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भाजपा की प्राथमिकता चुनाव लड़ना है शासन करना नहीं : अशोक गहलोत

श्रीगंगानगर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता सिर्फ चुनाव लड़ना है, शासन करना नहीं है। गहलोत आज यहां सर्किट हाउस में जनसुनवाई करने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा की एक ही प्राथमिकता है-चुनाव जीतना। भाजपा चुनाव जीतकर शासन नहीं करना चाहती।

गुजरात चुनाव का जिक्र करते गहलोत ने कहा कि यह चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नई दिल्ली से डेली अप डाउन करते रहे। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पद बहुत ही जिम्मेदारी वाले हैं। क्या इनके पास नई दिल्ली में कोई काम नहीं होता? प्रधानमंत्री की एक अलग पर्सनालिटी होती है। उनके समक्ष देश-विदेश की समस्याएं और मुद्दे होते हैं। केंद्रीय गृहमंत्री के पास भी समस्याएं ही समस्याएं होती हैं। देश में बहुत सी समस्याएं चल रही होती हैं।

गहलोत ने कहा कि अब कर्नाटक के चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी 10 दिन तक वहीं रहेंगे। जाहिर है कि भाजपा सिर्फ चुनाव जीतना चाहती है। शासन करना उसकी प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बड़ा खतरनाक खेल है। पहले सभी राजनीतिक दलों को चंदा मिला करता था लेकिन अब भाजपा चाहती है कि देश में एक ही पार्टी का शासन हो। चंदा सिर्फ उसे मिले। इसीलिए ईड़ी, इनकम टैक्स और सीबीआई के छापे मारे जाते हैं। डर के मारे कोई दूसरे दलों को चंदा नहीं देता।

भाजपा करोड़ों-अरबों रुपए का चंदा ले रही है जिसे चुनाव प्रचार में पानी की तरह बढ़ाया जाता है। गहलोत ने कहा कि उन्हें इसी का मुकाबला करना है। राजस्थान में पार्टी के नेताओं पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ इसका मुकाबला करेंगे। जनता भी इसमें साथ देगी। देश में बड़ा डरावना माहौल है। हिंसा और तनाव है।

यह पूछने पर कि आगामी चुनाव में क्या उनका जादू फिर से चलेगा, उन्होंने कहा कि आप सब लोग चाहेंगे तो फिर से जादू चल जाएगा। गहलोत ने एक बार फिर दोहराते हुए बताया कि उन्होंने प्रदेश में सर्वे करवाया है। सर्वे से साफ जाहिर हुआ है कि राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस फिर से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को महंगाई से राहत देने के लिए सरकार पूरी तरह से उनके साथ है।

महंगाई से राहत देने के लिए लगाए जा रहे शिविरों में जिस तरह से लोग बड़े उत्साह से आ रहे हैं, उससे स्पष्ट हो गया है कि यह अभियान कामयाब हो रहा है। लोगों पर महंगाई की बड़ी मार है। उन्होंने कहा कि उज्जवला गैस कनेक्शन योजना केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की है। इस बात की चिंता किए बिना प्रदेश में उनकी सरकार ने 78 लाख उज्जवला गैस योजना कनेक्शन लेने वाले लोगों को एक गैस सिलेंडर पर 500 रुपए की सब्सिडी देने जा रही है। केंद्र की इस योजना में राज्य सरकार सिर्फ किसी लिए आगे आई है ताकि लोगों को महंगाई से राहत मिल सके।

अशोक गहलोत ने बताया कि प्रदेश में सवा लाख रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। एक लाख और रिक्त पदों को भरने की उन्होंने घोषणा की है।

दिल्ली शराब नीति घोटाला : मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति-2021-22 में कथित अनियमितताओं में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज मामले में एक विशेष अदालत ने मनीलॉन्ड्रिंग के आरोपी आदमी पार्टी (आप)के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।

राउस एवेन्यू स्थित एमके नागपाल की विशेष अदालत ने ईडी के विरोध बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने 18 अप्रैल को जमानत याचिका पर संबंधित पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले, इसी अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामले में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

