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जुनैद-नासिर हत्याकांड में वांछित 8 आरोपियों के नाम व फोटो जारी

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर में गोपालगढ़ कस्बे से अगवा किए गए जुनैद एवं नासिर नाम के युवकों को हरियाणा में बोलेरो सहित जला कर हत्या करने की घटना में शामिल आठ आरोपियों की पहचान कर ली गई है और बुधवार को भरतपुर पुलिस ने आरोपियों के फोटो और नाम जारी किए हैं।

पुलिस ने इस घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो गाड़ी आज हरियाणा के जींद क्षेत्र से बरामद कर ली। पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने बताया कि इस मामले में 17 फरवरी को आरोपी रिंकू सैनी को गिरफ्तार कर पांच दिन के रिमांड में गहनता से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान घटनाक्रम के संबंध मे संदिग्ध वाहनों के मूवमेंट के बारे में रिंकू ने महत्वपूर्ण बातें बताई है।

इसके साथ ही रिंकू से पूछताछ, तकनीकि साक्ष्यों एवं अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण से अनिल निवासी मूलथान जिला नूंह, श्रीकांत निवासी मरोडा जिला नूंह, किशोर निवासी घरोंदा जिला करनाल, कालू निवासी बाबा लदाना जिला कैथल, मोनू राणा निवासी पालूवास जिला भिवानी, विकास आर्य निवासी सफीदों रोड जिला जींद, शशिकांत निवासी मुनक जिला करनाल एवं गोगी निवासी भिवानी की घटना मे शामिल होने की पुष्टि हुई है।

आरोपियों के फरार होने से पहले उन्होंने जिन जिन व्यक्तियों से सपंर्क किया है, उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार कुछ मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे चैक किए हैं जिनमें संदिग्ध वाहनों के मूवमेंट का पता चला है। अब तक अनुसंधान से चिह्नित समस्त आरोपी एवं संदिग्ध व्यक्ति हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी पाए गए हैं। इन्हें दस्तयाब करने के लिए भरतपुर पुलिस की तीन टीमें हरियाणा पुलिस के साथ कार्य कर रही हैं।

प्रकरण में कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आई है। जिसके संबंध में गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है एवं साक्ष्य संकलित कर उनके विरूद्ध भी शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। भरतपुर पुलिस हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर घटना में पहचान किए गए वांछित आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित स्थलों पर दबिश दे रही है।

प्रकरण के अनुसंधान से स्पष्ट हुआ है कि जुनेद व नासिर को आरोपी एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाडी में अपहरण कर ले गए थे। पुलिस के तकनिकी साक्ष्यों से उक्त स्कॉर्पियो गाडी एचआर 70 डी 4177 की मूवमेन्ट झिरका फिरोजपुर से भिवानी तथा जींद होना प्रमाणित हुआ हैं। यह स्कॉर्पियो गाडी को भरतपुर पुलिस की स्पेशल टीम द्वारा श्री सोमनाथ गौशाला जिला जींद से बरामद किया गया।

गाड़ी की तलाशी में सीटों पर खून लगा हुआ था जो संभवत जुनेद एवं नासिर से मारपीट के दौरान लगा हुआ हो सकता है। गाडी में लगे खून तथा अन्य साक्ष्यों को एकत्रित करने के लिए भरतपुर से एक स्पेशल फोरेन्सिक टीम को विशेष निर्देश देकर जींद हरियाणा भेजा गया तथा हरियाणा पुलिस के मौजूदगी में साक्ष्य एकत्रित करने के बाद स्कॉर्पियो गाड़ी को जब्त कर थाना गोपालगढ भरतपुर लाया गया।

पुलिस द्वारा मृतकों की जली हुई हड्डियों, गाडी में मिले वायोलोजिकल साक्ष्यों तथा मृतकों के परिजनों के डीएनए से मिलान किया जाएगा तथा घटना में अन्य खुलासे किए जाएंगे। बुधवार को ही आरोपी रिंकू सैनी को न्यायलय में पेश कर पांच दिन का और पीसी रिमांड लिया गया है। जिससे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

