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शराब घोटाला पूरी तरह से फर्जी और गंदी राजनीति से प्रेरित : केजरीवाल

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शराब घोटाला पूरी तरह से फर्जी और गंदी राजनीति से प्रेरित है और इसलिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पास कोई सबूत नहीं है।

केजरीवाल सीबीआई मुख्यालय में करीब 9 घंटे तक पूछताछ के बाद वापस आकर अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने सीबीआई अधिकारियों को अच्छे व्यवहार के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि पूरा मामला पूरी तरह से झूठा और फर्जी है। यह सिर्फ गंदी राजनीति से प्रेरित है। सीबीआई के पास कोई सबूत नहीं है। आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार पार्टी है। हम मर- मिट जाएंगे, लेकिन अपनी ईमानदारी से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि आप पूरे देश में तेजी से फैल रही है। हमारी दिल्ली और पंजाब में सरकार है और अब राष्ट्रीय पार्टी भी बन गई है। इसलिए ये लोग हमें बदनाम कर आप को खत्म करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि आप बहुत तेजी से पूरे देश में फैल रही है। पहले दिल्ली में सरकार बनीं, फिर पंजाब में सरकार बनीं, अब आम आदमी पार्टी नेशनल पार्टी बन गई है। आप जगह-जगह जा रही है और लोगों की उम्मीदों पर खरी उतर रही है। ये लोग आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन अब यह नहीं हो सकता, क्योंकि पूरे देश की जनता हमारे साथ है।

केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई ने उनसे सबकुछ पूछा। मसलन, शराब नीति कहां से शुरू हुई, कैसे हुई और वहां से लेकर पूरा अंत तक सभी सवाल पूछे। साल 2020 से लेकर अभी तक जो कुछ भी हुआ है, उस सब के ऊपर लगभग 56 सवाल पूछे गए। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है यह पूरा केस फर्जी है।

आम आदमी पार्टी और हमारी सरकार ने कुछ गलत किया है, यह कहने के लिए इनके पास जरा भी सबूत या साक्ष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के लोग आवाज उठा रहे थे, शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, फिर भी उनको गिरफ्तार किया गया। यह बिलकुल गलत है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हमारा अधिकार है, वे लोग किसी के साथ कुछ गलत नहीं कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल विधानसभा में सदन की कार्रवाई जरूर होगी। अगर उपराज्यपाल कह रहे हैं कि ये गलत है तो उनको बताना चाहिए कि किस नियम के आधार पर यह गलत है। जब मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पास किया तो इसमें एलजी से पूछने की कोई जरूरत ही नहीं है।

IPL 2023 : सैमसन-हेटमायर ने राजस्थान रॉयल्स को दिलाई रोमांचक जीत

अहमदाबाद। कप्तान संजू सैमसन (32 गेंद, 60 रन) और शिमरन हेटमायर (26 गेंद, नाबाद 56 रन) के आतिशी अर्द्धशतकों की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने रविवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के रोमांचकारी मुकाबले में गुजरात टाइटन्स को तीन विकेट से शिकस्त दी। गुजरात ने पहले बल्लेबाजी रॉयल्स के सामने 178 रन का लक्ष्य रखा, जिसे रॉयल्स ने चार गेंद रहते हुए हासिल कर लिया।

कप्तान सैमसन ने 32 गेंद पर तीन चौके और छह छक्के लगाकर 61 रन बनाए, हालांकि उनके आउट होने के बाद भी रॉयल्स को पांच ओवर में 64 रन की दरकार थी। हेटमायर ने यहां से 26 गेंद पर 56 रन की पारी खेलकर गलाकाट प्रतियोगिता में रॉयल्स की जीत सुनिश्चित की।

इस सांस रोक देने वाले मुकाबले के अंतिम दो ओवरों में रॉयल्स को 23 रन की ज़रूरत थी। मोहम्मद शमी ने 19वें ओवर में 16 रन दिए, लेकिन ध्रुव जुरेल और रविचंद्रन अश्विन के महत्वपूर्ण विकेट भी निकाले। रॉयल्स को आखिरी ओवर में सात रन की जरूरत थी और हार्दिक पांड्या ने हेटमायर को रोकने के लिए गेंद नवागंतुक स्पिनर नूर अहमद को दी। हेटमायर को हालांकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ा और उन्होंने ओवर की दूसरी गेंद पर विजयी छक्का जड़ दिया।
रॉयल्स पांच मैचों में चार जीत और एक हार के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है, जबकि गुजरात तीन जीत और दो हार के साथ तीसरे स्थान पर है।

राजस्थान को 178 रन के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मज़बूत शुरुआत की ज़रूरत थी लेकिन उसके दोनों सलामी बल्लेबाज़ चार रन के अंदर आउट हो गए। यशस्वी जायसवाल एक रन बनाकर हार्दिक पांड्या का शिकार हो गये, जबकि मोहम्मद शमी ने जॉस बटलर को शून्य रन पर आउट कर दिया।

रॉयल्स पावरप्ले में 26 रन ही बना सकी, जिसके बाद सैमसन और देवदत्त पडिक्कल ने बड़े लक्ष्य तक पहुंचने के लिये जोखिम उठाना शुरू किया। सैमसन ने सातवें ओवर में अल्ज़ारी जोसेफ़ को छक्का जड़ा, जबकि पडिक्कल ने चौका लगाकर उनका साथ निभाया।

