या भारती जिला व्यवस्थापक बजरंगलाल, जिला कोषाध्यक्ष शिवकुमार, संरक्षक राधेश्याम अग्रवाल, अध्यक्ष राधारमण गोयल, व्यवस्थापक प्रसून कुमार जैन, सह व्यवस्थापक ओमप्रकाश मंगल, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा, सह कोषाध्यक्ष रामचंद्र सिंह, माध्यमिक प्रधानाचार्य मुरारीलाल पुरवंशी, प्राथमिक प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।

संघ शिक्षा वर्ग में पर्यावरण प्रेमी संकल्पना

ज्ञातव्य हो कि संघ शिक्षा वर्ग पर्यावरण प्रेमी संकल्पना के आधार पर चलाए जाते हैं जिसमें भोजन पैकेट एकत्र करते समय प्लास्टिक थैली की बजाय कागज की थैली का उपयोग किया जाता है। बैनर भी कपड़े पर बनाए जाते हैं। खाद्य सामग्री में आई प्लास्टिक से इकोब्रिक्स बनाने का कार्य होता है। बर्तन धोने स्नान आदि में कम से कम पानी व्यय हो इस बात का भी प्रशिक्षण 253 शिक्षार्थियों को दिया जारहा है।

संघ शिक्षा वर्ग का समापन 9 जून को

संघ शिक्षा वर्ग का समापन कार्यक्रम 9 जून को होगा। समापन पर हरीमोहन बरनाला मुख्य अतिथि रहेंगे। संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख स्वांतरंजन इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में सहभागी होंगे।

राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने राज्य सरकार को दी चेतावनी

जयपुर। विभिन्न शिक्षक समस्याओं के निराकरण के प्रति राज्य सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये के विरोध में राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के आन्दोलन के अन्तर्गत आज पिंकसिटी प्रेस क्लबप्रदेश स्तरीय प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष रमेश चन्द पुष्करणा, ने बताया कि संगठन द्वारा बार-बार आग्रह करने व लोकतान्त्रिक तरीके से विरोध प्रकट करने के बाद भी सरकार ने न तो संगठन से कोई संवाद स्थापित किया और ना ही अपने स्तर पर कोई कार्यवाही की है।

संगठन ने गत वर्षों में निरन्तर राज्य सरकार के समक्ष सभी स्तरों एवं माध्यमों के जरिए सम्पर्क करने के लिए आग्रह किया किन्तु संवदेनहीनता अपनाते हुए समस्याओं को हल करने का कोई सार्थक प्रयास नहीं किया। जन घोषणा पत्र का विश्वास करते हुए हमने 4 वर्ष 6 माह तक इंतजार किया। लगातार आपको याद भी दिलाते रहे लेकिन कोई भी संवेदना व्यक्त नहीं करते हुए आज दिनांक तक कोई वार्ता नहीं की है। अतः इससे व्यथित और आक्रोशित होकर राज्य के शिक्षक अब आन्दोलन की राह अपनाने को विवश हैं।

प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार लखारा ने बताया कि अब तक प्रयास के रूप में संगठन ने दिनांक 23 फरवरी से 9 मार्च 2023 के मध्य जनप्रतिनिधि के नाते राज्य के विधायकों को संगठन की 11 सूत्रीय मांग का ज्ञापन प्रेषित कर आग्रह किया कि शिक्षकों की न्यायोचित मांगों के निराकरण हेतु अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए उच्च स्तर पर ज्ञापन अग्रेषित कर सरकार से उचित निराकरण करवाने में अपना सहयोग प्रदान करें।

दिनांक 12 मार्च को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रेस वार्ता एवं दिनांक 24 अप्रैल को शहीद स्मारक जयपुर में एक दिवसीय धरना देकर सरकार का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया। संगठन की 11 सूत्रीय मांगों के बारे में जानकारी देते हुए संघर्ष समिति के संयोजक सम्पत सिंह ने कहा कि संगठन ने शिक्षक हित की निम्न समस्याओं का समाधान करने के लिए आन्दोलन की राह अपनाई है:-

