Warning: Constant WP_MEMORY_LIMIT already defined in /www/wwwroot/sabguru/sabguru.com/18-22/wp-config.php on line 46
Sabguru News - 7250 का पृष्ठ 315 -
होम ब्लॉग पेज 315

सोनभद्र के पहाड़ी नाले में 6 लोग बहे, पांच के शव बरामद

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले के रामपुर बरकोनिया क्षेत्र में तेज बारिश से उफनाए नाले में छह लोग बह गए जिनमें से पांच के शव को बरामद कर लिया गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कालू सिंह ने शनिवार को बताया कि गड़वान गांव से बैतरा नाला के पास जंगल में छह लोग शुक्रवार शाम लकड़ी बीनने के लिए गए थे। देर शाम अचानक से तेज बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई जिससे बचने के लिए सभी इधर उधर छुपने लगे।

इसी बीच बारिश के कारण बैतरा नाला में तेज उफान के साथ पानी का बहाव शुरू हो गया जिसमें छह लोग पानी के चपेट आकर नाले में बह गए। पुलिस एवं अन्य खोजी दस्तों के प्रयास से शनिवार दोपहर तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि एक महिला खोज जारी है।

उन्होंने बताया कि मृतकों में राजकुमारी (40), रीता (32), राजपती (10) सभी निवासी गड़वान थाना रामपुर बरकोनिया, हीरावती (22), विमलेश (12) के शव बरामद कर लिए गए हैं जबकि एक महिला की तलाश जारी है।

फिरोजाबाद में बाल सुधार गृह के पूर्व अधीक्षक पर रेप का आरोप

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले के बाल सुधार गृह के पूर्व अधीक्षक पर सुधार गृह में तैनात एक महिला कर्मचारी ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर अदालत ने सीओ सिटी को मामले की जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

पीड़िता के अधिवक्ता विमल बाबू यादव के मुताबिक मामला 19 अक्टूबर 2022 का है। पीड़िता ने सीजेएम के यहां दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि वह बाल सुधार गृह में बर्तन साफ करने के लिए भंडार गृह से साबुन लेने गई थी जहां अपने आवास पर मौजूद बाल सुधार गृह के अधीक्षक चंद्रबली ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। साथ ही उन्होंने धमकाया कि अगर किसी से शिकायत की तो नौकरी से निकलवा देंगे। आरोपी फिलहाल रिटायर हो चुके हैं।

इसके बाद महिला द्वारा जिला प्रोबेशन अधिकारी से भी शिकायत की गई लेकिन अधीक्षक के खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं हुई बल्कि महिला को नौकरी से निकालने की धमकी लगातार दी जाती रही।

पीड़ित महिला ने इस मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के यहां शिकायत दर्ज कराई और कोर्ट से अनुरोध किया की आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। न्यायाधीश ने मुकदमा पंजीकृत कराए जाने से पूर्व पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर से 18 अप्रैल तक संबंधित मामले में अपनी जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह सहित 7 अरेस्ट, इंटरनेट सेवाएं बंद, धारा 144 लागू

जालंधर। पंजाब में जालंधर पुलिस ने खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को ‘वारिस पंजाब दे’ के अध्यक्ष एवं खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उसके 6 अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

अमृतपाल सिंह और उसके अन्य छह साथियों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने के लिए सोशल मीडिया पर अपील की है। प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए रविवार तक इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है। मोगा में धारा 144 लागू कर दी गई है, जहां अमृतपाल सिंह ने एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना था।

अमृतपाल सिंह के 6 साथियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया था जब उनका काफिला जिला जालंधर के शाहकोट मलसियां इलाके से होते हुए वाया मोगा रामपुराफूल की तरफ जा रहे थे, जहां उन्होंने एक कार्यक्रम में शामिल होना था। मोगा जिला प्रशासन ने मोगा में धारा 144 लागू कर दी है और लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की है। पुलिस ने सार्वजनिक उद्घोषणा में कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वाले को जेल जाना पड़ सकता है।