गौ मां संरक्षण महायात्रा का अजमेर में हिंदूवादी संगठनों ने किया स्वागत

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अजमेर। राजस्थान के अजमेर में आज गौ मां संरक्षण महायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।हरियाणा के सोनीपत से 18 फरवरी को शुरू हुई ‘मां को गोद लेना है’ अभियान के तहत जगतगुरु श्री संतोषी बाबा के नेतृत्व में यह यात्रा अजमेर पहुंची जहां हिंदूवादी संगठनों तथा गौ प्रेमियों ने यात्रा का स्वागत किया।

यात्रा के साथ आए जगतगुरु संतोषी बाबा ने कहा कि जब तक हम इस दुनिया में है तब तक गौ माता से हमें दूध, दही, घी, मख्खन आदि प्राप्त होता रहता है लेकिन यह दुख की बात है कि हमें जन्म देने वाली अपनी माता से भी श्रेष्ठ गौ माता की आज दुर्दशा हो रही है। उन्होंने आह्वान किया कि सफल जीवन, स्वस्थ जीवन जीने के लिए गौ सेवा आवश्यक है।

इस मौके पर पूर्व पार्षद शैलेंद्र अग्रवाल ने बताया कि यह महायात्रा हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश के अनेकों शहरों में एक माह के भ्रमण में 27 हजार किलोमीटर की यात्रा कर उत्तरप्रदेश के वृंदावन में विश्राम करेगी जहां इसका पहला चरण पूरा हो जाएगा।

यह महायात्रा हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश के कईं शहरों में लगभग एक महीने तक भ्रमण कर 27000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी तथा यात्रा के प्रथम चरण का विश्राम वृन्दावन में होगा।

इस अवसर पर जगतगुरु श्रीश्री संतोषी बाबा ने कहा कि जब तक हम इस दुनिया में रहते हैं तब तक गौमाता से हमें दूध, दही, घी, मक्खन इत्यादि प्राप्त होता रहता है लेकिन यह बहुत ही दुःख की बात है कि हमें जन्म देने वाली अपनी माता से भी श्रेष्ठ गौमाता की आज दुर्दशा हो रही है। भूख की मारी गौमाता कचरा और प्लास्टिक खा रही है, बीमार, भूखी प्यासी, तड़पती रहती है पर हम लोग उन पर जरा भी ध्यान नही देते हैं।

उन्होंने आव्हान किया कि सफल जीवन, स्वस्थ जीवन जीने के लिए गौ सेवा आवश्यक है। प्रातः काल उठने के उपरांत सबसे पहले गौमाता को स्मरण करके उनको नमन कीजिये, उनकी आरती कीजिये, प्रार्थना कीजिये और भोजन करने से पहले एक रोटी गौ ग्रास की निकालिए, यदि हम रोज एक रोटी गौ माता के नाम से निकालेंगे और गौ माता को देंगे तो हम देखेंगे कि हमारे जीवन में कितना बड़ा परिवर्तन आएगा।

यह सिर्फ कोरी कल्पना मात्र नहीं है बल्कि आदि कालसे ऋषि मुनियों द्वारा भी इसका प्रयोग होता रहा है। हमारे सभी रुके हुए काम, शारीरिक दुःख, गृह क्लेश आदि कई समस्याओं से हमें जल्द ही राहत मिल जाएगी। जगतगुरु संतोषी बाबा ने आव्हान किया कि हम सब मिलकर संकल्प लें कि खाने से पहले एक रोटी गौ माता के नाम की और सोने से पहले एक ईंट गौ माता के नाम की निकालें और यह हमारी दी हुई रोटी गौमाता का चारा होगा और दी हुई ईंट गौ माता की छत होगी आश्रय होगा।

