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अय्याशी और नौकरी के लालच में प्रेमी संग मिलकर कर दी पति की हत्या

बांदा। उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के अतर्रा क्षेत्र में हिंदू इंटर कॉलेज के लिपिक की हत्या के आरोप में पुलिस ने गुरूवार को मृतक की पत्नी को उसके दो कथित प्रेमी साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि अतर्रा कस्बा स्थित हिंदू इंटर कॉलेज के लिपिक प्रदीप उर्फ रामू चौरिहा की पत्नी ज्योति की दोस्ती फेसबुक के माध्यम से बांदा नगर के शुकुल कुआं निवासी संजय सिंह से कुछ दिन पूर्व हुई थी।

वे दोनों जनवरी व मार्च में एक दूसरे से दो बार मिले थे। मृतक की पत्नी की पति से अनबन रहती थी। वह खुल कर जीना चाहती थी। संपत्ति और पति की मृत्यु के बाद नौकरी पाने की लालसा में पत्नी ने अपने साथी संजय और राघवेंद्र के साथ उसकी हत्या की योजना बनाई थी।

उन्होंने बताया कि संजय और उसका साथी पैलानी थाना क्षेत्र के रसड़ा गांव निवासी राघवेंद्र घटना के कुछ दिन पूर्व अतर्रा आए ।घटना के पूर्व पत्नी ज्योति ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर डीवीआर गायब कर दिया और अभियुक्त को पिछले दरवाजे से घर के अंदर बुला लिया।

17/18 अप्रैल की रात्रि तीनों ने लिपिक रामू चौरिहा की घर में ही सोते समय गला रेत कर हत्या कर दी और योजना के अनुसार पुलिस को भ्रमित करने के लिए मृतक की पत्नी को कमरे में बंद कर दोनों युवक प्रेमी फरार हो गए।

घटना की सूचना पर पुलिस अधिकारियों ने दल बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। विस्तृत छानबीन कर घटना के अनावरण के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई तथा सर्विलांस की मदद से गुरुवार को घटना का अनावरण करते हुए मृतक की पत्नी व उसके दो प्रेमी साथियों को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से सिम कार्ड, तीन मोबाइल और आला कत्ल चाकू तथा मृतक के खून लगे आरोपी के कपड़े आदि बरामद कर घटना का अनावरण किया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी संजय सिंह बांदा नगर कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2021 में एक किशोरी के साथ हुई कुकर्म की घटना का वांछित आरोपी भी है।

छतरपुर : बंधक बनाकर एक माह से अधिक समय तक युवती के साथ गैंगरेप

छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में एक युवती का अपहरण कर उसे एक माह से अधिक समय तक बंधक बनाने, सामूहिक दुष्कर्म करने और अन्य अत्याचार के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आज यहां प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार 22 वर्षीय युवती मूल रूप से उत्तरप्रदेश के हरदोई जिले के सिब्बापुरवा-सधई-बेहटा गांव की निवासी है। इस मामले में छतरपुर जिले में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक समेत नौ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से दो आरोपी अज्ञात हैं। आरोपियों में से तीन ने युवती के साथ एक माह से अधिक समय के दौरान दुष्कर्म कर अनेक तरह की यातनाएं दीं। संजय तिवारी, महेंद्र तिवारी, बृजकिशोर तिवारी, मनीष, शिवदयाल, महेश, संगीता और दो अन्य के खिलाफ युवती की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। लगभग सभी आरोपी टीकमगढ़ जिले के खरौ निवासी बताए गए हैं।

सूत्रों ने कहा कि युवती बेहोशी की हालत में उत्तरप्रदेश के महोबा जिले में कल मिली थी। उसे वहां की पुलिस उत्तरप्रदेश की सीमा से सटे छतरपुर जिले के नौगांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाई। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया। युवती को होश आने पर इस मामले में आज यहां महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

