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आंदोलनरत पहलवानों ने मान मनौव्वल के बाद स्थगित किया गंगा में मेडल विसर्जन

हरिद्वार/देहरादून। गंगा में पदक विसर्जित करने उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंचे आंदोलनरत पहलवानों ने मंगलवार शाम भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के अनुरोध के बाद पदक विसर्जन कार्यक्रम पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया। टिकैत ने पहलवानों से पांच दिन का समय मांगा, जिसके बाद पहलवानों ने विसर्जन स्थगित करने की घोषणा की।

महिला पहलवानों के यौन शोषण को लेकर सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आंदोलन कर रहे पहलवानों ने अपने मेडल हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी पर गंगा में बहाने का एलान किया था। योजना के तहत बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक अपने-अपने पदक गंगा में प्रवाहित करने हरिद्वार पहुंचे और मालवीय घाट के पास बैठ गए।

पहलवानों ने कहा कि मेडल उनकी जान और आत्मा हैं। इनके गंगा में बह जाने के बाद उनके जीने का भी कोई मतलब रह नहीं जाएगा इसलिए वे इंडिया गेट पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम अंदर से ऐसा महसूस कर रहे हैं कि इस देश में हमारा कुछ बचा नहीं है। हमें वे पल याद आ रहे हैं जब हमने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप में मेडल जीते थे। अब लग रहा है कि क्यों जीते थे। इन पदकों को हम गंगा में बहा रहे हैं क्योंकि वह गंगा मां हैं। ये पदक सारे देश के लिए ही पवित्र हैं और पवित्र मेडल को रखने की सही जगह पवित्र मां गंगा ही हो सकती हैं।

यहां से सभी पहलवान खिलाड़ी हर की पौड़ी पहुंचे। इसी दौरान भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता नरेश टिकैत अपने समर्थकों के साथ यहां आ गए और खिलाड़ियों की मान मनौव्वल शुरू हुई। लगभग एक घंटे की बातचीत के बाद सरकार से पांच दिन के भीतर समस्या को सुलझाने के वादे के साथ खिलाड़ियों ने पदक विसर्जित करने की योजना स्थगित कर दी।

सनातन धर्म में जल को देव का स्थान प्राप्त : गजेंद्र सिंह शेखावत

शाहपुरा के त्रिवेणी धाम में नव्य भव्य सरोवर का शुभारंभ कार्यक्रम
जयपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मंगलवार को खोजीपीठ त्रिवेणी धाम में नव्य भव्य सरोवर के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में जल को देव का स्थान प्राप्त है। यह सरोवर जल के संचय और उसके मितव्ययतापूर्ण उपयोग की भारतीय परंपरा को दर्शाता है। सरोवर में हरिद्वार से लाए गए गंगाजल के दो टैंकरों का जल भी मिलाया गया।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि त्रिवेणीधाम होने वाला हर कार्यक्रम बहुत बड़ा होता है। गुरुदेव नारायणदासजी महाराज ने शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देकर त्रिवेणीधाम को बहुत बड़ा बना दिया है। यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का उनके श्रीचरण में सिर झुक जाता है। इससे पहले विद्वान पंडितों ने खोजीद्वाराचार्य रामरिछपालदासजी महाराज से सरोवरों की पूजा अर्चना करवाई। बाद में रामरिछपालदासजी महाराज, केंद्रीय मंत्री शेखावत व अन्य अतिथियों ने मंत्रोच्चार के साथ हरिद्वार से लाए गए गंगाजल को सरोवर में अर्पित किया गया। केंद्रीय मंत्री ने फीता खोल करके सरोवर का शुभारंभ किया।

समारोह में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि पवित्र और तपोभूमि त्रिवेणी धाम में गंगा दशमी के पवित्र पर्व पर सरोवर के शुभारंभ में गंगा जल अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। गंगा जैसी पवित्र नदी का स्वच्छता का कार्य कर विश्व में गंगा को श्रेष्ठ पवित्र नदियों में श्रेष्ठता प्राप्त करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि जीवन का आधार ही जल है। जल का संकट भारत के सामने बहुत बड़ी चुनौती है।