पुलिस सूत्रों अनुसार विवादास्पद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस ने सुबह लगभग साढ़े नौ बजे आपरेशन शुरू किया था, जो दोपहर बाद तीन बजे तक चला। इस दौरान पुलिस ने किसी गड़बड़ के मद्देनजर अमृतसर जिले में स्थित अमृतपाल सिंह के गांव जल्लुपुर खेड़ा को भी सील कर दिया है। यहां पुलिस के साथ-साथ केन्द्रीय सुरक्षा बल भी तैनात किया गया है।

पंजाब के गृह सचिव अनुराग वर्मा के अनुसार सरकार द्वारा इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं रविवार दोपहर 12 तक बंद कर दी गई हैं। पंजाब के मोगा जिले में भारी पुलिस तैनाती देखी गई। इस बीच, पंजाब पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों से पुलिस के कामकाज में दखलअंदाजी न करने की भी अपील की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अमृतपाल का काफिला जब शाहकोट के पास पहुंचा, तभी पुलिस फोर्स ने उसे घेर लिया। पुलिस ने दो गाड़ियों में सवार अमृतपाल के छह साथियों को पकड़ लिया, जबकि वह खुद अपनी मर्सिडीज कार में भाग निकलने में कामयाब रहा।

बाद में पुलिस ने अमृतपाल को जालंधर के नकोदर के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अमृतपाल के छह साथियों के पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किया है। हाल ही में अमृतपाल सिंह द्वारा अजनाला पुलिस थाने पर कब्जा करने की घटना के बाद केन्द्र सरकार ने इसका कड़ा संज्ञान लिया था।

लिवरपूल मिडफील्डर लुकास लीवा ने दिल की बीमारी के बाद संन्यास लिया

पोर्तो एलेग्रे। ब्राजील, लिवरपूल और लाज़ियो के पूर्व मिडफील्डर 36 वर्षीय लुकास लीवा ने नियमित चिकित्सा परीक्षणों में दिल की बीमारी का पता लगने के बाद शुक्रवार को फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की।

उन्होंने ब्राजील के क्लब ग्रेमियो में संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। उन्होंने 2005 में इस क्लब से अपने करियर की शुरुआत की थी और यहीं उनका फुटबॉल सफर समाप्त हुआ। लीवा ने 2007 से 2017 के बीच लिवरपूल का प्रतिनिधित्व किया और वह 2012 में इंग्लिश प्रीमियर लीग जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रहे थे। वह पांच सीजन के लिए लाज़ियो में शामिल हुए और 2019 में इटालियन कप जीता। रक्षात्मक मिडफील्डर पिछले साल ग्रेमियो में लौट आए थे।

उन्होंने 2007-13 के बीच ब्राज़ील की राष्ट्रीय टीम के लिए भी 24 मैच खेले। ग्रेमियो ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मैं जहां चाहता हूं, वहां अपना करियर खत्म कर रहा हूं, लेकिन उस तरह से नहीं जैसा मैंने सोचा था। मुझे बहुत उम्मीद थी कि मैं इसे बदल सकता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेरा स्वास्थ्य मेरे लिये पहले आता है।

ग्रेमियो के डॉक्टर मर्सियो डोर्नेल्स ने कहा कि दिल की तीन महीने पूर्व पहली रिपोर्ट आने के बाद लीवा ने क्लब में काम करना बंद कर दिया था। हाल के परीक्षणों में उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखाई दिया।

उन्होंने कहा कि हमने कल उनके परीक्षण समाप्त किए। जब हमने उसकी फाइब्रोसिस और उसके आसपास के जोखिमों का मूल्यांकन किया, तो हमने लुकास से कहा कि उन्हें उच्च प्रदर्शन वाली गतिविधियों को जारी नहीं रखना चाहिए।

लीवा ने इंस्टाग्राम पर कहा कि उन्हें नहीं पता कि भविष्य में उनके लिये क्या रखा है, लेकिन लिवरपुल हमेशा उनका घर रहेगा। लीवा ने कहा कि मैं एक स्कॉउज़र हूं। दुनिया भर के सभी प्रशंसकों को धन्यवाद, मुझे यकीन है कि आप मेरे जीवन के इस नए चरण में मेरे लिए खुश रहेंगे।