सूत्रों ने प्राथमिकी में दर्ज शिकायत के हवाले से कहा कि युवती पिछले माह 17 मार्च को छतरपुर महिला थाने में उसके द्वारा दर्ज कराए गए एक आपराधिक मामले के सिलसिले में छतरपुर आई थी। वह 18 मार्च को रात्रि में लगभग नौ बजे छतरपुर में स्टेशन के बाहर फोन पर बात कर रही थी, तभी अजय तिवारी नाम का व्यक्ति आया और उसका फोन छीन लिया।

उसके साथ संजय तिवारी और अन्य लोग भी थे और इसके बाद उसे कार में बिठाकर ले गए। उसे इस दौरान अलग अलग स्थानों पर रखा गया और उसके साथ अत्याचार करते हुए दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने युवती को एक माह से अधिक समय बाद 26 अप्रैल को सुनसान इलाके में फेंक दिया। सूचना मिलने पर महोबा पुलिस सक्रिय हुई और युवती को कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंची।

इस सनसनीखेज घटना का आज खुलासा होने के बाद छतरपुर जिला पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी और इससे शीघ्र ही जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। युवती अब भी बदहवास सी स्थिति में चिकित्सकों की देखरेख में है। बताया गया है कि आरोपियों में छतरपुर जिला पुलिस में पदस्थ एक आरक्षक भी शामिल हैं। इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

समलैंगिकों के सामाजिक लाभ की सुविधा पर केंद्र 3 मई तक अपनी प्रतिक्रिया दे : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र से ऐसे उपाय बताने को कहा, जिससे समलैंगिक जोड़ों की शादी को मान्यता दिए बगैर उनके लिए संयुक्त बैंक खाते या बीमा पॉलिसियों में भागीदार को नामित करने जैसे बुनियादी सामाजिक लाभ की व्यवस्था हो सके।

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की संविधान पीठ ने मौखिक रूप से केंद्र सरकार की इस दलील पर सहमति जताई कि समान-लिंग विवाह के लिए कानूनी मंजूरी संसद का अधिकार क्षेत्र है।

पीठ का यह रुख केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील के बाद सामने आया कि अगर ऐसे (समलैंगिक) जोड़ों को कानूनी मान्यता देने की दलील स्वीकार की जाती है, तो हो सकता है उनमें से कोई भी पक्ष अपने साथ व्यभिचार के खिलाफ अदालत में यह कहते हुए आए कि यदि दो वयस्कों ने यौन संबंध बनाने का फैसला किया है तो राज्य को हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

संविधान पीठ ने मेहता से कहा कि एक बार जब आप कहते हैं कि शारीरिक संबंध का अधिकार एक मौलिक अधिकार है तो यह समझें कि राज्य का दायित्व है कि शारीरिक संबंध के सभी सामाजिक प्रभाव को कानूनी मान्यता प्राप्त है।

पीठ ने कहा कि बैंकिंग, बीमा, प्रवेश आदि जैसी सामाजिक आवश्यकताएं होंगी, जहां केंद्र को कुछ करना होगा। शीर्ष अदालत ने सामाजिक लाभों पर अपनी प्रतिक्रिया तीन मई तक अदालत के समक्ष रखने को कहा।

पीठ ने केंद्र से यह भी जानना चाहा कि सुरक्षा और सामाजिक कल्याण की भावना कैसे पैदा की जाती है और यह भी कि कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है कि ऐसे (समलैंगिक) संबंध समाज में बहिष्कृत न हों।

इससे पहले मेहता ने अदालत से एक ऐसी स्थिति की कल्पना करने के लिए कहा, जिसमें पांच साल के बाद कोई व्यक्ति कह सकता है कि वह उन व्यक्तियों के प्रति आकर्षित है, जिनका उल्लेख निषिद्ध संबंध से है। मेहता ने पीठ के समक्ष कहा कि अनाचार दुनिया में असामान्य नहीं है और यह हर जगह प्रतिबंधित है।

मेहता ने दलील देते हुए कहा कि यदि विशेष विवाह अधिनियम के तहत समान लिंग विवाह की अनुमति है तो व्यक्तिगत कानूनों का समाधान नहीं किया जा सकता है।

