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महाराष्ट्र आर्म रेसलिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष बनीं अभिनेत्री प्रीति झंगियानी

महाराष्ट्र। बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति झंगियानी को गुरुवार को महाराष्ट्र आर्म रेसलिंग एसोसिएशन का अध्यक्ष नामित किया गया।

संगठन ने एक विज्ञप्ति में कहा कि प्रीति को पिछले कुछ वर्षों में पूरे भारत और विदेशों में आर्म-रेसलिंग (पंजा लड़ाना) के खेल को बढ़ावा देने और पूरे महाराष्ट्र में आर्म-रेसलिंग समुदाय के विकास के लिये उनके काम को देखते हुए इस पद पर नियुक्त किया गया।

प्रीति ने महाराष्ट्र के आर्म-रेसलिंग समुदाय का आभार व्यक्त किया और महिलाओं के साथ विशेष रूप से विकलांग एथलीटों को आर्म-रेसलिंग के खेल को अपनाने के लिये प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया।

प्रीति ने कहा कि महाराष्ट्र आर्म -कुश्ती एसोसिएशन का अध्यक्ष नियुक्त होना मेरे लिए सम्मानजनक है। डॉ श्रीकांत वालंकर, सचिन मत्ने, प्रमोद वालमाद्रे और हमारी मजबूत टीम के साथ मिलकर, हम महाराष्ट्र में आर्म रेसलिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि मेरा जन्म और पालन-पोषण मुंबई में हुआ और महाराष्ट्र मेरा घर है। मैं हमेशा अपने महाराष्ट्र और उसके एथलीटों की प्रगति और सशक्तिकरण के लिए काम करूंगी। प्रीति झंगियानी के नेतृत्व में आगामी 34वीं राज्य स्तरीय आर्म कुश्ती प्रतियोगिता पुणे में आयोजित की जाएगी। महाराष्ट्र आर्म-रेसलिंग एसोसिएशन महाराष्ट्र सरकार के सोसाइटी अधिनियम 1860 और बीपीटी अधिनियम 1950 के तहत पंजीकृत एक सार्वजनिक ट्रस्ट है।

उल्लेखनीय है कि प्रीति ने परवीन डबास के साथ फरवरी 2020 में प्रो पंजा लीग लॉन्च की। यह लीग पिछले दो सालों में एशिया की सबसे बड़ी आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता बन गई है। प्रो पंजा लीग ने देश भर में कुछ रैंकिंग टूर्नामेंट, कई मेगा मैच और कई प्रचार कार्यक्रम आयोजित किये हैं।

इसी बीच, महाराष्ट्र आर्म रेसलिंग एसोसिएशन के महासचिव और भारतीय आर्म रेसलिंग फेडरेशन के उपाध्यक्ष डॉ. श्रीकांत वालंकर ने बताया कि एसोसिएशन ने नागपुर में विकलांग नागरिकों के लिये आर्म रेसलिंग और पॉवरलिफ्टिंग के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू किया है।

सूरत की कोर्ट ने राहुल गांधी को सुनाई दो वर्ष की कैद, जमानत मंजूर

सूरत। गुजरात में सूरत की एक स्थानीय अदालत ने ‘मोदी उपनाम’ टिप्पणी मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को गुरुवार को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई, हालांकि इस मामले में तुरंत उनकी जमानत मंजूर हो गई।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा की अदालत ने आज गांधी को दोषी करार देते हुए उन्हें दो साल की सजा सुनाई। अदालत के फैसले के बाद हालांकि उन्हें फैसले पर अमल के लिए 30 दिन की मोहलत दी और उनकी जमानत भी मंजूर कर ली।

इस दौरान राहुल गांधी अदालत में मौजूद रहे। वह 30 दिन के अंदर निचली अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकते हैं। अदालत ने गांधी की 10 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत मंजूर की है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता पूर्णेश मोदी ने गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। मोदी गुजरात की सूरत पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक हैं।

अदालत से सजा का एलान होने के बाद गांधी ने ट्विटर पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन।

दूसरी तरफ राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में मानहानि का मामला दायर करने वाले मोदी ने कहा कि हम अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं। यह न्यायिक प्रक्रिया है और यह एक अहम फैसला है।

