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कांग्रेस सरकार जयपुर बम ब्लास्ट मामले में बडा वकील क्यों नहीं खड़ा कर सकी : सीपी जोशी

जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कांग्रेस सरकार पर वर्ष 2008 जयपुर में हुए बम ब्लास्ट मामलें में कमजोर पैरवी करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस सरकार खुद को बचाने के लिए राजस्थान के बडे-बडे वकीलों को मौटी रकम देकर हायर कर लेती है लेकिन इस मामले में आरोपियों को उनके कर्मों सजा दिलाने के लिए बडा वकील क्यों नहीं खड़ा कर सकी।

जोशी बुधवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर मीडिया से यह बात कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 जयपुर में हुए बम ब्लास्ट बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, कांग्रेस सरकार खुद को बचाने के लिए राजस्थान के बडे-बडे वकीलों को मौटी रकम देकर हायर कर लेती है, लेकिन जयपुर ब्लास्ट में मारे गए 71 लोगों की कांग्रेस सरकार को कतई परवाह नहीं है और इस कारण उसने इस मामले में बड़ा वकील खड़ा नहीं किया।

उन्होंने कहा कि कमजोर पैरवी के चलते जनता विरोधी ऐसे आतंकवादियों का छूटना कांग्रेस सरकार के लिए बहुत ही शर्मनाक विषय है, कांग्रेस पार्टी के आलाकमान को खुश करने के लिए तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए पैरवी को कमजोर करने की कोशिश की है, आश्चर्य का विषय है उदयपुर के कन्हैयालाल ने हत्या से पहले सुरक्षा की मांग की थी। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा इसे हल्के में लेते हुए सहयोग नहीं करते हुए सुरक्षा नहीं दी गई।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज राजस्थान में कांग्रेस सरकार तुष्टीकरण की सारी हदें पार कर चुकी है, हिंदू नववर्ष हो, रामनवमी का जुलूस हो या जय श्रीराम के नारे को रोकने वाली ऐसी जनविरोधी कांग्रेस सरकार कान खोलकर सुनले जब तक इस प्रकार की ओंछी मानसिकता के साथ कांग्रेस की मानसिकता खत्म नहीं हो जाती तब तक भाजपा का कार्यकर्ता जनहित के लिए दृढ संकल्प के साथ खडा मिलेगा। साथ ही इस प्रकार की लापरवाही के चलते दुर्भाग्यपूर्ण फैसले का परिणाम कांग्रेस सरकार को निश्चित रूप से जनता द्वारा दिया जाएगा।

अजमेर : संभागीय आयुक्त का रीडर 95000 रूपए रिश्वत लेते अरेस्ट

अजमेर। राजस्थान में अजमेर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक अहम कार्यवाही करते हुए संभागीय आयुक्त न्यायालय के रीडर को 95 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक परिवादी की शिकायत के सत्यापन के बाद ब्यूरो के डीआईजी समीर कुमार सिंह के निर्देश पर उपाधीक्षक राकेश वर्मा ने ट्रेप की कार्यवाही करते हुए भ्रष्ट रीडर याकूब बक्श को रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया।

मामले में आरोपी याकूब ने परिवादी से उसकी सजा के खिलाफ अपील के पक्ष में कराने के मामले एक लाख रूपए की मांग की जिसमें से पांच हजार रूपए सत्यापन के समय ले लिए गए और शेष 95 हजार आज लेते हुए एसीबी के हत्थे चढ गया।

बताया जा रहा है परिवादी अजमेर संभाग के टोंक जिले के अलीगढ का भू-अभिलेख निरीक्षक हरिपाल वर्मा है जिसे वहां के एसडीएम उनियारा ने 17 सीसी का नोटिस व एक साल की सजा सुनाई थी। इसी सजा के खिलाफ अजमेर संभागीय आयुक्त न्यायालय में अपील कर रखी थी। ब्यूरो की ओर से रीडर याकूब बक्श के खिलाफ अनुसंधान की प्रक्रिया अमल में ला रही है।

महिलाओं में गर्भनिरोधक का उपयोग दो वर्ष में 53 से बढ़कर 56 प्रतिशत हुआ

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जयपुर। महिलाओं में गर्भनिरोधक का उपयोग वर्ष 2020 में 53 प्रतिशत से वर्ष 2022 में बढ़कर 56 प्रतिशत हो गया है। परिवार नियोजन एवं अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों के प्रोजेक्ट- परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग फॉर एक्शन (पीएमए) इंडिया की ओर से वर्ष 2022 के सर्वेक्षण के परिणाम बुधवार को एक कार्यशाला में जारी किए गए।