केन्द्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने 26 फरवरी को लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह ईडी और सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद है। विशेष अदालत ने सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में 31 मार्च को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां यह मामला लंबित है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को सीबीआई ने लंबी पूछताछ के बाद 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था। बाद में सिसोदिया को विशेष अदालत में पेश किया गया था, जहां उन्हें सीबीआई के अनुरोध पर चार मार्च तक केंद्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में भेजा था, जिसकी अवधि समाप्त होने पर दो दिनों की और सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। सीबीआई और ईडी की हिरासत समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। यह अवधि समय-समय पर कई बार बढ़ाई गई थी।

सीबीआई मामले में न्यायिक हिरासत के दौरान ईडी ने मनीष सिसोदिया से पूछताछ की थी। बाद में विशेष अदालत ने ईडी की याचिका पर सिसोदिया को उसकी हिरासत में भेजा दिया था। सिसोदिया को ईडी की हिरासत खत्म होने के बाद इस मामले में भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

सिसोदिया ने अपनी गिरफ्तारी और सीबीआई की जांच के तरीकों पर सवाल उठाते हुए राहत की उम्मीद में शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिसोदिया की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था।

शीर्ष अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद सिसोदिया ने बाद में उसी दिन उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। मनीलॉन्ड्रिंग के एक अलग मामले के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद तत्कालीन मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी उसी दिन अपने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।

सीबीआई ने दिल्ली की आबकारी नीति 2021-2022 (विवाद के बाद दिल्ली सरकार ने इस नीति को रद्द कर दिया था) में कथित अनियमितता के मामले में सिसोदिया को 26 फरवरी रविवार को करीब आठ घंटे की लंबी पूछताछ के बाद देर शाम गिरफ्तार किया था।

सीबीआई ने आरोप लगाया था कि सिसोदिया जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, इसीलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया। सीबीआई ने 17 अक्टूबर 2022 को सिसोदिया से पूछताछ की थी। सीबीआई ने 17 अगस्त 2022 को सिसोदिया और अन्य 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी रविवार 16 अप्रैल को सीबीआई ने नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में इसी मामले में पूछताछ की थी। केजरीवाल का कहना है कि सीबीआई ने उनसे नौ घंटे तक पूछताछ की थी और 56 सवाल किए गए थे।

बदहाल सड़क से परेशान क्षेत्रवासियों के साथ धरने पर बैठे विधायक देवनानी

अजमेर। राजस्थान में अजमेर शहर के पुष्कर रोड की पिछले एक वर्ष से बदहाल एवं खड्डों से लबरेज सडक से परेशान क्षेत्रवासियों के समर्थन में पूर्व मंत्री वासूदेव देवनानी आज धरने पर बैठ गए। अजमेर उत्तर विधायक देवनानी के साथ क्षेत्र में रहने वाले अजमेर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष धर्मेश जैन एवं अन्य पार्षद भी धरने पर बैठे।

अजमेर में पुष्कर रोड महावीर कालोनी के सामने मुख्य सडक पर बने विशाल खड्डे पर 6 सूत्रीय मांगों को लेकर बैठे जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाते यहां से तब ही उठने की बात कही जब तक मजबूर ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता। देवनानी ने कहा कि कांग्रेस राज में अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे एवं क्षेत्रवासियों में रोष है।

पार्षद ज्ञान सारस्वत ने कहा कि हम इस बीमार पुष्कर रोड का उठावना करके ही यहां से हटेंगे। सडकों, नालियों, सीवर कार्य से सभी क्षेत्रवासी दुखी हैं और अब बर्दाश्त के बाहर है।

अजमेर में वाल्मीकि समाज ने रैली निकाल कर किया प्रदर्शन

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अजमेर। राजस्थान के अजमेर में वाल्मीकि समाज की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में रैली निकाल कर बडा प्रदर्शन किया।