…तो राहुल की लोकसभा सदस्यता पर आज तलवार न टंगी होती

मानहानि के एक मामले में गुजरात की एक अदालत के कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को गुरुवार को दोषी ठहराने और दो साल के कारावास की सज़ा सुनाने से उनकी लोकसभा सदस्यता पर तलवार टंगी हुई है, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के एक वरिष्ठ वकील के अनुसार ऐसा नहीं हाेता यदि 2013 में उन्होंने उच्चतम न्यायालय के एक निर्णय को उलटने के लिए तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार की तरफ से लाए गए अध्यादेश को फाड़ नहीं दिया
होता।

एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि चूंकि राहुल गांधी को दो वर्ष की सज़ा सुनाई है और लोक प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 8(3) के अनुसार दो वर्ष की सज़ा की अवधि का उल्लेख है, इसलिए केरल के वायनाड से सांसद को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

कुमार ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने जुलाई 2013 में लिलि थॉमस बनाम भारत सरकार केस में सांसद/विधायक को राहत देने हुए उक्त कानून में तत्कालीन लागू धारा 8 (4) को असंवैधानिक घोषित कर कानून से खारिज कर दिया था जिसके तहत तीन माह की अवधि के लिए मौजूदा सांसद/विधायक की दोषसिद्धि एवं दंडादेश स्वत: स्थगित हो जाया करता था।

उच्चतम न्यायालय के इस निर्णय के बाद तत्कालीन मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए-2 सरकार एक अध्यादेश लाकर उक्त निर्णय को पलटना चाहती थी और केंद्रीय कैबिनेट ने इस सम्बन्ध में अध्यादेश को मंजूरी भी दे दी थी लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उस प्रस्तावित अध्यादेश की प्रति को कम्पलीट नॉनसेंस करार करते हुए फाड़ दिया था।

इसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी उक्त अध्यादेश पर एतराज जताया था और उस समय के केंद्रीय कानून मंत्री को अपने पास बुलाकर इस पर स्पष्टीकरण मांगा था। अक्टूबर 2013 में मनमोहन सिंह सरकार ने उस प्रस्तावित अध्यादेश को वापस लेने का निर्णय ले लिया। अगर राहुल गांधी उस प्रस्तावित अध्यादेश को न फाड़ते और वह कानून बन जाता, तो अब उन्हें ऊपरी अदालत में जाकर विशेष तौर पर अपनी दोषसिद्धि को स्टे न करवाना पड़ता।

आज गुजरात में सूरत जिले की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चार वर्ष पूर्व 2019 में बेंगलूरु में दिए गए एक बयान कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है? से जुड़े मानहानि मामले में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 499/500 के तहत दोषी करार करते हुए उन्हें दो वर्ष के कारावास और 15 हजार रुपए के जुर्माने का फैसला सुनाया है। इसी के साथ अदालत ने राहुल गांधी को 30 दिनों के लिए ज़मानत भी मंजूर कर दी है ताकि वह उच्च अदालत में इस निर्णय के विरूद्ध अपील दायर कर सकें।

सूरत की अदालत का दिया दंडादेश दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी ), 1973 की धारा 389 के अंतर्गत इसके आगामी 30 दिनों तक के लिए स्थगित कर दिया गया है ताकि वह ऊपरी अदालत में इसको चुनौती देते हुए अपील दायर कर सकें।

एडवोकेट कुमार ने बताया कि केवल अपीलेट सूरत सेशंस कोर्ट में उक्त 30 दिन की अवधि में क्रिमिनल अपील दायर कर निचली अर्थात सूरत के सीजेएम अदालत के दंडादेश के विरूद्ध स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त करना ही राहुल के लिए पर्याप्त नहीं होगा बल्कि अगर उन्हें अपनी लोकसभा सदस्यता बचाए रखनी है है, तो जैसा सुप्रीम कोर्ट के सितम्बर 2018 के लोक प्रहरी बनाम भारत सरकार निर्णय में उल्लेख है, उन्हें अपनी दोषसिद्धि के आदेश का भी अपीलेट सेशंस कोर्ट से स्थगन करवाना होगा, जो राहत प्रदान करना या न करना उस अदालत/जज के विवेक पर निर्भर करता है।