पीएमए इंडिया के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगर व आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अनूप खन्ना ने इस सर्वे के कुछ प्रमुख निष्कर्षों को प्रस्तुत करते हुए बताया कि सर्वे में शामिल महिलाओं में गर्भनिरोधक का उपयोग वर्ष 2020 में 53 था जो 2022 में बढ़कर 56 प्रतिशत हो गया है।

दीर्घकालीन विधियों को अपनाने वाली महिलाओं में प्रत्येक वर्ष 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि अविवाहित और विवाहित महिलाओं, दोनों के लिए आधुनिक गर्भनिरोधक तरीकों का उपयोग करने वाली महिलाओं का प्रतिशत समय के साथ बढ़ा है, जबकि गर्भनिरोधक की पूरी न की गई आवश्यकता में कमी आई है।

गत कुछ वर्षों में सार्वजनिक सुविधा वाले स्थानों पर इंजेक्शन, पुरुषों के कंडोम और गोलियों की उपलब्धता बढ़ी है। सर्वेक्षण में यह भी पता चला कि हर चार में से एक महिला को उसके पार्टनर द्वारा अन्य गर्भनिरोधक विधियों की जानकारी दी गई थी और महिला के पास दूसरा तरीका अपनाने का विकल्प भी था। लगभग 48 प्रतिशत महिलाओं को उनके पार्टनर द्वारा गर्भनिरोधक विधि के इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों या समस्याओं की भी जानकारी दी गई थी।

सर्वे के अनुसार गर्भ निरोधकों के उपयोग नहीं किए जाने में भी कमी आई है। वर्ष 2020 में 47 प्रतिशत का यह आंकड़ा 2022 में कम होकर 44 प्रतिशत हुआ है। अधिकांश किशोरों (15 से 19 वर्ष आयु के) ने 2021 व 2022 के बीच इनका उपयोग नहीं किया। 20 से 24 वर्ष की आयु वर्ग की 60 प्रतिशत महिलाओं ने 2021 और 2022 के बीच इनका उपयोग नहीं करना जारी रखा।

पीएमए इंडिया प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैल्थ मैनेजमेंट रिसर्च (आईआईएचएमआर) के नेतृत्व में डेटा एकत्र किया गया है। पीएमए के नौ कार्यक्रम देशों में इथियोपिया, केन्या, बुर्किना फासो, नाइजीरिया, नाइजर, युगांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के साथ भारत भी शामिल है।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी द्वारा झपीगो और जॉन्स हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के बिल एंड मेलिंडा गेट्स इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन एंड रिप्रोडक्टिव हेल्थ के सहयोग से तथा राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मदद से इस प्रोजेक्ट को कार्यान्वित किया जाता है। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा इस प्रोजेक्ट को फंडिंग की जाती है।

राजस्थान में पीएमए इंडिया प्रोजेक्ट को आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी द्वारा लागू किया जाता है। राजस्थान सरकार के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आरसीएच के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद दोरिया द्वारा कार्यशाला की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर राजस्थान सरकार के परिवार कल्याण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. गिरीश द्विवेदी, आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट डॉ. पी आर सोडानी और पीएमए इंडिया के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगर व आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अनूप खन्ना भी उपस्थित थे। वर्कशॉप में देशभर के विकास भागीदारों व कार्यान्वयन कर्ताओं के प्रतिनिधियों के साथ कई शोधकर्ता शामिल हुए।

इस अवसर पर राजस्थान सरकार के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आरसीएच के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद दोरिया ने कहा कि पीएमए परियोजना ने डेटा, निगरानी और मूल्यांकन की गुणवत्ता में सुधार करके हमारी स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को काफी मजबूत किया है। इसने हमें समय पर और सूचित निर्णय लेने, स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रमों की समीक्षा करने और हमारे स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में कमियों की पहचान करने में सक्षम बनाया है।

पीएमए डेटा के उपयोग से, हम अपने स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रमों की प्रगति की निगरानी करने और उन क्षेत्रों की पहचान करने में सक्षम हुए हैं जहां हमें अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, जिससे हमारे नागरिकों की स्वास्थ्य स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। हमने मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम किया है और परिवार नियोजन के तरीकों के उपयोग में वृद्धि की है।