वेतन विसंगतियों के निराकरण के लिए गठित सावंत एवं खेमराज कमेटी की रिपोर्टों को तत्काल सार्वजनिक कर लागू किया जावे एवं सभी समस्त शिक्षक संवर्ग की सभी वेतन विंसगतियों का तत्काल निराकरण किया जाए।

समस्त राज्य कर्मचारियों को 8-16-24-32 वर्ष पर ए.सी.पी. का लाभ देकर पदोन्नति पद का वेतनमान प्रदान किया जाए।

NPS कार्मिकों के लिए लागू हुई पुरानी पेंशन योजना (OPS) की समस्त तकनीकी खामियों को दुरुस्त करते हुए NPS फण्ड की जमा राशि शिक्षकों को देने के साथ-साथ जीपीएफ 2004 के खाता नम्बर तत्काल जारी किए जाए।

संपूर्ण सेवाकाल में परिवीक्षा अवधि केवल एक बार एक वर्ष के लिए हो तथा नियमित वेतन श्रृंखला में फिक्सेशन के समय परिवीक्षा अवधि को भी जोडा जाए।

शिक्षा विभाग की ऑनलाइन निर्भरता को दृष्टिगोचर रखते हुए राज्य के समस्त शिक्षकों एवं संस्था प्रधानों को मासिक इंटरनेट भत्ता तथा एंड्राइड फोन उपलब्ध कराया जाए।

राज्य कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के समय तीन सौ उपार्जित अवकाशों की सीमा को समाप्त किया जाए तथा सेवानिवृत्ति के पश्चात 65, 70 एवं 75 वर्ष की आयु पूर्ण पर पेंशन क्रमशः 5, 10 व 15 प्रतिशत पेंशन वृद्धि की जाए।

शिक्षा विभाग में की जा रही संविदा आधारित नियुक्ति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाकर नियमित भर्ती से ही पद भरे जाने की कार्रवाई की जाए।

अध्यापक संवर्ग के स्थानान्तरण पर तत्काल प्रतिबन्ध हटाया जाए एवं राज्य के शिक्षकों के स्पष्ट स्थानान्तरण नियम बनाये जाए और संस्कृत शिक्षा विभाग सहित शिक्षा विभाग में समस्त पदों पर नियमित वर्षवार और नियमानुसार डीपीसी आयोजित की जाकर समय पर पदस्थापन किया जाए। पातेय वेतन पदौन्नति पर कार्यग्रहण तिथि से वित्तीय परिलाभ तथा वरिष्ठता प्रदान की जावे।

BLO सहित समस्त प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से मुक्त किया जाए। वर्तमान में जारी जनाधार अधिप्रमाणीकरण एवं डीबीटी योजना के लिए शिक्षकों एवं संस्था प्रधानों को जारी हो रहे अनावश्यक कारण बताओ नोटिस तत्काल प्रभाव से बन्द हों एवं जारी नोटिस वापस लिए जाए।

माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न तत्काल लागू कर पदों का सृजन किया जाए तथा विद्यालयों में पद आवंटन में हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम का विभेद समाप्त कर समान रूप से पद आवंटन प्रक्रिया अपनाई जाए।

माध्यमिक शिक्षा में अध्यापक संवर्ग की सीधी भर्ती की जावे तथा प्रारम्भिक शिक्षा से सेटअप परिवर्तन (6डी तथा अन्य नियमान्तर्गत) अनिवार्य के स्थान पर स्वैच्छिक किया जाए।

संगठन के माध्यमिक उपाध्यक्ष डॉ. अरूणा शर्मा ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए बताया कि राज्य के समस्त शिक्षक संवर्ग की उक्त न्यायोचित मांगों का तत्काल निराकरण कराया जाए। राज्य सरकार द्वारा इन मांगों पर कोई निर्णय नहीं किए जाने की स्थिति में संगठन निम्नानुसार आंदोलन करने पर विवश होगा।