उच्चतम न्यायालय के निर्णयों अनुसार ऐसे मामलों में सजा के आदेश /दंडादेश को तो अपीलेट कोर्ट (सेशंस कोर्ट या हाई कोर्ट) तत्काल स्टे कर सकती है परन्तु दोषसिद्धि को कुछ विशेष या उपयुक्त परिस्थितियों में ही अपीलेट कोर्ट द्वारा लिखित कारणों को स्पष्ट कर ही स्थगित किया जाना चाहिए न ही रूटीन (आम) मामलों जैसे।

वरिष्ठ वकील हेमंत ने इसी वर्ष जनवरी 2023 में मौजूदा 17वीं लोकसभा में लक्षद्वीप लोकसभा सीट से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सांसद मोहम्मद फैज़ल पीपी के मामले का हवाला देते हुए बताया कि उन्हें जब सेशंस कोर्ट से हत्या के प्रयास में 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गयी तो उन्हें लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया जिसके बाद उनकी सीट रिक्त घोषित कर उस पर भारतीय चुनाव आयोग ने उपचुनाव का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया था हालांकि बाद में केरल उच्च न्यायालय से सांसद मोहम्मद फैज़ल को उनकी दोषसिद्धि के विरूद्ध स्टे प्राप्त होने पर ही उन्हें राहत प्राप्त हुई एवं चुनाव आयोग ने उपचुनाव के कार्यक्रम को रद्द किया था।

भवानीखेड़ा गांव में जयगुरुदेव आश्रम ने रैली निकाल मुक्ति दिवस महोत्सव मनाया

नसीराबाद/बाघसूरी। नसीराबाद के समीपवर्ती भवानीखेड़ा गांव स्थित जयगुरुदेव आश्रम पर गुरुवार को आश्रम के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सोनी के सान्निध्य में मुक्ति दिवस महोत्सव आस्थापूर्वक मनाया गया।

जयगुरुदेव आश्रम मथुरा से आए प्रवक्ता देवेंद्र सिंह यादव ने अमृतवाणी प्रवचन करते हुए महापुरुषों के संत्संग, वचनों, भजन कीर्तन, सदाचार- शाकाहार अपनाने, अच्छे समाज का निर्माण कराने में अपने भागीदारी निभाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों की निंदा आलोचना नहीं करनी चाहिए यह परमार्थ की कमाई को खत्म कर देती है।

आत्मा की बैठक हमारी आंखों के मध्य भाग में है। आंखों के नीचे को भौतिकवाद तथा ऊपर आध्यात्मिकवाद शुरू होता है। भौतिकवाद का आशय जिसका नाश हो जाता है। आध्यात्मिक वाद का आशय जिसका कभी भी नाश न हो। इन दोनों के बीच माया बहुत बड़ा बाजार है। माया का आशय ऋद्धियों- सिद्धियों के भंडार से है। जो तप करते हैं उनको माया तरह- तरह की ऋद्धियों व सिद्धियों को प्रलोभन देकर साधना में गिरा देती है।

माया लोक में बिना सत्गुरु के कोई नहीं बच सकता है। इस दौरान जयगुरुदेव आश्रम जयकारों से गूंज उठा। इससे पूर्व आश्रम में उमड़े सेवादारों की ओर कस्बे में सदाचारी शाकाहारी रैली निकाली गई। ग्रामीणों ने रैली का पुष्प वर्षा कर जगह जगह स्वागत किया।

जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सोनी व सेवादारों ने मथुरा से आए प्रवक्ता देवेंद्र सिंह यादव का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस मौके पर बंशीलाल सोनी, ताराचंद जांगिड़, शंकर लाल प्रजापत, फूलसिंह,ईश्वर सिंह रावत, विजय कुमार सोनी, मिनाक्षी सोनी, तारादेवी, विनोद कुमार सोनी आदि मौजूद थे।

अजमेर में शहीद दिवस पर अहिंसा मार्च का आयोजन

अजमेर। शहीद दिवस के अवसर पर गुरुवार को अहिंसा मार्च का आयोजन किया गया। इसके पश्चात आयोजित कार्यक्रम में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन कर शहीदों को याद किया गया।