जल की आवश्यकता निरंतर बढ़ रही है। जल की उपलब्धता को लेकर केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है। पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह और कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री डा. जितेंद्र सिंह और राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति रामसेवक दूबे ने भी विचार व्यक्त किए। रामरिछपालदासजी महाराज ने आशीर्वचन दिए और केंद्रीय मंत्री सहित सभी अतिथियों का साफा, शॉल व नारायणदासजी महाराज का चित्र भेंटकर सम्मान किया।

कानोता में सामूहिक विवाह सम्मेलन में लिया भाग

केंद्रीय मंत्री शेखावत कानोता में अखिल भारतीय हरियाणा गौड़ ब्राह्मण महासभा जयपुर द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल हुए और उपस्थित गणमान्य नागरिकों के समक्ष अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आयोजन की सराहना जितनी की जाए, उतनी कम होगी। महासभा के सदस्य समाज सेवा में भी सक्रिय रहते हैं। इससे पहले, दिल्ली से राजस्थान आते हुए शाहपुरा के रास्ते कोटपूतली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का जोरदार स्वागत किया। शेखावत ने कहा कि साथियों द्वारा मिले आत्मीय स्वागत से मन प्रसन्न हो गया। उन्होंने समस्त बंधुओं का आभार जताया।

अजमेर के बाबा रामदेव मंदिर में प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ मोदीमय

अजमेर। कोटड़ा स्थित बाबा रामदेव मंदिर परिसर में प्राचीन प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर के जीर्णाेद्धार का लोकार्पण समारोह हुआ। यह लोकार्पण समारोह पीएम मोदी की यात्रा को समर्पित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं भाजपा प्रबुद्धजन प्रकोष्ठ के अजमेर संभाग प्रभारी सुभाष काबरा ने फीता काटकर तथा मंदिर पर शिखर चढ़ाकर प्राचीन मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा मंदिर पर धर्म ध्वजा चढ़ाई।

बाबा रामदेव मंदिर विकास समिति की ओर से सोहन सिंह रावत के नेतृत्व में सुभाष काबरा, साकेत काबरा, प्रेम प्रकाश पारीक का माला व साफा पहना कर स्वागत किया गया। मंदिर जीर्णाेद्धार के कार्यक्रम का समस्त खर्च गुलाब देवी दिलसुखराय काबरा धमार्थ ट्रस्ट के माध्यम से करवाया गया। ट्रस्ट के प्रमुख और समाजसेवी काबरा ने प्राण प्रतिष्ठा कराकर मंदिर पर शिखर चढ़ाया तथा पूर्णाहुति यज्ञ में भी आहुतियां दी। मंदिर परिसर में भंडारा किया गया।

काबरा ने 9 रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

सुभाष काबरा व बापू भाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के सफलतम 9 वर्ष पूर्ण होने, जनहित के कार्यों के प्रचार प्रसार तथा 31 मई को अजमेर होने वाली आम सभा में आने का निमंत्रण देने के लिए पूरे अजमेर शहर में प्रचार प्रसार बाबत रामदेव मंदिर से 9 रथों का हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में प्रधानमंत्री मोदी की आम सभा में पधारने की अपील की।।

इस अवसर पर मंदिर विकास समिति के सोहन सिंह, भाजपा प्रबुद्धजन प्रकोष्ठ के प्रेम प्रकाश पारीक, साकेत काबरा, दिलीप सैनी, जितेंद्र शेखावत समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और भक्तजन उपस्थित रहे। सभी की उपस्थिति में एक रैली के रूप में सभी विकास रथों को शहर के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण के लिए प्रस्थान कराया गया।

पारिवारिक शो ‘ये मेरी फैमिली’ लखनऊ पर आधारित

नई दिल्ली। अमेजन मिनी टीवी पर एक पारिवारिक ड्रामा शो ये मेरी फैमिली में उत्तर प्रदेश की राजधानी और नबावों के नाम से प्रसिद्ध लखनऊ शहर की संस्कृति, सभ्यता और वहां के वातावरण में घुली खूबसूरती को दिखाया गया है।