इमरान खान के घर में घुसी पुलिस, 40 पार्टी कार्यकर्ता अरेस्ट

लाहौर। पाकिस्तान में पंजाब प्रांत की पुलिस पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के चेयरमैन एवं पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के घर में शनिवार को बल प्रयोग करते हुए घुसी और 40 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। खान इस कार्रवाई के वक्त तोशखाना मामले में सुनवाई के लिए इस्लामाबाद की एक अदालत जा रहे थे।

गौरतलब है कि इमरान खान को वारंट के आधार पर एक मामले में अदालत में पेश किया जाना है। पंजाब पुलिस ने हाल ही में खान को गिरफ्तार करने की कोशिश की जिसके कारण पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी।

टीवी समाचार चैनल जियो न्यूज के अनुसार पुलिस ने खान के ज़मान पार्क स्थित निवास पर पार्टी द्वारा स्थापित कार्यकर्ता शिविरों को खाली करने के लिए यह अभियान शुरू किया है। पुलिस ने खान के घर में घुसने से पहले कहा कि धारा 144 लागू की गई है, आप सभी से अनुरोध है कि यहां से हट जाएं।

जियो न्यूज के अनुसार पुलिस ने मुख्य द्वार पर बुलडोजर चलाकर और कई पीटीआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेते हुए घर में प्रवेश किया। पुलिस ने यह भी दावा किया कि उनकी कार्रवाई के जवाब में खान के आवास के अंदर से सीधे गोलीबारी और पेट्रोल बमों का सामना करना पड़ा।

जमान पार्क में तलाशी को लेकर शुक्रवार को प्रशासन और पीटीआई के बीच समझौता होने के बाद इलाके में पुलिस की भारी टुकड़ी तैनात कर दी गई थी। पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान मोलोटोव कॉकटेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बरामद की।

इसी बीच, खान ने ट्वीट कर कहा कि पुलिस ने ऐसे समय पर कार्रवाई की जब उनकी पत्नी बुशरा बेगम घर में अकेली हैं। खान ने ट्वीट किया कि पंजाब पुलिस ने ज़मान पार्क में मेरे घर पर हमला किया है, जहां बुशरा बेगम अकेली हैं। ये किस कानून के तहत ऐसा कर रहे हैं? यह ‘लंदन योजना’ का हिस्सा है, जहां भगोड़े नवाज शरीफ को एक नियुक्ति पर सहमत होने के एवज में सत्ता में लाने की प्रतिबद्धता जताई गयी थी।

कुछ खबरों के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री पुलिस कार्रवाई के समय इस्लामाबाद के रास्ते में थे। उन्होंने ट्विटर पर वीडियो जारी कर के कहा कि रास्ते में एक सड़क दुर्घटना के कारण उन्हें अदालत पहुंचने में देर हो गई है।

मध्यप्रदेश के पैदल चंबल पार कर करौली जा रहे 7 श्रद्धालु लापता, 3 के शव बरामद

मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से आज पैदल चंबल नदी पार कर राजस्थान के करौली माता दर्शन के लिए जा रहे सात श्रद्धालु नदी के तेज बहाव में बह गए। हादसे में अब तक 3 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि पांच की तलाश अब भी जारी है।

कलेक्टर अंकित अस्थाना ने बताया कि राजस्थान मध्यप्रदेश सीमा पर सबलगढ़ अनुविभाग के टेंटरा थाने स्थित रायड़ी राधेन गांव के पास चम्बल नदी पार कर 17 लोग राजस्थान स्थित कैला देवी माता के दर्शन करने जा रहे थे। इस दौरान सात लोग पानी के बहाव में बह गए। 3 के शव बरामद कर लिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि शेष पांच की तलाश जारी है। प्रशासन लगातार बचाव कार्य में जुटा है। आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। सूत्रों के अनुसार सभी लोग शिवपुरी जिले के चिलावद गांव निवासी थे। इनमें से से 8 लोग सुरक्षित हैं। 3 के शव मिले हैं। प्रशासन मौके पर पहुंच गया है, राहत व बचाव कार्य जारी है।