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि आज जारी किया गया डेटा सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हमारी नीतियों और कार्यक्रमों को प्रभावित करेगा और डेटा आधारित निर्णय लेने में हमारी मदद करेगा। पीएमए फैमिली प्लानिंग 2020 अपनाने वाले नौ देशों में परिवार नियोजन और अन्य स्वास्थ्य संकेतकों का अनुमान लगाने के लिए चयनित साइटों के घरों से और महिलाओं से प्रति वर्ष डेटा का राष्ट्रीय या उप-राष्ट्रीय स्तरपर डेटा एकत्र किया जाता है।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट डॉ. पीआर सोडानी ने कहा कि ‘पीएमए प्रोजेक्ट सबसे पहले जेएचयू और झपीगो द्वारा शुरू किया गया था और भारत में आईआईएचएमआर द्वारा इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व किया जा रहा है। यह विभिन्न देशों में किया जाने वाला अध्ययन है, जिससे आगे के कदम उठाने योग्य आंकड़े मिलते हैं। मैं इस प्रोजेक्ट को निरंतर समर्थन प्रदान करने के लिए राजस्थान सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिनके समर्थन की वजह से इसे हम राजस्थान में सफलतापूर्वक लागू कर सके हैं।

अजमेर में योग महोत्सव जागरूकता रैली आयोजित

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हर दिल ध्यान, हर दिन ध्यान का दिया संदेश
अजमेर। आजादी के अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित होने वाली गतिविधियों के अन्तर्गत योग महोत्सव जागरूकता रैली का आयोजन बुधवार को किया गया।

योग महोत्सव के आयोजन संयोजक केके शर्मा आईएएस (सेनि) ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत विस्तारित कार्यक्रम आगामी 15 अगस्त तक जारी रहेंगे। इसके अन्तर्गत संस्कृति मंत्रालय, श्री रामचन्द्र मिशन हार्टफुलनेस संस्थान, जिला प्रशासन एवं नगर निगम के सहयोग से तीन दिवसीय योग महोत्सव का आयोजन 7 से 9 अप्रेल तक जीएलओ ग्राउण्ड में किया जाएगा। योग महोत्सव के सम्बन्ध में जागरूकता पैदा करने के लिए बुधवार को पुलिस विभाग के सहयोग से जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

उन्होंने बताया कि योग महोत्सव जागरूकता रैली आनासागर स्थित पुरानी चौपाटी से आरम्भ हुई। इसे हार्टफुलनेस संस्थान के जोनल कोअर्डिनेटर कर्नल अमर सिंह ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया। इस रैली में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह योग महोत्सव रैली सात अजूबा होते हुए रीजनल कॉलेज नई चौपाटी तक पंहुची।

हर दिल ध्यान, हर दिन ध्यान का दिया संदेश

उन्होंने बताया कि योग महोत्सव की थीम हर दिल ध्यान हर दिन ध्यान है। जागरूकता रैली के दौरान प्रतिभागियों ने करो योग रहो निरोग, हर दिल ध्यान – हर दिन ध्यान जैसे स्वास्थ्यपरक नारे लगाए। इनके माध्यम से आमजन को योग महोत्सव में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। नई चौपाटी पर अधिकतम व्यक्तियों को योग महोत्सव में भाग लेकर निरोगी जीवन व्यतीत करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया गया।

इन संस्थाओं की रही सहभागिता

ग्रीन आर्मी के सिद्धार्थ भटनागर ने बताया कि रैली को सफल बनाने में अजमेर शहर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर कार्य करने वाले संस्थानों का विशेष योगदान रहा। इनमें ग्रीन ग्रहणी, रोटरी क्लब, साइकलिंग कल्ब, तोषनीवाल इंडस्ट्रीज, मनिर्ंग, ट्री एंबुलेंस ग्रुप, अजमेर इंजिनियर्स इंस्टीट्यूट, संस्कृति फाउंडेशन, सूर्य नमस्कार ग्रुप तथा पृथ्वीराज फाउंडेशन सहित विभिन्न संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

उन्होंने बताया कि योग महोत्सव समग्र मानवता के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए हो रहा है। इसमें योग, आसन, प्रणायाम, मुद्रा, यौगिक प्रणाहुति (ट्रांसमिशन ) के साथ ध्यान का व्यावहारिक अनुभव कराया जाएगा। प्रत्येक घटक के विशेषज्ञों के द्वारा इसका प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है।

