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खान ब्यूरो के अधिकारी के पहुंचते ही खनन लीज धारकों में हड़कंप

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नसीराबाद/बाघसूरी। नसीराबाद के समीपवर्ती बाघसूरी गांव के देवरी माता चारागाह भूमि पर गत दिनों लीज धारक हिंगलाज सिंह चारण की ओर से काटे गए कथित हरे वृक्षों व अन्यत्र खनन का मलबा डालकर चारागाह भूमि पर कब्जा करने की शिकायत मिलने के बाद खनन ब्यूरो की टीम शुक्रवार को औचक निरीक्षण पहुंची।

हाल ही में कलक्टर व नसीराबाद उपखंड अधिकारी को इस संबंध में ग्रामीणों ने ज्ञापन और शिकायत सौंपी थी। जिला प्रशासन की ओर से खनन ब्यूरो की टीम के आते ही लीज धारकों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई होने के डर के चलते वे मौके से नदारद हो गए।

अजमेर खान ब्यूरो के अधिकारी राजेंद्र चौधरी ने चारागाह भूमि पर काटे गए हरे दरख्तों आदि का जांच की तथा इसके बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पंहुचकर ग्रामीणों व शिष्टमंडल के सदस्यों से रूबरू हुए। प्रथम दृष्ट्या चारागाह भूमि पर लीज धारक की कथित मनमानी व लापरवाही सामने आई है। चारागाह भूमि पर कई हरे वृक्ष काटे गए पाएं गए।

लीज धारक हिंगलाज सिंह चारण की लीज शुदा भूमि पर कोई बोर्ड, पट्टी, घूमटियां आदि मौके पर नहीं पाएं गए। खान का मलबा अन्यत्र फैला हुआ पाया गया तथा खनन की साइडें व कार्यालय बंद पाया गया। चारागाह भूमि के आसपास वृक्षारोपण कार्य नहीं किया जाना पाया गया।

खान ब्यूरो अधिकारी चौधरी ने बताया कि लीज धारक की जांच रिपोर्ट खनन ब्यूरो के आलाधिकारियों को सौंपी जाएगी। लीजधारक जांच में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर सुरेश चन्द शर्मा, गोरधनलाल गुर्जर, आशू गुर्जर, वार्ड पंच राजेंद्र कुमार कांसोटिया, रामेश्वर लाल जाट, मस्तान काठात आदि मौजूद रहे।

जम्मूतवी-उदयपुर सिटी-जम्मूतवी गरीब रथ साप्ताहिक स्पेशल का रहेगा ये रूट

अजमेर। जम्मूतवी-उदयपुर सिटी-जम्मूतवी गरीब रथ साप्ताहिक स्पेशल (10 ट्रिप) रेलसेवा का संचालन वाया लुधियाना, हिसार, अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा चलेगी। त्यौहारी मौसम में अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए जम्मूतवी-उदयपुर सिटी-जम्मूतवी गरीब रथ साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा का संचालन किया जा रहा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार गाडी संख्या 04656, जम्मूतवी-उदयपुर सिटी गरीब रथ साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा दिनांक 27 अप्रेल से 29 जून तक (10 ट्रिप) जम्मूतवी से प्रत्येक गुरूवार को 5.45 बजे रवाना होकर जयपुर स्टेशन पर 23.00 बजे आगमन व 23.10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन शुक्रवार को 07.30 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाडी संख्या 04655, उदयपुर सिटी-जम्मूतवी गरीब रथ साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा दिनांक 28 अप्रेल से 30 जून तक (10 ट्रिप) उदयपुर सिटी से प्रत्येक शुक्रवार को 14.20 बजे रवाना होकर जयपुर स्टेशन पर 21.35 बजे आगमन व 21.45 प्रस्थान कर अगले दिन शनिवार को 15.10 बजे जम्मूतवी पहुंचेगी। यह रेलसेवा मार्ग में पठानकोट कैंट, जालन्धर कैंट, लुधियाना, धुरी, झाखल, हिसार, भिवानी, रेवाड़ी, अलवर, बांदीकुई, जयपुर, किशनगढ, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, भीलवाड़ा, चंदेरिया व मावली स्टेशनों पर ठहराव करेगी।

अनुरक्षण कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित

उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा अजमेर-मदार एवं मदार-लाडपुरा रेलखण्डों के मध्य अनुरक्षण कार्य के कारण ट्रेफिक ब्लॉक लिया जा रहा है। इस ब्लॉक के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। उत्तर पश्चिमरेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार उपरोक्त कार्य के कारण निम्न रेलसेवाएं रद्द रहेगी—

1.गाडी संख्या 09607, अजमेर-पुष्कर रेलसेवा दिनांक 22.04.23 से 21.05.23 तक रद्द रहेगी।
2.गाडी संख्या 09608, पुष्कर-अजमेर रेलसेवा दिनांक 22.04.23 से 21.05.23 तक रद्द रहेगी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने को तरसे माली समाज के कांग्रेसी नेता