बताया जा रहा है कि जब लोग नदी पैदल पार कर रहे थे, उसी दौरान मगरमच्छ दिखाई देने की अफवाह फैली और श्रद्धालु नदी के भीतर ही घबरा गए। इसी दौरान यह हादसा हुआ। सात लोग नदी पार कर राजस्थान की सीमा में पहुंच गए, वहीं तीन लोग रायड़ी गांव के पास ही रह गए। मृतकों की पहचान देवकीनंदन कुशवाह (55) और कल्लो कुशवाह (40) के तौर पर हुई है। एक बच्चा, तीन महिलाएं और एक पुरुष की तलाश लगातार जारी है।

सिरोही भाजपा की ‘नारायणी सेना’ का ‘नारायण’ के बाद ‘अर्जुन’ पर वार

सिरोही में संभागीय आयुक्त के साथ मीटिंग की जिला प्रमुख की वो तस्वीर जिसे भाजपा के समूहों में शेयर करने पर 12 सवाल दाग डाले।

सिरोही। द्वापर में कुरुक्षेत्र में ‘नारायण’ और ‘अर्जुन’ एक रथ पर सवार थे और उनके सामने नारायणी सेना थी। राजस्थान में 2023 के चुनावी युग में सिरोही के कुरुक्षेत्र में ‘नारायण’ पुरोहित और उनके भाई जिला प्रमुख ‘अर्जुन’ पुरोहित भाजपा के रथ पर सवार हैं और उनके सामने भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता ‘नारायणी सेना’ के रूप में खड़े हो चुके हैं।

दोनों संघर्षों में एक अंतर है। द्वापर युग में कृष्ण के रूप में नारायण और अर्जुन धर्म के साथ थे और उस समय कृष्ण की नारायणी सेना अधर्म का प्रतीक माने जाने वाले कौरव पक्ष के साथ। यहां स्थिति अलग बताई जा रही है।

नारायणी सेना रूप में भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को आरोप है कि भाजपा जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित विपक्ष का धर्म भूलकर सत्ता का सहयोग कर रहे हैं जबकि वे लोग (नारायण पुरोहित का विपरीत खेमा) विपक्षी धर्म के साथ खड़े होकर सत्ता की हर अनियमितता के प्रति रौद्र रूप दिखाने के पक्षधर हैं।

सावधानी के बाद भी वन क्षेत्र में कर दिया वार

हाल ही में भाजपा की राष्ट्रीय सचिव और राजस्थान की सह प्रभारी विजया रहाटकर के सिरोही में आगमन पर भाजपा जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित की प्रेस पर बैठक हुई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उनकी कार्यप्रणाली प्रभारी तक नहीं पहुंचा पाएं इसलिए इतनी बाहर बैठक की गई।

यदि नारायण पुरोहित की यही मंशा थी तो इस सावधानी पर भी शिवगंज के भाजपा कार्यकर्ताओं ने पानी फेर दिया। दिनेश बिंदल के नेतृत्व में सुमेरपुरा के जवाई वन क्षेत्र में उनके पहुंचने पर वे लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने जिले में भाजपा के हालातों के बारे में बताया। सूत्रों के अनुसार उन्होंने नारायण पुरोहित के नेतृत्व में जिला भाजपा के सिरोही विधायक के समक्ष सरेंडर की मुद्रा में होने का आरोप लगाया।

उन्होंने सह प्रभारी को बताया कि पालड़ी एम में कम्बल बाबा सिरोही विधायक से अपने शिविर का उद्घाटन करवाकर और उनका बैनर लगाकर कई भोले-भाले लोगों को मूर्ख बनाता रहा इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष संयम लोढ़ा को घेरने में नाकाम रहे।

इसी तरह कार्तिक भील प्रकरण, सिरोही चिकित्सालय में बच्चे को श्वानों द्वारा नोचने के प्रकरण, सिरोही व शिवगंज नगर निकाय क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं मामले और सिरोही विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों की अव्यवस्थाओं के बारे में भाजपा जिला संगठन सिरोही विधायक को घेरने में पूरी तरह फेल रहा।