RSS प्रमुख ने नागपुर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के दूसरे चरण का उद्घाटन किया

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में गुरुवार को राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) के दूसरे चरण का उद्घाटन किया। भागवत ने 710 बिस्तरों वाले संस्थान का उद्घाटन करते हुए इस परियोजना को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व, उनकी टीम और स्वयंसेवकों की प्रशंसा की।

भागवत ने कहा कि जब संघ कार्यकर्ता इतना अच्छा काम करते हैं तो गर्व महसूस होता है। यह संघ परिवार के टीम वर्क का सबसे अच्छे उदाहरणों में से एक है। संघ हमेशा ही अच्छा काम करता है जहां मानवीय कार्य किसी भी अन्य बातों से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है।

भागवत ने यह भी कहा कि रोगियों का इलाज सस्ता होना चाहिए और जो भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें मुफ्त इलाज प्रदान करना चाहिए और जिनके पास क्षमता है, उन्हें संस्थान की मदद करने के लिए आगे बढ़कर आना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इलाज की लागत को कम करने के लिए अन्य उपायों के माध्यम से भी कोशिश की जानी चाहिए।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह केवल एक अस्पताल नहीं है बल्कि स्वास्थ्य का एक मंदिर है और ऐसे कई स्वास्थ्य मंदिरों की राज्य में आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर रोगियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण, मुंबई का टाटा कैंसर संस्थान रोगियों से भरा हुआ है और उनके लिए सभी लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करना संभव नहीं है। हालांकि, यह संस्थान विदर्भ और उसके आसपास के इलाकों के रोगियों को सबसे अच्छा इलाज प्रदान करेगा।

शिंदे ने यह भी कहा कि टाटा कैंसर संस्थान और ठाणे नगर निगम की सहायता से ठाणे में इसी प्रकार का एक कैंसर संस्थान बनाया जा रहा है। इस अवसर पर देश के प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम अडानी, केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

भीलवाड़ा में बेटे ने गर्दन काटकर की मां की हत्या

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा में उप नगर पुर में आज एक महिला की उसी के बेटे ने गर्दन काटकर हत्या कर दी। आरोपित को पुलिस ने डिटेन कर लेने की जानकारी मिली है। वहीं हत्या की दिनदहाड़े हुई इस वारदात से विश्नौई मोहल्ले के साथ ही पुर कस्बे में दहशत फैल गई।

पुलिस ने मकान को सुरक्षित रखवाते हुए एफएसएल टीम को मौके पर बुलवाया है। डीएसपी रामचंद्र चौधरी ने बताया कि पुर कस्बे के विश्नौई मोहल्ले में रहने वाली मंजू विश्नौई 40 की उसी के घर में बेटे ने धारदार हथियार से गला काट दिया। इससे महिला की मौत मौके पर ही हो गई। वारदात की सूचना आस-पास के लोगों को मिली तो वहां भीड़ जुट गई।

सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और वारदात स्थल को सुरक्षित करवाते हुए एफएसएल टीम को बुलवाया है। वहीं दूसरी और पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपित बेटे को डिटेन कर लिया गया।

आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत

भीलवाड़ा जिले के गंगापुर थाना क्षेत्र के पोटला के निकट सांवलिया जी मंदिर रोड पर आकाशीय बिजली गिरने के कारण युवक की मौके पर मौत हो गई।

थाना प्रभारी नारायण सिंह ने बताया कि दीपक 25 पिता रोशन लाल माली निवासी खुटिया रायपुर हाल निवासी कारोई अपनी मोटरसाइकिल से सांवलिया जी मंदिर रोड पोटला जा रहा था। अचानक आकाशीय बिजली गिरने के कारण युवक की मौके पर मौत हो गई।

बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुले, साक्षी बने हजारों श्रद्धालू

देहरादून/बद्रीनाथ। श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट गुरुवार को सुबह 7:10 बजे शुभ मुहूर्त पर ब्रहम बेला में पूरे वैदिक मंत्रोचारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्वालुओं के लिए खुल गए। इस मौके पर पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट के अवसर पर हजारों संख्या में श्रद्वालु मौजूद रहे। सुबह चार बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई।

