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आनासागर झील के किनारे पत्रकारों का फागोत्सव, भजन संध्या आज

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अजमेर। जर्नलिस्ट एसोसिएशन आफ राजस्थान (JAR) की अजमेर ईकाई की ओर से हर साल की तरह इस बार भी होली के उपलक्ष्य में आनासागर झील के किनारे श्याम फागोत्सव एवं भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।

जार के अजमेर जिलाध्यक्ष अकलेश जैन ने बताया कि शहर के पत्रकारों, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं व गणमान्यजनों के सहयोग से 5 मार्च को रविवार शाम 7 बजे से आनासागर जेटी पर होली के आनंद से ओत प्रोत सांस्कृृतिक कार्यक्रम होंगे साथ ही भजन संध्या होगी। अशोक शर्मा एंड पार्टी के कलाकार चंग पर फाग नृत्य की विशेष प्रस्तुति देंगे। युगल एवं एकल नृत्य के साथ कालबेलिया नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहेगा।

भजन संध्या में श्री सर्वेश्वर संकीर्तन मंडल के अशोक तोषनीवाल एंड पार्टी भजनों की रसधार से आनंदित करेंगे। इत्र की सुगंध के बीच फूलों की होली आकर्षण का केन्द्र रहेगी। राजस्थानी गायक कलाकार तेजपाल सूफियाना अंदाज में राधा कृष्ण की लीला पर आधारित गीतों की प्रस्तुति देंगे।

होली आपसी मनमुटाव दूर करने और मेलजोल बढ़ाने का त्यौहार

त्यौहार, धार्मिक उत्सव एवं व्रत हिंदू धर्म का एक अविभाज्य अंग है। इनको मनाने के पीछे कुछ विशेष नैसर्गिक, सामाजिक, ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक कारण होते हैं तथा इन्हें उचित ढंग से मनाने से समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उनके व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन में अनेक लाभ होते हैं। इससे पूरे समाज की आध्यात्मिक उन्नति होती है। इसीलिए त्यौहार, धार्मिक उत्सव एवं व्रत मनाने का शास्त्राधार समझ लेना अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

होली – होली भी संक्रांति के समान एक देवी हैं। षड्विकारों पर विजय प्राप्त करने की क्षमता होलिका देवी में है। विकारों पर विजय प्राप्त करने की क्षमता प्राप्त होने के लिए होलिका देवी से प्रार्थना की जाती है। इसलिए होली को उत्सव के रूपमें मनाते हैं।

होली का त्यौहार – देश-विदेश में मनाया जाने वाला होली का त्यौहार रंगों के साथ उत्साह तथा आनंद लेकर आता है। इसे विभिन्न प्रकार से ही सही; परंतु बडी धूमधाम से मनाया जाता है। सब का उद्देश्य एक ही होता है, कि आपसी मनमुटावों को त्यागकर मेलजोल बढे।

होली पर अग्नि देवता के प्रति कृतज्ञता – होली अग्नि देवता की उपासना का ही एक अंग है। अग्नि देवता की उपासना से व्यक्ति में तेजतत्त्व की मात्रा बढने में सहायता मिलती है । होली के दिन अग्नि देवता का तत्त्व 2 प्रतिशत कार्यरत रहता है। इस दिन अग्नि देवता की पूजा करने से व्यक्ति को तेज तत्त्व का लाभ होता है। इससे व्यक्ति में से रज-तम की मात्रा घटती है। होली के दिन किए जाने वाले यज्ञों के कारण प्रकृति मानव के लिए अनुकूल हो जाती है। इससे समय पर एवं अच्छी वर्षा होने के कारण सृष्टि संपन्न बनती है। इसीलिए होली के दिन अग्नि देवता की पूजा कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। घरों में सुबह के समय पूजा की जाती है। सार्वजनिक रूप से मनाई जाने वाली होली रात में मनाई जाती है।