अजमेर के दरगाह मार्ग स्थित लौंगियां चौक से सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम तक रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए सरकार को यह कहकर ललकारा कि – ‘नहीं किसी से भीख मांगते, हम हमारा हक मांगते।’ रैली प्रदर्शन में महिलाओं ने सरकार विरोधी तख्तियां तथा पुरुषों ने हाथों एवं कमर में झाडू उठा रखी थी। साथ ही काली पट्टी बांध कर रैली में भाग लिया।

रैली नगर निगम परिसर पहुंची, जहां पर वाल्मीकि समाज के नेताओं ने सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया और मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

उल्लेखनीय है कि पिछले तीन दिनों से शहर के अन्दरुनी एवं बाहरी क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। सडकों पर झाड़ू नहीं लगने से कचरा बिखरा हुआ है तो नाली एवं नालों का गंदख पानी कचरे सहित सडकों पर बह रहा है जिससे आमजन एवं पर्यटकों को खासी परेशानी उठानी पड रही है।

राजस्थान से राजनीति के रावण को हटाना होगा : गजेन्द्र सिंह शेखावत

सीकर। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान की राजनीति में महिला अत्याचार, माफियाराज, भ्रष्टाचार आदि का एक रावण है, इस रावण को इस बार जनता को प्रदेश से हटाना है। राज्य सरकार के राहत शिविरों पर तंज कसते हुए शेखावत ने कहा कि इन शिविरों में गरीबों को लाइन में लगाकर सरकार उन्हें गरीब होने का अहसास कराकर रही है।

सीकर में शुक्रवार को जनआक्रोश महाघेराव सभा में शेखावत ने कहा कि जिस प्रकार त्रेता युग में एक रावण था, उसी प्रकार इस सरकार में भी राजनीति का रावण है। उस रावण के दस सिर थे, इस रावण के भी तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार, दलित उत्पीडऩ, नारी अत्याचार, बेरोजगारी, माफियाराज, कलाबाजारी, वादा-खिलाफी, शिक्षा से खिलवाड़, गौहत्यारा और पेपर लीक सरकार नाम के दस सिर हैं। दस सिर वाले इस रावण को राज्य से हमेशा के लिए हटाना है।

शेखावत ने कहा कि गहलोत सरकार राहत शिविर लगा रही है, लेकिन वास्तव में उन्हें गरीबों को राहत नहीं देनी, बल्कि खुद को भगवान दिखाना है। गरीब को इस बात का अहसास कराना है कि तुम भिखारी की तरह हमारे सामने खड़े रहो। गरीब को भिखारी बनाने का पाप यह गहलोत सरकार कर रही है। इसलिए गरीबों को लाइन में खड़ा करवा दिया, अन्यथा इनके पास सारे डाटा पहले से ही मौजूद है। एक बटन दबाकर गरीबों को सीधे सहायता पहुंचाई जा सकती थी।

किसानों, युवाओं के साथ किया धोखा

शेखावत ने कहा कि यह सरकार किसानों को धोखा देकर, युवाओं को धोखा देकर और महिलाओं को झूठा वादाकर सत्ता में आई थी। वसुंधरा राजे के समय राजस्थान सबसे तेज बढ़ते राज्यों में शामिल था, लेकिन अब यहांं माफियाराज पनप रहा है। प्रगति के हर पैमाने पर पिछड़ता हुआ यह राज्य वापस बीमारू राज्य बनने की कगार पर खड़ा हुआ है। इन्होंने न किसानों के कर्जे माफ किए और न ही युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिया।

राजस्थान को बनाया रेप की कैपिटल

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जो प्रदेश नारी सम्मान और गौरव के लिए जाना जाता था। उसे इस सरकार ने रेप की कैपिटल बना दिया। ऊपर से प्रदेश को शर्मसार करने वाले बयान देते हैं। राजस्थान की धरती पर मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा कि जितने राजस्थान में रेप होते हैं, अधिकांशत: परिवार वाले ही करते हैं। इसी प्रकार विधानसभा में इस सरकार के सबसे बड़े मंत्री ने कहा- राजस्थान मर्दों का प्रदेश है, इसलिए बलात्कार ज्यादा होते हैं। जिन लोगों ने प्रदेश को बदनाम करने का काम किया। दुर्भाग्य है कि वे आज भी कैबिनेट में बने हुए हैं। इसके खिलाफ आपमें आक्रोश है। इस आक्रोश की कथा को सरकार को सुनाने के लिए आपके बीच मैं यहां मौजूद हूं।