15 जुलाई से 15 अगस्त के मध्य प्रत्येक तहसील केन्द्र से प्रारम्भ होकर जिला केन्द्र तक विशाल पदयात्राओं का आयोजन कर जिला केन्द्र पर सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किए जाएंगे। उसके पश्चात् जयपुर में क्रमिक धरना दिया जाएगा फिर भी सरकार न चेती तो प्रदेशभर के शिक्षक उग्र आंदोलन करने पर विवश होंगे।

माफिया अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी की सरेंडर अर्जी खारिज

प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी की सरेंडर अर्जी पर सोमवार को सुनवाई के लिए किसी अधिवक्ता के उपस्थित नहीं होने के कारण यहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने खारिज कर दिया गया।

शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि सोमवार को आशा नूरी की सरेंडर अर्जी पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) दिनेश गौतम की अदालत में सुनवाई थी। नूरी के पक्ष से किसी अधिवक्ता के उपस्थित नहीं होने के कारण अदालत ने उसकी अर्जी खारिज कर दिया। इससे पहले तारीख पर भी किसी अधिवक्ता के उपस्थित नहीं हाेने के कारण पांच जून सुनवाई की तिथि निश्चित की गई थी।

गौरतलब है कि पुलिस ने आयशा पर उमेश पाल मर्डर केस में शामिल रहे शूटर मुस्लिम गुड्‌डू को अपने मेरठ स्थित घर में पनाह देने का आरोप लगाया है। आयशा के घर में सीसीटीवी में गुड्डू नजर आया था। इसी केस में आयशा के पति अखलाख पहले ही गिरफ्तार हो चुका है और नैनी सेंट्रल जेल में बंद है। उसे स्वास्थ्य विभाग ने सस्पेंड भी कर दिया है।

उमेश पाल की 15 फरवरी 2023 को हुई हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल पत्नी जया पाल द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में प्रमुख रूप से अतीक अहमद, भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, अतीक के दोनो बेटे, गुड्डू मुस्लिम और नौ लोगों में आयशा नूरी, असद का दोस्त अतिन, अतीक का बहनोई अखलाक, और अतीक के सहयोगी कैश अहमद, राकेश कुमार, नियाज अहमद, मो साजर और अरशद कटरा का नाम शामिल है। शाइस्ता परवीन, आशा नूरी, गुड्डू मुस्लिम फरार है।

प्रदेश में बड़े पैमाने पर सफ़ाई कर्मचारियों की भर्ती शीघ्र : शांति धारीवाल

कोटा। राज्य में सफाई कर्मचारियों की शीघ्र ही बड़े पैमाने पर भर्ती की जाएगी और इस भर्ती में उन परिवारों के सदस्यों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है।

यह घोषणा नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने आज यहां संभागीय सफाई मजदूर कांग्रेस के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए की। धारीवाल ने कहा कि वाल्मीकि समाज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समय से कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और कांग्रेस की सरकार ने हमेशा समाज के उत्थान में हर संभव प्रयास किए हैं।

धारीवाल ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश में राजस्थान ही ऐसा राज्य है जहां कांग्रेस सरकार ने महंगाई से राहत दिलाने के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। समारोह के दौरान थाईलैंड में बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में पदक जीत कर आए दीपक नरवाल का भी धारीवाल ने सम्मान कर उत्साहवर्धन किया।

ओडिशा रेल हादसे की सीबीआई जांच के लिए रेलवे ने पत्र भेजा

नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड ने ओडिशा रेल हादसे के आपराधिक कोण की जांच के लिए केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को आज पत्र लिख दिया।

सरकार के उच्चपदस्थ सूत्रों ने यहां बताया कि ओडिशा के बालासोर जिले में बहनगा बाज़ार स्टेशन पर शुक्रवार शाम को हुए भीषण हादसे की जांच सीबीआई से कराने के सरकार के फैसले के अनुरूप रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार लाहोटी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को आज अनुरोध पत्र भेज दिया।