पडिक्कल (25 गेंद, 26 रन) और रियान पराग (सात गेंद, पांच रन) के विकेट गिरने पर भी सैमसन का प्रहार जारी रहा। उन्होंने 13वें ओवर में राशिद खान को तीन छक्के जड़कर रॉयल्स की जीत की उम्मीदों को बरकरार रखा।

सैमसन ने 29 गेंद में अर्द्धशतक पूरा करते हुए हेटमायर के साथ 59 रन की बहुमूल्य साझेदारी की। सैमसन अपनी बेबाक बल्लेबाजी से रॉयल्स को जीत की ओर ले जा रहे थे लेकिन गुजरात के लिये पदार्पण कर रहे नूर ने उन्हें 15वें ओवर में पवेलियन लौटा दिया।

सैमसन का विकेट गिरते ही हेटमायर ने आक्रामक बल्लेबाजी की जिम्मेदारी उठा ली। ध्रुव जुरेल (10 गेंद, 18 रन) ने उनका भरपूर साथ निभाया और दोनों के बीच छठे विकेट के लिये 47 रन की साझेदारी हुई।

रॉयल्स को जब 12 गेंद में 23 रन की जरूरत थी। जुरेल ने 19वें ओवर की पहली गेंद पर छक्का जड़ा, लेकिन अगली गेंद पर वह आउट हो गये। अश्विन ने क्रीज पर आते ही एक चौका और एक छक्का लगाया, लेकिन तीसरी गेंद पर वह भी पवेलियन लौट गए।

रॉयल्स जब आखिरी ओवर में सात रन से दूर थी तब हेटमायर ने धैर्य का प्रदर्शन करते हुए पहली गेंद पर दो रन चुराए और अगली गेंद पर छक्का जड़कर रॉयल्स को जीत दिला दी। यह अब तक के चार आईपीएल मैचों में रॉयल्स की गुजरात पर पहली जीत है।

इससे पूर्व, रॉयल्स ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और ट्रेंट बोल्ट ने पहले ओवर में ऋद्धिमान साहा को अपनी चित-परिचित स्विंग गेंदबाजी का शिकार बनाया। साई सुदर्शन पावरप्ले में 19 गेंद खेलने के बाद 20 रन पर रनआउट हो गए, हालांकि शुभमन गिल और हार्दिक पांड्या ने गुजरात की पारी को संभाल लिया। गिल ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में दो चौके जड़े और गुजरात ने इस तरह पावरप्ले में 42 रन जोड़े।

पांड्या ने रनगति बढ़ाते हुए सातवें ओवर में ऐडम ज़ैम्पा को एक छक्का और एक चौका जड़ा। दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच तीसरे विकेट के लिए 59 रन की साझेदारी हुई जिसे युज़वेंद्र चहल ने पांड्या (19 गेंद, तीन चौके, एक छक्का, 28 रन) को आउट करके तोड़ा।

पांड्या का विकेट गिरने के बाद स्पिनरों ने गुजरात के बल्लेबाजों के हाथ बांध दिये। रॉयल्स ने डेविड मिलर को तीन और छह रन के स्कोर पर जीवनदान दिया, जिसका हर्जाना उन्हें भुगतना पड़ा। शुभमन गिल अपना अर्द्धशतक पूरा नहीं कर सके और 34 गेंद पर चार चौकों और एक छक्के के साथ 45 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद मिलर ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने 17वें ओवर में चहल को मिड-विकेट के ऊपर से छक्का जड़ा, जबकि अगले ओवर में अभिनव मनोहर ने ट्रेंट बोल्ट को दो छक्के लगाकर 17 रन बटोर लिए।

अभिनव ने 13 गेंद पर कुल तीन छक्के लगाकर 27 रन बनाये, जबकि मिलर ने 30 गेंद पर तीन चौके और दो छक्के लगाकर 46 रन की पारी खेली। दोनों ने टीम को मध्य ओवरों के संकट से निकालकर पांचवें विकेट के लिये 45 रन की साझेदारी की, जिसकी मदद से गुजरात ने 20 ओवर में 177/7 का स्कोर खड़ा किया।

संदीप चार ओवर में 25 रन के बदले दो विकेट लेकर रॉयल्स के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे। बोल्ट (एक विकेट) चार ओवर में 46 रन देकर रॉयल्स के सबसे महंगे गेंदबाज रहे। ज़ैम्पा (चार ओवर, 32 रन) और चहल (चार ओवर, 36 रन) को भी एक-एक सफलता हासिल हुई।

IPL 2023 : ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव ने दिलाई मुंबई इंडियन्स को जीत

मुंबई। खराब फॉर्म से गुज़र रहे ईशान किशन (25 गेंद, 58 रन) और सूर्यकुमार यादव (25 गेंद, 43 रन) की आतिशी पारियों से मुंबई इंडियन्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रविवार को कोलकाता नाईट राइडर्स (केकेआर) को पांच विकेट से मात दी।

केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए वेंकटेश अय्यर (51 गेंद, 104 रन) के विस्फोटक शतक की बदौलत 20 ओवर में 185 रन बनाए, हालांकि अन्य बल्लेबाजों की नाकामी के कारण उनका यह सैकड़ा काम न आया और मुंबई ने 17.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।

सलामी बल्लेबाज किशन ने 25 गेंद पर पांच चौकों और पांच छक्कों की मदद से 58 रन बनाए, जबकि रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में कप्तानी कर रहे सूर्यकुमार यादव ने 25 गेंद पर चार चौकों और तीन छक्कों के साथ 43 रन की पारी खेली।