मोदीजी ने बाजरा खरीद के दाम बढ़ाए

शेखावत ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के भले के लिए एमएसपी के भाव बढ़ाए। मोदीजी ने बाजरा और रागी को श्रीअन्न के रूप में पूरे विश्व में प्रचारित किया। इनकी डिमांड बढ़ी है। इसके पहले किसान 1200 रुपए में बाजरा बेचने पर मजबूर होता था। केन्द्र सरकार ने सरकारी खरीद के दाम बढ़ाए, लेकिन राज्य सरकार ने बाजरा,लहसुन आदि खरीदने के लिए चिट्ठी नहीं भेजी। किसानों को खोखला करने का काम करने वाले आज किसान हितैषी बन रहे हैं।

ये तुष्टीकरण की सरकार

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान की सरकार ने तुष्टीकरण का काम किया। एक तरफ मोदीजी के नेतृत्व में देश में राम मंदिर बन रहा है तो दूसरी ओर यह सरकार तुष्टीकरण में लगी हुई है। रामजी के दरबार को बुलडोजर से ढहाती है। शिवलिंग को जेसीबी से तोड़ती है। करौली में दंगे हुए। जांच से लेकर बेल तक में तुष्टीकरण किया। नतीजा भीलवाड़ा में दंगा हुआ, जोधपुर में दंगा हुआ। उर्दू को आगे बढ़ाने का काम किया। कन्हैयालाल की फरियाद पुलिस ने नहीं सुनी। उसका सरेआम सर तन से जुदा कर दिया गया।

केन्द्र की योजनाओं का नाम बदलकर चला रही

शेखावत ने कहा कि यह सरकार केन्द्र की योजनाओं के नाम बदल कर काम चला रही है। केन्द्र ने आयुष्मान भारत योजना शुरू की। इन्होंने चिरंजीवी योजना चलाई। इसमें दस लाख रुपए तक की सहायता देने की घोषणा की गई थी। उसमें से केवल 75 लोगों को पांच से दस लाख की सहायत मिली है। इसी प्रकार स्वास्थ्य के अधिकार का कानून लेकर आए। इस दौरान पूरी चिकित्सा व्यवस्था ठप हो गई।

आज भी लालटेन की रोशनी में पढ़ रहे बच्चे

शेखावत ने कहा कि केन्द्र ने राज्य के हर घर में बिजली देने के लिए दीनदयाल योजना और सौभाग्य योजना चलाई, लेकिन इस सरकार ने केन्द्र को लिखकर दे दिया कि सब घरों में बिजली आ गई। इस पर योजना बंद कर दी। बाद में मैंने इस योजना को फिर से छह माह के लिए चालू किया। 1300 करोड़ रुपए और दिए। दूसरी बार फिर चालू किया, लेकिन फिर भी सब घरों में बिजली नहीं दे पाए। गांव ढाणी में बच्चे आज भी लालटेन की रोशनी में पढ़ने को विवश हैं। जल जीवन मिशन में प्रदेश पूरे देश में सबसे पिछड़ा हुआ है।

इस हाथ से दे रही, उस हाथ से ले रही

शेखावत ने मुफ्त बिजली देने की योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पेट्रोल -डीजल पर टैक्स से सरकार जनता को लूट रही है। राजस्थान में पेट्रोल-डीजल सबसे ज्यादा महंगा है। पड़ोसी राज्यों की तुलना में डीजल आठ और पेट्रोल दस रुपए ज्यादा महंगा है। उस पैसे को चुराने का काम राज्य की सरकार करती है। यह राशि करीब 470 करोड़ प्रति माह होती है। इस प्रकार हर साल 5640 करेाड़ रुपए राज्य सरकार आपकी जेब से निकाल लेती है। 22,560 करोड़ रुपए चार साल में होते हैं। पेट्रोल-डीजल में ज्यादा राशि लेकर पहले तो महंगाई बढ़ाई और उसी पैसे से आपको महंगाई में राहत देने का नाम कर रहे हैं। 22 हजार करोड़ रुपए लेकर सौ करोड़ राहत के नाम पर वापस देगी सरकार। इस भुलावे में आपको नहीं आना है। शेखावत ने जनता का आह्वान किया कि इस बार आपको धोखा नहीं खाना है और इस सरकार को हमेशा के लिए भगाना है।