शहीद दिवस 23 मार्च के अवसर पर शांति एवं अहिंसा विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा अहिंसा मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च पुरानी चौपाटी से आरंभ हुआ। इसको कलक्टर अंश दीप, अतिरिक्त कलेक्टर राजेंद्र सिंह, उपखंड अधिकारी शिवाक्षी खांडल, नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ओम शंकर वर्मा, सहायक निदेशक भागचंद मंडरावलिया तथा अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी शहाबुद्दीन ने रवाना किया।

यह मार्च बजरंगगढ़ स्थित विजय स्मारक तक आयोजित हुआ। इसमें द्वितीय राज बीएन एनसीसी, 2 राज इंजीनियर एनसीसी, एनएसएस, राजकीय सावित्री विद्यालय, जवाहर स्कूल, क्रिशचनगंज बालिका विद्यालय, तथा सुंदर विलास बालिका विद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति के संयोजक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती ने कहा कि देश को आजाद कराने में प्रत्येक वर्ग और क्षेत्र के व्यक्तियों ने भाग लिया। सभी ने त्याग और बलिदान दिया। उसके परिणाम स्वरूप आजादी मिली। उस समय अंग्रेजों से लोहा लेते हुए भारत माता के अनगिनत सपूत शहीद हो गए। इन शहीदों को हमें हमेशा याद करना चाहिए। उनके द्वारा किए गए त्याग के कारण आज देश सशक्त है। हमें टीम भारत के रूप में आपस में मिलकर कार्य करना चाहिए। इसी से देश आगे बढ़ेगा।

इस दौरान संगीतमय सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इसमें सर्वधर्म मैत्री संघ के द्वारा हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, जैन एवं बौद्ध प्रार्थनाएं की गई। महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति के सहसंयोजक श्री शक्ति प्रताप सिंह ने कहा कि आज का दिन देश के लिए सर्वस्व समर्पित करने वालों को याद करने का दिन है।

ब्रह्मकुमारी की आशा बहन ने कहा कि भारतीय संस्कृति बचपन से समाज एवं देश के लिए समर्पण करने वालों को याद रखने का संस्कार देती है। डॉ. शारदा देवड़ा तथा श्री दिनेश्वर के दल ने देशभक्ति गीत एवं भजन प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर उमेश शर्मा, हेमराज खारोलिया, चेतन पंवार, राजीव कच्छावा, राहुल पंवार, जितेंद्र चौधरी, हरी प्रसाद जाटव, सूबेदार मोहिंदर सिंह, हवलदार बलराम, संजय अत्यालकर, शिंगाडे वीके, प्रकाश जैन, मोहम्मद अली बोरा, फादर कॉसमॉस, ज्योतियाराज, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन वर्तिका शर्मा ने किया।

चेक गणराज्य में सांसदों पर टिकटॉक के उपयोग पर प्रतिबंध

प्राग। चेक गणराज्य की संसद के दोनों सदनों के सदस्यों पर सुरक्षा कारणों और राष्ट्रीय साइबर एवं सूचना सुरक्षा एजेंसी की सिफारिश पर सरकारी उपकरणों पर चीन की वीडियो-शेयरिंग ऐप टिकटॉक के उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

चेक रेडियो सेस्की रोझलास की बुधवार की रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों सदनों के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभागों को सरकारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर टिकटॉक इंस्टॉल और उपयोग नहीं हो, यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

चैंबर ऑफ डेप्युटीज सेक्रेटरी मार्टिन प्लिसेक ने संवाददाताओं को बताया कि सभी सांसदों और उनके सहायकों को सलाह दी गयी है कि वे निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी इस एप्लिकेशन का उपयोग न करें। उल्लेखनीय है कि अमरीका और कनाडा सहित कई यूरोपीय देश सुरक्षा कारणों से चीन के वीडिया शेयरिंग ऐप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।

उत्तराखंड में 5 श्रद्धालुओं की बस की चपेट में आने से मौत, 7 घायल

नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पूर्णागिरी धाम से मां के दर्शन करके लौट रहे उत्तर प्रदेश के पांच श्रद्धालुओं की एक बस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गयी जबकि सात अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना पर दुख जताया है। केबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने भी टनकपुर अस्पताल जाकर वहां भर्ती घायलों का हालचाल जाना।

चंपावत के पुलिस क्षेत्राधिकारी अविनाश वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बदायूं और बहराइच के रहने वाले कुछ श्रद्धालु आज पूर्णागिरी धाम दर्शन के लिए आए थे। सभी लोग सुबह-सुबह मंदिर से दर्शन करके अपने घर लौटने के लिए मंदिर से कुछ दूरी पर ठुलीगाड़ नामक जगह में सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान कुछ श्रद्धालु बस की चपेट में आ गये। चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल ले जाते दम तोड़ दिया। हादसे में सात लोग घायल भी हुए हैं।

वर्मा ने बताया कि इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष से सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सुंदर सिंह और सीओ अविनाश वर्मा दल बल के साथ मौके पर पहुंच गये। सभी घायलों को तत्काल टनकपुर अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि एक घायल ने टनकपुर अस्पताल से रेफर करते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया।

मृतकों में बद्री नारायण (43) उप्र, माया राम (29), रामदेई (30) निवासीगण सौहराव, बहराइच, उप्र, नेत्रावती (20), अमरावती (26) निवासीगण पिंडा, बिल्सी बदायूं, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। घायलों के नाम कौशल्या देवी निवासी सौहराव, बहराइच, उप्र, कुसुम देवी, पार्वती देवी, सरोज, राधिका, रामसूरत निवासीगण सौहराव, थाना रामगांव, बहराइच, उप्र, प्रियांशी निवासी पिंडा, बिल्सी, बदायूं हैं।

धामी ने इस हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बात कर दुर्घटना की जानकारी ली और घायलों का हरसंभव उपचार के निर्देश दिए।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही जनपद की प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य भी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने टनकपुर अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने घायलों को सरकार द्वारा हरसंभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही अधिकारियों को समुचित उपचार मुहैया कराने के भी निर्देश दिए।

अजमेर : अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 3 व्यक्तियों की मौत

अजमेर। राजस्थान मे अजमेर के बांदरसिंदरी थाना क्षेत्र हाईवे पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से तीन लोगों की अकाल मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने तीनों को कुचल दिया जिसमें दो की मौके पर ही और एक की अस्पताल में मृत्यु हो गई।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बुधवार देर रात एक पिकअप गाड़ी खराब होने पर उसको मोबाइल की रोशनी में ठीक कर रहे युवकों ने मदद के लिए हाईवे पर किसी वाहन को रोकने का प्रयास किया लेकिन अज्ञात वाहन की चपेट में आने से काल के ग्रास बन गए।

तीनों को किशनगढ़ की यज्ञनारायण अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने तीसरे को भी मृत घोषित कर दिया। मृतकों में माधोपुरा निवासी शंकर रैगर एवं शिवराज रैगर तथा दातारी निवासी दयाल रैगर की मौत हो गई। पुलिस घटना की जांच और अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है।

राजस्थान में सतीश पूनियां को हटाया, सांसद सीपी जोशी बने प्रदेशाध्यक्ष

जयपुर/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को बिहार, दिल्ली, राजस्थान एवं ओडिशा में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा की।

पार्टी की यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सम्राट चौधरी को बिहार, वीरेंद्र सचदेवा को दिल्ली, सीपी जोशी को राजस्थान और मनमोहन सामल को ओडिशा में पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।

राजस्थान बीजेपी की कमान अब जोशी को

राजस्थान से चित्तौड़गढ़ सांसद जोशी को डा सतीश पूनियां के स्थान पर भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया हैं। इस संबंध में संगठन महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने जोशी की नियुक्ति के आदेश जारी किए कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उहें राजस्थान भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया है।

उल्लेखनीय है कि डा पूनियां तीन साल से अधिक समय से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे और संगठन ने उनके अच्छे काम को देखते हुए पिछले दिनों ही उनका कार्यकाल बढ़ाया था और माना जा रहा था अब विधानसभा चुनाव तक प्रदेश अध्यक्ष यही रहेंगे लेकिन गुरुवार को पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बदल दिया। डा जोशी लगातार दूसरी बार चितौड़गढ़ से सांसद चुने गए थे और इससे पहले भी वह विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं।

पूनियां ने जोशी को प्रदेशाध्यक्ष बनने पर दी बधाई

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां ने प्रदेश में उनकी जगह नव मनोनीत प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। डा पूनियां ने इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का हार्दिक अभिनंदन किया है।

इस अवसर पर डा पूनियां ने कहा कि मैं पार्टी का आभारी हूं कि मेरे जैसे साधारण किसान के घर में जन्मे कार्यकर्ता को तीन वर्षों तक ज़िम्मेदारी देकर सम्मान दिया। इन तीन वर्षों में संगठनात्मक रचना और आंदोलन के द्वारा पार्टी को पूरी ताकत से धरातल पर सक्रिय करने में योगदान दे पाया। मैं एक कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के निर्देशानुसार जीवन पर्यन्त काम करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि हम सब कृतसंकल्प हैं कि मिलकर 2023 में राजस्थान को कांग्रेस मुक्त बनाकर भाजपा की बहुमत की सरकार बनाएंगे।

भाजपा के राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि डॉ पूनियां ने राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी के संगठन को विस्तार एवं मज़बूत किया, सफलतापूर्वक राजनीतिक कार्यक्रम एवं गहलोत सरकार के ख़िलाफ़ व्यापक जन आक्रोश तथा संघर्ष का प्रभावी नेतृत्व दिया और आगे भी उनकी अह्म भूमिका रहेगी।

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 21 रन से हराया, सीरीज 2-1 से जीती

चेन्नई। ऑस्ट्रेलिया ने ऐडम ज़ैम्पा (45/4) की अगुवाई में गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत को तीसरे एकदिवसीय मैच में बुधवार को 21 रन से हराकर तीन मैचों की शृंखला 2-1 से जीत ली। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 270 रन का लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में मेजबान टीम 49.1 ओवर में 248 रन पर ऑलआउट हो गई।

भारत को चार साल और सात एकदिवसीय शृंखलाओं के बाद घरेलू सरज़मीन पर हार मिली है। भारत को इससे पहले 2019 में ऑस्ट्रेलिया ने ही हराया था। चिदंबरम स्टेडियम की धीमी पिच पर स्पिनरों का बोलबाला रहा। भारत की ओर से पांड्या ने भारतीय गेंदबाजों की अगुवाई करते हुए आठ ओवर में तीन विकेट लेकर 44 रन दिए, जबकि ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम की कमर तोड़ने वाले कुलदीप ने 10 ओवर में 56 रन देकर तीन विकेट चटकाए।

मेहमान टीम के लिए ज़ैम्पा ने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 45 रन देकर चार विकेट लिये। इसके अलावा टेस्ट सीरीज में नज़रंदाज़ किए गए ऐश्टन आगर ने भी 10 ओवर में 41 रन देकर दो सफलताएं हासिल कीं। भारत की ओर से विराट कोहली ने 72 गेंद पर दो चौकों और एक छक्के के साथ सर्वाधिक 54 रन बनाए, हालांकि उन्हें किसी का साथ नहीं मिला।

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी और पिछले मैच में अविजित शतकीय साझेदारी करने वाली ट्रैविस हेड-मिचेल मार्श की जोड़ी ने अपनी टीम को एक बार फिर आक्रामक शुरुआत दिलाई।

हेड-मार्श ने पहले पावरप्ले का फायदा उठाते हुए 68 रन की साझेदारी की। इससे पहले कि यह साझेदारी भारत को मुश्किल में डालती, पांड्या ने हेड को पवेलियन लौटा दिया। हेड ने 31 गेंद पर चार चौकों और दो छक्कों की मदद से 33 रन बनाए। उन्होंने अपने अगले ओवर में स्टीव स्मिथ को विकेटकीपर के हाथों कैचआउट करवा कर ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका दिया। स्मिथ भारत दौरे के छह मैचों में एक बार भी अर्द्धशतक नहीं बना सके।

दूसरी ओर, मार्श (47 गेंद, आठ चौके, एक छक्का, 47 रन) सीरीज के अपने दूसरे अर्द्धशतक की ओर बढ़ रहे थे लेकिन पांड्या ने उन्हें भी बोल्ड कर दिया। ऑस्ट्रेलिया के ऊपरी क्रम को धराशाई करने के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने गेंद स्पिनरों को सौंप दी।

डेविड वॉर्नर और मार्नस लाबुशेन ने चिदंबरम स्टेडियम की पिच पर स्पिनरों के आगे धैर्य का प्रदर्शन करते हुए 60 गेंद में 40 रन की साझेदारी की। वॉर्नर 23 रन की पारी में एक चौका लगाकर अपने पांव जमा चुके थे लेकिन कुलदीप की गेंद पर बड़ा शॉट मारने की कोशिश में लॉन्ग-ऑफ को कैच दे बैठे। वॉर्नर की तरह लाबुशेन (45 गेंद, 28 रन) ने भी बड़ा छक्का लगाने की कोशिश में लॉन्ग-ऑन को कैच थमाया।

मार्कस स्टॉयनिस ने छठे विकेट के लिए एलेक्स कैरी के साथ 58 रन की साझेदारी की लेकिन वह भी अच्छी शुरुआत को लंबी पारी में नहीं बदल सके। स्टॉयनिस ने 26 गेंद पर तीन चौकों के साथ 25 रन बनाए और वह अक्षर पटेल की गेंद को लॉन्ग-ऑन के हाथों में खेलकर पवेलियन लौटे। स्टॉयनिस के साथी कैरी ने कुलदीप की गेंद पर बोल्ड होने से पहले 46 गेंद पर 38 रन (दो चौके, एक छक्का) बनाए।

ऑस्ट्रेलिया 196 रन पर छह विकेट गिरने के बाद छोटे स्कोर पर सिमट सकता था लेकिन पुछल्ले बल्लेबाजों ने अंत में 11 ओवर खेलकर बहुमूल्य 66 रन जोड़े।

शॉन ऐबट ने ऐश्टन आगर के साथ आठवें विकेट के लिये 42 महत्वपूर्ण रन जोड़े। अक्षर ने ऐबट को 26 (23) रन के स्कोर पर बोल्ड किया, जबकि सिराज ने आगर (21 गेंद, 17 रन) और मिचेल स्टार्क (11 गेंद, 10 रन) को आउट करके ऑस्ट्रेलियाई पारी को समाप्त किया।

भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल की मदद से तेज़ शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 65 रन जोड़े। रोहित ने 17 गेंद पर दो चौकों और दो छक्कों की बदौलत 30 रन बनाये लेकिन पावरप्ले के आखिरी ओवर में आउट हो गये। स्टीव स्मिथ ने स्पिनरों को गेंद सौंपकर भारतीय रनगति पर लगाम भी कस दी।

ज़ैम्पा ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरी सफलता दिलाते हुए शुभमन गिल (49 गेंद, 37 रन) को पगबाधा आउट किया और भारत की सलामी जोड़ी तीन ओवर के अंतराल में पवेलियन लौट गई।

शुरुआती झटकों के बाद केएल राहुल और कोहली ने 69 रन की साझेदारी करके पारी को संभाल लिया, हालांकि राहुल तेज़ी से रन बनाने के मामले में संघर्ष करते नज़र आए। राहुल ने आखिरकार 26वें ओवर की आखिरी गेंद पर चौका जड़कर 49 गेंद का सूखा समाप्त किया। राहुल ने अगले ओवर में स्टार्क को एक चौका और एक छक्का भी जड़ा, हालांकि वह 50 गेंद पर 32 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

कप्तान रोहित ने ज़ैम्पा की स्पिन को बेअसर करने के लिए अक्षर को पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिये भेजा लेकिन वह सिर्फ दो रन बनाकर रनआउट हो गए। ऑस्ट्रेलिया ने जल्द ही दो विकेट चटकाकर मैच में वापसी कर ली। इस समय तक मैच बराबरी पर था लेकिन आगर के एक ओवर ने इसे ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में झुका दिया।

आगर ने 36वें ओवर में कोहली को लॉन्ग ऑफ पर कैचआउट करवाया, जबकि अगली ही गेंद पर उन्होंने सूर्यकुमार यादव को बोल्ड किया। सूर्यकुमार इस सीरीज के तीनों मैचों में पहली गेंद पर आउट हुए।