उन्हाने बताया कि योग महोत्सव शनिवार 7 से 9 अप्रेल तक आयोजित होगा। प्रातःकालीन सत्र सुबह 6 से 8 बजे तक होगा। सायंकालीन सत्र का समय शाम 6 से 7.30 बजे तक रखा गया है। प्रातःकालीन सत्र तीनों दिन तथा सायंकालीन सत्र 7 एवं 8 अप्रेल को होगा। इसके अतिरिक्त 8 अप्रेल को विधार्थियों के लिए विशेष सत्र भी आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि शिविर में योग, आसन, प्राणायाम, मुद्रा, ध्यान, ब्राइटर माइंड एवं पोलैरिटी जैसे अभ्यास करवाए जाएंगे। शारीरिक एवं मानसिक अशांति से मानव शरीर में उर्जा के प्रवाह में उत्पन्न होने वाली विकृति को दूर कर उर्जा का संचार हार्टफुलनेस के द्वारा पुनर्स्थापित किया जा सकता है। इससे व्यक्तित्व विकास, एकाग्रता, जुझारुपन, इच्छाशक्ति में अभिवृद्धि होने के साथ ही गुस्से और डर आदि नकारात्मक भावों का नियमन होता है। इससे आंतरिक शांति का विकास होता है। यह जीवन को परम ध्येय की ओर ले जाती है।

उन्होंने बताया कि ब्राइटर माइंड्स एक ब्रेन एक्टिवेशन प्रोग्राम है जो बच्चों की एनालिटिकल, रीजनिंग और क्रिएटिविटी बढ़ा देता है। इससे बच्चों के दिमाग की क्षमताओं के विकास की गति और दायरा बढ़ाया जाता है। इसके लिए योग, मेडिटेशन, संगीत, नृत्य, रिलैक्सेशन और बिहेवियरल साइंस को मिलाकर बच्चों को ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें सुनने, सूंघने, स्पर्श और देखने की क्षमता को बढ़ाया जाता है।

बच्चों को बिना आंखें खोले चीजों का रंग पहचानने का अभ्यास कराया जाता है। इसके लिए टच, फील और स्मेल को विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रोग्राम से लॉजिकल थिंकिंग, एनालिसिस, सीक्वेंसिंग, मैथमेटिक्स, क्रिएटिविटी, इमैजिनेशन आर्ट्स इत्यादि स्किल्स को बढ़ाकर बच्चों की ब्रेन को एक्स्ट्राऑर्डिनरी बना देता है।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर अजमेर केंद्र समन्वयक शैलेश गौड़, जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर विकास सक्सेना, प्रशिक्षक अंकुर गहलोत, मनीषा सक्सेना, गिरीश गुप्ता, अमिंदर कौर मेक, मनीष पारीक, योगा इंस्ट्रक्टर नितेंद्र उपाध्याय, अनीता गुप्ता, कुलदीप सिंह गहलोत, रजनीश टाक, जगदीश नारायण विजयवर्गीय, नरेंद्र कुमार सोलंकी, पुष्पा क्षेत्रपाल, नंदलाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में वाहन चालक उपस्थित रहे।

क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर में नई सिग्नल और टेलीकॉम लैब का शुभारंभ

अजमेर। भारतीय रेलवे के सबसे पुराने प्रशिक्षण संस्थानों में से एक जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान (जेडआरटीआई) उदयपुर में स्थापित की गई नई सिग्नल और टेलीकॉम लैब और मौजूदा प्रणालियों के विकास का विधिवत शुभारंभ बुधवार को हुआ। यातायात और वाणिज्यिक कर्मचारियों का यह प्रशिक्षण केंद्र हर साल पूरे भारत में विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे के लगभग 10000 रेलवे कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहा है। इसके परिसर में लगभग 800 प्रशिक्षणार्थयो की रहने और खाने की क्षमता है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक विजय शर्मा ने प्रिंसिपल चीफ सिग्नल एवं टेलीकॉम इंजीनियर पुनीत चावला की उपस्थिति में नई सिग्नल और टेलीकॉम लैब का उदघाटन किया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक अजमेर राजीव धनखड़ व क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर की प्रिंसिपल मैत्रेयी चरण सहित अन्य उच्च रेल अधिकारी उपस्थित थे। यह भारतीय रेलवे का पहला क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान है जिसने सिग्नल और दूरसंचार कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण शुरू किया है।