सूत्रों की मानें तो उन्होंने सिरोही विधायक और सरकार की अनियमितताओं के खिलाफ भाजपा जिलाध्यक्ष के ‘कूल’ मूड के कारण कमल के फूल के सिपाहियों में व्याप्त असंतोष और इसकी वजह से भी सहप्रभारी केा अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्ष और उनके चार-पांच सहयोगियों ने सत्ता के खिलाफ आक्रोश को प्रेस नोट और व्हाट्स एप पर वीडियो संदेश वायरल करने तक ही सीमित कर दिया है।

रात सवा बजे अर्जुन पुरोहित पर दागे सवाल

नारायण पुरोहित के खिलाफ व्याप्त असंतोष से सहप्रभारी को अवगत करवाए हुए दो दिन भी नहीं बीते होंगे कि उनके जिला प्रमुख भाई पर भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष हेमंत पुरोहित ने सोशल मीडिया पर रात सवा बजे सवालों की बारिश कर दी। दरअसल, 10 मार्च को संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में सिरोही में एक बैठक हुई थी। इसमें जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित भी मौजूद थे। जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित ने भाजपा के समूह में बैठक में हिस्सा लेने की जानकारी देते हुए इसका फोटो शेयर किया था। इसी के बाद रात करीब सवा बजे हेमंत पुरोहित ने भाजपा के समूहों में अर्जुन पुरोहित पर बारह सवाल दाग दिए।

रात सवा बजे ये संदेश भेजा

आदरणीय जिला प्रमुख जी नमस्कार,
आज आप की फोटो संभागीय आयुक्त जी के साथ देख कर मन अति आनंदित हुआ। सिरोही भाजपा के हर कार्यकर्ता की गर्व है कि सिरोही में जिला परिषद का अध्यक्ष (जिला प्रमुख) भाजपा का है। आप ने सभी भाजपा ग्रुप में अपनी फोटो और आप द्वारा लिखित पोस्ट भी सभी कार्यकर्ताओं तक पहुंचाई आप का बहुत बहुत आभार। वास्तव में आप की फोटो बहुत अच्छी आई है तारीफे काबिल है। पर आप कार्यकर्ताओं को ये बताना भूल गए कि आप ने इस कांग्रेस सरकार के खिलाफ व सिरोही की जनता के हित में क्या किया?

1. क्या आप बोल पाए कि सिरोही जिले में अपराधियों का बोलबाला है?
2. क्या आप बोल पाए कि जिले में चोरों होसले बुलंद है?
3. क्या आप बोल पाए कि जिले में मादक पदार्थ खुले आम बिक रहा है और जिले का युवा इस में डूबता जा रहा है?
4. क्या आप बोल पाए कि जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों का घोटाला हो रहा है और हर गांव में काम सही तरीके से हो रहा है?
5. क्या आप बोल पाए कि जिले में पटवारियों की कमी से आम जन परेशान है?
6. क्या आप बोल पाए कि स्कूलों में अध्यापक की कमी है?
7. क्या आप बोल पाए कि गांवों में ग्रामीण बस सेवा बंद क्यों है?
8. क्या आप बोल पाए की अस्पतालों की व्यवस्था नकारा है?
9. क्या आप बोल पाए की सिरोही अस्पताल में एक कुता मासूम बच्चे को खा गया। उन दोषियों के खिलाफ अभी तक कारवाई क्यों नहीं हुई सिर्फ उनको एपीओ करके सरकार चुप क्यों है?
10. क्या आप ने बोला की सिरोही से मंडार रोड पर टाइम पूरा होने के बाद भी टोल क्यों वसूला जा रहा?
11. क्या आप ने बोला की अभी तक किसानों को मुहावजा क्यों नहीं मिला?
12. क्या आप ने बोला की पिंडवाड़ा में एक बच्चे के साथ अध्यापक ने बुरी तरह मारपीट क्योंकि बच्चा हॉस्पिटल में भर्ती है, घायल होने की वजह से और उस बच्चे के बोर्ड की परीक्षा हैं, क्या होगा उस बच्चे का भविष्य क्या आप ने ये सवाल संभागीय आयुक्त को किया?