कुबेर जी, श्री उद्वव जी एवं गाडू घडा दक्षिण द्वार से मंदिर में परिसर में लाया गया। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी रावल समेत धर्माधिकारी, हकहकूधारी एवं श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रशासन एवं हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट खोले गए।

मुख्य पुजारी वीसी ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने गर्भगृह में भगवान बद्रीनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हुए सबके लिए मंगलमय की कामना की। पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। इसके साथ ही ग्रीष्मकाल के लिए बद्रीनाथ के दर्शन शुरू हो गए है। कपाटोद्घाटन के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को 15 कुंतल फूलों से सजाया गया।

हल्की बर्फबारी तथा बारिश के बीच सेना की टुकडी ने बैण्ड की मधुर धुन तथा स्थानीय महिलाओं के पारम्परिक संगीत तथा नृत्य के साथ भगवान बद्रीनाथ की स्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों के अनुरूप बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर तीर्थ यात्रियों के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालू गदगद हो उठे। कपाट खुलने के एक दिन पूर्व से ही बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ में अखण्ड ज्योति एवं भगवान श्री बद्रीनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।

बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भू-बैकुण्ठ धाम के आसपास तप्तकुण्ड, नारद कुण्ड, शेष नेत्र झील, नीलकण्ठ शिखर, उर्वशी मन्दिर, ब्रह्म कपाल, माता मूर्ति मन्दिर तथा देश के प्रथम गांव माणा, भीमपुल, वसुधारा जल प्रपात एवं अन्य ऐतिहासिक व दार्शनिक स्थलों पर भी श्रद्वालुओं एवं पर्यटकों की भीड जुटने लगी है।

विगत वर्षो में लाखों श्रद्धालू बद्रीनाथ की यात्रा कर चुके हैं। पिछले आंकडो पर नजर डाले तो वर्ष 2016 में 654355, वर्ष 2017 में 920466 तथा वर्ष 2018 में 1048051, वर्ष 2019 में 1244993 तथा वर्ष 2020 में 155055 श्रद्वालु बद्रीनाथ पहुंचे। वर्ष 2021 में कोरोना संकट के कारण 197997 श्रद्धालू ही बदीनाथ पहुंचे, जबकि कोरोना महामारी पर नियंत्रण के बाद विगत वर्ष 2022 में 1763549 श्रद्धालू बद्रीनाथ धाम पहुंचे। इस बार शुरूआत में ही रिकार्ड पंजीकरण के साथ बडी संख्या में श्रद्धालू बदरीनाथ पहुंच रहे हैं।

अजमेर-दिल्ली केंट वंदेभारत एक्सप्रेस में लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या

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अजमेर। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षित व तेज संचालन के लिए हाल ही में प्रारंभ की गई अजमेर-दिल्ली केंट वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। 13 अप्रैल से नियमित सेवा शुरू होने के पश्चात से अब तक एग्जीक्यूटिव क्लास और चेयर कार दोनों ही श्रेणी में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विवेक रावत के अनुसार अजमेर-दिल्ली केंट वंदे भारत एक्सप्रेस में जहां एग्जीक्यूटिव कार में 13 अप्रैल को कुल 159 सीटों में से 59 सीट यात्रियों को आवंटित हुई थी वहीं 24 अप्रैल को यह बढ़कर 94 हो गई है।

इसी प्रकार चेयर कार श्रेणी में जहां 13 अप्रैल को कुल 1593 में से 510 सीट आवंटित हुई थी वहीं 24 अप्रैल को यह संख्या बढ़कर 1038 हो गई है। इस प्रकार कुल सीटों की बात करें तो दिनांक 13 को कुल 1762 सीटों में से 559 सीटें आवंटित हुई थी जबकि दिनांक 24 अप्रैल को यह बढ़कर 1132 हो गई है।

बुधवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन चलने वाली यह ट्रेन रेलवे आय बढ़ाने के मामले में भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है। जहां नियमित संचालन के प्रथम दिन 13 अप्रैल को कुल आय 4,88,753 रुपए प्राप्त हुई थी वही दिनांक 24 अप्रैल को यह आंकड़ा बढ़कर 10,12,617 रुपए हो गया। बर्थ आवंटन प्रतिशत की बात करें तो जहां संचालन के प्रथम दिन 13 अप्रैल को बर्थ आवंटन 32.47 प्रतिशत था वहीं दिनांक 24 अप्रैल को यह बढ़कर 64.66 प्रतिशत हो गया है।

उल्लेखनीय है कि दिनांक 12 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन का शुभारंभ किया था। यह ट्रेन कई सुविधाओं से लैस है। तेज रफ्तार इसकी विशेषता है और यह पहली सेमी हाई स्पीड ‘मेक इन इंडिया’ ट्रेन है।| पहली स्वदेशी सुरक्षित कवच प्रणाली के अनुकूल है।

अजमेर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस हाई राइज ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन पर दुनिया की पहली सेमी हाई स्पीड पैसेंजर ट्रेन है। यह ट्रेन पुष्कर, अजमेर शरीफ दरगाह आदि सहित राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी में भी सहायक सिद्ध हुई है।

वंदे भारत सहित ट्रेनों की गति लगातार बढ़ाए जाने के कारण अनाधिकृत रूप से ट्रैक पार करना अब और भी अधिक खतरनाक हो गया है। अतः आमजन से और पशुपालकों से अपील है कि वे स्वयं ट्रेक से दूर रहें और अपने मवेशियों को भी ट्रैक के पास में आने दें। रेलवे ट्रैक सदैव ओवर ब्रिज या खुले रेल फाटक से ही पार करें।

अजमेर के तोपदड़ा स्कूल के खेल मैदान का जीर्णोद्धार करने की मांग

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अजमेर। नगर परिषद के पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को कलक्टर अंशदीप को ज्ञापन सौंपकर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्वालय तोपदड़ा के बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और खो-खो खेल मैदान का जीर्णोद्धार करने की मांग की।

उन्होंने ज्ञापन में बताया कि स्कूल के मैदान को एक एलिवेटेड फर्म द्वारा उपयोग में लिया गया था, इस दौरान मैदान को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। मैदान में टूट फूट होने से स्टूडेंट्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शेखावत ने बताया कि फर्म द्वारा निर्मित एलिवेटेड ब्रिज के कार्य लगभग पूरा हो चुका है, इसलिए स्कूल के मैदान का स्थान खाली हो जाएगा। प्रारंभ से अंत तक, स्कूल के छात्रों को कई वर्षों तक मैदान का उपयोग नहीं करने दिया गया था, जिससे उनका खेल कौशल अवरुद्ध रहा है। शेखावत ने बताया कि फर्म द्वारा निर्मित ब्रिज के कार्य के बाद स्कूल के मैदान का जीर्णोद्धार होगा।

पाली के तखतगढ़ में महंगाई राहत शिविर का निरीक्षण

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तखतगढ़(पाली)। जिला परिषद सदस्य एवं पूर्व प्रधान हरिशंकर मेवाड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महंगाई से त्रस्त जनता को राहत प्रदान करने के लिए 10 महत्वाकांक्षी योजनाए लांच की है, जिसका प्रदेश की जनता को सीधा फायदा मिल रहा है। गुरूवार को वे नगरपालिका क्षेत्र मे चल रहे महंगाई राहत शिविर को संबोधित कर रहे थे।

शिविर में सुमेरपुर क्रय विक्रय समिति के अध्यक्ष करणसिंह मेड़तिया ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है प्रदेश की जनता खुशहाल रहे। उसके लिए राज्य सरकार हमेशा तत्पर है। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं पार्षद अंबादेवी रावल, नगर कमेटी तखतगढ़ के पूर्वअध्यक्ष भंवर मीना, पार्षद विक्रम खटीक, सुरज वाल्मीकि, पूर्व पार्षद कानाराम प्रजापत, कांग्रेसी नेता रामचंद्र जीनगर सहित नगरवासी उपस्थित रहे।