दुर्घटना की जांच में उठने वाले सवालों के बारे में पूछे जाने पर सूत्रों ने कहा कि किसी भी संभावना की ना तो पुष्टि करने की स्थिति है और ना ही खंडन करने की। रेलवे बोर्ड को भी जांच रिपोर्ट का इंतज़ार है। लाहोटी शाम करीब छह बजे प्रधानमंत्री कार्यालय भी गए। समझा जाता है कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को दुर्घटना की जांच एवं घायलों के उपचार आदि की जानकारी दी और सीबीआई जांच के बारे में विचार विमर्श किया।

उम्मीद है कि आज देर शाम तक सीबीआई की टीम बहनगा स्टेशन पर पहुंच कर जांच शुरू कर देगी। रेल संरक्षा आयुक्त (दक्षिण पूर्व सर्किल) की जांच पहले ही शुरू हो चुकी है और 15 से 20 दिन में उनकी रिपोर्ट आने की आशा है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कल बहनगा में संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि अब की जांच में रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारियों से जो संकेत एवं इनपुट मिले हैं, उनके आधार पर आगे की जांच सीबीआई को देने का फैसला किया जा रहा है और रेलवे बोर्ड इस बारे में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को पत्र लिखेगा।

रेलवे के सूत्रों से कल यह पता चला था कि बहनगा बाज़ार स्टेशन पर रिले रूम खुला मिला था जो एक बहुत अहम संरक्षा चूक है। सामान्यत: रिले रूम सिगनल एवं टेलीकॉम (एस एंड टी) स्टॉफ के जिम्मे होता है लेकिन इसका ताले की दो चाबियां होतीं हैं। एक चाबी स्टेशन मास्टर के पास होती है और दूसरी चाबी एस एंड टी स्टॉफ के पास होती है।

नियम के अनुसार रिले रूम तब ही खोला जाता है जब कोई ट्रेन परिचालन नहीं हो रहा हो। यदि ट्रेन परिचालन के वक्त रिले रूम खोलने की जरूरत पड़े तो एस एंड टी स्टॉफ मूवमेंट ऑथोराइज़ेशन रजिस्टर में हस्ताक्षर कराया जाता है और लिखवाया जाता है कि रिले रूम खुले रहने की स्थिति में ट्रेन का सुरक्षित परिचालन हो सकता है। सूत्रों के अनुसार इस रेल दुर्घटना ने रेलवे की संरक्षा की सामान्य प्रक्रिया को लेकर लापरवाही को उजागर कर दिया है।

इस बीच रेलवे बोर्ड के संरक्षा विभाग के कार्यकारी निदेशक सभी ज़ोनल महाप्रबंधकों, कोंकण रेलवे एवं भारतीय समर्पित मालवहन गलियारा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को पत्र लिख कर सिगनल संबंधी संरक्षा कार्यों के लिए एक अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसमें रिले रूम की दोहरी लाॅकिंग को सुनिश्चित करना और खोलने एवं बंद करने के पहले लॉग भरना एवं एसएमएस एलर्ट सुनिश्चित करना शामिल करना शामिल है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस दिशा में जो भी कमियां या अनियमितताएं पाईं जाएं, उन पर समुचित कार्रवाई करके 14 जून तक रेलवे बोर्ड को सूचना दी जाए।

इसी बीच दक्षिण मध्य रेलवे के सूत्रों से यह भी पता चला है कि गत आठ फरवरी को शाम को दक्षिण मध्य रेलवे के अंतर्गत बिरुर चिकजाजुर सेक्शन पर होसदुर्गा स्टेशन पर 12649 डाउन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी लोकाेपायलट की सतर्कता से इसी प्रकार के सिगनल की गड़बड़ी के कारण एक खाली मालगाड़ी से आमने सामने टकराने से बाल बाल बच गई थी।