इस शो के माध्यम से सभी सर्दियों के मौसम में उस शहर में पहुंच जाते हैं, जहां दर्शकों का भरपूर प्यार मिलता है। इस शो में प्रसिद्ध टीवी अभिनेत्री जूही परमार, हेतल गाडा और अंगद राज अभिनीत, लोकप्रिय टीवी अभिनेता एवं कॉमेडियन राजेश कुमार और अन्य कलाकार भूमिका निभा रहे हैं। राजेश कुमार 90 के दशक के पिता संजय अवस्थी के पात्र में ढले हुए हैं।

राजेश ने इस शहर की सादगी और 90 के दशक की पुरानी यादों को साझा किया। उन्होंने कहा कि जब इस शो को करने का उनके पास ऑफर आया, तो उन्होंने बिना देरी किए हां कर दिया।

राजेश ने कहा कि यह कहानी सबसे अलग इसलिए है, क्योंकि इसे बहुत सरलता से शूट किया गया है और बहुत ही सरलता से निष्पादित किया गया है। प्रदर्शन सरल है, पात्र सरल हैं। जब आपके आस-पास हर तरह का काम हो रहा हो, तो इसके लिए एक शब्द है। यह ‘असाधारण’ है। इसका मतलब है कि आप इस ग्रह के सबसे सरल व्यक्ति हैं। तो, यह वास्तव में असाधारण है।

राजेश ने अपने किरदार के बारे में बताया कि दर्शक उन्हें एक विशिष्ट लेकिन भरोसेमंद अवतार में देखेंगे। उन्होंने कहा कि एक चरित्र के रूप में, निश्चित रूप से, आप मुझे एक अलग तरीके से देखेंगे जहां मैं कुछ करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं, लेकिन मैं सहज हूं। द वायरल फीवर द्वारा निर्मित यह सीरीज अमेज़न मिनी टीवी पर उपलब्ध है।

राजस्थान के बाड़ी से मुरैना आई दुल्हन मंडप से अचानक लापता

मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के एक दिन पहले ही होने वाली दुल्हन मंडप से अचानक लापता हो गई है। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि वधू पक्ष राजस्थान के बाड़ी कस्बे से मुरैना कोतवाली थाना क्षेत्र के एक मैरिज गार्डन में दो दिन पहले ही शादी की अन्य रस्म निभाने के लिए आ गया था। मुरैना निवासी दूल्हा दीपक वर्मा जैसे ही कल बारात लेकर मैरिज गार्डन में पहुंचा। तभी दुल्हन ब्यूटी पार्लर जाने के बहाने मंडप से अचानक लापता हो गई। वर पक्ष के लोगों ने दुल्हन के लापता होने की रिपोर्ट पुलिस थाने में कर दी है।

पुलिस सूत्रों का कहना हैं कि वर और वधू पक्ष के बीच दहेज को लेकर बारात आने से पूर्व झगड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जौनपुर में कन्यादान के बाद पिता ने तोड़ा दम, बगैर बेटी को बताए किया विदा

जौनपुर में कन्यादान के बाद पिता ने तोड़ा दम, बगैर बेटी को बताए किया विदा

जौनपुर। उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के तेजी बाजार क्षेत्र के आयर गांव निवासी एक बुजुर्ग ने बेटी का कन्यादान करने के कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। मंगलवार सुबह बेटी और बारात को सूचना दिए बगैर परिजनों ने डोली उठवा दी। विदाई के बाद बुजुर्ग की अर्थी उठाई गई।

आयर गांव के देव नारायण मिश्र (70) की बड़ी तमन्ना थी कि बेटी का कन्यादान करके दामाद के साथ विदा करेंगे, सुजानगंज में शादी तय हुई। सोमवार रात बरात आई, कन्यादान भी किया, लेकिन बेटी को डाेली में बैठाकर विदा करने से पहले ही वे चले गए। गमगीन माहौल के बीच परिवार के लोगों ने बगैर बेटी को सूचना दिए ही डोली उठवा दी। बाद में पिता के शव को प्रयागराज ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।