भारत को अंतिम सात ओवर में 54 रन की जरूरत थी। पांड्या और जडेजा की साझेदारी भारत के लिये बहुमूल्य थी लेकिन ज़ैम्पा ने एक बार फिर महत्वपूर्ण समय पर विकेट निकालते हुए पांड्या को आउट कर दिया। पांड्या ने 40 गेंद पर तीन चौके और एक छक्का लगाकर 40 रन बनाये और उनकी हार के साथ भारत का पतन सुनिश्चित हो गया। जै़म्पा ने एक ओवर बाद जडेजा (33 गेंद, 18 रन) को पवेलियन लौटाया।

मोहम्मद शमी ने 14 रन की अपनी पारी में एक चौका और एक छक्का लगाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। स्टॉयनिस ने शमी को बोल्ड करके पवेलियन भेजा, जबकि कुलदीप के रनआउट के साथ भारतीय पारी समाप्त हो गई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 54 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में वर्ष 2023 के लिए प्रथम चरण में 54 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया।मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित समारोह में तीन पद्म विभूषण, चार पद्म भूषण और सैंतालीस पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किए।

पहले चरण में पद्म पुरस्कार पाने वालों में प्रो़ बालकृष्ण दोषी (मरणोपरांत), जाकिर हुसैन तथा सोमनहल्ली मल्लय्य कृष्ण को पद्म विभूषण, कुमार मंगलम बिरला, सुमन कल्याणपुर, प्रो़ कपिल कपूर तथा कमलेश डी पटेल को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

पद्मश्री से सम्मानित होने वाले में जोधाईया बाई बेगा, उषा बारले, डा़ सकुरांत्रि चन्द्रशेखर, रामन चेरुवयल, भानु भाई चुनीलाल चितारा, नरेन्द्र चंद देववर्मा (मरणोपरांत), बडीबेन गोपाल, माफी शडयान, हेमचंद गोस्वामी, प्रीतिकना गोस्वामी, डा़ मोदादुग्गु विजय गुप्ता, बिलशाद हुसैन, भीखूरामजी इदाते, डा़ रतन सिंह जग्गी, विक्रम बहादुर जमातिया, राकेश राधेश्याम झुंझुनूं वाला (मरणोपरांत), गुरु फिरु थिरुविडेमरुथुर कुप्पैया कल्याणसुंदरम, डा़ रतन चंद्र कर, महिपत राय प्रताप राय कवि, महागुणी चरण कुंवर, प्रो़ अरविंद कुमार, रिसिंग बोर कुरकालंग, हिरबाईबेन इब्राहिम भाई लॉबी, डा़ प्रभा कुमार भानुदास मांडे, नाडोचा पिंडिपापनहल्ली मुनिवेकंटपा, प्रो महेन्द्र पाल, डा़ नलिनी पार्थसारथी, डा़ हनमंत राव पसुपुलेटी, रमेश रधुनाथ पतंगे, वीपी अप्पूकुंटन पोतुवाल, एसआर डी प्रसाद, चिंतनपाटि वेंकटपति राजू, डा़ बंडी रामकृष्ण रेड्डी, मंगलाकांत राय, प्रो़ मनोरंजन साहू, कोटा सच्चिदानंद शास्त्री, गुरचरण सिंह, लक्ष्मण सिंह, प्रो प्रकाशचंद सूद, नैहुनुओ सोर्ही, एस सुब्बरामन, विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, धनीराम टोटो, तुलाराम उप्रेती, डा़ जी वेलुच्चामी, करमा वांगचु (मरणोपरांत) और गुलाम मोहम्मद जज है।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं अन्य केन्द्रीय मंत्री मौजूद रहे। अलंकरण समारोह के बाद शाह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली में आयोजित रात्रिभोज में पद्म पुरस्कार से सम्मानित हस्तियों से बातचीत की।

पद्म पुरस्कार विजेता गुरुवार सुबह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे तथा अमृत उद्यान, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री संग्रहालय भी जाएंगे। ऐलान किए गए 106 पद्म पुरस्कारों में से 6 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 91 पद्मश्री हैं। पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं हैं।