इस अवसर पर प्रिंसिपल चीफ सिग्नल एवं टेलीकॉम इंजीनियर पुनीत चावला ने प्रशिक्षण संस्थान में प्रदान की जाने वाली नई सिग्नल और टेलीकॉम प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षण प्रणाली के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि कवच 4जी/5जी मोबाइल संचार जैसी नवीनतम तकनीक की प्रशिक्षण सुविधा भी नियत समय में प्रदान की जाएगी। उन्होंने इस संस्थान में एसएंडटी प्रशिक्षण शुरू करने के लिए प्रशासनिक और नैतिक समर्थन देने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे महाप्रबंधक को धन्यवाद दिया।

उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक विजय शर्मा ने उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी जिन्होंने बहुत कम समय में सिग्नल और दूरसंचार प्रशिक्षण सुविधाओं को स्थापित करना संभव बनाया। उन्होंने कहा कि किसी संगठन को सफलतापूर्वक चलाने के लिए कर्मचारियों के कौशल का प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।

उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे को वंदे भारत ट्रेन भी मिली है और यह संस्थान नई आवश्यकता के अनुरूप कर्मचारियों के कौशल को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि नई सिग्नलिंग लैब और टेलीकॉम लैब की स्थापना के साथ, इस संस्थान को एक वास्तविक बहु-विषयक प्रशिक्षण केंद्र बनाने के लिए एक और कदम आगे बढ़ा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम की जगह विभिन्न स्टेशनों पर सिग्नल और पैनल के संचालन के लिए कंप्यूटर आधारित इंटरलॉकिंग सिस्टम को लागू करने में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब केवल 4 स्टेशन इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिग्नलिंग के साथ काम कर रहे हैं, जिन्हें भी दिसंबर 2023 तक बदल दिया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में सभी सिग्नल और पॉइंट पहले की प्रणाली में लीवर के स्थान पर माउस के क्लिक से संचालित होते हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे पर पर सभी सेमाफोर सिग्नलों को एलईडी सिग्नलों से बदल दिया गया है जिनकी दृश्यता उत्कृष्ट है। इसके अलावा सिंगल लाइन को भी तेजी से डबल लाइन में बदला जा रहा है। इन दोनों के लिए स्टेशनों के बीच ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए ब्लॉक वर्किंग सिस्टम लगाए गए हैं।

क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान को ट्रेनों के कुशल और सुरक्षित संचालन के लिए तकनीकों को बनाए रखने के लिए, एक्सल काउंटिंग सिस्टम के साथ इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, विभिन्न प्रकार की सिंगल लाइन और डबल लाइन ब्लॉक इंस्ट्रूमेंट्स के विभिन्न प्रकारों से सुसज्जित किया गया है। शर्मा द्वारा आज अत्याधुनिक प्रणालियों से जुड़े उपकरणों जैसे बिजली आपूर्ति, डेटा लॉगर, अर्थ लीकेज डिटेक्टर, फ्यूज अलार्म सिस्टम के साथ एक नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का भी उद्घाटन किया गया।

स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं जैसे पीए सिस्टम्स, कोच गाइडेंस बोर्ड, जीपीएस आधारित डिजिटल क्लॉक, वाईफाई सिस्टम, यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी आदि पर बहुत जोर दिया जाता है। क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान इन सभी दूरसंचार प्रणालियों पर प्रशिक्षण प्रदान करेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा उपरोक्‍त उपकरणों और कई अन्‍य दूरसंचार प्रणालियों जैसे इलेक्‍ट्रॉनिक एक्‍सचेंज, वीएचएफ सेट, संबद्ध उपकरणों के साथ ओएफसी केबल आदि से युक्त एक टेलीकॉम लैब का भी उद्घाटन किया गया।

वर्ष 2022-23 के दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा रिकॉर्ड 50 एलसी गेट्स को इंटरलॉक किया गया है, यानी गेट बंद होने तक ट्रेन के सिग्नल बंद नहीं किए जा सकते हैं, इस प्रकार सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक विद्युत संचालित लिफ्टिंग बैरियर लेवल क्रॉसिंग गेट भी स्थापित किए गए हैं।

र्तमान में उत्तर पश्चिम रेलवे के 600 सिग्नलिंग और 400 दूरसंचार कर्मचारियों को हर साल साबरमती (गुजरात) में सिग्नल और टेलीकॉम स्कूल भेजा जा रहा है। उदयपुर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण सुविधाओं की स्थापना के साथ ही इन सभी को क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर में ही प्रशिक्षित किया जा सकता है। दूर के प्रशिक्षण केंद्रों में जाए बिना नए तकनीकी युग के बदलते परिवेश से मेल खाने के लिए अपने कौशल को उन्नत करने के लिए कर्मचारियों के लिए यह लाभप्रद होगा।