होली मनाने का कारण – पृथ्वी, आप, तेज, वायु एवं आकाश इन पांच तत्त्वों की सहायता से देवता के तत्त्व को पृथ्वी पर प्रकट करने के लिए यज्ञ ही एक माध्यम है। जब पृथ्वी पर एक भी स्पंदन नहीं था, उस समय के प्रथम त्रेतायुग में पंच तत्वों में विष्णु तत्त्व प्रकट होने का समय आया। तब परमेश्वर द्वारा एक साथ सात ऋषि-मुनियों को स्वप्न दृष्टांत में यज्ञ के बारे में ज्ञान हुआ। उन्होंने यज्ञ की सिद्धताएं (तैयारियां) आरंभ कीं। नारद मुनि के मार्गदर्शनानुसार यज्ञ का आरंभ हुआ । मंत्रघोष के साथ सबने विष्णु तत्त्व का आवाहन किया। यज्ञ की ज्वालाओं के साथ यज्ञकुंड में विष्णु तत्त्व प्रकट होने लगा। इससे पृथ्वी पर विद्यमान अनिष्ट शक्तियों को कष्ट होने लगा। उनमें भगदड मच गई। उन्हें अपने कष्ट का कारण समझ में नहीं आ रहा था। धीरे-धीरे श्रीविष्णु पूर्ण रूप से प्रकट हुए। ऋषि-मुनियों के साथ वहां उपस्थित सभी भक्तों को श्री विष्णु जी के दर्शन हुए। उस दिन फाल्गुन पूर्णिमा थी। इस प्रकार त्रेतायुग के प्रथम यज्ञ के स्मरण में होली मनाई जाती है। होली के संदर्भ में शास्त्रों एवं पुराणों में अनेक कथाएं प्रचलित हैं।

होली में परंपरा को नष्ट करने का प्रयास – धर्म शास्त्रों को समझकर उसके अनुसार त्योहार मनाया जाए तो इससे आध्यात्मिक लाभ होते हैं। आज के समय में जब वर्ष भर वनों की कटाई से जंगलों को साफ किया जा रहा है, पर्यावरणवादी और संगठन इस विषय पर आंखें मूंद लेते हैं। आज बड़े आयोजनों में हर दिन हजारों टन भोजन व्यर्थ होता है तब इन संगठनों का कहना होता है कि होली के दिन रोटी का दान करें, कचरे की होलिका जलाएं इत्यादि। वनों की कटाई को रोकने के लिए ये लोग वर्ष भर क्या करते हैं? गणेशोत्सव आए तो मूर्तियों का दान करें, दीवाली आए तो पटाखे न फोड़ें, शिवरात्रि आए तो पिंडी पर दूध ना चढाए आदि टिप्पणियां हिन्दू त्योहारों की कालावधि में की जाती हैं। इससे पता चलता है कि ये लोग अपप्रकार दूर करने के लिए नहीं बल्कि परंपरा को नष्ट करने का प्रयास कर रहे है। रंगपंचमी प्राकृतिक रंगों के साथ और पानी का दुरुपयोग किए बिना मनाएं। सामाजिक नुकसान कर रंग को बेरंग ना करें। पर्यावरण के अनुकूल, अनाचार से मुक्त; होली, धूलिवंदन और रंगपंचमी मनाकर त्योहारों का आनंद लें जो धर्मशास्त्र के अनुरूप हैं।

होली में हो रहे अनाचार – होली प्राचीन काल से ही हिंदुओं का एक बड़ा त्योहार है। अभी होली का रूप बदलकर एक प्रकार से भद्दा और घिनौना हो गया है। इस दिन कई प्रकार के अनाचार होते हैं जैसे चिल्लाना, गलियां देना, शराब पीना, अश्लील वर्तन इत्यादि। यह किसी भी प्रकार से हिंदू समाज के लिए योग्य नहीं है। होली में पिछले कई वर्षों से कुकर्म होते आ रहे हैं। ये अनाचार धर्म, संस्कृति और समाज के लिए हानिकारक हैं। सभी को त्योहारों में बुरी आदतों को रोकने और खुशी के साथ मनाने का प्रयास करना चाहिए। होली के लिए जबरदस्ती चंदा लेना, डरा-धमका कर लकड़ी इकठ्ठा करना आदि अनाचार बंद करना चाहिए।