अजमेर। चंद्रवरदाई स्टेडियम में दो दिवसीय मेगा जॉब फ़ेयर में शिरकत करने आए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने की आस लिए पहुंचे माली समाज के कांग्रेस नेता और प्रतिनिधि शुक्रवार को अपनी बारी आने का इंतजार करते रह गए। मुख्यमंत्री के आगमन से लेकर उनके उडन खटोले की रवानगी तक उनकी गुहार ना तो प्रशासनिक अधिकारियों ने सुनी और ना ही पार्टी के आलानेताओं ने उन्हें तव्वजों दी।

इतनी किरकिरी होने के बाद रोष के स्वर फूट पडे। राजस्थान प्रदेश माली सैनी महासभा रजि के युवा प्रदेश अध्यक्ष नवीन कछावा ने अजमेर शहर कांग्रेस कमेटी के निर्वतमान ज़िलाध्यक्ष विजय जैन पर सामाजिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए इसके लिए जिम्मेदार बताया।

उन्होंने अपनी ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा है कि मेगा जॉब फ़ेयर में मुख्यमंत्री गहलोत की अजमेर यात्रा के दौरान हेलीपेड़ पर उनका स्वागत करने वालों की एक लिस्ट विजय जैन के लेटर हेड पर प्रशासन को जारी की गई थी। इस लिस्ट में माली समाज से जुडाव रखने वाले एक भी नेता, पदाधिकारी अथवा प्रतिनिधि का नाम शामिल नहीं था। ऐसे में माली समाज को जानबूझकर दरकिनार किया गया।

दीगर बात यह है कि कांग्रेस से माली समाज के कई पार्षद, शहर कांग्रेस महासचिव, सचिव, पूर्व युवा कोंग्रेस अध्यक्ष एवं युवा कांग्रेस प्रदेश पदाधिकारी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, अकादमी व आयोग के सदस्य पद पर नियुक्त हैं।

कछावा ने आरोप लगाया कि माली समाज के कांग्रेसी पदाधिकारियों की अनदेखी करना अत्यधिक निंदनीय है। माली समाज के मनोनीत पार्षद  ताराचंद गहलोत, अजमेर शहर कांग्रेस के पूर्व महासचिव महेश चौहान, प्रदेश माली महासभा युवा अध्यक्ष नवीन कच्छावा, हेमराज सिसोदिया, हेमराज खारोलिया, मनोनीत पार्षद सुनीता चौहान, भूपेन्द्र चौहान, हनिश मारोठिया आदि मौके पर मौजूद होने के बावजूद मुख्यमंत्री का स्वागत करने को तरस गए।

माली समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का चन्द्रवरदाई नगर में बनाए गए अस्थायी हेलीपेड पर माली समाज के कांग्रेस नेता महेश चौहान ने मोती की माला पहनाई तथा माली समाज को प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौपा।

महेश चौहान ने बताया कि पिछले 50 वर्षाें के इतिहास में माली सैनी समाज को अजमेर संभाग में विधानसभा की 29 सीटों पर माली समाज के एक भी व्यक्ति को कांग्रेस पार्टी ने न तो चुनाव में प्रत्याशी बनाया और ना ही कभी जिलाध्यक्ष। इतना ही नहीं बल्कि किसी बोर्ड, निगम आदि के चेयरमेन बनने का अवसर भी नहीं दिया गया। जबकि अजमेर संभाग में माली सैनी समाज के मतदाताओं की निर्णायक भूमिका में रही है।

उधर विपक्षी दल ने माली सैनी समाज को विधानसभा प्रत्याशी बनाया, नगर निगम, नगर पालिका, विभिन्न बोर्ड आदि में मुखिया बनने का अवसर दिया। परिणामतः माली सैनी समाज का झुकाव विपक्षी दल की ओर अधिक रहता है। अजमेर में ही माली सैनी समाज के ऐसे कई कांग्रेस समर्थित लोग हैं जिन्होंने पूरा जीवन पार्टी की सेवा में लगा दिया। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें भी कभी प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान नहीं किया जिससे माली समाज में कांग्रेस के प्रति मोह कम होता जा रहा है।

ज्ञापन में यह मांग की गई कि अजमेर संभाग में विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण के दौरान में माली समाज को तवज्जों दी जाए, जिलाध्यक्ष, बोर्ड, निगम, अजमेर विकास प्राधिकरण का चेयरमेन बनाया जाए ताकि माली समाज में कांग्रेस की विश्वसनीयता बढे।

अशोक गहलोत ने मेगा जॉब फेयर में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

न्यारा गांव में भागवत कथा और 51 कुंडीय यज्ञ का श्रीगणेश

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अजमेर। नसीराबाद के समीपवर्ती न्यारा गांव में शुक्रवार से सात दिवसीय भागवत कथा का श्रीगणेश हुआ। संत बालक दासजी के साथ देने में शुरू हुआ। इस दौरान 51 कुंडीय यज्ञ भागवत कथा के साथ संपन्न होगा।