ईडी मामले में सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 17 अप्रैल तक बढ़ी

नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति-2021-22 में कथित अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अलग-अलग गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में बंद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत बुधवार को 17 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी गई।

राउस एवेन्यू स्थित एमके नागपाल की विशेष अदालत ने ईडी की ओर से दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुरोध पर सिसोदिया की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश पारित किया। विशेष अदालत ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 12 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है।

इससे पहले इस अदालत ने 3 अप्रैल को आरोपी नेता को सीबीआई की ओर से दर्ज मामले में भी 17 अप्रैल न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। विशेष अदालत ने आबकारी नीति कथित अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज प्राथमिकी में श्री सिसोदिया की जमानत याचिका 31 मार्च को खारिज कर दी थी।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को सीबीआई ने लंबी पूछताछ के बाद 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था। बाद में सिसोदिया को विशेष अदालत में पेश किया गया था, जहां उन्हें सीबीआई के अनुरोध पर चार मार्च तक केंद्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में भेजा था, जिसकी अवधि समाप्त होने पर दो दिनों की और सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। सीबीआई हिरासत समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

सीबीआई मामले में न्यायिक हिरासत के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) श्री सिसोदिया से पूछताछ की थी। बाद में विशेष अदालत ने ईडी की याचिका पर सिसोदिया को उसकी हिरासत में भेजा दिया था। सिसोदिया को ईडी की हिरासत खत्म होने के बाद इस मामले में भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

शीर्ष अदालत ने 28 फरवरी को सिसोदिया की रिट याचिका खारिज करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष गुहार लगा सकता है। सिसोदिया ने अपनी गिरफ्तारी और सीबीआई की जांच के तरीकों पर सवाल उठाते हुए राहत की उम्मीद में शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिसोदिया की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था।

शीर्ष अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद सिसोदिया ने बाद में उसी दिन उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। सीबीआई ने दिल्ली की आबकारी नीति 2021-2022 ( विवाद के बाद दिल्ली सरकार ने इस नीति को रद्द कर दिया था) में कथित अनियमितता के मामले में श्री सिसोदिया को 26 फरवरी रविवार को करीब आठ घंटे की लंबी पूछताछ के बाद देर शाम गिरफ्तार किया था।

सीबीआई ने आरोप लगाया था कि सिसोदिया जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, इसीलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने 17 अक्टूबर 2022 को आम आदमी पार्टी के नेता सिसोदिया से पूछताछ की थी। सीबीआई ने 17 अगस्त 2022 को सिसोदिया और अन्य 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

स्‍कोडा स्‍लाविया को क्रैश सेफ्टी में मिले पांच स्‍टार

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जयपुर। सुरक्षा के मामले में स्‍कोडा ऑटो इंडिया के टिकाऊ होने का दर्जा लगातार बढ़ता जा रहा है और हाल में स्‍लाविया सेडान को ग्‍लोबल न्‍यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (ग्‍लोबल एनसीएपी) क्रैश टेस्‍ट्स में पांच में से पांच स्‍टार्स मिले हैं।

स्‍कोडा ऑटो इंडिया के ब्राण्‍ड डायरेक्‍टर पेट्र सोल्‍क ने इस अवसर पर जयपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को आन लाईन संबोधित करते हुए कहा कि स्‍लाविया ग्‍लोबल एनसीएपी द्वारा परखी गई सबसे सुरक्षित कार बन गई है और स्‍कोडा ऑटो इंडिया को भारत की एकमात्र निर्माता बनाती है, जिसके पास क्रैश-टेस्‍टेड कारों से भरा बेड़ा है, जिन्‍हें वयस्‍क और बाल यात्रियों के लिये पांच-स्‍टार्स मिले हैं।

सोल्क ने स्‍लाविया द्वारा स्‍थापित किए गए सुरक्षा मानकों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि स्‍कोडा में अपनी रणनीति के तहत हम अपने ग्राहकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करते हैं। यह बताते हुए मैं खुश हूं कि हमारी दूसरी इंडिया 2.0 कार स्‍लाविया को ग्‍लोबल एनसीएपी सुरक्षा परीक्षण में 5-स्‍टार रेटिंग मिली है। यह बात सुरक्षा, परिवार और मानवीय स्‍पर्श के हमारे ब्राण्‍ड के मूल्‍यों से पूरी तरह मेल खाती है।