खतरनाक कृत्रिम रंग का होली में उपयोग न करें – धर्मशास्त्र के अनुसार रंगपंचमी, रंगो से खेलते है; परंतु अधिकतर स्थानों पर होली या धूलिवंदन के दिन रंगों से खेलने की प्रथा शुरू हुई है। पूर्व काल मे होली में उपयोग होनेवाले रंग प्राकृतिक होते थे, परंतु अब प्राकृतिक रंगों के स्थान पर रासायनिक रंगों का बढ़-चढ़कर उपयोग किया जाता है और इससे सर्व सामान्य व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर हानि होने की संभावना बढ़ गई है। वर्ष 2001 मे टॉक्सिक लिंक और वातावरण नाम के कंपनियों को उनके संशोधन से यह ध्यान में आया है की, वर्तमान मे होली के रंग तीन प्रकार में मिलते हैं (पेस्ट, पाउडर और तरल के रुप में), ये तीनों शरीर के लिए हानिकारक हैं। एस्बेस्टस या सिलिका पाउडर से बने रंग त्वचा के लिए हानिकारक पदार्थ हैं। जेन्शियन वायलेट को पतले रंग में डाला जाता है, जिससे त्वचा का रंग बदलना और डर्मेटाइटिस नामक त्वचा रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।

सद्भावना का मार्ग दिखाने वाला उत्सव है होली – होली एक ऐसा त्योहार है जो दुष्ट प्रवृत्तियों और अमंगल विचारों को नष्ट करके सद्भावना का मार्ग दिखाता है। दुर्भाग्य से, वर्तमान में इस त्योहार में कई भ्रांतियां घुस गई हैं; होली में जलाने के लिए अच्छे पेड़ों को काटना; लकड़ी, गोबर के कंडे आदि की चोरी करना, आने-जाने वाले लोगो से बलपूर्वक पैसे वसूल करना या उन पर गंदे पानी के गुब्बारे फेंक कर मारना, साथ ही उन्हें शरीर को हानि पहुंचाने वाले रंगों से रंगना, महिलाओं को देख अश्लील हाव-भाव व्यक्त करना, जोर से गाना बजाना, जुआ खेलना, शराब पीना और धूम्रपान करना। स्वार्थ भावना से वर्ष भर किये जाने वाले वनों की कटाई से जंगल और पहाड़ सूने हो गए हैं, वहीं ‘पर्यावरणविद’ जो इसे वर्ष भर होता देखते हैं, वर्ष में एक बार होली के त्योहार के दौरान नींद से जागते हैं। होली पर्व के महत्व को समझे बिना ही होली के त्योहार की शुरुआत होने के पूर्व से ही उनके आंशिक ज्ञान के आधार पर प्रबोधन प्रारम्भ कर देते है।

प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें।’ – लखनऊ के ‘ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर’ के उपनिदेशक आधुनिक चिकित्सक मुकुल दास के अनुसार होली के दौरान उपयोग किए जाने वाले रंग अधिकांश रासायनिक के साथ-साथ अखाद्य जैसे कपड़ा, कागज और चमड़े जैसे पदार्थों से बने होते हैं। प्राकृतिक रंग का महत्व बताते समय डॉक्टर दास बोले, होली के समय ऋतु में बदलाव होने के कारण वातावरण मे हानिकारक असंतुलन निर्माण होते हैं। प्राकृतिक रंग अपने विशेष गुणों के कारण सूर्य के प्रकाश की सहायता से ऐसी विकृतियों को नियंत्रित करने में सक्षम होते हैं। इसके लिए रासायनिक रंगों के संकट से स्वयं को बचाने के लिए प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना चाहिए।

अग्रवाल समाज अजमेर का फाग महोत्सव : पुष्पों, इत्र से खेली होली

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अजमेर। अग्रवाल समाज अजमेर का होली स्नेह मिलन, फाग महोत्सव तथा वरिष्ठजन सम्मान समारोह विजय लक्ष्मी पार्क में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं व्यवसायी इंजीनियर ज्ञानेश गुप्ता तथा विशिष्ट अतिथि दिनेश गुप्ता एवं ओम प्रकाश गोयल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अग्रवाल समाज अजमेर के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने की।

अग्रवाल समाज अजमेर के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल व महासचिव सतीश बंसल ने बताया कि मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि सहित अग्रवाल समाज अजमेर के मुख्य संरक्षक रमेशचंद अग्रवाल व राधिका अग्रवाल, संरक्षकगण नरेन्द्र मंगल, उमेशचंद गुप्ता, कैलाशचंद अग्रवाल, हनुमान दयाल बंसल, लज्जाशंकर गोयल व जंवरीलाल बंसल, अग्रवाल समाज अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकुमार गर्ग, महासचिव सतीश बंसल, कोषाध्यक्ष दिनेश प्रणामी व निवर्तमान अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल ने श्री कृष्ण भगवान व श्री अग्रसेन भगवान प्रतिमा पर माल्यार्पण कर व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में फाग महोत्सव के तहत कृष्ण भगवान का दरबार सजाया तथा तथा दिल्ली की सुप्रसिद्ध फाग मंडली के कलाकारों द्वारा श्री राधा कृष्ण के भजन एवं होली फाग गीत व धमाल पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए गए जिस पर उपस्थित समाजबंधु भी उनके साथ नाचने को मजबूर हो गए। इस अवसर पर पुष्प वर्षा कर व उपस्थित सभी अग्रबंधुओं व मातृशक्ति के चंदन का तिलक लगाकर पुष्पों से व इत्र लगाकर होली खेली गई।