इस घटना में अप मेन लाइन के लिए सिगनल था लेकिन कैंची या प्वांइट्स डाउन मेन लाइन के लिए लगे थे। लोकोपायलट ने जैसे ही देखा, उसने वैसे ही ब्रेक लगा दिए। यदि लोको पायलट सतर्क नहीं होता तो होसदुर्गा स्टेशन पर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और मालगाड़ी में आमने सामने की भीषण भिड़ंत हो सकती थी। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों से इस घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी है और इस बारे में समुचित कार्रवाई की जा चुकी है।

रेलवे संरक्षा कोष के इस्तेमाल ना करने का आरोप गलत

नई दिल्ली। सरकार ने आज इस बात का खंडन किया कि रेलवे के संरक्षा उपायों पर समुचित व्यय नहीं किया जा गया है और इसी के परिणाम स्वरूप ओडिशा की दुर्घटना हुई है।

सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने यहां बताया कि विभिन्न राजनीतिक चर्चाओं में ओडिशा रेल दुर्घटना को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष का इस्तेमाल नहीं किया गया। यह बात तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है और इस प्रकार के दावों से लोगों में गलत धारणाएं बनायीं जा रहीं हैं।

सूत्रों ने कहा कि रेलवे के सभी परियोजना एवं संरक्षा संबंधी व्यय किसी एक स्रोत पर निर्भर नहीं हैं। इसका इंतज़ाम मुख्यत: तीन स्राेतों – सरकार से मिलने वाली सकल बजटीय सहायता, भारतीय रेलवे के आंतरिक संसाधनों और बाहरी ऋण (राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष सहित) से किया जाता है।

सूत्रों ने कहा कि वर्ष 2017-18 में सरकार ने बजट में राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष का गठन करके पांच वर्ष में यानी वर्ष 2021-22 तक एक लाख करोड़ रुपए व्यय करने का लक्ष्य रखा था। सीएजी की रिपोर्ट में राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष के इस्तेमाल को लेकर केवल तीन वर्ष यानी 2017-18, 2018-19 एवं 2019-20 के व्यय का जिक्र किया गया है। जबकि कोविड जैसी चुनौतियों के बावजूद रेलवे ने निर्धारित अवधि में इस कोष का पूरा इस्तेमाल सुनिश्चित किया और वर्ष 2021-22 तक एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च हुई है।

सूत्रों ने कहा कि ट्रैक नवीकरण के बारे में भी तथ्यों को समझने की जरूरत है। वर्ष 2004-05 से वर्ष 2013-14 तक पटरियों के नवीकरण पर 47 हजार 39 करोड़ रुपए व्यय किए गए जबकि वर्ष 2014-15 से लेकर वर्ष 2़023-24 (बजट अनुमान) तक यह खर्च एक लाख नौ हजार 23 करोड़ रुपए है जो इस मद में 2.3 गुने से अधिक आवंटन एवं इस्तेमाल दर्शाता है।

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार ट्रैक नवीकरण के मद में वर्ष 2017-18 में 8884 करोड़ रुपए, 2018-19 में 9690 करोड़ रुपए, वर्ष 2019-20 में 9391 करोड़ रुपए, वर्ष 2020-21 में 13523 करोड़ रुपए और वर्ष 2021-22 में 16558 करोड़ रुपए व्यय किए गए। सूत्रों ने कहा कि ट्रैक नवीकरण एक अतीत का भार है और इसे वर्तमान सरकार कम कर रही है।

इसी प्रकार वर्ष 2004-05 से वर्ष 2013-14 तक संरक्षा के कुल व्यय 70 हजार 274 करोड़ रुपए की तुलना में वर्ष 2014-15 से लेकर वर्ष 2023-24 (बजट अनुमान) के दौरान यह आंकड़ा एक लाख 78 हजार 12 करोड़ रुपए है जो पहले की तुलना में ढाई गुना है।