हम गंभीरता से अपने ग्राहकों की प्रशंसा करते हैं, जिन्‍होंने स्‍कोडा के उत्‍पाद खरीदने का फैसला लिया है और हम बहुत खुश हैं कि हम उनके लिए बाजार की सबसे सुरक्षित कारों की पेशकश कर सकते हैं। सुरक्षा के लिये एक व्‍यापक दृष्टिकोण के साथ हमारे पास 5-स्‍टार सुरक्षित कारों की पूरी तरह से परखी हुई एक श्रृंखला है। इससे मुहर लगती है कि हमने किस तरह हमेशा अपनी कारों की गुणवत्‍ता, टिकाऊपन और सुरक्षा पर ध्‍यान दिया है। सुरक्षा हमारी रणनीति के मूल में है और हम इस दर्शन के साथ कारें बनाते रहेंगे।

उन्होंने बताया कि स्‍लाविया को स्‍थानीयकरण, स्‍वामित्‍व और रख-रखाव की कम लागत पर ज्‍यादा ध्‍यान के साथ डिजाइन‍ किया गया था। साथ ही स्‍कोडा की सक्रिय ड्राइविंग की खूबियों को बरकरार रखा गया और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। भीतर के विभिन्‍न आघातों पर उसे परखा गया था। स्‍लाविया को शुरूआत से ही सुरक्षा का ध्‍यान रखते हुए डिजाइन किया गया था।

उसके आंतरिक ढांचे को कम वेल्‍ड किया गया है। इस ढांचे में ज्‍यादा मजबूत स्‍टील है और वह दुर्घटना के प्रभाव को कम तथा अवशोषित करने के लिये बना है, ताकि बाहरी हिस्‍से पर अंदर के केबिन से कम प्रभाव हो। यह मजबूत और आघात का अवशोषण करने वाली संरचना सुरक्षा की एक्टिव और पैसिव टेक्‍नोलॉजी का संगम है, जोकि स्‍लाविया को भीतर से लेकर बाहर तक पूरी तरह से सुरक्षित कार बनाता है।

उन्होंने बताया कि स्‍लाविया में छह एयरबैग्‍स, इलेक्‍ट्रॉनिक स्‍टेबिलिटी कंट्रोल, मल्‍टी-कोलिजन ब्रेकिंग, ट्रैक्‍शन कंट्रोल, एंटी-लॉक ब्रेक्‍स, बच्‍चों की सीटों के लिये आइसोफिक्‍स माउंट्स, टॉप टेथर एंकर पॉइंट्स, रेन-सेंसिंग वाइपर्स, ऑटोमेटिक हेडलाइट्स, टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग, आदि जैसी खूबियां हैं।

मुलायम सिंह यादव (मरणोपरांत) सहित 55 हस्ती पद्म पुरस्कारो से सम्मानित

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के संस्थापक रहे मुलायम सिंह यादव (मरणोपरांत) सहित 55 हस्तियों को आज यहां पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में बुधवार शाम आयोजित समारोह में वर्ष 2023 के लिए प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार प्रदान किए। समारोह में तीन हस्तियों को पद्म विभूषण, पांच को पद्मभूषण और 47 को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किए गए।

दिवंगत मुलायम सिंह यादव के पुत्र और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने पिता की जगह पद्म विभूषण सम्मान लिया। डॉक्टर दिलीप महालानाबिस को भी मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वैज्ञानिक एसआर श्रीनिवास को भी प्रतिष्ठित पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

इस मौके पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गृहमंत्री अमित शाह और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती की तैयारियां परवान चढी, बांटे जा रहे पीले चावल

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अजमेर।
महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में आने का निमंत्रण देने के लिए माली सैनी समाज की ओर से बुधवार को शहर के माली बहुल बाजारों में पीले चावल बांटने का सिलसिला जारी रहा।

अजमेर माली सैनी समाज बंधुओं ने आगरा गेट सब्जी मंडी, अजमेर फूल मंडी, मदार गेट, कस्तूरबा हॉस्पिटल फूल माला के कारोबार से जुटे व्यवसायीजनों को आगामी 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर होने वाले आयोजनों की जानकारी दी तथा पीले चावल देकर निमंत्रण दिया।