अग्रवाल व बंसल ने बताया कि इस अवसर पर समाज बंधुओं में से मुर्ख मंडली का चयन भी किया गया जिसमें ज्ञानेश गुप्ता को मुर्खाधिराज, दिनेश गुप्ता को महामूर्ख, ओम प्रकाश गोयल, शैलेंद्र अग्रवाल, रमेशचंद गर्ग, प्रवीण अग्रवाल व राधिका अग्रवाल को मुर्ख मंडली में शामिल किया गया।

अग्रवाल व बंसल ने बताया कि इस अवसर पर अग्रवाल समाज अजमेर के 75 वर्ष व इससे अधिक आयु के वरिष्ठ सदस्यों हनुमान दयाल बसंल, श्यामलता गर्ग, प्रेमचंद अग्रवाल, रामेश्वर लाल गर्ग, बिशन चंद तायल, वेदप्रकाश गुप्ता, रघुनंदन स्वरूप अग्रवाल, इंद्रा गोयल, भगवती डीडवानीया व महावीर प्रसाद अग्रवाल का माल्यार्पण कर तथा शॉल व स्मृति चिन्ह व श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर अग्रवाल समाज अजमेर के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल व महासचिव सतीश बंसल ने संस्था द्वारा की जा रही रचनात्मक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए सभी कार्यों का श्रेय समाज के भामाशाहों, समाजसेवियों व पूरी कार्यकारिणी तथा सक्रिय सदस्यों को देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

इससे पूर्व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्ञानेश गुप्ता, विशिष्ट अतिथि दिनेश गुप्ता व ओम प्रकाश गोयल का माल्यार्पण कर तथा शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। दिल्ली से आये हुए कलाकारों का माल्यार्पण कर व दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अजमेर की विभिन्न अग्रवाल संस्थाओं व धड़ों के अध्यक्ष व सचिव तथा गणमान्य महानुभावों विष्णु प्रकाश गर्ग, एडवोकेट लोकेश अग्रवाल, कैलाश चंद गोयल, प्रमोद डीडवानीया, राजेन्द्र मंगल, अनिलकुमार मित्तल, सन्दीप बंसल, संदीप गोयल, रेणु मित्तल, सुनीता बंसल आदि का भी मोतियों की माला व दुपट्टा पहनाकर कर अभिनंदन किया गया।

आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार रिपीट होगी : महेंद्रजीत सिंह मालवीय

अजमेर। राजस्थान के जल संसाधन मंत्री एवं अजमेर के प्रभारी महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने दावा किया है कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस की सरकार रिपीट होगी और अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री बनेंगे।

मालवीय ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसा शानदार बजट दिया है जिसका लाभ हर वर्ग को मिल रहा है। इतना ही नहीं बजट घोषणा राज्य में तीव्र गति से कोने कोने में जा रही है और जनता इसे समझ रही है। उन्होंने कहा कि इस साल का बजट बचत-राहत-बढ़त वाला है यानी आमजन को पैसे की बचत होगी, उन्हें महंगाई से राहत मिलेगी और मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व में प्रदेश आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि हर परिवार को पच्चीस लाख रुपए का चिरंजीवी लाभ व दस लाख रुपए का दुर्घटना बीमा देकर बढ़ी राहत दी गई है। बच्चों को विदेश में पढ़ाई पूरी करने के लिए राजीव गांधी स्कॉलरशिप द्वारा आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में 125 दिन काम देना सुनिश्चित किया गया है, भोजन के लिए इंदिरा रसोई संचालित की जा रही है जहां आठ रुपये में भरपेट भोजन कराया जा रहा है। इसकी विस्तार की योजना के तहत शहर के नजदीकी ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक हजार इंदिरा रसोई खोली जाएगी।