इस महायात्रा में संतोषी बाबा के साथ अनेक साधु संतों व गौभक्तों तथा बाबाजी के अनुयायियों का काफिला भी चल रहा है। अजमेर आगमन पर पूर्व पार्षद महेंद्र जैन मित्तल, पूर्व पार्षद शैलेंद्र अग्रवाल, विश्व हिंदु परिषद के एडवोकेट शशि प्रकाश इंदोरिया, लेखराज सिंह राठौड़, समाजसेवी सुभाष काबरा, आनंद प्रकाश अरोड़ा, लायन हनुमान दयाल बसंल, उषा बंसल, लायन सुनीता राजेंद्र ठाड़ा, डॉ विष्णु चौधरी, प्रवीण अग्रवाल, कैलाशचंद अग्रवाल, राजकुमार गर्ग, कोषाध्यक्ष दिनेश प्रणामी, सचिव राजेंद्र अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद मित्तल, प्रदीप अग्रवाल, अग्रवाल सेवा संस्था अध्यक्ष प्रदीप बंसल, सचिव संदीप बंसल, श्री पुष्कर गौ आदि पशुशाला के सचिव संजय अत्तार, नवनीत प्रणामी, श्री सीता गौशाला व्यवस्थापक मनोज सिंहल, नसीराबाद गौशाला के मणिकांत शर्मा, पूर्व पार्षद सुरेश गोयल, एडवोकेट अजय गोयल, लायन नरेश ऐरन, अग्रवाल पंचायत निसबरियान धड़े के सचिव संदीप गोयल, वरिष्ठ समाजसेवी रामचरण बंसल, अगम प्रसाद मित्तल, कमल किशोर गर्ग, लक्ष्मी नारायण हटूका, पार्षद अशोक मुद्गल व सुरेंद्र चौधरी सहित अनेक गौ भक्तों व समाज सेवी बंधुओं ने महाराज व उनके साथ आए साधु संतों का शॉल ओढाकर, माल्यार्पण कर व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

शिवसेना मामले में चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे धड़े की चुनाव आयोग के 17 फरवरी के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की गुहार बुधवार को अस्वीकार कर दिया।

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को शिवसेना के रूप में मान्यता के साथ ही उसे ‘धनुष- तीर’ चुनाव चिन्ह आवंटित करने संबंधी आदेश 17 फरवरी को दिया था।

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने आज दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन शिंदे समूह को नोटिस जारी कर याचिका पर अपना जवाब देने को कहा है।

याचिकाकर्ता ठाकरे समूह का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, एएम सिंघवी और देवदत्त कामत ने रखा। वहीं, अधिवक्ताओं नीरज किशन कौल, महेश जेठमलानी और मनिंदर सिंह शिंदे समूह की ओर से दलीलें दीं।

शीर्ष अदालत ने ठाकरे गुट की उस दलील को भी खारिज कर दी, जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयोग के आदेश पर रोक नहीं लगाने से महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।

इस पर पीठ ने कहा कि वे (शिंदे गुट) चुनाव आयोग के समक्ष सफल रहे हैं। हम इस समय आदेश पर रोक नहीं लगा सकते। हालांकि, शीर्ष अदालत ने ठाकरे समूह को अगले आदेश तक ज्वलंत मशाल प्रतीक के साथ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नाम को जारी रखने की अनुमति दे दी।

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने 17 फरवरी को उद्धव ठाकरे समूह को एक बड़ा झटका देते हुए अपने अंतिम आदेश में कहा था कि पार्टी का नाम ‘शिवसेना’ और चुनाव चिन्ह ‘तीर-धनुष’ मुख्यमंत्री शिंदे गुट के पास रहेगा। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा था कि यह आदेश उसने संविधान के अनुच्छेद 324 और प्रतीक आदेश- 1968 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए पारित किया गया था।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शिवसेना के प्रमुख नेता घोषित

योगी सरकार के बजट में महिलाओं के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के बुधवार को पेश किए बजट 2023-24 में महिलाओं के हर वर्ग के कल्याण के लिए व्यवस्था की गई है।

बजट में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 1050 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है जबकि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 600 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। बजट में अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना के लिए 150 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसी प्रकार महिला सामर्थ्य योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 63 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। निराश्रित विधवाओं के भरण एवं पोषण अनुदान के लिए 4032 करोड़ रुपए की व्यवस्था है।

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के अंतर्गत जघन्य हिंसा की शिकार महिलाओं, बालिकाओं को आर्थिक एवं चिकित्सीय सहायता के लिए वित्तीय वर्ष 2023–2024 में 56 करोड़ रुपए के बजट की व्यवस्था की है।

इसी प्रकार उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा स्थापित पुष्टाहार उत्पादन इकाईयों एवं नैफेड के माध्यम से टेक होम राशन के रूप में छह माह से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को अनुपूरक पुष्टाहार के वितरण की योजना को मूर्तरूप देने के लिए के बजट में 291 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

सरकार ने ऑगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत स्वास्थ्य बीमा के लिए 25 करोड़ रुपए की व्यवस्था इस बजट में की है। इसके अलावा 6 वर्ष तक के बच्चों के कुपोषण में कमी लाने व गर्भवती, धात्री महिलाओं में एनीमिया के स्तर में कमी लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पोषण अभियान संचालित किया जाएगा जिसके लिए इस वित्तीय वर्ष के लिए 455 करोड़ 52 लाख रुपए की बजट व्यवस्था की गई है।

वहीं निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालय निर्माणाधीन है। इन विद्यालयों का संचालन सत्र 2023-2024 से प्रारम्भ होगा। बचे हुए निर्माण के लिए 63 करोड़ रुपए तथा उपकरण आदि के क्रय के लिए लगभग 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था योगी सरकार के बजट में की गई है।

इसी प्रकार योगी सरकार ने मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अन्तर्गत पंजीकृत महिला श्रमिक के संस्थागत प्रसव की दशा में निर्धारित तीन माह के न्यूनतम वेतन के समतुल्य धनराशि एवं 1000 रुपए चिकित्सा बोनस तथा पंजीकृत पुरुष कामगारों की पत्नियों को 6000 रुपए एकमुश्त में दिए जाने का प्रावधान भी बजट में किया है।

हरदोई में आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत

हरदोई। उत्तर प्रदेश में हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र में बिजली के शार्ट सर्किट से लगी आग में एक दंपत्ति और उनकी एक माह की मासूम की मौत हो गई।

पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि ग्राम कटारपुर निवासी विमलेश का घर गांव के किनारे बना हुआ है। घर के अंदर मंगलवार और बुधवार की रात गहरी नींद में थे कि लगभग रात ढाई बजे तेज आवाज के साथ उनके घर में आग की लपटें उठने लगी। धमाके की आवाज सुनकर पास पड़ोसी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और मकान के अंदर फंसे दम्पति को बाहर निकालकर आग बुझाने में जुट गए।

उन्होने बताया कि आग लगने से विमलेश उसकी पत्नी पुष्पा और 27 दिन की पुत्री गंभीर रूप से झुलस गए। गंभीर रूप से झुलसी पुत्री ने कुछ समय बाद दम तोड़ दिया जबकि पति पत्नी दोनों को गंभीर हालत में उपचार के लिए भर्ती कराया गया जहां से उन्हें उपचार के लिए लखनऊ भेजा गया था मगर आज शाम दोनों की मौत हो गई।

गांव वालों ने शॉर्ट सर्किट से आग लगना बताया है। घटना की सूचना मिलते फायर ब्रिगेड पुलिस मौके पर पहुंच गए घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

संघ पर टिप्पणी के बाद विवादों में कुमार विश्वास की कथा, कथा निरस्त होने का फर्जी पत्र वायरल

उज्जैन। प्रख्यात कवि कुमार विश्वास की मध्यप्रदेश के उज्जैन में चल रही रामकथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गई है।

हालांकि विश्वास ने विवाद और भारतीय जनता पार्टी वं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आपत्तियों को देख एक वीडियो संदेश के माध्यम से स्पष्टीकरण जारी करते हुए आज कहा कि उन्होंने ये बात उनके कार्यालय में काम करने वाले एक बालक के संदर्भ में कही थी।

उन्होंने ये भी कहा कि कुछ ‘विघ्नसंतोषी’ लोग उनकी कथा में बाधा डालने के लिए उनके बयान पर विवाद पैदा कर रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर रामकथा निरस्त होने का एक फर्जी पत्र भी तेजी से वायरल हो रहा है।

इस पत्र के संदर्भ में कार्यक्रम के आयोजक महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने यूनीवार्ता से कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल पत्र पूरी तरह फर्जी है। अपने पूर्व तय कार्यक्रम के अनुसार रामकथा आयोजित होगी। कुछ विघ्नसंतोषी लोग कार्यक्रम के निरस्त होने के संबंध में दुुष्प्रचार कर रहेे हैं।

दरअसल विश्वास ने अपनी कथा ‘अपने-अपने राम’ के दौरान कल एक प्रसंग का वर्णन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इस आपत्ति के बाद ही विश्वास को संदेश जारी करते हुए क्षमायाचना करनी पड़ी। कतिपय संगठन रामकथा निरस्त करने की भी मांग कर रहे थे।

इसी क्रम में विश्वास ने आज वीडियाे संदेश जारी कर अपने बयान का संदर्भ स्पष्ट किया। उन्होंने अपने बयान पर आपत्ति जताने वाले लोगों से रामकथा में आने का भी आग्रह किया। उन्होंने वीडियो संदेश में ये भी दावा किया कि उनके परिजन भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए हैं।

शैली ओबेरॉय दिल्ली नगर निगम की महापौर, आले मोहम्मद इकबाल उप-महापौर निर्वाचित

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी की पार्षद शैली ओबेरॉय दिल्ली नगर निगम की महापौर और आप के ही पार्षद आले मोहम्मद इकबाल उप-महापौर चुने गए हैं। ओबेरॉय को 150 वोट मिले जबकि भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को 116 वोट मिले। महापौर के चुनाव के बाद उप-महापौर के हुए चुनाव में आप के इकबाल निर्वाचित घोषित किए गए। उन्हें 147 मत मिले जबकि भाजपा के कमल बागड़ी को 116 वोट मिले।

महापौर और उप-महापौर के चुनाव के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा कि गुंडे हार गए, जनता जीत गई। दिल्ली नगर निगम में आज दिल्ली की जनता की जीत हुई और गुंडागर्दी की हार। ओबेरॉय के महापौर चुने जाने पर दिल्ली की जनता को बधाई।

उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ओबेरॉय को जीत की बधाई देते हुए कहा कि गुंडे हार गए, जनता जीत गई। दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी का महापौर बनने पर सभी कार्यकर्ताओं को बहुत बधाई और दिल्ली की जनता का तहे दिल से एक बार फिर से आभार। आप की पहली महापौर शैली ओबेरॉय को भी बहुत-बहुत बधाई। जीत के बाद ओबेरॉय ने कहा कि हम मुख्यमंत्री केजरीवाल की जनता को दी गई, ‘10 गारंटी’ पर काम करेंगे।

ग़ौरतलब है कि इससे पहले महापौर चुनाव तीन बार हंगामे की भेंट चढ़ चुका है। दिल्ली नगर निगम चुनाव के बाद महापौर और उप-महापौर के चुनाव के लिए सदन की पहली बैठक छह जनवरी को, दूसरी बैठक 24 जनवरी और तीसरी बैठक छह फ़रवरी को हुई थी।

दिल्ली नगर निगम के महापौर पद पर आखिरी बार 2011 में महिला महापौर भारतीय जनता पार्टी की रजनी अब्बी चुनी गईं थी। उसके बाद नगर निगम को तीन हिस्सों में विभाजित कर दिया गया था। दिल्ली नगर निगम के 2022 में एकीकरण के बाद, यह निगम का पहला चुनाव था। इससे पहले, महापौर पद की चुनाव प्रक्रिया को लेकर आप भाजपा के सदस्यों के बीच विवाद और हंगामे के कारण तीन बार टल चुका था।

चार दिसंबर को हुए दिल्ली नगर निगम के चुनाव में भाजपा को 15 साल बाद हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में आप को 134 सीटों पर जीत मिली और 104 सीट पर जीत के साथ भाजपा दूसरे स्थान पर रही। कांग्रेस को नौ सीटें मिलीं तथा तीन सीटें अन्य दलों के पास थीं। इस चुनाव में भाजपा को 39.09 प्रतिशत और आप को 42.05 प्रतिशत वोट मिले थे।

उच्चतम न्यायालय ने 17 फरवरी को महापौर पद के चुनाव के मुद्दे पर सुनवाई के बाद 24 घंटे के अंदर महापौर के चुनाव का नोटिस जारी करने के लिए कहा था और व्यवस्था दी थी, नामजद सदस्यों को वोट का अधिकार नहीं होगा। उच्चतम न्यायालय ने यह भी कहा था कि महापौर के चुनाव के बाद ही ‘उप-महापौर’ का चुनाव कराया जा सकता है।

संतकबीरनगर में नाबालिग छात्रा को अगवा कर खेत में गैंगरेप

संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश में संतकबीरनगर जिले के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में दो युवकों ने घर से अगवा करके नाबालिग छात्रा को खेत में ले जाकर गैंगरेप किया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक सत्यजीत गुप्ता ने बुधवार को बताया कि पीड़ित छात्रा ने तहरीर दी है जिसमें वह बीती रात घर से बाहर लघुशंका के लिए निकली थी। इसी दौरान गांव के ही मोनू और अनिल उसे अगवा करके खेत में ले गए जहां उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया।

उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता का 161 का बयान कराया जा रहा है। इसके मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।

गुलाब चंद कटारिया ने असम के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली

गुवाहाटी। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को असम के नए राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई।

कटारिया (78) ने असम के 31वें राज्यपाल के रूप गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में शपथ ग्रहण किया। शंकरदेव कलाक्षेत्र असम का सांस्कृतिक संग्रहालय है। यह गुवाहाटी शहर के पंजाबाड़ी क्षेत्र में स्थित है। यह एक ही परिसर में पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को दर्शाते हुए एक कला और सांस्कृतिक संग्रहालय है।

कटारिया राजस्थान के उदयपुर के निवासी हैं और वह प्रोफेसर जगदीश मुखी के स्थान पर राज्यपाल बने हैं। मुखी कार्यकाल पूरा करने के बाद रविवार को सेवानिवृत्त हो गए। जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कटारिया को असम का राज्यपाल नियुक्त किया था तब वह राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता थे।

कटारिया का जन्म 13 अक्टूबर 1944 को हुआ था और वह 2014 से 2018 तक राजस्थान के गृह मंत्री रह चुके हैं। वह राजस्थान भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य रह चुके हैं। कटारिया मंगलवार को गुवाहाटी पहुंचे जहां लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय (एलजीबीआई) हवाई अड्डे पर राज्य के मंत्रियों और नौकरशाहों ने उनका स्वागत किया।

शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सतीश पूनियां और राजेंद्र राठौड़

असम के नवनियुक्त राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के शपथ ग्रहण समारोह में आज राजस्थान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ शामिल हुए।

डा पूनियां एवं राठौड़ ने समारोह में शामिल होकर कटारिया को शुभकामनाएं दी। डॉ. पूनियां ने गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से शिष्टाचार मुलाकात भी की। इस दौरान दोनों के बीच असम और राजस्थान के विकास सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

डा पूनियां और राठौड़ ने असम दौरे पर गुवाहाटी में प्रवासी राजस्थानियों से संवाद भी किया। इस दौरान डा पूनियां ने प्रवासी राजस्थानियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक कहावत बहुत पुरानी है कि जठे पहुंचे रेलगाड़ी बठे पहुंचे मारवाड़ी। मारवाड़ी इतने जज्बाती और परिश्रमी होते हैं कि जहां पहुंचे बैलगाड़ी वहां भी पहुंच जाए मारवाड़ी, तो रेलगाड़ी पहुंच गई, बैलगाड़ी पहुंच गई, अब इससे भी आगे जहां पहुंचे चीलगाड़ी वहां भी पहुंचे मारवाड़ी।

उन्होंने कहा कि दो करोड़ से अधिक प्रवासी राजस्थानी पूरी दुनियाभर में निवास करते हैं, व्यापार में, नौकरी में और विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं। राजस्थान के लोगों में व्यापार का हुनर है और ईश्वर उन्हें बौद्धिक क्षमता दी है, जिससे वे अपने परिश्रम से देश और दुनिया में अपनी छाप छोड़ रहे हैं।

बाड़मेर में प्रेम प्रसंग के चलते प्रेमीयुगल ने टांके में कूदकर की आत्महत्या

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बाड़मेर। राजस्थान में बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र में भीलों की बस्ती लुखु गांव प्रेमी युगल ने टांके में कूदकर आत्महत्या कर ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह मौके से गुजर रहे लोगों ने टांके पर जूते देखे। टांके में देखा तो शव तैर रहे थे। पुलिस को सूचना देकर दोनों के शवों को बाहर निकालकर मोर्चरी में रखवाया गया है।

पुलिस के अनुसार दिनेश (18) निवासी गुड़ामालानी लंबे समय से अपने ननिहाल भीलों की बस्ती लुखू में ही रहता था। वहीं सुशीया (17) निवासी राणासर में रहती थी। मंगलवार को सुशीया अपने गांव से ननिहाल भीलों की बस्ती लुखू आ गई। यह दोनों दिन के समय घर से निकल गए। परिजनों को जब घर पर नहीं दिखे तो इन्होंने इधर-उधर तलाश करनी शुरू की। लेकिन रात तक मिले नहीं।

धोरीमन्ना थानाधिकारी सुखराम विश्नोई के मुताबिक लव अफेयर के चलते दोनों ने ननिहाल घर से करीब आधा किलोमीटर दूर स्कूल के पास टांके में कूदकर सुसाइड कर लिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इनके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।