माली सैनी समाज की ओर से अज़मेर दुकानदार और व्यापारी वर्ग को पर होने वाले आयोजनों की जानकारी दी तथा पीले चावल देकर जयंती के अवसर पर निकलने वाली वाहन रैली के दिन दोपहर बाद आधे दिन अपने प्रतिष्ठान व कारोबार बंद रख परिवारजन व मित्रगणों के साथ रैली में शामिल होने का आग्रह किया।

आमंत्रण देने वालों में माली सेना शहर (अध्यक्ष) हेमराज खारोलिया, महामंत्री प्रदीप चौहान, तरुण जादम, हेमेंद्र कुमार सिंगोदिया, एडवोकेट बबिता टांक, धर्मेन्द्र टांक, हेमराज सिसोदिया, रवि दगदी, जितेन्द्र भाटी, विजय मौर्य, राजेश चौहान, गणेश टांक आदि समाज बन्धु उपस्थित रहे।

महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के उपलक्ष्य पर दिनांक 9 अप्रेल को सुबह 9 बजे से अपराहन 3 बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन गुलाबबाडी स्थित आनंद पैलेस में होगा। दिनांक 11 अप्रेल को सुबह 10 बजे महात्मा ज्योतिबा फुले स्मारक पर पुष्पांजलि दी जाएगी। इसी दिन अपराहन 3 बजे से विशाल वाहन रैली निकाली जाएगी। रैली का आरंभ राधेरानी गार्डन गुलाबाडी से होगा। रैली मेयोलिंक रोड मालियान सैनी पब्लिक स्कूल, 9 नंबर पेट्रोल पंप नगरा, मार्टिनंडल ब्रिज जीसीए चौराहा केसरगंज, गोल चक्कर, कवंडसपुरा, मदार गेट, जीपीओ, चूडी बाजार, नया बाजार, आगरा गेट, जयपुर रोड, पुरानी आरपीएससी, बस स्टेंड सर्किल होते हुए ज्योतिबा फुले सर्किल पहुंचेगी।

तेलंगाना भाजपा प्रमुख 10वीं कक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में अरेस्ट

करीमनगर। भारतीय जनता पार्टी की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष बंदी संजय कुमार को मंगलवार आधी रात 10वीं कक्षा का हिन्दी प्रश्न पत्र लीक करने में कथित रूप से संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। राज्य में एसएससी की परीक्षाएं तीन अप्रैल से शुरू हुई है।

प्राथमिकी के अनुसार बंदी संजय कुमार के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 154 और 157 के अंतर्गत दो मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ मामला करीमनगर टू टाउन पुलिस स्टेशन में और वारंगल के कमलापुर पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, संजय को सुरक्षात्मक उपायों के रूप से गिरफ्तार किया गया है जिससे छात्रों की परीक्षाएं बाधित न हो सके।

पुलिस ने प्राथमिकी में उल्लेख किया है कि संजय ने विकाराबाद और कमलापुर में प्रश्न पत्र लीक (तेलुगु और हिंदी) पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी। इसमें यह भी कहा गया कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के व्यवहार से शांति और सुरक्षा में बाधा उत्पन्न हुई तथा उन्होंने पार्टी नेताओं से परीक्षा केंद्रों पर धरना देने का आह्वान किया।

एसीपी थुला श्रीनिवास के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने संजय को कल आधी रात गिरफ्तार किया, जब वह 9वें दिन के समारोह में शामिल होने के लिए अपनी सास के घर पर थे। उन्हें यादाद्री भुवनगिरी जिले के बोम्मलरामाराम पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित किया दिया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बंडी संजय कुमार की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को पूरे राज्य में धरना-प्रदर्शन किया।

चुग ने की बंदी संजय की गिरफ्तारी की निंदा

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पार्टी के तेलंगाना मामलों के प्रभारी तरुण चुग ने बुधवार को पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद बंदी संजय कुमार को करीमनगर में उनकी सास के आवास कल मध्यरात्रि गिरफ्तार किए जाने की कड़ी निंदा की।

चुग कहा कि यह पुलिस की कायराना हरकत है, क्योंकि भाजपा ने केसीआर सरकार और उनके भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान शुरू किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी उपाय किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा कुमार की अवैध पुलिस हिरासत से रिहाई के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू करेगी और केसीआर के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करेगी, जो भ्रष्ट कार्यों में डूबी हुई है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि राज्य के लोग केसीआर और उनके परिवार के शासन से तंग आ चुके हैं और अब समय आ गया है कि वह जल्द ही पैकअप करें और सरकार छोड़ दें।