मालवीय ने राहत का जिक्र करते हुए 500 रुपए में गैस सिलेंडर, 100 यूनिट बिजली मुफ्त तथा पेंशन का जिक्र किया। साथ ही महंगाई से राहत देने के लिए 19 हजार करोड़ के प्रावधान की बात कही। बढ़त का जिक्र करते हुए मालवीय ने कहा कि एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने, एक हजार नये इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने, 27 नए महिला कॉलेज खोलने, 44 कॉलेज खोलने, पांच नए विश्वविद्यालय खोले जाने जैसे काम किए गए हैं और सबसे बड़ा काम राजस्थान में सभी कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बजट में ईआरसीपी के लिए 13500 करोड़ रुपए के प्रावधान की भी बात कही।

अजमेर का जिक्र करते हुए मालवीय ने कहा कि यहां के विकास की घोषणा में सभी क्षेत्रों में विकास की गंगा बहाने की बात की। जलापूर्ति के संकट दूर करने के लिए पाइपलाइनो के लिए 31 करोड़ रुपये की बजट घोषणा हुई है। साथ ही नवनेरा डैम व ईसरदा का पानी बीसलपुर में लाने से अजमेर का पेयजल संकट निकट भविष्य में दूर होगा। पत्रकार वार्ता में मसूदा विधायक राकेश पारीक, पूर्व विधायक रामनारायण गुर्जर, शहर कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष विजय जैन, जिला कलेक्टर अंशदीप, पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट मौजूद रहे।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता : अशोक गहलोत

जयपुर। राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार आमजन को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

गहलोत शनिवार को जयपुर में सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय के प्लेटिनम जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसी से गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन का विकास होता है। राजस्थान में 22 हजार करोड़ रूपए स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च किए जा रहे हैं जोकि बजट का 7.4 प्रतिशत है जबकि अन्य राज्यों में औसतन छह प्रतिशत बजट स्वास्थ्य पर खर्च किया जा रहा है। यह राज्य सरकार की मंशा को दर्शाता है। राज्य सरकार हर जिले में मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज बनाने का कार्य कर रही है। हाल में राजसमंद, प्रतापगढ़ और जालौर में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए एक हजार करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि नए उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के खुलने से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतरीन नेटवर्क तैयार हुआ है। इससे अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हुई है। साथ ही, भारत सरकार के मानकों में भी राजस्थान पहले स्थान पर पहुंचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में शुरू हुआ सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज 75 वर्ष में चिकित्सा क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित संस्थान बनकर उभरा है। राज्य सरकार एसएमएस मेडिकल कॉलेज में नए विभाग खोलने तथा आवश्यक उपकरण एवं संसाधन उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्लेटिनम जयंती के उपलक्ष्य में कॉलेज के शुरूआती बैच के एलूमिनाइ भी उपस्थित हैं तथा कॉलेज के 75 साल की शानदार उपलब्धियों पर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह उनके कॉलेज से जुड़ाव को दर्शाता है।

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से स्वास्थ्य के क्षेत्र में राजस्थान मॉडल स्टेट बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बीमा राशि बढ़ाकर 25 लाख रूपए कर दी गई है। अंग प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज राज्य में निःशुल्क कर दिए गए हैं। आमजन को राज्य से बाहर इलाज करवाने पर भी चिरंजीवी योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी तरह की जांचे और दवाईयां निःशुल्क कर दी गई है। सरकारी अस्पतालों में आईपीडी एवं ओपीडी सेवाएं निःशुल्क है। राज्य सरकार की नीतियों से लोगों को महंगे इलाज की चिंता से मुक्ति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान राज्य में शानदार प्रबंधन हुआ। यहां के भीलवाड़ा मॉडल की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहना की। सभी वर्गों के उपचार के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई। उन्होंने कहा कि एसएमएस चिकित्सालय की कोरोना महामारी के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका रही। यहां के चिकित्सकों सहित सभी कार्मिकों ने उत्कृष्ट कार्य किया। राज्य सरकार द्वारा कोरोना महामारी में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सभी मेडिकल और नॉन मेडिकल कार्मिकों के लिए 50 लाख रूपए की सहायता दी गई।

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार जल्द राइट टू हैल्थ बिल लेकर आ रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवसाय न होकर जनसेवा के कार्य हैं, अतः बिल का विरोध नहीं होना चाहिए। निजी अस्पतालों द्वारा भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा उनकी बिल संबंधी सभी उचित शंकाओं को दूर किया जाएगा।