साब, आप जिला प्रमुख हो। आम कार्यकर्ता की तरह फोटो सेशन मत करो। कुछ तो जनता की भावना के अनुकूल करो ताकि पार्टी का कार्यकर्ता अपने आप पर गर्व महसूस करे। मेरे सवाल कड़वे हो सकते हैं आप को इसमें विरोध की भी बू आती होगी। माफ करें। कार्यकर्ता का दर्द समझें।

कईयों को मिल चुकी चेतावनी

पिछले कई महीनों से जिले में भाजपाइयों ने नारायण पुरोहित के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसकी सबसे पहले शुरुआत दो साल पहले चूरमा पार्टी से हुई थी। उसमें सिरोही विधानसभा से चुनाव लडऩे के कथित रूप से इच्छुक जयपुर के कुछ नेता भी शामिल हुए थे। उस समय सबगुरु न्यूज ने लगातार उस पर खबरे प्रकाशित की थी। फिर यह विवाद कुछ शांत हो गया। लेकिन, अंदर ही अंदर ये विरोध सुलगता रहा।

दीवाली के बाद से ये विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इस विरोध को थामने के लिए जिला संगठन ने कई कार्यकर्ताओं को जयुपर से पदाधिकारियों से फोन करवाकर भी चेतावनी दिलवाई। लेकिन, मर्ज बढ़ता गया ज्यों ज्यों इलाज बढ़ता गया की तर्ज पर जितना प्रदेश संगठन सुसुप्त पड़े जिला संगठन को विरोध नहीं करने का दबाव बना रहा है ये दबाव और तेजी से बाहर आ रहा है।

काजल राघवानी की फिल्म नाम बदनाम का ट्रेलर रिलीज

मुंबई। भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी की आने वाली फिल्म नाम बदनाम का ट्रेलर रिलीज हो गया है। निर्देशक विष्णु शंकर बेलू की फिल्म नाम बदनाम का ट्रेलर रिलीज हो गया है। इस फिल्म में काजल राघवानी के साथ मुख्य भूमिका में अभिनेता गौरव झा हैं।

नाम बदनाम में काजल राघवानी की भूमिका डायना नामक दबंग गैंगस्टर की है वही ट्रेलर के दूसरे हिस्से में उनकी भूमिका कई शेड्स में नजर आती है। फिल्म ‘नाम बदनाम’ का निर्माण कार्जड्स प्रा लि के बैनर तले हुआ है और इस फिल्म का ट्रेलर इंटर 10 रंगीला के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल से रिलीज किया गया है। फिल्म के निर्माता शिवम गोयल और शव्या गोयल हैं।

निर्देशक विष्णु शंकर बेलु ने कहा कि नाम बदनाम की पटकथा एक्शन और इमोशन प्रधान है। फिल्म के ट्रेलर को रिलीज के बाद दर्शकों से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। हमने एक शानदार फिल्म बनाई है जो दर्शकों को खूब पसंद आएगी।

गौरतलब है कि फिल्म नाम बदनाम में काजल राघवानी और गौरव झा के साथ देव सिंह हीरा यादव और खुद विष्णु शंकर बेलु भी मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। फिल्म का म्यूजिक स्वर्गीय धनंजय मिश्रा का है। डीओपी देवेंद्र तिवारी हैं। कोरियोग्राफर रिकी गुप्ता है। स्टोरी मनोज कुशवाहा का है। पोस्ट प्रोडक्शन आई फोकस स्टूडियो में हुआ है।

बागेश्वर आत्महत्या मामला : पुलिस को मौके से मिला 6 पेज का सुसाइड नोट

बागेश्वर/नैनीताल। उत्तराखंड के बागेश्वर में 4 लोगों के शव मिलने के मामले में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। सल्फास के अलावा पुलिस को मौके से छह पेज का एक सोसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए सामूहिक आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाने की बात कही गई है।

बागेश्वर पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार वर्मा ने शनिवार को इसका खुलासा किया। उन्होंने प्रेस से मुखातिब होते हुए कहा कि शुक्रवार को पुलिस की एक टीम ने घटनास्थल की गहनता से जांच की और पुलिस टीम को छह पेज का एक सोसाइड नोट बरामद हुआ है। यह उसी कमरे से मिला है जहां चार शव मिले थे।