टक्कर रोधी तकनीक कवच के बारे में सूत्रों ने बताया कि कवच इस समय दक्षिण मध्य रेलवे के अंतर्गत 1465 किलोमीटर के खंड में लगा है। यह नयी तकनीक है और रेलवे ने हाल ही में इसे स्वीकृति प्रदान की है और करीब 3000 किलोमीटर के रूट में लगाने का फैसला किया है। दिल्ली से मुंबई और दिल्ली से हावड़ा के रूट पर इस तकनीक को लगाया जा रहा है। इसलिए कवच तकनीक वाले हिस्से की पूरे 65 हजार किलोमीटर के नेटवर्क के आधार पर तुलना करना बेमानी है।

सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि कवच लगाने के काम का कोई अलग से आवंटन नहीं है। सिगनल एवं टेलीकॉम के मद में आवंटन में से इसे लगाया जा रहा है और आवश्यकता पड़ेगी तो संरक्षा के मद से भी धन लेकर इस काम को पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि रेलवे किसी भी परियोजना खासकर संरक्षा संबंधी कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। ज़ोनल महाप्रबंधकों को इस बात के लिए अधिकार संपन्न बनाया गया कि वे जरूरत पड़ने पर संरक्षा के कार्यों के लिए किसी भी मद से धन लेकर खर्च करने का निर्णय ले सकते हैं।

रेलवे की नौकरी पर लौटे पहलवान, जारी रहेगा आंदोलन

नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवान बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट उत्तर रेलवे में अपनी-अपनी नौकरी पर लौट आए हैं। उत्तर रेलवे ने सोमवार को यह जानकारी दी।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने एक बयान में कहा कि पहलवानों ने 30 और 31 मई को खेल विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारी संभाल ली है। इसी बीच, साक्षी ने कहा कि बृजभूषण के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा और वह सत्याग्रह के साथ-साथ रेलवे में अपनी जिम्मेदारी बखूबी संभालेंगी।

साक्षी ने आंदोलन से पीछे हटने की भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए ट्वीट किया कि यह खबर बिलकुल ग़लत है। इंसाफ़ की लड़ाई में न हम में से कोई पीछे हटा है, न हटेगा। सत्याग्रह के साथ-साथ रेलवे में अपनी ज़िम्मेदारी निभा रही हूं। इंसाफ़ मिलने तक हमारी लड़ाई जारी है। कृपया कोई ग़लत खबर ना चलाई जाए।

बजरंग ने ट्वीट किया कि आंदोलन वापस लेने की खबरें कोरी अफ़वाह हैं। ये खबरें हमें नुक़सान पहुंचाने के लिए फैलाई जा रही हैं। हम न पीछे हटे हैं और न ही हमने आंदोलन वापस लिया है। महिला पहलवानों की एफ़आईआर उठाने की खबर भी झूठी है। इंसाफ़ मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि ओलंपिक मेडलिस्ट पूनिया, साक्षी और एशियाई चैंपियन विनेश फोगाट बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष पर एक नाबालिग सहित सात महिला पहलवानों को यौन शोषण का आरोप है।

दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें से एक पॉक्सो (यौन अपराधों से नाबालिगों का संरक्षण) से संबंधित है। कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण हालांकि अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं।

हत्या का खुलासा : सिवनी में कॉलेज छात्रा ने की वृद्ध महिला की हत्या

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिला मुख्यालय के भैरोगंज महाराज बाग में एक वृद्ध महिला की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए एक कॉलेज की छात्रा का गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि 2 जून को महाराज बाग शिवमंदिर के पास भैरोगंज निवासी एक महिला की लाश उसके मकान में खून से लत-पथ पडी मिली थी। मृतक महिला की शिनाख्त मधु तिवारी के रूप में की गई है।

पुलिस टीम द्वारा विवेचना के बाद संदेही महिला रुपाली बघेल निवासी जैतपुर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। जहां आरोपिता ने बताया कि वह जनवरी 2023 से मृतिका के मकान में किराये से रह कर अध्यापन कर रही थी।

पिछले कुछ दिनों से मकान मालकिन (मृतिका) के साथ किराये एवं बिजली बिल के लेन-देन को लेकर कुछ विवाद चल रहा था। इसी बात को लेकर 02 जून जब वह अपनी कोचिंग से वापस कमरे लौटी तब मकान मालकिन द्वारा पुनः किराये को लेकर उसके साथ कहा सुनी होने लगी।

इस दौरान मकान मालकिन ने उसकेे चरित्र को लेकर गलत बात उसके माता पिता को बताने की धमकी दी, जिस पर दोनों के बीच हाथापाई हुई। हाथपाई के दौरान आवेश में आकर उसने किचन में रखे तवा, चाकू व अन्य सामग्री से मकान मालकिन के सिर पर प्रहार किया गया तथा चाकू से मृतिका का गला रेत कर हत्या कर दी गई।

इसके बाद आरोपिता ने पास ही पड़े तौलिये से अपने शरीर पर लगे खून को साफ कर वापस आकर अपने बाथरूम में स्नान किया गया एवं घटना के दौरान पहने हुए कपड़े को धो दिया एवं तैयार होकर कमरे के सामने वाली सीढ़ी से नीचे आकर खड़ी हो गई।

आरोपिता के शरीर पर पाए गए चोट के निशान की एमएलसी कराने पर विशेषज्ञों द्वारा चाकू के प्रहार से कारित चोट होना लेख किया गया। इस पर पुलिस ने रुपाली निवासी जैतपुरकला थाना लखनावाड़ा सिवनी को गिरफ्तार कर आज जिला न्यायालय सिवनी के समक्ष पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

नाबालिग चचेरी बहन का यौन शोषण करने के आरोपी युवक को 20 वर्ष की सजा

श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) मामलों की विशेष अदालत (संख्या-02) के न्यायाधीश ने शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की का यौन शोषण करने के आरोपी चचेरे भाई को आज 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई।

विशिष्ट लोक अभियोजक नवप्रीत कौर संधू ने बताया कि जिले के श्रीबिजयनगर थाना की पुलिस ने पीड़ित किशोरी द्वारा अपनी बुआ और ताऊ के साथ थाने में आकर दी गई रिपोर्ट के आधार पर 8 दिसंबर 2018 को युवक कृष्ण नायक पर मुकदमा दर्ज किया था। घटना के समय पीड़िता कक्षा 9 में पढ़ती थी और उसकी आयु 15 वर्ष 6 महीने थी। घटना वाले दिन कृष्ण ने उसे पकड़ लिया और जबरदस्ती नहर की पटरी सरकारी जगह पर ले गया। मना करने के बावजूद जबरदस्ती दुष्कर्म किया।

तत्पश्चात कृष्ण ने उसे कहा कि वह भाग जाए। लोक लाज वर्ष उसने नहर में छलांग लगा दी। उसके पिता, ताऊ तथा दो-तीन अन्य व्यक्तियों ने उसे बाहर नहर से निकाला। पीड़िता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि इससे पूर्व भी दो तीन बार कृष्ण ने जबरदस्ती उससे दुष्कर्म किया। वह शादी करने का झांसा देता रहा। बेज्जती होने के डर से वह चुप रही। मुकदमा दर्ज होने पर पुलिस ने पूरे मामले की गहनता से जांच की।

उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा अनुसंधान पूर्ण कर आरोपी के खिलाफ अदालत में सक्षम धाराओं के तहत चालान पेश किया गया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह और 18 दस्तावेज साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

विद्वान न्यायाधीश ने आज कृष्ण को दोषी करार देते हुए धारा 376 के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास और 50 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। पोक्सो एक्ट की धारा 5(एन)/6 के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा और 25 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।