केंद्र सरकार कानून बनाकर दे सामाजिक सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के अनुसार समाज के सभी कमजोर वर्गों की सहायता करना सरकार का कर्तव्य है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में एक करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। जिस प्रकार पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा शिक्षा, भोजन और सूचना के अधिकार कानून बनाकर दिए गए, इसी प्रकार केंद्र सरकार को कानून बनाकर आमजन को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार देना चाहिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले एसएमएस मेडिकल कॉलेज के एलूमिनाइ को सम्मानित किया। इस दौरान ‘एसएमएस शिक्षा की सतत् धारा’ लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। साथ ही गहलोत ने एसएमएस ऐन्थम, प्लेटिनम जयंती स्मारिका एवं भारतीय डाक विभाग द्वारा एसएमएस कॉलेज की प्लेटिनम जयंती पर जारी स्पेशल टिकट एवं कवर का लोकार्पण भी किया।

इस मौके पर चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने 75 सालों में अद्वितीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यहां के विद्यार्थियों ने पूरे विश्व में अपनी चिकित्सकीय प्रतिभा का लोहा मनवाया है। एसएमएस अस्पताल में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।

आरयूएचएस के कुलपति डॉ. सुधीर भंडारी कहा कि एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षित डॉक्टर आज देश-विदेश में सेवाएं दे रहे हैं। राज्य सरकार के सहयोग से एसएमएस अस्पताल द्वारा उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं आमजन को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। एसएमएस अस्पताल में प्रतिवर्ष 60 से 70 लाख लोग ओपीडी तथा पांच से छह लाख लोग आईपीडी में निःशुल्क उपचार की सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं।

एसएमएस कॉलेज के प्राचार्य राजीव बगरहट्टा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एसएमएस कॉलेज में लगातार नए विभाग खोले जा रहे हैं। कोरोना प्रबंधन एवं मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से एसएमएस अस्पताल की अलग पहचान बनी है।

पेपरलीक एवं बेरोजगारी मुद्दों को लेकर भाजयुमो का जयपुर में प्रदर्शन

जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने राजधानी जयपुर में पेपरलीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ आज राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

विरोध प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ सहित कई पार्टी नेता एवं कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए और मुख्यमंत्री आवास का घेराव के लिए आगे बढ़ते हुए सिविल लाइंस फाटक पहुंचे जहां उन्हें पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं के आगे बढ़ने की कोशिश करने पर उन्हें रोकने के लिए पुलिस पानी की बौछारे छोड़कर उन्हें रोका और डा पूनियां एवं राठौड़ तथा अन्य को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें अन्य स्थान पर छोड़ दिया गया।

इससे पहले भाजपा एवं भाजयुमो के नेता एवं कार्यकर्ता भाजपा प्रदेश मुख्यालय के बाहर एकत्रित हुए और वहां सभा की। सभा को डा पूनियां एवं राठौड़ एवं भाजपा के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने संबोधित किया। इसके बाद नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास का घेराव के लिए रवाना हुए। इस दौरान पुलिस के अवरोधक लगाकर सिविल लाइंस फाटक से पहले रोक लेने पर कार्यकर्ताओं ने डा पूनियां को कंधे पर उठाकर अवरोधक तक पहुंचाया।

इस दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय से सिविल लाइंस फाटक तक कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई वहीं इससे यातायात भी प्रभावित हुआ और लोगों को जाम से परेशानी हुई।

राजस्थान में कांग्रेस के खिलाफ एन्टीनकम्बेंसी की लहर नहीं : धर्मेन्द्र राठौड़

भरतपुर। राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड ने कहा है कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस के खिलाफ किसी भी तरह की कोई सत्ता विरोधी लहर नजर नही आ रही है।

राजस्थान में महंगाई से राहत’ थीम पर कलेक्ट्रेट सभागार में आज यहां पत्रकारों से बातचीत में राठौड ने कहा कि राज्य सरकार के बेहतर वित्तीय प्रबंधन की बदौलत राजस्थान की आर्थिक विकास दर 11.04 प्रतिशत रही, जिसके कारण राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा किसी भी प्रकार के कर में राज्य सरकार के द्वारा बढ़ोतरी नहीं की गई है।

राठौड ने बचत-राहत-बढ़त थीम पर प्रस्तुत वर्ष 2023-24 के बजट के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बजट की मुख्य विशेषताओं के बारे में मीडिया को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महंगाई से राहत के रूप में राज्य की जनता को दिए 19,000 करोड़ रुपए के पैकेज का विस्तार से जिक्र करते निवर्तमान भाजपा सरकार के समय राज्य में कराए गए विकास कार्यों वर्तमान गहलोत सरकार के द्वारा कराए गए विकास कार्यो को आंकड़ो के जरिये गिनाते गहलोत सरकार की विकासपरक सोच के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी।

राज्य खाद्य सुरक्षा आयोग के अध्यक्ष वाजिब अली ने बताया कि मेवात क्षेत्र में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं एवं बजट घोषणाओं को धरातल पर लाने के लिए जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वय से समय पर पूरा करने का प्रयास किया जायेगा जिससे क्षेत्र के गरीब एवं पिछडे वर्गों के पात्र लोगों को योजनाओं एवं विकास का लाभ मिल सके।

इस दौरान जिला कलक्टर आलोक रंजन, जिला पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीनिधि बीटी, अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन रतन कुमार, नगर विकास न्यास के सचिव कमलराम मीना उपस्थित रहे।

बेलारूस में नोबेल विजेता एलेस बिआलिआत्सकी को 10 साल कैद की सजा

मिन्स्क। बेलारूस की एक अदालत ने नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित एलेस बिआलिआत्सकी को 10 साल कैद की सजा सुनाई है।

बीबीसी की शनिवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार बिआलिआत्सकी को तस्करी और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के लिए वित्त मदद दिये जाने का दोषी ठहराया है। अदालत ने शुक्रवार को श्री बिआलिआत्सकी के अलावा दो लोगों को भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के धन मुहया कराने के आरोप में सजा दी है। इनमें स्टेफनोविच को नौ तथा लबकोविच को सात वर्ष की सजा सुनाई है।

दूसरी तरफ बिआलिआत्सकी (60) के समर्थकों का कहना है कि बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको की सरकार उन्हें चुप कराने का प्रयास कर रही है। बिआलिआत्सकी 2022 के नोबेल शांति पुरस्कार के तीन विजेताओं में से एक है। पिछले वर्ष व्यापक रूप से विवादित चुनावों पर बड़े पैमाने पर सड़क विरोध के बाद उन्हें 2021 में गिरफ्तार किया गया था और उन पर विपक्षी दलों को वित्तीय मदद देने के लिए नकदी की तस्करी का आरोप लगाया गया था।

बिआलिआत्सकी की पत्नी नताल्या पिंचुक ने इस फैसले को क्रूर फैसला करार दिया है। बेलारूस की निर्वासित विपक्षी नेता स्वेतलाना तिखानोव्सकाया ने कहा कि सजा ‘डरावनी’ है। उन्होंने कहा कि हमें इस शर्मनाक अन्याय के खिलाफ लड़ने और उन्हें मुक्त करने के लिए कुछ करना चाहिए। नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान करने वाली नॉर्वेजियन नोबेल समिति के अध्यक्ष बेरिट रीस-एंडरसन ने कहा कि बिआलिआत्सकी पर लगाये गये आरोप और सजा ‘राजनीति से प्रेरित’ है।

अलवर में महिला ने दो बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर की सुसाइड

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अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के खेड़ली कस्बे के दांतिया रेलवे स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक विवाहिता ने अपने दो बच्चों सहित ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गांव डयोठाना निवासी रामवीर चौधरी खेत से अपने काम कर शुक्रवार सांय करीब 4 बजे घर पहुंचा तो स्कूल से अपने दोनों बच्चों प्रशांत और बेटी हेमा के बैग आए लेकिन बच्चे नहीं आए और पत्नी पिंकी भी घर पर नहीं थी।

जिसके बाद रामवीर बच्चों के स्कूल पास के गांव घोसराना में मालूम करने के लिए गया। जहां पता चला कि उसकी पत्नी पिंकी दोनों बच्चों को अपने साथ ड्रेस सिलवाने के लिए ले गई थी। रामवीर ने गांव में पत्नी एवं बच्चों को ढूंढा लेकिन वे कहीं नहीं मिले।

इसके बाद परिवार एवं गांव के लोगों को इस बारे में बताया जिसके बाद ग्रामीण आस-पास के गांव में खोजबीन में जुट गए। देर रात पता चला कि एक महिला और दो बच्चे के शव दातिया और घोसराणा रेलवे स्टेशन के बीच पटरियों के पास पड़े है। जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और शवों की शिनाख्त की गई।

मामले की सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल कर्मी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कस्बे के राजकीय रेफरल अस्पताल लाई और मोर्चरी में रखवाया। मृतकों में 30 वर्षीय पिंकी जाट एवं उसका 13 वर्षीय बेटा प्रशांत एवं 11 वर्षीय बेटी हेमा हैं।

आसपास के लोगों के अनुसार महिला ने अपने दोनों बच्चों के साथ दांतबाड़ धाम की परिक्रमा दी थी जिसके बाद वहां से करीब आधा किलोमीटर मीटर दूर जाकर शाम 4:20 पर महिला ने अपने बच्चों सहित एक ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार महिला मानसिक रूप से कमजोर थी। महिला का पति खेतीबाड़ी करता है।

थानाधिकारी महावीर प्रसाद सीओ कठूमर अशोक चौहान मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मौका मुआयना कर क्षत्र विचित्र अवस्था में मिले शवों को ग्रामीणों की सहायता से इकठ्ठा कर अस्पताल लेकर आए और मोर्चरी में रखवाया जिनका आज पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों द्वारा फिलहाल किसी तरह का मामला दर्ज नहीं कराया गया है पुलिस घटना के कारणों का पता लगा रही हैं।

अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की त्वचा से हटाए गए कैंसर के घाव

वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की छाती पर कैंसर के घावों को डाक्टरोंं ने ऑपरेशन करके साफ कर दिया है और राष्ट्रपति अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं तथा काम के लिए तैयार हैं। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी है।

बीबीसी की एक रिपोर्ट में व्हाइट हाउस के बयान का जिक्र करते हुए ने कहा गया है कि बाइडेन की पिछले महीने नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान कैंसरग्रसित त्वचा के घाव हटाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनके एक चिकित्सक ने कहा कि राष्ट्रपति की त्वचा के कैंसर वाले ऊतकों को हटा दिया गया है और उनको आगे उपचार की आवश्यकता नहीं है। डॉक्टर राष्ट्रपति के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी जारी रखेंगे।

व्हाइट हाउस ने बताया कि बाइडेन (80) की फरवरी में चिकित्सकीय जांच की गई थी। जांच के दौरान पाया कि राष्ट्रपति अब स्वस्थ हैं और काम के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। बाइडेन के डॉक्टर केविन ओ’कॉनर ने शुक्रवार को मीडिया को बताया है कि 16 फरवरी को वाशिंगटन डीसी के बाहरी इलाके में वाल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में उनकी छाती पर बने घावों का उपचार किया गया था।

उन्होंने कहा कि अब आगे कोई और उपचार जरूरी नहीं है, बायोप्सी रिपोर्ट के अनुसार कैंसर से प्रभावित हिस्सा अच्छी तरह से ठीक हो गया है। डॉक्टरों ने बताया बाइडेन को बेसल सेल कार्सिनोमा कैंसर है। उन्होंने बताया कि यह कैंसर सामान्य तौर पर फैलता नहीं है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, अमेरिका में त्वचा कैंसर के मरीजों में सबसे ज्यादा बेसल और स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के रोगी हैं।

अमरीकी स्किन कैंसर फाउंडेशन के अनुसार हर साल 36 लाख अमेरिकियों को इस बीमारी से निजात दिलाई जाती है। अन्य सभी प्रकार के कैंसर की अपेक्षा त्वचा कैंसर का प्रकोप ज्यादा है। यह धीमी गति से फैलता है, समय पर इसका उपचार कराने से मरीज को कम से कम नुकसान होता है।

डॉ ओ’कॉनर ने लिखा है कि राष्ट्रपति बाइडेन के घावों को हटा लिया गया था और इस समय उनमें त्वचा कैंसर के के लक्षण नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि त्वचा के कैंसर को रोकने का सबसे अच्छा तरीका सर्दियों के दौरान भी सनस्क्रीन लोशन लगाना चाहिए और शरीर को पूरी तरह से ढंक कर रखना चाहिए। बाइडेन परिवार लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे हैं। उनके बेटे ब्यू की वर्ष 2015 में ब्रेन कैंसर से मृत्यु हो गई थी।