शतचंडी यज्ञ शुरू होने से पहले गांव के प्रमुख मार्गों से 501 कलशों समेत यात्रा निकाली गई। यह कलश यात्रा गढ के सामने से होती हुई डीजे और ढोल धमाकों की गूंज के साथ डूंगरी वाली माता जी के स्थान पर यज्ञशाला स्थल पहुंची। कलश यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण एवं महिलाएं शामिल थे। कथा शुरू होने से पूर्व गांव के वरिष्ठ नागरिकों, किशनगढ़ से आए भक्तों ने संत बालक दासजी को तलवार भेंट की।

देराठू सरपंच वीरेंद्र सिंह, गांव के सरपंच मुकेश गुर्जर, रामदेव, राजू गुर्जर, नांदला सरपंच मानसिंह, सुरेश चौधरी, भूपेंद्र सिंह, अजयदीप सिंह, घटियावली, सावर, पीसांगन बाघसुरी, बनेवड़ा, बुबानिया, धोला दाता, जड़वासा गांव के युवा, बुजूर्ग, बच्चे, महिलाएं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

अशोक गहलोत ने मेगा जॉब फेयर में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

अजमेर/जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के सृजन में राजस्थान अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। राज्य सरकार द्वारा लगभग डेढ़ लाख सरकारी नौकरियां दी जा चुकी है, लगभग इतनी ही प्रक्रियाधीन है। साथ ही, एक लाख नई सरकारी भर्तियों की घोषणा बजट में की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी युवाओं को वृहत स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश भर में मेगा जॉब फेयर आयोजित किए जा रहे हैं।

गहलोत शुक्रवार को अजमेर में आयोजित मेगा जॉब फेयर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी आबादी युवाओं की है एवं इनको रोजगार देना सरकारों की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए। गहलोत ने कहा कि राजस्थान के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है एवं इनको रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश भर में 100 मेगा जॉब फेयर आयोजित करने की घोषणा बजट में की गई है।

उन्होंने कहा कि मेगा जॉब फेयर तभी कामयाब होंगे जब बड़े उद्योग और निवेशक प्रदेश में आएंगे। राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं से निवेश हेतु प्रदेश में उपयुक्त माहौल तैयार हुआ है एवं बड़ी संख्या में निवेशक प्रदेश की ओर आकर्षित हुए हैं।

महंगाई राहत शिविरों से मिलेगा योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए 24 अप्रैल से प्रदेश भर में महंगाई राहत शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों के माध्यम से आमजन को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे महंगाई राहत शिविरों में राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेने हेतु पंजीकरण करवाएं। साथ ही उन्होंने इन कैंपों में सोशल वर्क करने का भी लोगों से आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन 2030 के तहत राजस्थान को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाना राज्य सरकार का ध्येय है। शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्य सरकार के लिए मुख्य प्राथमिकताएं है। पिछले 5 वर्ष में प्रदेश में 303 नए महाविद्यालय खोले गए हैं। इनमें 130 बालिका महाविद्यालय भी शामिल है। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत 30,000 विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग का प्रावधान किया गया है।

वहीं, राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना के अंतर्गत 500 युवाओं को विदेश में निःशुल्क पढ़ाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार के तहत आठवीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान है जबकि राजस्थान में बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई का खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है।

गहलोत ने कहा कि राज्य में बजट का 7 फ़ीसदी हिस्सा स्वास्थ्य पर खर्च किया जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य के लिए 22 हजार करोड रुपए का बजट रखा गया है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा, सूचना एवं शिक्षा के अधिकार की तर्ज पर प्रदेश में राइट टू हेल्थ लागू किया गया है, जो प्रत्येक व्यक्ति को उपचार की गारंटी देता है। ऐसा करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। उन्होने कहा कि आगामी दिनों में 150 करोड़ रुपए की लागत से राजीव गांधी ग्रामीण और शहरी ओलंपिक खेलों के आयोजन किया जाएगा। इससे प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नौकरी पाने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी की। इस दौरान मेगा जॉब फेयर के माध्यम से बड़े पैकेज पाने वाले युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में प्रतिष्ठित कंपनियों व कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के बीच मुख्यमंत्री की उपस्थिति में एमओयू हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्ट्रीट वेंडर महिलाओं को 50-50 हजार राशि के चेक भी प्रदान किए।

कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता राज्यमंत्री अशोक चांदना ने कहा कि शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी देश में बड़ी समस्या है। प्रदेश में युवाओं को मेगा जॉब फेयर के आयोजन से राहत मिल रही है। अजमेर मेगा जॉब फेयर से पहले आयोजित 5 मेगा जॉब फेयर से करीब 21,000 युवाओं को नियुक्ति मिली है। राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में सर्वाधिक नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से रोजगार के अवसर बड़े स्तर पर खुलेंगे।

कार्यक्रम में जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष पुखराज पाराशर, कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के शासन सचिव पीसी किशन एवं आरएसएलडीसी की प्रबंध निदेशक रेणु जयपाल सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

अक्षय तृतीया का महत्व एवं उसे मनाने का शास्त्रीय आधार

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सबगुरु न्यूज। अक्षय तृतीया साढ़े तीन मुहूर्तो में से एक पूर्ण मुहूर्त अक्षय तृतीया का होता है । उस दिन तिल तर्पण करना, उदकुंभ दान करना, मृत्तिका पूजन करना और दान देने का बहुत महत्व होता है। अक्षय तृतीया के पीछे का अध्यात्म शास्त्र सनातन संस्था के द्वारा संकलित इस लेख के माध्यम से समझ कर लेते हैं।