इससे पहले पुलिस को कमरे से जहरीला सल्फास जैसा पदार्थ मिला था। यह एक पारदर्शी पन्नी में बेड के पास चटाई के ऊपर पड़ा था। सूंघने पर इससे बहुत तेज गंध आ रही है। जिससे माना जा रहा है कि यह सल्फास हो सकता है। उन्होंने आगे बताया कि सोसाइड नोट में तफ्सील से आत्महत्या की बात कही गई है। उल्लेख है कि परिवार आर्थिक रूप से तंगी से गुजर रहा है और इसलिये पीड़ितों ने इतना बड़ा कदम उठाया।

सोसाइड नोट अंजलि की ओर से लिखा गया है। उसमें कहा गया है कि उनके पास खाने को भी कुछ नहीं है और उसके पिता भूपाल राम भी विगत 01 मार्च से घर नहीं लौटे हैं। नोट में लिख था कि गरीबी के कारण उसके पिता ने लोगों से कर्जा ले रखा है और ग्रामीण पैसे के लिए परिवार पर दबाव बना रहे हैं। इससे वह मानसिक रूप से परेशान हैं। बताया जा रहा है कि एक महिला ने भूपाल राम के खिलाफ हाल ही में ठगी के मामले में एक मामला दर्ज करवाया था।

पत्र में यह भी कहा गया है कि स्थानीय पुलिस से भी उन्हें सहयोग नहीं मिल रहा है। पत्र में उन सब लोगों के नाम भी लिखे गए हैं जिन्होंने उनसे पैसे के लिये दबाव बनाया है। वर्मा ने आगे कहा कि पन्नी में मिले पदार्थ और सोसाइड नोट को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। इसके अलावा पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर इस मामले में अभियोग पंजीकृत कर लिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम के साथ ही चारों के बिसरा को सुरक्षित रख लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि बागेश्वर के घिरौली के जोशीगांव में गुरुवार रात को एक घर से पुलिस को एक ही परिवार के चार लोगों के शव बरामद हुए थे। इनकी पहचान भूपाल राम की पत्नी नंदी देवी (40), पुत्री अंजलि (14), कृष्णा (07) एवं भाष्कर (01) के रूप में हुई।

वर्मा ने बताया कि पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर का मुख्य दरवाजा और कमरे का दरवाजा अदंर से बंद था। उन्होंने कहा कि सोसाइड नोट में लिखे पुलिस की भूमिका को लेकर बागेश्वर के थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ आरोपों की जांच कपकोट पुलिस को सौंपी गई है।

भूपाल राम कपकोट के घटबगड़ गांव के भनार का मूल निवासी है और वह पिछले कुछ समय से जोशीगांव में अपने परिवार के साथ रह रहा था। यहां यह भी बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने भूपाल राम के परिवार को अंतिम बार आठ मार्च को होली के अवसर पर देखा था। इससे अंदाज लगाया जा रहा है कि यह घटना 8 मार्च को हुई होगी।

जौनपुर में किशोरी की गला रेत कर हत्या, रेप की आशंका

जौनपुर। उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में जंघई प्रयागराज रेल खंड के बगल असवा गांव स्थित एक अरहर के खेत मे बीती देर शाम एक किशोरी का शव मिलने से सनसनी फैल गई। किशोरी की पहचान नहीं हो सकी है। उसकी गला रेत कर हत्या की गई है। मृतका के साथ दुष्कर्म की आशंका व्यक्त की जा रही है।

पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि जिले में मीरगंज थाना क्षेत्र के असवां गांव में शुक्रवार शाम छह बजे रेलवे लाइन के किनारे अरहर के खेत में गांव का एक व्यक्ति नीलगाय हांकने गया था, जिसकी नजर एक किशोरी के शव पर पडी। मौके पर ग्रामीण की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने जंघई चौकी इंचार्ज राम विलास व मीरगंज के थानाध्यक्ष बृजेश कुमार गुप्ता को दी तो दोनों मौके पर पहुंच कर जांच मे जुट गए।

युवती नीला जींस नीला टी शर्ट पहने हुए थी। शव का गला रेता गया है। कपड़ों की अस्त व्यस्त स्थिति को देखते हुए उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की आशंका है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। किशोरी की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।