देव नारायण मिश्र कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, इसी बीच उन्होने अपनी बेटी रागिनी के लिए सुजानगंज में रिश्ता खोजा। 29 मई शादी की तारीख तय की गई। बरात आई, स्वागत हुआ, शादी की रस्म अदा की गई। कन्यादान हुआ और उसके बाद रागिनी की विदाई की तैयारी हो रही थी, तभी अचानक देव नारायण मिश्र को हार्ट अटैक आया और गिर पड़े। परिवार के लोग उन्हें लेकर बरईपार स्थित एक निजी अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह से बात तब तक छिपाए रहे जब तक रागिनी की विदाई नहीं हो गई। सुबह बेटी की विदाई करने के बाद देवनारायण मिश्र का शव लेकर लोग प्रयागराज गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया। आज सुबह जब लोगों को घटना के बारे में पता चला तो मातम छा गया।

गंगा नदी में पदक विसर्जित करेंगे पहलवान

नई दिल्ली। ओलंपिक मेडलिस्ट बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और राष्ट्रमंडल खेल मेडलिस्ट विनेश फोगाट ने आत्म-सम्मान के बिना जीवन को व्यर्थ बताते हुए मंगलवार को कहा कि वे अपने-अपने पदक गंगा में विसर्जित कर देंगे।

पहलवानों ने ट्वीट किया कि इन पदकों को जीतने के लिए हमारी कड़ी मेहनत भी उतनी ही गंभीर थी। ये राष्ट्र के लिए अमूल्य हैं और इन पदकों के लिए सबसे अच्छी जगह इस अशुद्ध व्यवस्था के बजाय शुद्ध गंगा में है।

यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहलवानों यहां जंतर-मंतर पर करीब एक महीने से प्रदर्शन कर रहे थे। पहलवानों ने रविवार को नवनिर्मित संसद तक मार्च करने और वहां महिला महापंचायत करने की योजना बनाई, लेकिन पहलवानों के प्रदर्शन स्थल से निकलते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और जंतर-मंतर से उनके तंबू उखाड़ दिए।

पहलवानों ने संयुक्त बयान में कहा कि आपने देखा कि 28 मई को क्या हुआ, पुलिस ने कैसा व्यवहार किया और कितनी बेरहमी से हमें गिरफ्तार किया। हम शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे लेकिन उन्होंने हमारे विरोध स्थल को छीन लिया और गंभीर अपराधों के तहत हमारे खिलाफ मामला दर्ज किया।

क्या महिला पहलवानों ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के लिए न्याय मांगकर गलती की? पुलिस और अधिकारी हमारे साथ अपराधियों की तरह व्यवहार कर रहे हैं जबकि असली अपराधी खुले में घूम रहा है। हमारे अनुभव टेलीविजन पर हंसी का पात्र बनते जा रहे हैं। यहां तक ​​कि (बृजभूषण) पॉक्सो अधिनियम में बदलाव लाने की बात सरेआम कह रहा है।

पहलवानों ने पदक जीतने की अपनी मेहनत पर कहा कि हम महिला पहलवानों को लगता है कि हमारे पास इस देश में कुछ भी नहीं बचा है। हमें याद है जब हमने इस देश के लिए ओलंपिक और विश्व स्तर पर पदक जीते थे। अब लग रहा है कि हमने यह पदक क्यों जीते थे? क्या हम इसलिए जीते थे कि अधिकारी हमारे साथ इतना बुरा बर्ताव कर सकें? ताकि वे हमारे साथ दुर्व्यवहार कर सकें और फिर हमें गलत ठहरा सकें?

प्रदर्शनकारी पहलवानों ने अधिकारियों पर डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सजा ‘पीड़ितों के बजाय अपराधी’ को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पदक लौटाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन उनकी व्यथा पर दोनों नेताओं की खामोशी के कारण वे ऐसा नहीं करेंगे।

पहलवानों ने कहा कि अब ऐसा लगता है कि हमारी गर्दन पर लगे इन पदकों का कोई मूल्य नहीं है। पहले तो इन पदकों को वापस करने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था, लेकिन जैसे हालात हैं, हम अपने आत्मसम्मान से समझौता करके कैसे जी सकते हैं?