पालिका अधिशाषी अधिकारी मदनलाल तेजी ने अतिथियों का पुष्पहार एवं साफा पहनाकर बहुमान किया। इससे पहले पूर्व प्रधान मेवाडा ने नगरवासियों की भारी भीड़ की उपस्थिति देखकर खुशी ज़ाहिर की साथ ही पालिका प्रशासन द्वारा की व्यवस्थाओं की सराहना कर अधिशाषी अधिकारी की पीठ थपथपाई।

पावटा सहकारी समिति कार्यालय पर आकाशीय बिजली गिरी

समीपवर्ती पावटा गांव के ग्राम सेवा सहकारी समिति कार्यालय पर बुधवार दोपहर को बदले मौसम के मिजाज के कारण तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी। इस घटनाक्रम से कोई भी हताहत नहीं हुआ। सिर्फ बिजली मीटर एवं सौलर प्लेट को नुकसान पहुंचा है।

गुरूवार सुबह जब जीएसएस के व्यवस्थापक मौके पर पहुंचे। तब बिजली का मीटर जला हुआ दिखा साथ ही पेड़ की टहनियां टूटी दिखीं। छत पर लगे सौलर प्लेटों को भी नुकसान पहुंचा है।

मौसम में बदलाव के बीच गर्जना एवं धमाके के कारण लोग भी सहमे हुए दिखे। मीटर जलने को लेकर डिस्कॉम के अधिकारियों को अवगत करवाया। मीटर जलने से कंप्यूटर भी बंद रहे। गुरूवार को दिनभर कोई भी कार्य नहीं हो पाया।

न्यारा में शतचंडी महायज्ञ व श्रीमभागवत कथा ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति

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नसीराबाद/बाघसूरी। नसीराबाद के समीपवर्ती न्यारा गांव के पहाड़ी स्थित कालिका माता मंदिर प्रांगण पर चल रहे सात दिवसीय 51 कुंडीय शतचंडी महायज्ञ व श्रीमभागवत कथा ज्ञान यज्ञ की गुरुवार को पूर्णाहुति हुई। पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण कर यज्ञ वेदी पर बैठे यजमानों से आहुतियां दिलवाई। शतचंडी महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में पूर्णाहुति के साथ ही सात दिवसीय श्रीमभागवत कथा ज्ञान यज्ञ व शतचंडी महायज्ञ संपन्न हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में महाआरती की गई।

इस मौके पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि मनुष्य को गौमाता की सेवा करनी चाहिए। गोवंश से ही संस्कृति व मानव जीवन बचा हुआ है। गोरक्षा ही सबसे बड़ी रक्षा होती है। गौमाता से ही विश्व कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल व गोवंश की सेवा आदि के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। सरपंच संघ अध्यक्ष नांदला सरपंच मानसिंह रावत ने कहा कि हमारी संस्कृति धर्म की बुनियाद पर टिकी हुई है। ऐसे धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।

महंत बालकदास गिरी ने कहा कि यज्ञ में आहुतियां देने से वायुमंडल के साथ आत्मा की भी शुद्धि होती है। मनुष्य को अपने जीवन में धर्म कर्म करते रहना चाहिए। धर्म सभा को नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, पूर्व विधायक महेंद्र सिंह गुर्जर, रामनारायण गुर्जर, न्यारा सरपंच मुकेश कुमार गुर्जर, अजमेर डेयरी चेयरमेन रामचंद्र चौधरी ने भी संबोधित किया।

इससे पहले महायज्ञ समिति सदस्यों की ओर से अतिथियों का माल्यार्पण कर साफा बांधकर अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं की ओर से अध्यक्ष राठौड़ व महंत बालकदास गिरी को 51 किलो फूलों की माला पहनाई गई।

महायज्ञ समिति संयोजक राजकुमार कटारिया व रामकरण गुर्जर ने बताया कि महायज्ञ के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम न्यारा सहित आसपास क्षेत्र के गांवों के सैकड़ों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।