मुंबई इस समय अंक तालिका में दो जीत और दो हार के साथ आठवें स्थान पर है, जबकि केकेआर पांच मैचों में दो जीत और तीन हार के साथ पांचवें पायदान पर है।

मुंबई ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाज नारायण जगदीशन को शून्य रन पर आउट कर दिया, लेकिन अय्यर पहली ही गेंद से आक्रामक नज़र आये। सलामी बल्लेबाज रहमानु्ल्लाह गुरबाज़ (12 गेंद, आठ रन) और कप्तान नीतीश राणा (10 गेंद, पांच रन) दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके, लेकिन अय्यर ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए केकेआर को पावरप्ले में 57 रन तक पहुंचाया।

लगातार गिरते विकेटों के बीच केकेआर को साझेदारी की जरूरत थी जो शार्दुल ठाकुर और अय्यर के बीच देखने को मिली। अय्यर ने 23वीं गेंद पर चौका जड़कर अपना अर्द्धशतक पूरा किया और इसके बाद ठाकुर के साथ चौथे विकेट के लिए 50 रन जोड़े। ठाकुर ने पवेलियन लौटने से पहले 11 गेंद पर 13 रन बनाए।

केकेआर 14 ओवर में 135/4 का स्कोर खड़ा करके 200 रन की ओर अग्रसर थी लेकिन मुंबई के गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में बेहतरीन गेंदबाजी की। ऋतिक शौकीन के 15वें ओवर में मात्र पांच रन बने, जबकि पीयूष चावला ने 16वें ओवर में छह रन दिए। जैनसेन के 17वें ओवर में नौ रन बने लेकिन राइली मेरेडिथ ने 18वें ओवर में महज़ पांच रन देकर अय्यर का बड़ा विकेट चटका लिया। अय्यर ने 51 गेंद पर छह चौकों और नौ छक्कों की मदद से 104 रन बनाए। इसी के साथ वह ब्रेंडन मैकुलम (2008) के बाद केकेआर के लिये शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज भी बन गए।

रिंकु सिंह आउट होने से पहले 18 गेंद पर 18 रन ही बना सके, जिसके बाद आंद्रे रसेल (11 गेंद, नाबाद 21 रन) ने केकेआर को 20 ओवर में 185/6 के स्कोर तक पहुंचाया। मुंबई के लिए लक्ष्य का पीछा करने उतरे किशन और इम्पैक्ट प्लेयर रोहित शर्मा ने गेंद को मैदान के चारों कोनों में मारते हुए पावरप्ले का भरपूर लाभ उठाया।

किशन ने दूसरे ओवर में ठाकुर को दो चौके और एक छक्का मारते हुए 16 रन बटोरे, जबकि अगले ओवर की पहली गेंद पर रोहित ने उमेश को एक छक्का जड़ा। कप्तान नीतीश ने मुंबई की पारी को रोकने की कोशिश में चौथा ओवर सुनील नरेन को दिया लेकिन किशन ने उनके खिलाफ दो छक्के और दो चौके जड़कर टीम का पचासा पूरा किया।

मुंबई ने इस तरह रोहित (13 गेंद, 20 रन) का विकेट गंवाने के बावजूद पावरप्ले में 72 रन जोड़ लिये। अपना अर्द्धशतक पूरा करने के बाद किशन भी पवेलियन लौट गए, लेकिन सूर्यकुमार ने तिलक वर्मा के साथ 60 रन की साझेदारी करके मैच को मुंबई की झोली में डाल दिया। अपनी फॉर्म तलाश रहे सूर्यकुमार ने इस मैच में कई अच्छे शॉट खेलकर लय में लौटने का अंदेशा दिया। उन्होंने 11वें ओवर में लोकी फर्ग्यूसन को थर्ड मैन के ऊपर और मिड-विकेट की ओर दो छक्के लगाए।

मुंबई की आक्रामक बल्लेबाजी के बीच सुयश शर्मा केकेआर के एकमात्र किफायती गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में मात्र 27 रन देकर रोहित और तिलक वर्मा को आउट किया। तिलक ने 25 गेंद पर तीन चौकों और एक छक्के के साथ 30 रन बनाए, जबकि उनके बाद बल्लेबाजी करने उतरे टिम डेविड ने 13 गेंद पर एक चौका और दो छक्के लगाकर नाबाद 24 रन बनाए।

सूर्यकुमार यादव अपना अर्द्धशतक पूरा करने से सात रन पहले आउट हो गए। नेहाल वढेरा भी चार गेंद पर छह रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जिसके बाद डेविड ने 18वें ओवर में एक रन लेकर मुंबई को जीत दिलाई।

चंडीगढ़ की दिव्या मिस वोगस्टार इंडिया, गोवा की अमृता और असम की संगीता ने जीता मिसेज वोगस्टार इंडिया ख़िताब

जयपुर। ग्लैमर और रोशनी से भरे ग्रैंड फिनाले में चंडीगढ़ की दिव्या नेहरा ने मिस वोगस्टार इंडिया का ताज अपने नाम किया जबकि गोवा की अमृता कुमारी केशरी और असम की संगीता पछानी ने मिसेज वोगस्टार इंडिया का ख़िताब जीता।

जयपुर में ली मेरेडियन में आयोजित तीन दिवसीय इस फैशन वीक कम ब्यूटी पेजेंट का आयोजन गत 14 अप्रैल से किया गया जहां राज्य स्तर के 80 विजेताओं ने भाग लिया। ग्रैंड फिनाले की विशेषता ये रही कि इस फैशन वीक में राज्यों से आए उभरते डिजाइनरों द्वारा बनाई गई उत्कृष्ट डिज़ाइन को ब्यूटी पेजेंट में भाग ले रही युवा प्रतिभागियों द्वारा रैंप पर प्रदर्शित किया गया।