सोनिया गांधी के लिए अपशब्दों के इस्तेमाल पर मोदी, शाह, नड्डा मांगे माफी : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी तथा उसके प्रमुख नेताओं ने कहा है कि कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी विधायक बसंगौड़ा पाटिल यत्नाल ने पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए अपमानजक शब्दों का इस्तेमाल भाजपा नेतृत्व के इशारा पर किया है, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को इसके लिए गांधी से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भाजपा के नेता के बयान को उनकी क्षुद्रता करार दिया और कहा कि जिस स्तर की भाषा का इस्तेमाल उन्होंने सोनिया गांधी के लिए किया है वह निंदनीय है और भाजपा नेतृत्व को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर पेज पर इस शब्दावली की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कर्नाटक में भाजपा खात्मे की कगार पर है। ऐसे में उसके नेताओं की बौखलाहट बढ़ रही है। इस बौखलाहट में प्रधानमंत्री के इशारे पर भाजपा नेता ऊल जलूल बयान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री की शह पर कर्नाटक में उनके चहेते नेता बसंगौड़ा पाटिल यत्नाल ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष को ‘विष कन्या’ कहकर अपमानित करने की शर्मनाक हरकत की है।

कांग्रेस ने कहा सोनिया गांधी देश के लिए शहीद हुए प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी हैं और भाजपा के नेता तथा खुद मोदी ने पहले भी उनको लेकर बेहद घटिया और आपत्तिजनक टिप्पणी की है। एक शहीद प्रधानमंत्री की पत्नी के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग देश बर्दाश्त नहीं करेगा। मोदी और शाह के इशारों और बोम्मई के संरक्षण में जिस तरह की बातें सोनिया गांधी जी के बारे में कही गई हैं, उसका हिसाब कर्नाटक और देश की जनता करेगी।

पार्टी ने कहा ​कि हमारी मांग है कि मोदी, शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री बोम्मई सार्वजनिक तौर पर सोनिया गांधी से इसके लिए माफी मांगे। कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने कहा कि हर चुनाव में वे सोनिया गांधी का अपमान करने के लिए नई नई गालियां गढ़ते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन अत्यंत गरिमा और शालीनता के साथ व्यतीत किया है। भाजपा हमारे नेताओं के खिलाफ अपनी गंदी भाषा के साथ लगातार निचले स्तर पर गिरती जा रही है। मोदी जी, क्या आप इस शब्दावली का समर्थन करते हैं। यथा राजा तथा प्रजा।

केडी-द डेविल में काम करेंगी अभिनेत्री रेश्मा नानैया

मुंबई। दक्षिण भारतीय अभिनेत्री रेश्मा नानैया फिल्म केडी-द डेविल में ध्रुव सरजा के साथ नजर आएंगी। केडी द डेविल के निर्माताओं ने फिल्म की लीडिंग लेडी खुलासा कर दिया है।रेशमा नानैया रानी मचलक्ष्मी के रूप में ध्रुव सरजा के साथ नजर आएंगी।

अपने किरदार के बारे में बात करते हुए रेश्मा ने कहा कि रानी मच्छलक्ष्मी के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि वह लार्जर देन लाइफ पेर्सोना अनुसरण करती हैं। पोस्टर देखकर आप ये अनुमान लगा सकते हैं, वह बहुत ही बुद्धिमान है, वह तेज-तर्रार है, और उनकी भूमिका निभाना वास्तव में बहुत ही शानदार अनुभव रहा। यह किरदार बहुत ही चुनौतीपूर्ण लेकिन रोमांचकारी था। एक्शन प्रिंस ध्रुवा के साथ के साथ स्क्रीन साझा करने के लिए बेहद उत्साहित हूं।

1970 के दशक की बैंगलोर की घटनाओं पर आधारित पीरियड एक्शन एंटरटेनर, केडी – द डेविल में शिल्पा शेट्टी कुंद्रा, संजय दत्त और रविचंद्रन भी हैं। केविएन प्रोडक्शंस प्रस्तुतकर्ता प्रेम द्वारा निर्देशित केडी -द डेविल यह एक पैन-इंडिया फिल्म है जो मल्टीलिंगुअल तमिल, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम और हिंदी में रिलीज होगी।

बेहूदे बयानों के बावजूद देश को मोदी पर भरोसा : भाजपा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘जहरीला सांप’ बताए जाने को शर्मनाक बताते हुए आज कहा कि इतनी बेहूदा टिप्पणी के बावजूद देश की जनता को मोदी पर पूरा भरोसा है।

भाजपा के केन्द्रीय कार्यालय में जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता अजय आलोक को पार्टी की सदस्यता दिलाए जाने के बाद केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि कांग्रेस की घिनौनी संस्कृति और उसकी नकारात्मक मानसिकता खड़गे जी के शब्दों से स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होती है। किसी की भी इतनी बेहूदा और शर्मनाक टिप्पणी के बावजूद देश को मोदी जी पर पूरा भरोसा है। भारत के इतिहास में किसी नेता के पास इतना नैतिक शक्ति नहीं है जितना मोदी जी के पास है।

आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर की साजसज्जा के बारे में रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर श्री वैष्णव ने कहा कि देश को केजरीवाल ने धोखा दिया है। उन्होंने जो भी कहा, उसे पूरा नहीं किया। आज जनता सब जान गई है। उन्होंने कहा कि आज के नागरिकों की जो आकांक्षाएं हैं, उन्हें प्रधानमंत्री माेदी पूरा कर रहे हैं। नए विकास की सोच, नया विचार और एक नई मानसिकता लेकर आ रहे हैं।

इससे पहले वैष्णव ने जदयू नेता आलोक को सदस्यता पर्ची एवं गुलदस्ता देकर भाजपा में उनका स्वागत किया। आलोक ने कहा कि बिहार में जनता सकारात्मक परिवर्तन चाहती है और नीतीश कुमार ने खुद के बारे में जो प्रतिमान गढ़े थे, उन्हें वह स्वयं ध्वस्त कर रहे हैं। वह विरोधाभासों में घिर गए हैं और बिहार के लाेग अब उनसे निजात पाना चाहते हैं। वह मोदी को आशा से देख रहे हैं और बिहार को उत्तर प्रदेश की तर्ज पर विकसित होते देखना चाहते हैं।

प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर के खिलाफ आपराधिक मामला रद्द, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर बादल के खिलाफ उनकी पार्टी शिरोमणि अकाली दल के दोहरे संविधान बनाने से जुड़े धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले को शुक्रवार को रद्द कर उन्हें क्लीन चिट दे दी।

न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य अपराधों के कोई तत्व नहीं बने हैं। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में पंजाब के होशियारपुर में शिरोमणि अकाली दल के दोहरे गठन के विवाद में उनके खिलाफ दायर कथित जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में लंबित आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।

पीठ ने 11 अप्रैल को सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शीर्ष अदालत के समक्ष सुखबीर बादल, प्रकाश सिंह बादल और डॉ दलजीत सिंह चीमा ने याचिका दायर की थी। पांच बार पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और अकाली दल के संरक्षक रहे प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार को मोहाली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे।

होशियारपुर निवासी बलवंत सिंह खेड़ा ने 2009 में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि शिरोमणि अकाली दल को राजनीतिक दल के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए दो अलग-अलग संविधान यानी एक गुरुद्वारा चुनाव आयोग (जीईसी) के साथ और दूसरा भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के पास जमा करने का आरोप लगाया गया था।