अक्षय तृतीया त्रेता युग का प्रारंभदिन है। इस तिथी को हय ग्रीव अवतार, नर-नारायण प्रकटिकरण और परशुराम अवतार हुआ। इस तिथी को ब्रह्मा और विष्णु इनकी एकत्रित लहरिया उच्च देवताओं के लोक से पृथ्वी पर आती हैं। इस कारण पृथ्वी की सात्विकता 10% बढ़ जाती है। इस काल महिमा के अनुसार इस तिथि को पवित्र स्नान, दान आदि धार्मिक कृतियां करने से आध्यात्मिक लाभ होता है। इस तिथि को देव और पितरों को उद्देश्य कर जो कर्म किए जाते हैं वे सब अक्षय होते हैं।

महत्व

अस्यां तिथौ क्षयमुपैति हुतं न दत्तं
तेनाक्षयेति कथिता मुनिभिस्तृतीया ।
उद्दिश्य दैवतपितृन्क्रियते मनुष्यै:
तच्चाक्षयं भवति भारत सर्वमेव ।। – मदनरत्न

अर्थ : (श्रीकृष्ण कहते हैं) हे युधिष्ठिर इस तिथि को किया हुआ दान और हवन का क्षय नहीं होता है, इसीलिए मुनि ने अक्षय तृतीया ऐसा कहा है। देव और पितर इनको उद्देश्य कर इस तिथि में जो कर्म किए जाते हैं, वे सबअक्षय होते हैं। साढ़े तीन मुहूर्तो में से एक मुहूर्त माने जाने वाला यह एक मुहूर्त है। इसी दिन से त्रेतायुग का प्रारंभ हुआ। इस दिन से एक कलहकाल का अंत और दूसरे सत्य युग का प्रारंभ, ऐसी संधि होने के कारण अक्षय तृतीया के संपूर्ण दिन को मुहूर्त कहते हैं। मुहूर्त केवल एक क्षण का हो तो भी संधि काल के कारण उसका परिणाम 24 घंटे रहता है इसीलिए यह दिन संपूर्ण दिन शुभ माना जाता है, इसीलिए अक्षय तृतीया इस दिन को साढे तीन मुहूर्त में से एक मुहूर्त माना जाता है।

धार्मिक कृतियों का अधिक लाभ होना

इस तिथि को की गई विष्णु पूजा, जप, होम, हवन, दान आदि धार्मिक कृतियों का अधिक आध्यात्मिक लाभ होता है ऐसा माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन समृद्धि प्रदान करने वाले देवताओं के प्रति कृतज्ञता का भाव रखकर उपासना की जाए तो उन देवताओं की कृपा दृष्टि कभी भी क्षय नहीं होती ऐसा माना जाता है। श्री विष्णु जी के साथ वैभव लक्ष्मी की प्रतिमा का कृतज्ञता भाव रखकर भक्ति भाव से पूजा करनी चाहिए। होम हवन और जप करने में समय व्यतीत करना चाहिए।

अक्षय तृतीया यह त्यौहार मनाने की पद्धति

काल चक्र का प्रारंभिक दिन भारतीयों को हमेशा ही पवित्र लगता है, इसीलिए इस तिथि को स्नान आदि धर्म कृत बताएं गए हैं। इस दिन की विधि इस प्रकार है -पवित्र जल में स्नान, श्री विष्णु की पूजा, जप, होम, दान और पितृ तर्पण इस दिन अपिंडक श्राद्ध करना चाहिए यदि वह संभव ना हो तो कम से कम तिल तर्पण करना चाहिए।

ऊदक कुंभ का दान : इस दिन देव और पितरों को उद्देश्य कर ब्राह्मण को उदक कुंभ का दान करना चाहिए।

महत्व : उदक कुंभ को ‘सर्वसमावेशक ऐसा निर्गुण पात्र ‘संबोधित किया जाता है।

उद्देश्य : उदक कुंभ का दान करना अर्थात स्वयं कि सभी प्रकार के देहो के द्वारा स्थूल में वासना संबंधी जो कर्म होते हैं उसी प्रकार सूक्ष्म रूप से कुंभ के जल को पवित्र मानकर उस में विसर्जित करना और इस प्रकार स्वयं के द्वारा देह से विरहित कर्म से शुद्ध होकर उसके पश्चात उदक कुंभ के द्वारा सभी प्रकार की वासना पितर और देव इनके चरणों में ब्राह्मण को साक्षी मानकर अर्पण की जाती है। पितरों के चरणों में उदक कुंभ दान देने से पितर मानव योनि से संबंधित अपनी स्थूल वासनाओं को समाप्त करते हैं। देवताओं का कृपा आशीर्वाद यह अपने प्रारब्ध के द्वारा उत्पन्न सूक्ष्म कर्मों के पापों को नष्ट करता है सूक्ष्म कर्म से उत्पन्न वासना देवताओं के चरणों में अर्पण की जाती हैं।