इस शो में जयपुर फैशन उद्योग की हस्तियां देखी गईं जिसमें स्टाइल्स कूल के संस्थापक अभिमन्यु तोमर, एचआईएफटी की निदेशक अंजलि गुप्ता और भूतपूर्व क्राउन होल्डर स्वाति कुमार जैसे नाम शामिल हैं।

वोगस्टार ब्यूटी पेजेंट और फैशन शो की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए वोगस्टार की संस्थापक कीर्ति चौधरी ने कहा कि महीनों तक कड़ी मेहनत के बाद इन उत्साही महिलाओं को ताज पहनते हुए हुए देखना एक गर्व और संतुष्टि का क्षण है। उन्होंने वोगस्टार ब्यूटी पेजेंट 2023 की सफलता पर खुशी जताई।

उन्होंने बताया कि फैशन वीक कम ब्यूटी पेजेंट को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया। मिस वोगस्टार इंडिया और मिसेज वोगस्टार इंडिया के तहत तीन राष्ट्रीय विजेताओं को ताज पहनाया गया। मिसेज वोगस्टार इंडिया को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया है और पहले समूह में 18-35 आयु वर्ग की विवाहित महिलाओं ने भाग लिया जबकि 36-50 आयु वर्ष की महिलाएं समूह दो में शामिल हुई। प्रतिस्पर्धा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और सभी आयु समूहों की महिलाओं को शामिल करने के उद्देश्य से मिसेज वोगस्टार इंडिया को दो वर्गों में बांटा गया।

मिस एंड मिसेज वोगस्टार इंडिया 2023 और वोगस्टार फैशन वीक का ग्रैंड फिनाले अपनी तरह का पहला आयोजन था जहां सभी राज्यों के 700 प्रतिभागियों को विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा छह महीने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित किया गया।

हैदराबाद में आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत

हैदराबाद। तेलंगाना में रविवार तड़के एक लकड़ी के डिपो में आग लगने से पांच वर्षीय बच्चे सहित एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जलकर मौत हो गई।

पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने यहां बताया कि यह घटना शहर के कुशसाईगुड़ा में आज तड़के करीब तीन बजे हुई। इस इलाके में एक लकड़ी के डिपो में लगी भीषण आग पास के घरों में फैल गयी। जहां एक घर के तीन सदस्य नरेश, उसकी पत्नी और पुत्र आग की चपेट में आकर मौके पर ही मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर, कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बहरहाल, शवों काे पोस्टमार्टम के लिए गांधी अस्पताल भेज दिया गया।

खाटू श्याम जी के लिए नई रेल लाइन के लिए सर्वेक्षण की मंजूरी

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने राजस्थान में सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम जी तीर्थ स्थल तक सीधी रेल लाइन बिछाने के लिए अंतिम स्थल सर्वेक्षण करने की मंजूरी दे दी है।

रेलवे बोर्ड के सूत्रों के अनुसार रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की राजस्थान के सीकर जिले में स्थित तीर्थ स्थल खाटू तक रेलवे लाइन बिछाने की घोषणा के बाद रेल मंत्रालय ने अंतिम बिन्दु सर्वेक्षण को स्वीकृति दे दी है।

हजारों लाखों श्रद्धालु विभिन्न परिवहन माध्यमों से रोजाना खाटू श्याम जी के दर्शन करने आते हैं। एक सर्वेक्षण के मुताबिक प्रतिदिन लगभग 30 हज़ार भक्त आते हैं और चार से पांच लाख भक्त शुक्रवार, शनिवार एवं रविवार को आते हैं।

एकादशी के अवसर पर 10 लाख श्रद्धालु आते हैं, जबकि मार्च के 15 दिवसीय मेले के दौरान 30 से 40 लाख श्रद्धालु आते हैं। खाटू श्याम जी मंदिर तीर्थयात्रियों और भक्तों द्वारा सबसे अधिक दर्शन किये जाने वाले भारतीय मंदिरों में से एक है।

ट्रेन से आने वाले भक्त पहले रींगस पहुंचते हैं और उसके बाद स्थानीय परिवहन माध्यमों से खाटू श्याम जी पहुंचते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरासत और विकास मिशन तथा सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था के केंद्रों को रेल लिंक से जोड़ने की नीति के तहत भारतीय रेलवे रींगस से खाटू श्याम जी तक करीब 20 किलोमीटर तक रेलवे लाइन बिछाने जा रही है। सूत्रों के अनुसार सर्वेक्षण पूरा होने के बाद इस नई रेल लाइन पर शीघ्र काम शुरू किया जाएगा।

हरीश कुमार सतरावला अध्यक्ष, अरुण भाटी सचिव, अंकुर सैनी कोषाध्यक्ष निर्वाचित

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अजमेर। क्षत्रिय फूल मालियान पंचायत समिति माली मोहल्ला कृष्ण गंज के चुनाव रविवार को समस्त सदस्यों की मौजूदगी में संपन्न हुए।

चुनाव प्रबंधक चंद्र प्रकाश सैनी ने बताया कि समिति के वार्षिक चुनाव में तीन चुनाव अधिकारियों पुष्कर नारायण महावर, मूलचंद सोलंकी व बंसी लाल सतरावला के मार्गदर्शन में हरीश कुमार सतरावला व गोपाल जादम अध्यक्ष पद, योगेश गहलोत और अरुण भाटी ने सचिव पद के लिए नामांकन दाखिल किया।

इसमें हरीश कुमार सतरावला व अरुण भाटी भारी मतों से विजय हुए। कोषाध्यक्ष पद के लिए अंकुर सैनी का नाम निर्विरोध तय हुआ। नई कार्यकारिणी को चुनाव अधिकारियों ने शपथ दिलाई और आगामी दिनों में अपनी विस्तृत कार्यकारणी तैयार करने और समिति के संविधान को तैयार करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर हनुमान मंदिर माली मोहल्ले में सभी समाज बंधुओं, महिलाओं, बच्चों ने फूल मालाओं और मिठाइयों से नए चुने गए समिति के प्रतिनिधियों का स्वागत किया।चुनाव में शत प्रतिशत समाज बंधुओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर भंवरलाल सतरावला, गोविंद राम जादम, नौरत जादम, मुकेश टांक, कुलदीप सैनी, पीयूष भाटी, पृथ्वीराज सांखला, रमेश चौहान सहित सडी संख्या में माली समाज बंधु मौजूद रहे।

यूपी में बड़ा नाम कमाने के लिए की अतीक, अशरफ की हत्या

प्रयागराज। माफिया से नेता बने अतीक अहमद और पूर्व विधायक भाई अशरफ की शनिवार की रात हुई हत्या के मामले में शाहगंज थाने में तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

अतीक अहमद और अशरफ को उमेश पाल हत्याकांड में पूछताछ के लिए पुलिस ने 13 अप्रैल से 17 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर लिया गया था। बीती रात नियमित जांच के लिए पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में उन्हें काल्विन अस्पताल ले जाया गया था। वहीं पर कुछ मीडियाकर्मियों ने असद के सुपुर्द-ए-खाक में शामिल नहीं होने को लेकर सवाल पूछ रहे थे। अतीक अहमद के पुत्र असद को 13 अप्रैल को एसटीएफ के साथ झांसी में हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया था। शनिवार को उसे पुश्तैनी कब्रिस्तान कसारी मसारी में दफनाया गया था।

सूत्रों ने बताया कि तीन अन्य लोग भी मीडियाकर्मियों के रूप में वहां पहुंचे थे। उन्होंने दोनों भाइयों के बिल्कुल करीब पहुंच कर कई गोलियां दागी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान एक हमलावर लवनीश तिवारी, एक सिपाही और एक मीडियाकर्मी भी घायल हुए। तीनों को अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने तीनों हमलावरों को मौके से गिरफ्तार कर सघन पूछताछ कर रही है।

हमलावरों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उत्तर प्रदेश में बड़ा नाम कमाने के लिए उन्होंने यह अतीक और अशरद की हत्या को अंजाम दिया है। वे मीडियाकर्मी बनकर वहां पहुंचे थे। मौके पर पुलिस की सतर्कता के कारण हम वहां से भाग नहीं सके और मौके पर ही गिरफ्तार कर लिए गए।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमलावरोंं में लवनीश तिवारी बांदा जिले के केवतरा क्रासिंग थाना कोतवाली (नगर) का रहने वाला है। अरूण मौर्य कासगंज का रहने वाला बताया गया है जबकि मोहित उर्फ सनी मौर्य हमीरपुर के कुरारा थाना क्षेत्र का निवासी है। इसके खिलाफ कुरारा थाने में गुण्डा एक्ट, आर्मस एक्ट, एनडीपीएस, गैंगस्टर और सीआरपीसी और अन्य के 14 आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।

आरोपी लवनीश के पिता का कहना है कि वह नशा करता है। कभी कभी घर आता था। उन्होंने बताया कि पांच-छह दिन पहले बांदा आया था। इससे पहले वह एक बार किसी मामले में जेल भी जा चुका है।

उत्तर प्रदेश में आतंक का अंत : अतीक अहमद, अशरफ की हत्या

उत्तर प्रदेश में आतंक का अंत : अतीक अहमद, अशरफ की हत्या

अतीक अहमद, अशरफ की हत्या : प्रयागराज में इंटरनेट सेवा बाधित

प्रयागराज। पांच बार के विधायक और सांसद रहे अतीक अहमद और पूर्व विधायक भाई अशरफ की शनिवार रात मीडियाकर्मी के रूप में आए तीन हमलावरों ने गाेली मार कर हत्या करने के बाद अफवाहों और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए के लिए रविवार सुबह से इंटरनेट सेवाओं को पाबंदी लगा दी गई।

अतीक अहमद और अशरफ को शनिवार की रात नियमित जांच के लिए काल्विन अस्पताल ले जाया गया था। वहीं पर मीडियाकर्मियों के रूप में तीन हमलावारों ने कई राउंड गोली चलाकर दोनों की हत्या कर दी। इस घटना में एक रिपोर्टर चोट लगने से घायल हो गया और अन्य एक पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गया है। घटना के बाद शहर का माहौल तनाव पूर्ण बन गया है। किसी भी प्रकार के अफवाहों पर नियंत्रण करने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है।

सूत्रों ने बताया कि शहर के कई क्षेत्र संवदेनशील है। सुरक्षा के मद्देनजर शहर में आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है।

उन्होंने बताया कि इंटरनेट सेवा का आदेश इसलिए जारी किया गया है कि किसी भी प्रकार से प्रयागराज का माहौल खराब नहीं हो और इंटरनेट सेवा के माध्यम से किसी भी प्रकार से अफवाहों का बाजार गर्म नहीं हो सके। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर कड़ा पहरा लगा है। प्रयागराज को 14 सेक्टरों में बांटा गया है। दुकानदारों से अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की गई है।

राजू पाल, उमेश पाल की मौत से अतीक का अंत

बहुजन समाज पार्टी के तत्कालीन नेता राजू पाल की हत्या के बाद से माफिया अतीक अहमद के सितारे गर्दिश में पड़ गए और उमेश पाल की हत्या तो उसके ताबूत में आखिरी कील साबित हुई।

राजू पाल की हत्या 25 जनवरी 2005 को राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के कारण हुई थी। यहीं से अतीक के सितारे गर्दिश में पड़ने शुरू हो गए थे। अतीक ने राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल को गवाही नहीं देने के लिए 2006 में अपहरण करवाया गया था। इस मामले में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को नामजद किया गया था।

राजू पाल के मुख्य गवाह उमेश पाल ने प्रदेश में बसपा की सरकार बनने के बाद 2007 में अतीक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करावाया था। वर्ष 2007 में अतीक फरार हो गया था। राजू पाल हत्याकांड की फाइल फिर खोली गई थी। उस समय अतीक सांसद थे, इसके बाद भी पुलिस ने उन पर 20 हजार का इनाम रखा था। बाद में 2008 में उसे दिल्ली के प्रीतमपुरा इलाके से गिरफ्तार कर प्रयागराज लाया गया था।

गत 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या में साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद, बरेली जेल में बंद अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, बेटो और नौ अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उमेश पाल के अपहरण के 17 साल के बाद एमपी/एमएलए की विशेष अदालत पहली बार 28 मार्च को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसी मामले में न्यायाधीश में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद साक्ष्य के अभाव में असरफ को दोष मुक्त करार दिया था और उसी शाम को अतीक को साबरमती और अशरफ को बरेली जेल भेज दिया गया था।

उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक का बचा हुआ परिवार भी तितर बितर हो गया। अतीक अहमद और अशरफ, बेटा उमर और मोहम्मद अली पहले से जेल में बंद थे। तीसरे नंबर का बेटा असद और पत्नी शाइस्ता परवीन और परिवार के दूसरे सदस्य फरार चल रहे है। शाइसता पर 50 हजार का इनाम घोषित है जबकि असद पर पांच लाख रुपए का इनाम था। एसटीएफ के साथ 13 अप्रैल को झांसी में एक मुठभेड़ में वह मारा गया था।

अतीक अहमद और भाई अशरफ को 13 अप्रैल को उमेश पाल की हत्या के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) दिनेश कुमार गौतम की अदालत ने मामले में पूछताछ करने के लिए पांच दिन के लिए 17 अप्रैल तक पुलिस रिमांड मंजूर किया था। 13 अप्रैल की शाम से ही एसटीएफ लगातार पूछताछ कर रही थी। इस दौरान उसने कई महत्वपूर्ण राज कबूले।

शुक्रवार की रात नियमित जांच के लिए उसे काल्विन अस्पताल ले जाया गया था। बेटे असद की एसटीएफ के साथ मुठभेड में मारे जाने को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए तीखे सवालों के जवाब में अतीक शांत दिखाई दे रहा था, जबकि अशरफ ने जवाब में कहा कि अल्लाह ने दिया था और अल्लाह ने वापस ले लिया।

शनिवार की (15 अप्रैल) रात फिर फिर से नियमित जांच के लिए अतीक और असरफ को काल्विन अस्पताल ले जाया गया था। यहीं पर हमलावरों ने मीडियाकर्मियों के रूप में सवाल करने और उसके करीब पहुंच कर कल देर रात करीब 10.30 बजे कई राउंड गोली चलाकर अतीक और अशरफ के ताबूत में आखिरी कील ठोक दिया।

उत्तर प्रदेश में आतंक का अंत : अतीक अहमद, अशरफ की हत्या

उत्तर प्रदेश में आतंक का अंत : अतीक अहमद, अशरफ की हत्या

प्रयागराज। माफिया से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई और पूर्व विधायक अशरफ की शनिवार की रात पुलिस हिरासत में नियमित जांच के लिए कॉल्विन अस्पताल ले जाने के दौरान अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि तीन हमलावरों ने नियमित जांच के लिए ले जाते समय अतीक और अशरफ को नजदीक से गोली मारी। अतीक के सिर में गोली मारी गई। यह घटना तब हुई जब उन्हें कोल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा था। दोनो की मौके पर ही मौत हो गई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने के बावजूद हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की।

पुलिस ने दावा किया कि हमलावरों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या के बाद हमलावरों ने अपने हथियार फेंक दिए और मौके पर ही आत्मसमर्पण कर दिया। मौके से दोहरे हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए हैं। हमलावर मीडियाकर्मियों के भेष में आए थे और उनके पास फर्जी आईडी थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गंभीर रूख अपनाते हुए लखनऊ में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार योगी के निर्देश पर 17 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है। ये पुलिस कर्मी अतीक की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे। पूरी घटना की जांच के लिये तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। कानून व्यवस्था के मद्देनजर पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है।

प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया कि मीडियाकर्मी के रूप में तीन लोग मौके पर पहुंचे और अतीक तथा उसके भाई अशरफ पर ताबडतोड़ गोली चलाकर हत्या कर दी। तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर गहन पूछताछ की जा रही है। इस दौरान एक सिपाही मानसिंह को गाेली लग गई जिससे वह घायल हो गया। उसका उपचार चल रहा है। लखनऊ एएनआई के एक रिपोर्टर के भी चोट लगी है। उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया है।

गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में अतीक और उसके भाई अशरफ को शुक्रवार को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज गया था। फायरिंग में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि अधिकारियों द्वारा नहीं की गई है।

पिछले गुरुवार को अतीक को अहमदाबाद की साबरमती जेल से और अशरफ को बरेली जेल से वारंट बी के जरिये पुलिस प्रयागराज पेशी के लिए लायी थी। दोनों को उसी दिन चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश अदालत ने दिए थे मगर इसी बीच झांसी के बड़ागांव में एक मुठभेड़ में अतीक का बेटा असद और उमेश पाल हत्याकांड का एक और आरोपी गुलाम पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे।

गौरतलब है कि अतीक पर हत्या, जबरन वसूली और गैंगस्टर एक्ट सहित करीब 100 मामले दर्ज हैं, जबकि अशरफ के खिलाफ करीब 50 मामले लंबित हैं। हाल ही में, वे बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के आरोपी थे।

प्रयागराज की एक अदालत ने 2006 में उमेश पाल के अपहरण के मामले में अतीक समेत तीन अभियुक्तों को 28 मार्च को उम्रकैद और एक एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में अतीक के भाई अशरफ समेत सात को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।

गौरतलब है कि राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की पिछले महीने उनके घर के बाहर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी अतीक आरोपियों की फेहरिस्त में शामिल था। बहुजन समाज पार्टी के तत्कालीन विधायक राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को हुई हत्या के मामले में उमेश पाल को गवाही नहीं देने के लिए कई बार धमकी दी गई थी और 28 फरवरी 2006 को उसका अपहरण करा लिया गया था। इसी मामले में अतीक और उसके भाई अशरफ समेत दस आरोपियों को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया गया। अशरफ को बरेली जेल से यहां लाया गया था।

अतीक अहमद जून 2019 से अहमदाबाद के साबरमती सेन्ट्रल जेल में बंद था और अशरफ जुलाई 2020 से बरेली जेल में बंद था। प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 को उमेशपाल की हत्या कर दी गई। हत्याकांड के मामले में पूर्व सांसद माफिया अतीक अहमद, उसके भाई पूर्व विधायक अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, पुत्र असद, अली, उमर, शूटर, गुलाम, साबिर, मुस्लिम गुड्डू आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

उमेश की हत्याकांड में अतीक अहमद, अशरफ को तीन लोगों ने गोलीमार कर हत्या कर दी। अरबाज, विजय उर्फ उस्मान चौधरी, असद और गुलाम हसन की एसटीएफ के साथ मुठभेड में मारे गए। असद और गुलाम हसन पर पांच पांच लाख रूपए जबकि अरबाज और विजय उर्फ उस्मान चौधरी पर 50- 50 हजार रूपए का इनाम घोषित किया गया था।

जरायम की दुनिया से लेकर राजनीति के गलियारे अतीक का खौफ

कहते हैं कि आतंक की उम्र ज्यादा लंबी नहीं होती, यह सच एक बार फिर जरायम की दुनिया में अपना सिक्का चलाने वाले अतीक अहमद की हत्या के रूप में सामने आया हालांकि इस वारदात ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं।

मात्र 17 साल की अतीक ने जरायम की दुनिया में अपना पहला कदम रखा था जब उसने 1979 में मोहम्मद गुलाम की हत्या कर दी थी। यह मुकदमा खुल्दाबाद थाने में दर्ज हुआ था जिसके बाद अतीक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। जुर्म जैसे अतीक का शग़ल बन गया। पढ़ाई के पन्ने तो कोरे थे लेकिन साल दर साल उसके जुर्म की किताब के पन्ने भरते जा रहे थे।

अतीक अहमद का जन्म 1960 में प्रयागराज के धूमनगंज कसारी नसारी में हुआ था। पिता तांगा चालक हाजी फिरोज अहमद कुश्ती के शौकीन थे। पिता के नक्शेकदम पर चलते अतीक भी कुश्ती लड़ता था। इसी वजह से इलाके में लोग उसे पहलवान नाम से भी बुलाते थे। पढ़ाई में मन नहीं लगने के चलते अतीक ने इंटर तक ही पढ़ाई की।

इसके बाद 17 साल की उम्र में इलाके में ही रंगदारी वसूलने लगा। पहली रंगदारी अपने मोहल्ले में ही वसूली। धीरे-धीरे उसका नाम प्रयागराज के माफिया चांद बाबा और कपिल मुनि करवरिया से ऊपर गिना जाने लगा। वह पूरे प्रदेश में जमीन कब्जा करना, हत्या, लूट, डकैती और फिरौती की घटनाओं को अंजाम देने लगा।

अतीक की आपराधिक गतिविधि पर लगाम लगाने के लिए यूपी सरकार ने 1985 में गुंडा और 1986 में गैंगस्टर की कार्रवाई की। साथ ही और कड़ी निगरानी के लिए 17 फरवरी 1992 को इसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई, जिसका हिस्ट्रीशीट नंबर 39ए था। उसके गैंग का नंबर आईएस -227 था।

अतीक ने माफिया का रसूख हासिल करने के बाद राजनीति के लिए जमीन तैयार करनी शुरू की। 1989 में प्रयागराज पश्चिमी सीट से अपने चिर प्रतिद्वंद्वी चांद बाबा के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरा। और पहली बार में ही चांद बाबा को हराकर विधायक बन गया। चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान अतीक अहमद और चांद बाबा के बीच कई गैंगवार हुए। कुछ महीने बाद दिन दहाड़े चांंद बाबा की हत्या हो गई। अब पूरे पूर्वांचल में उसकी बादशाहत कायम हो गई। अतीक के रास्ते में जो भी रोड़ा बनने का काम किया उसे रास्ते से हटा दिया।

इसी कड़ी में 1995 में उसे पहचान मिली। उसका नाम लखनऊ में हुए गेस्ट हाउस कांड में आया। समाजवादी पार्टी सरकार को बचाने के लिए उसने तत्कालीन बसपा प्रमुख मायावती और उनके दल के तमाम लोगों को बंधक बना लिया।

लखनऊ के थाना हजरतगंज में अतीक पर मुकदमा दर्ज हुआ। जिसकी विवेचना क्राइम ब्रांच, अपराध अनुसंधान विभाग लखनऊ ने की थी। इसमें उसका नाम प्रमुख अभियुक्त के रूप में नाम दर्ज किया गया। राजनीति के दम पर अपराध की दुनिया में एक अलग मुकाम बना लिया। वह पांच बार विधायक और एक बार सांसद चुना गया। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई से वकील से लेकर जज तक दूरी बनाने लगे।

अतीक अहमद पर अलग अलग थानों में 100 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इसके गिरोह ने लोगों के जमीन कब्जा करना, हत्या, लूट, डकैती और फिरौती से अपार संपदा अर्जित किया। वह सपा, अपना दल के टिकट से मैदान में आता रहा एवं जीतकर पांच बार विधानसभा और संसद तक पहुंच गया। वर्ष 2002 में अपनी पुरानी इलाहाबाद पश्चिमी सीट से 5वीं बार विधायक बना। साल 2004 में देश में लोकसभा के चुनाव हुए। प्रयागराज की पश्चिम सीट के विधायक अतीक अहमद फूलपुर लोकसभा से सांसदी का चुनाव जीत गया।

शहर पश्चिमी विधायक की कुर्सी खाली हो गई। तब अतीक अपने छोटे भाई अशरफ को वहां से विधायक बनाना चाहता था। उपचुनाव की तारीख आई, अतीक के खास रहे राजू पाल ने भी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर विधायकी लड़ने का ऐलान कर दिया। राजू पाल ने अशरफ को हरा दिया। इसी जीत के साथ राजू पाल अतीक का दुश्मन बन गया। 25 जनवरी 2005 में राजू पाल की हत्या कर दी गई। हमले में राजू पाल और उनके साथ बैठे संदीप यादव और देवीलाल की भी मौत हो गई। इसमें अतीक और उसका भाई अशरफ समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। राजू पाल हत्या के बाद से इसके दिन गर्दिश में चलने लगे थे।

राजू पाल के आखिरी गवाह रहे पूजा पाल के चचेरे भाई उमेश पाल की भी 18 साल बाद 24 फरवरी 2023 को हत्या कर दी गई है। उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने 25 फरवरी को धूमनगंज थाने में अतीक अहमद, पत्नी शाइस्ता परवीन, बेटों, भाई अशरफ के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया।

योगी आदित्यनाथ ने बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके दो गनर की दिन दहाड़े हत्या के बाद कानून व्यवस्था को लेकर सदन में कहा था कि सरकार माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का कार्य करेगी। अपराध पर नियंत्रण करने के लिए अतीक अहमद की करोडों रूपए की संपत्ति जब्त की गई और उतनी ही जमींदाेज की गई अतीक और उसके परिवार को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी सरकार ने कठोर कदम उठाया है।

उमेश हत्याकांड के बाद से फरार शाइस्ता परवीन पर इनाम होने के बाद अतीक अहमद का पूरा परिवार या तो इनामी है या जेल के अंदर। जो लोग जेल में है उन पर भी कभी इनाम घोषित था। वर्ष 2007 में मायावती सरकार बनने के बाद अतीक अहमद फरार हो गए थे। राजू पाल हत्याकांड की फाइल फिर खोली गई थी। उस समय अतीक सांसद थे, इसके बाद भी पुलिस ने उन पर 20 हजार का इनाम रखा था।

बाद में उन्हें दिल्ली के प्रीतमपुरा इलाके से गिरफ्तार कर प्रयागराज लाया गया था। कई जेलों का सफर पार करते हुए अब वह साबरमती जेल में बंद है। बरेली जेल में बंद भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ पर 40 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज है और उसपर एक लाख रूपए का इनाम है। उमेश पाल की हत्या के बाद से शाइस्ता परवीन फरार है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि अतीक के पांच बेटे हैं। देवरिया कांड का आरोपी अतीक का बड़ा बेटा उमर भी दो लाख का इनामी रह चुका है। दूसरे नंबर के बेटे अली पर पुलिस 50,000 का इनाम घोषित कर चुकी है। एक लखनऊ जेल में तो दूसरा नैनी जेल में बंद है। उमेश हत्याकांड में मुख्य आरोपियों में तीसरे नंबर के बेटे असद पर पुलिस ने ढाई लाख से बढाकर पांच लाख का इनाम घोषित किया है, यह फरार है। दोनों नाबालिग बेटे एहजम और आबान बाल संरक्षण गृह में हैं।

उन्होंने बताया कि फरार शाइस्ता परवीन पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया है। इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस कई छिपने के ठिकानों पर तलाश कर रही है। आज माफिया सरगना अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को तीन लोगों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।