खेड़ा ने आरोप लगाया गया था कि पार्टी ने एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी होने का दावा किया था। अपने संविधान में धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का पालन करने की घोषणा ईसीआई के समक्ष दायर की है, जबकि यह एक धार्मिक निकाय, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के लिए चुनाव लड़ती है। इस प्रकार यह एक धार्मिक पार्टी है।

याचिकाकर्ताओं (बादल) ने तर्क दिया कि धार्मिक होना धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के विपरीत नहीं है। यह केवल इसलिए कि एक राजनीतिक संगठन गुरुद्वारा समिति के लिए चुनाव लड़ रहा है, इसका मतलब यह नहीं है कि यह धर्मनिरपेक्ष नहीं है।

68वें फिल्मफेयर अवार्डस में राजकुमार राव और आलिया भट्ट ने मारी बाजी

मुंबई। 68वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में राजकुमार राव को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और आलिया भट्ट को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया है।

68वें फिल्‍मफेयर अवॉर्ड्स में राजकुमार राव को बधाई दो के लिये सर्वश्रेष्ठ अभिनेता जबकि आलिया भट्ट को फिल्म गंगूबाई काठ‍ियावाड़ी के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया। सलमान खान ने फिल्म फेयर अवार्ड शो को आयुष्मान खुराना और मनीष पॉल के साथ होस्ट किया। इस बार फिल्‍मफेयर अवॉर्ड में ‘गंगूबाई काठ‍ियावाड़ी’ और ‘बधाई दो’ का बोलबाला रहा।

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार संजय लीला भंसाली को फिल्म गंगूबाई काठ‍ियावाड़ी के लिये दिया गया। अनिल कपूर को जुगजुग जियो के लिये सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता और बेस्ट एक्टर सपोर्टिंग रोल (फीमेल), शीबा चड्ढा को (बधाई दो) के लिए मिला।

बेस्ट फिल्म (क्रिटिक्स) हर्षवर्धन कुलकर्णी को फिल्म (बधाई दो), बेस्ट एक्टर (क्रिटिक्स) संजय मिश्रा को फिल्म (वध),बेस्ट डायलॉग- प्रकाश कपाड़िया और उत्‍कर्षणी वश‍िष्‍ठ को फिल्म (गंगूबाई काठियावाड़ी),बेस्ट स्क्रीनप्ले- अक्षत घि‍ल्‍ड‍ियाल, सुमन अधिकारी और हर्षवर्धन कुलकर्णी को फिल्म (बधाई दो), बेस्ट स्टोरी- अक्षत घि‍ल्‍ड‍ियाल और सुमन अधिकारी को (बधाई दो) के लिए दिया गया।

प्रेम चोपड़ा को फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। बेस्ट म्यूजिक एल्बम- ब्रह्मास्त्र पार्ट वन (प्रीतम), बेस्ट लिरिक्स- अमिताभ भट्टाचार्या, केसरिया सॉन्‍ग (ब्रह्मास्त्र), बेस्ट प्लेबैक सिंगर (मेल)- अरिजीत सिंह (केसरिया सॉन्‍ग, ब्रह्मास्त्र), बेस्ट प्लेबैक सिंगर (फीमेल)- कविता सेठ (रंग सारी सॉन्‍ग, जुगजुग जियो),बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर- संच‍ित बलहारा और अंकित बलहारा (गंगूबाई काठियावाड़ी),बेस्ट सिनेमेटोग्राफी- सुदीप चटर्जी (गंगूबाई काठियावाड़ी)बेस्ट एक्शन- परवेज शेख (विक्रम वेधा),बेस्ट कोरियोग्राफी- क्रुति महेश (ढोलिदा, गंगूबाई काठियावाड़ी), बेस्ट डेब्यू (मेल)- अंकुश गेडम (झुंड),बेस्ट डेब्यू (फीमेल)- एंड्र‍िया केविचुसा (अनेक) बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर- जसपाल सिंह संधू और राजीव बर्नवाल (वध) के लिए दिया गया।