उन्होंने कहा कि क्या हम इन्हें अपनी राष्ट्रपति को लौटायें, जो खुद एक महिला हैं? लेकिन हमारे दिमाग ने कहा नहीं, क्योंकि वह उस जगह से केवल दो किमी दूर रहती है जहां हम विरोध कर रहे थे और वह सिर्फ देखती रहीं। कुछ बोलीं नहीं। क्या हम इन्हें अपने प्रधानमंत्री को लौटायें, जिन्होंने कभी हमें अपनी बेटियां कहा था? हमारे मन ने कहा नहीं, क्योंकि वह कभी अपनी बेटियों से बात करने नहीं आए। इसके बजाय उन्होंने नये संसद भवन के उद्घाटन में हमारे उत्पीड़क को आमंत्रित किया, और वह तेज सफेदी वाली चमकदार में फोटो खिंचवा रहा था। उसकी सफेदी हमें चुभ रही थी।

पहलवानों ने कहा कि हमें ये पदक नहीं चाहिए क्योंकि इनके साथ, यह सफेदी वाला तंत्र इन पदकों के साथ हमें अपना मुखौटा बनाकर प्रचार करता है। फिर वह हमारा शोषण करता है। जब हम उस शोषण के खिलाफ बोलें तो हमें जेल में डालने की तैयारी कर लेता है। यह अपवित्र तंत्र अपना काम कर रहा है। हम अपना करेंगे। लोगों को अब तय करना होगा कि वे अपनी बेटियों के साथ खड़े होना चाहते हैं या उनका शोषण करने वाले तंत्र के साथ।

शरीर ने साथ दिया तो आईपीएल में फिर लौटूंगा : महेंद्र सिंह धोनी

अहमदाबाद। चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब पांचवीं बार जीतने के बाद मंगलवार को कहा कि अगर उनका शरीर साथ देगा तो वह अगले साल एक बार फिर यह टूर्नामेंट खेलने के लिए लौट सकते हैं।

धोनी ने मंगलवार तड़के अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस पर अपनी टीम की पांच विकेट की शानदार जीत के बाद कहा कि संन्यास की घोषणा करने का यह सबसे अच्छा समय है। लेकिन जितना प्यार मुझे हर तरफ से मिला है… यहां से चले जाना आसान होगा, लेकिन मुश्किल काम नौ महीने तक कड़ी मेहनत करना और एक और आईपीएल खेलने की कोशिश करना होगा।

गुजरात ने साई सुदर्शन (47 गेंद, 96 रन) के तूफानी अर्द्धशतक के दम पर चेन्नई के सामने 215 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे बारिश के कारण घटाकर 15 ओवर में 171 रन कर दिया गया। चेन्नई को अंततः आखिरी दो गेंदों पर 10 रन की दरकार थी। पूरे सीजन बल्ले से निराशाजनक प्रदर्शन करने वाले रवींद्र जडेजा ने इन दो गेंदों पर एक छक्का और एक चौका जड़कर चेन्नई को जीत दिला दी।

धोनी ने कहा कि यह मेरी ओर से (प्रशंसकों के लिए) एक उपहार होगा, लेकिन मेरे शरीर के लिए आसान नहीं होगा। आप भावुक हो जाते हैं, सीएसके में पहले मैच में हर कोई मेरा नाम जप रहा था। मेरी आंखों में पानी भर गया था, मुझे डगआउट में कुछ समय के लिए छुट्टी चाहिए थी। मुझे एहसास हुआ कि मुझे इसका लुत्फ उठाने की जरूरत है। मुझे लगता है कि मैं जो हूं उसके लिए वे (दर्शक) मुझसे इतना प्यार करते हैं, वे प्यार करते हैं कि मैं जमीन से जुड़ा हुआ हूं, मैं ऐसा कुछ दिखाने की कोशिश नहीं करता जो मैं नहीं हूं।

धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स ने सबसे ज्यादा आईपीएल खिताब जीतने के मामले में रोहित शर्मा की मुंबई इंडियन्स की बराबरी कर ली है। इन दोनों के अलावा सिर्फ कोलकाता नाइट राइडर्स (दो) ने ही एक से अधिक बार ट्रॉफी जीती है।