उदककुंभ दान का मंत्र : ब्राह्मण को उदक कुंभ का दान देते समय यह मंत्र उच्चारित करना चाहिए

एष धर्म घटो दत्तो ब्रह्मविष्णुशिवात्मक:।
अस्य प्रदानात् तृप्यन्तु पितरोअपि पितामहा:।।
गन्धोदकतिलैमिश्रं सान्नं कुम्भं फलान्वितम्।
पितृभ्य: सम्प्रदास्यामि अक्षय्यमुपतिष्ठतु। – धर्म सिन्धु

अर्थ : ब्रह्मा, विष्णु और शिव जिसमें समाहित हैं ऐसा धर्मघट मैंने ब्राह्मण को दान किया है। इस दान से मेरे पिता और देवता तृप्त होवे। गंध, उदक, तिल और फल इससे युक्त कुंभ में पितरों के लिए दे रहा हूं। यह कुंभ मेरे लिए सदा अक्षय रहे।

शास्त्र : अक्षय तृतीया, इस दिन ब्रह्मांड में अखंड रूप से तथा एक समान गतिशीलता दर्शाने वाली सत्व-रज लहरियों का प्रभाव अधिक मात्रा में होने से इन लहरियों के प्रवाहयोग से पितर एवं देव इनके लिए ब्राह्मण को किया गया दान पुण्यदायी एवं पिछले जन्म के लेनदेन के हिसाब को कर्म-अकर्म करने वाला होता है। कभी भी क्षय न होने वाली लहरियों के प्रभाव की सहायता से किया गया दान महत्वपूर्ण होता है।

तिल तर्पण करना : तिल तर्पण अर्थात देवता एवं पूर्वज इनको तिल एवं जल अर्पित करना। तिल यह सात्विकता का प्रतीक है तथा जल शुद्ध भाव का प्रतीक है। भगवान के पास सब कुछ है, अतः हम उन्हें क्या अर्पण करेंगे, उसी प्रकार मैं भगवान को कुछ अर्पण कर रहा हूं, यह अहंकार ना हो इसलिए तिल अर्पण करते समय भगवान ही मुझसे सब कुछ करवा ले रहे हैं ऐसा भाव रखना चाहिए। इससे तिल तर्पण करते समय साधक का अहंकार नहीं बढता, उसका भाव बढ़ने में सहायता होती है तिल तर्पण अर्थात देवता को तिल के रूप में कृतज्ञता एवं शरणागति का भाव अर्पित करना है।

तिल तर्पण किसे करना चाहिए?

देवता : सर्वप्रथम देवताओं का आवाहन करना चाहिए। तांबे अथवा किसी भी सात्विक धातु की थाली हाथ में लेनी चाहिए ब्रह्मा अथवा श्री विष्णु इनका अथवा उनके एकत्रित स्वरूप अर्थात भगवान दत्त का स्मरण करके, उन्हें उस थाली में आने का आवाहन करना चाहिए। तत्पश्चात देवता सूक्ष्म रूप में यहां आए हैं ऐसा भाव रखना चाहिए। तत्पश्चात उनके चरणों पर तिल अर्पित कर रहा हूं ऐसा भाव रखना चाहिए। परिणाम: प्रथम सूक्ष्म रूप से आए देवताओं के चरणों पर तिल अर्पण करने से तिल में देवताओं की ओर से प्रक्षेपित होने वाली सात्विकता अधिक मात्रा में ग्रहण होती है एवं जल अर्पण करने से अर्पण करने वाले का भाव जागृत होता है। भाव जागृत होने के कारण देवताओं की ओर से प्रक्षेपित सात्विकता तिल तर्पण करने वाले को अधिक मात्रा में ग्रहण करना संभव होता है।

पूर्वज : अक्षय तृतीया को पूर्वज पृथ्वी के निकट आने के कारण मानव को अधिक तकलीफ होने की संभावना होती है। मानव पर जो पूर्वजों का ऋण है उसको उतारने के लिए मानव ने प्रयत्न करना चाहिए, यह ईश्वर को अपेक्षित है। इसलिए अक्षय तृतीया को पूर्वजों को सद्गति मिलने के लिए तिल तर्पण करना चाहिए।

पद्धति: पूर्वजों को तिल अर्पण करने से पूर्व, तिलों में श्री विष्णु एवं ब्रह्मा इनके तत्व आने के लिए देवताओं से प्रार्थना करनी चाहिए। तत्पश्चात पूर्वज सूक्ष्म रूप में आए हैं एवं हम उनके चरणों पर तिल एवं जल अर्पित कर रहे हैं ऐसा भाव रखना चाहिए। तत्पश्चात 2 मिनट बाद देवताओं के तत्वों से भरी हुई तिल एवं अक्षता पूर्वजों को अर्पित करनी चाहिए। सात्विक बने हुए तिल हाथ में लेकर उसके ऊपर से थाली में धीरे-धीरे पानी छोड़ना चाहिए, उस समय दत्त, ब्रह्मा अथवा श्री विष्णु इनसे पूर्वजों को सद्गति देने हेतु प्रार्थना करनी चाहिए।

परिणाम: तिलों में सात्विकता ग्रहण करके रज,तम नष्ट करने की क्षमता अधिक है, साधक के भाव अनुसार तिल तर्पण करते समय सूक्ष्म रूप से थाली में आए हुए पूर्वजों के प्रतीकात्मक सूक्ष्म देह पर से काले आवरण दूर होकर उनके सूक्ष्म देह की सात्विकता बढती है एवं उन्हें अगले लोक में जाने के लिए आवश्यक ऊर्जा प्राप्त होती है।

अक्षय तृतीया के दिन दान का महत्व

अक्षय तृतीया के दिन किये हुए दान का कभी क्षय नहीं होता, इसलिए इस दिन किए गए दान से बहुत पुण्य मिलता है। बहुत पुण्य मिलने से जीव के द्वारा पूर्व में किए गए पाप कम होते हैं और उसका पुण्य संचय बढ़ता है। किसी जीव का पूर्व कर्म अच्छे होने पर उसका पुण्य संचय बढता है, इससे जीव को स्वर्ग प्राप्ति हो सकती है, परंतु साधकों को पुण्य प्राप्त करके स्वर्ग प्राप्ति नहीं करनी होती उन्हें तो ईश्वर प्राप्ति करनी होती है। इसलिए साधकों ने सुपात्र को दान करना आवश्यक होता है। यहां सत पात्र दान अर्थात (जहां अध्यात्म प्रसार के साथ राष्ट्र एवं धर्म इनके लिए कार्य किया जाता है ऐसे सब कार्यों में दान करना) सतपात्रे दान करने से दान करने वाले को पुण्य प्राप्ति नहीं होगी बल्कि दान का कर्म अकर्म होगा और उससे साधक की आध्यात्मिक उन्नति होगी, आध्यात्मिक उन्नति होने से साधक स्वर्ग लोक में ना जाकर उच्च लोक में जाएगा।

धन का दान

ऊपर किए गए उल्लेख के अनुसार सतपात्रे दान संत, धार्मिक कार्य करने वाले व्यक्ति, धर्म प्रसार करने वाली आध्यात्मिक संस्था आदि को वस्तु या धन के रूप में दान करना चाहिए।

तन का दान

धर्म विषयक उपक्रमों में सहभागी होना यह तन का दान है। इस हेतु देवताओं की विडंबना, धार्मिक उत्सवों में होने वाले अप प्रकार आदि रोकना चाहिए।

मन का दान

कुल देवता का नामजप करना उसे प्रार्थना करना इसके द्वारा मन अर्पण (दान) करना चाहिए।

मृत्तिका पूजन

हमेशा कृपा दृष्टि रखने वाली मृत्तिका अर्थात मिट्टी के द्वारा ही हमें धान्यलक्ष्मी, धनलक्ष्मी एवं वैभव लक्ष्मी इन की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया का दिन कृतज्ञता भाव रखकर मृत्तिका अर्थात मिट्टी की उपासना करनी चाहिए।

मिट्टी मे मेढ़ बनाना एवं बुवाई 

संवत्सररम्भ के शुभ मुहूर्त पर जोती हुई खेत की जमीन में अक्षय तृतीया तक तैयार की हुई मिट्टी (जोती हुई जमीन को साफ करके खाद मिश्रित जमीन को ऊपर नीचे करना) के प्रति कृतज्ञता का भाव रखकर पूजन करना चाहिए। तत्पश्चात पूजन की हुई जमीन में क्यारियां बनानी चाहिए एवं उनमें बीजों की बुवाई करनी चाहिए। अक्षय तृतीया के मुहूर्त पर बीजों की बुवाई प्रारंभ करने से उन बीजों से विपुल अन्न उपजता है एवं बीजों की कभी भी कमी नहीं होती। उससे वैभव प्राप्त होता है। बीज अर्थात खेती से प्राप्त धान्य अपनी आवश्यकतानुसार अलग रखकर बचा हुआ धान्य स्वयं के लिए एवं दूसरों के लिए अगली बुवाई के लिए बचा कर रखना चाहिए।

वृक्षारोपण : अक्षय तृतीया इस शुभ मुहूर्त पर क्यारियां बनाकर लगाए गए फलों के वृक्ष बहुत फल देते हैं। उसी तरह आयुर्वेद में बताई हुई औषधि वनस्पति भी अक्षय तृतीया के मुहूर्त पर लगाने से इन वनस्पतियों का क्षय नहीं होता अर्थात औषधि वनस्पतियों की कमी नहीं होती।

हल्दी कुंकुम: स्त्रियों के लिए अक्षय तृतीया का दिन महत्वपूर्ण होता है। चैत्र में स्थापित की गई चैत्र गौरी का विसर्जन उन्हें इस दिन करना होता है। इसलिए वे हल्दी कुमकुम भी करती हैं।

संदर्भ : सनातन निर्मित ग्रंथ त्यौहार, धार्मिक उत्सव, एवं व्रत

स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘क्रिकेट लाइव’ में नजर आएंगी प्रियंका चोपड़ा

मुंबई। वैश्विक आइकन प्रियंका चोपड़ा और गोल्डन ग्लोब नामांकित रिचर्ड मैडेन स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट लाइव में नजर आएंगे। दोनों सितारे स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘क्रिकेट लाइव’ में अपनी आगामी ग्लोबल ओरिजिनल सीरीज सिटाडेल को प्रमोट करने के लिए मौजूद रहेंगे।

सिटाडेल के मुख्य कलाकारों और स्टार स्पोर्ट्स के टैलेंट इरफ़ान पठान और टॉम मूडी के बीच की बातचीत दर्शकों को लुभाएगी। देश भर में प्रशंसक 21, 22 और 23 अप्रैल को आईपीएल 2023 के मैचों की अगुवाई में विशेष सेगमेंट देख सकते हैं और 28 अप्रैल को विशेष रूप से प्राइम वीडियो पर ग्राउंड-ब्रेकिंग ग्लोबल सीरीज़, सिटाडल देख सकते हैं।

इस सेगमेंट से यह भी पता चलता है कि पहली आईपीएल नीलामी में विराट कोहली के बाजार मूल्य का पता लगाने के लिए प्रियंका चोपड़ा कितनी हैरान हैं। 2008 में विराट कोहली को आरसीबी ने सिर्फ 30 हजार अमरीकी डालर में खरीदा था।

प्रशंसकों को इस रोमांचक सहयोग की एक झलक प्रदान करने के लिए, स्टार स्पोर्ट्स ने पर्दे के पीछे का एक रोमांचक वीडियो जारी किया है, जिसमें मुख्य कलाकार प्रियंका चोपड़ा जोनास और रिचर्ड मैडेन के साथ-साथ स्टार स्पोर्ट्स की प्रतिभाएं हैं।

साकेत कोर्ट के बाहर गोलीबारी, मौके से फरार हुआ आरोपी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के दक्षिणी दिल्ली इलाके में साकेत कोर्ट नंबर-3 के बाहर शुक्रवार सुबह गोलीबारी हुई। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया है। गोलीबारी में एक महिला घायल हो गई है।

इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिना किसी का नाम लिए साकेत कोर्ट परिसर में गोलीबारी की घटना के बाद राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति की आलोचना की।

केजरीवाल ने राजधानी में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति की आलोचना करते हुए ट्वीट किया कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है। दूसरों के काम में बाधा डालने और हर बात पर ओछी राजनीति करने के बजाय सभी को अपने काम पर ध्यान देना चाहिए और अगर वह प्रबंध नहीं करते हैं, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि कोई और इसे कर सके।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वकील के वेश में आए एक व्यक्ति ने आज सुबह करीब साढ़े दस बजे चार गोली चलाई और वह कैंटीन के रास्ते फरार हो गया। इस घटना में एक महिला को तीन गोलियां लगीं। उसे तुरंत मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उन्होंने बताया कि आज साकेत कोर्ट में सुनवाई होनी थी, जिसमें पीड़िता और उसका वकील आए हुए थे। इसी दौरान हमलावर ने गोलीबारी कर दी। घटना में महिला को दो गोलियां पेट में और एक हाथ में लगी।

पुलिस ने बताया कि गोलीबारी करने वाले शख्स की पहचान कर ली गई है। आरोपी ने पीड़िता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया हुआ था।

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है, जो इस मामले से जुड़े हर स्थिति पर निगरानी बनाए रखेे हुए हैं। फिलहाल, कोर्ट परिसर में स्थिति सामान्य है।

ऐसा क्या गलत किया कि जानकारी देने में इतना घबरा रही है सिरोही पुलिस!

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सिरोही जिले की रेवदर तहसील के पामेरा गांव में नाबालिग बच्ची के लापता होने के बाद धरने को सम्बोधित करते भाजयुमो जिलाध्यक्ष गोपाल माली।

सिरोही। बीती रात से ही सोशल मीडिया पर एक ख़बर चल रही है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष गोपाल माली पर अनादरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। लेकिन, इस एफआईआर को जिस तरह से रेवदर डीएसपी, अनादरा थाना अधिकारी, अनादरा थाना, सिरोही पुलिस कंट्रोल रूम छिपाने में लगा है उससे वे ये जताने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने कुछ गलत किया है। एक एफआईआर पर पूरे पुलिस सिस्टम का एक तरह का व्यवहार ये बता रहा है कि इस प्रकरण में वे ‘मैं चुप रहूंगा’ की नीति फोलो कर रहे हैं।

रेवदर ने करवाई है। डीएसपी रेवदर इस पर अनभिज्ञता जता रहे हैं। अनादरा थाना कह रहा है कि इसके बारे में थानाधिकारी बताएंगे और थानाधिकारी कल रात को बोल रहे थे कि सुबह बताएंगे, सुबह कोर्ट में हैं। पुलिस कंट्रोल रूम जहां पर जिले भर की एफआईआर एकत्रित की जाती है। वहां रात 12 बजे ये बताया गया कि ये एफआईआर सुबह की रिपोर्ट में आएगी। सुबह ये बोले की एसपी ऑफिस भेज दी है।

वैसे पुलिस के छिपाने के बाद भी सोशल मिडिया पर जो ख़बर

सोशल मीडिया पर वायरल समाचार के अनुसार ये एफआईआर डीएसपी ने दर्ज करवाई है। रेवदर थाने में करवाई है। डीएसपी ने करवाई है ये सही है। लेकिन, ये रेवदर नहीं अनादरा थाने में दर्ज हुई है।

मामला यूं है कि भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने 9 अप्रेल को अनादरा थाना क्षेत्र में पुलिस थाने की खाल उधेड़ने का बयान दिया था। सिरोही पुलिस ने इस बयान के आधार पर गोपाल माली के खिलाफ 6 धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार अनादरा थाना क्षेत्र में 9 अप्रेल को एक धरना दिया था। उस क्षेत्र की नाबालिग बच्ची के लापता होने के मामले में दिए गए इस धरने में भाजयुमो के जिलाध्यक्ष गोपाल माली ने भाषण दिया था। इसमें उन्होंने बच्ची के कई दिनों से नहीं मिलने पर रोष जताते हुए कह दिया था कि पूरे थाने की खाल उधेड़ दूंगा।

धरने में दिए गए उनके भाषण को उन्हीं के किसी सहयोगी या धरनार्थी ने सोशल मीडिया कर वायरल कर दिया। इस धरने में गोपाल माली ने रेवदर पुलिस उपाधीक्षक को मुखातिब करने के बाद पूरे पुलिस थाने की खाल उधेड़ने की बात कही थी। ये भाषण जबरदस्त वायरल हुआ। अब 10 दिन बाद इस प्रकरण में रेवदर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।

क्योंकि इस क्षेत्र के डीएसपी को भी उस धरने के दौरान चेतावनी से मुखातिब किया था, इसलिए उन्होने ही ये प्रकरण दर्ज करवाया है। इसमें गोपाल माली पर 6 धाराएं लगाई गई हैं। इनमें धारा आईपीसी 353 किसी लोक सेवक या पब्लिक सर्वेंट को उसकी ड्यूटी करने से रोकने के उद्देश्य से उस पर आपराधिक बल का प्रयोग करना या इसी उद्देश्य से उस पर हमला से जुड़ी है।

आईपीसी 332 किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्यों को करने से रोकने के लिए, स्वैच्छिक नुकसान या चोट पहुंचाने से जुड़ी है। आईपीसी 186 लोक सेवक को सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालने से जुड़ी है। आईपीसी 189 लोक सेवक को क्षति की धमकी देने से जुड़ी है। वहीं आईपीसी 504 शांति भंग करने के इरादे से अपमानित करने और आईपीसी 509 किसी महिला का शाब्दिक अपमान से जुड़ी है।

पाली : तखतगढ़ बांध स्थित चामुंडा माता के दो दिवसीय मेले का आगाज

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तखतगढ़ (पाली)। तखतगढ़ बांध स्थित चामुंडा माता के दो दिवसीय मेले का ढालोप धूनी के गादीपति पीर बालकदास महाराज के समैये से शुभारंभ हुआ। कस्बे के नागचौक पर कलश से स्वागत कर संतों को मामाजी गली स्थित बाबा रामदेव मंदिर के लिए रवाना हुए, जहां से भक्तराज ललित परिहार के निवास से चामुंडा माता मंदिर तखतगढ़ बांध स्थित मंदिर तक भव्य रथ के साथ वरघोड़ा रवाना हुआ।

मंदिर परिसर मे आज शाम भजन संध्या का आयोजन होगा। भजन संध्या में कलाकार रमेश माली, कन्हैयालाल, शंभू राणा, मनीष परिहार, गोपीकिशन सादड़ी, नृत्य कलाकार धनेश प्रजापत, पायल आबू रोड सहित अन्य कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। अजय सुदामा ग्रुप दिल्ली एवं राजस्थानी गेर आकर्षण का केन्द्र रहेंगे।

मेले को लेकर मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। दानाराम आदाराम परमार परिवार के सौजन्य से शुक्रवार शाम व 22 अप्रेल को महाप्रसादी का आयोजन रखा गया है। चामुंडा माता मित्र मंडल की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय भजन संध्या एवं मेले को लेकर भक्तराज हीराराम देवासी एवं कोटवाल सांकलाराम परमार सहित अन्य लाभार्थी परिवार तैयारियों मे जुटे हुए हैं।

ढालोप धूनी के गादीपति पीर बालकदास महाराज, भक्तराज मुकेश लुकड़ा, भंवरलाल परिहार, सुरेश मकवाना कांतिलाल हीरागर, सांकलाराम देवासी, वीसाराम प्रजापत, सादलाराम देवासी, जगदीश रावल सहित अन्य भक्तराज का सान्निध्य रहेगा। कस्बे के नागचोक से दो किमी. दूर बांध स्थित मंदिर मार्ग को भी रोशनी से सजाया है। दो दिवसीय इस भजन संध्या एवं मेले को लेकर नगर सहित आस पास के गांवों में आमत्रण से सूचना दी है। मेले को लेकर जालोर जिले के कई भक्तराज शिरकत करेंगे।