धोनी ने कहा कि यह मेरे करियर का आखिरी हिस्सा है। यह टूर्नामेंट यहां [अहमदाबाद में] से शुरू हुआ और पूरा स्टेडियम मेरा नाम ले रहा था। चेन्नई में भी ऐसा ही था, लेकिन वापस आना और अपनी क्षमता के अनुसार खेलना अच्छा होगा। मैं जिस तरह का क्रिकेट खेलता हूं, उन्हें लगता है कि वे वैसा क्रिकेट खेल सकते हैं। मेरा खेलने का तरीका पारंपरिक नहीं है और मैं इसे सरल रखना पसंद करता हूं। मुझे लगता है कि आप जो भी ट्रॉफी या द्विपक्षीय सीरीज जीतते हैं, उसकी अपनी चुनौतियां होती हैं।

इमरान खान ने अब्दुल कादिर पटेल को भेजा 10 अरब रुपए का मानहानि का नोटिस

इस्लामाबाद। पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री अब्दुल कादिर पटेल को 10 अरब रुपए का मानहानि का नोटिस भेजा क्योंकि उन्होंने (पटेल ने) अन्य बातों के अलावा दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री की मानसिक स्थिरता संदिग्ध थी। उन्होंन पटेल से बिना शर्त माफी मांगने को भी कहा है।

पिछले हफ्ते, सरकार ने इमरान खान के परीक्षणों की गोपनीय मेडिकल रिपोर्ट साझा की थी, जो कथित तौर पर इस महीने की शुरुआत में खान के हिरासत में रहने के दौरान की गई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उनके पैरों में कोई फ्रैक्चर नहीं पाया गया था, जबकि शराब और उनके मूत्र के नमूने में एक अवैध दवा पाई गई थी।

कराची में एक संवाददाता सम्मेलन में पटेल द्वारा विवरण साझा किया गया था। मंत्री ने पीटीआई प्रमुख की मेडिकल रिपोर्ट को सार्वजनिक दस्तावेज बताया और कहा था कि उन्हें इसे जारी करने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।

राजनेताओं और विश्लेषकों ने हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट विरोधाभासों की ओर इशारा किया था। जबकि रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इमरान की मानसिक स्थिरता संदिग्ध है, उनके उच्च मानसिक कार्य को बरकरार व नैदानिक ​​​​स्थिति स्थिर घोषित किया था। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा हिरासत में लेने के लिए फिट माना था।

डॉन समाचारपत्र के मुताबिक पटेल को दिया गया नोटिस को मानहानि अध्यादेश, 2002 की धारा 8 के तहत गलत, निराधार, झूठी, भ्रामक, गलत, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक सूचना प्रसारित करने के लिए भेजा गया हैं। पटेल ने 26 मई को पत्रकार सम्मेलन में इमरान के खिलाफ आग उगले थे।

नोटिस में कहा गया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस को पाकिस्तान के साथ-साथ पूरी दुनिया में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनलों, यूट्यब और विभिन्न अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से देखा गया। इसके अलावा, प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में विवरण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों में भी प्रकाशित किए गए थे।

कोसेलाव में घर पर सीढ़ियों से गिरकर घायल युवक का दम टूटा

तखतगढ़(पाली)। थाना क्षेत्र के कोसेलाव में अपने घर पर सीढ़ियों से गिरने से गंभीर रूप से घायल युवक का दम टूट गया। पुलिस ने शव का पाली के बांगड़ अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। मृतक भरत के बेटा व बेटी का रो रोकर बुरा हाल है। घर पर युवक की मौत की खबर सुनकर माहौल गमगीन हो गया।

पुलिस ने बताया कि कोसेलाव निवासी कपूराराम दमामी ने रिपोर्ट पेशकर बताया कि सोमवार को उसका पुत्र भरतकुमार(26), जो अपने घर पर सीढ़ियों से गिर गया। जिन्हें उपचार के लिए कोसेलाव के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। जहां से उसे सुमेरपुर के महावीर स्थित महावीर अस्पताल में भर्ती करवाया। गंभीरावस्था में उसे जोधपुर रेफर किया।

बीच मार्ग में श्वास लेने में तकलीफ होने पाली के बांगड़ अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर हैड कांस्टेबल अमराराम मोबारसा मय पुलिस दल ने शव का पाली के बांगड़ अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया।