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नई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी एवं मेहनत से निभाने का करेंगे प्रयत्न : कटारिया

जयपुर। राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने अपने को भाग्यशाली बताते हुए कहा है कि उन्हें उनके काम एवं राजनीतिक जीवन को देखकर जो नई जिम्मेदारी दी गई हैं उन्हें पूरी ईमानदारी एवं मेहनत से निभाने का प्रयत्न करेंगे।

कटारिया ने असम के राज्यपाल नियुक्त होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में आज यहां मीडिया से यह बात कही। उन्होंने कहा कि अब तक मैंने जो भी जिम्मेदारी मिली उसे एक साधारण कार्यकर्ता की तरह निभाने की कोशिश की हैं और अब इस नई जिम्मेदारी को भी मैं ईमानदारी और पूरी मेहनत के साथ निभाने एवं अपने संस्कारों से सही दिशा में काम करने का प्रयत्न करुंगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो सोचा हैं, उनके इस विचार पर मैं खरा उतरुंगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी ने अब तक मुझे जो भी जिम्मेदारी दी, उसे कार्यकर्ता के रुप पूरा करने का मेरा स्वभाव रहा हैं और यह मेरा दायित्व एवं कर्तव्य हैं और अब भी जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरा करने का भरसक प्रयत्न करुंगा।

कटारिया ने मेवाड़ एवं उदयपुर की चर्चा करते हुए कहा कि चाहे वह कहीं या किसी भी पद पर जाये इस धरती से हमेशा जुड़े रहेंगे और जो भी योगदान होगा वह करेंगे। उन्होंने कहा कि मेवाड़ क्षेत्र के मान सम्मान को बढ़ाने का जो बनेगा वह करने का प्रयत्न करेंगे, क्योंकि आज उसी की बदौलत वह यहां तक पहुंचे हैं और इस कर्जे को पूरा करने का प्रयास करेंगे।

वसुंधरा, पूनियां सहित भाजपा नेताओं ने राज्यपाल नियुक्त होने पर कटारिया को दी बधाई

वसुंधरा, पूनियां सहित भाजपा नेताओं ने राज्यपाल नियुक्त होने पर कटारिया को दी बधाई

जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंती वसुंधरा राजे, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां, भाजपा प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत एवं कैलाश चौधरी सहित भाजपा के कई नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया को असम के राज्यपाल नियुक्त करने पर उन्हें बधाई दी है।

इस अवसर पर राजे, डा पूनियां, सिंह, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ सहित कई पार्टी नेता श्री कटारिया के आवास पर जाकर उन्हें बधाई दी। इस मौके राजे ने उन्हें इस नई एवं बड़ी जिम्मेदारी की बधाई देते हुए एक यशस्वी कार्यकाल की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने कहा कि उनका ओजस्वी एवं प्रभावी व्यक्तित्व एवं राजनीतिक अनुभव असम की उन्नति का नया अध्याय लिखेगा।

उन्होंने कहा कि कटारिया अनुभवी एवं संजीदा नेता है और उनका राजस्थान में नाम है, प्रतिपक्ष नेता के रुप में उन्होंने विधानसभा में अपना पक्ष मजबूती से रखा है।

डा पूनियां ने कटारिया को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह तपस्वी राजनेता है, जिन्होंने पूरे मेवाड़ में जनकल्याण का कार्य करते हुए भाजपा को धरातल पर मजबूत किया है। राठौड़ ने कहा कि उनका दीर्घकालिक राजनीतिक अनुभव असम राज्य की समृद्धि, खुशहाली तथा सम्पन्नता का मार्ग प्रशस्त करेगा।

शेखावत ने सोशल मीडिया के जरिए कटारिया को असम का राज्यपाल बनाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि संघ एवं भाजपा कार्यकर्ता के रूप में उनका जीवन राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सदैव प्रेरणा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में भी उन्होंने राज्य सरकार को सदा ही न्यायसंगत दिशा दिखाई है। जनसेवा के प्रति आपका समर्पण प्रेरित करता है।

चौधरी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से कटारिया को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। भाजपा सांसद दुष्यंत सिंह ने भी कटारिया के आवास पर पहुंचकर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इसी तरह पार्टी के अन्य कई नेताओं ने कटारियां को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

वाराणसी में स्वामी प्रसाद मौर्य के काफिले पर फेंकी गई काली स्याही

वाराणसी। रामचरितमानस पर विवादित बयान देकर चर्चा में आए समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के काफिले को वाराणसी में रविवार को काले झंडे दिखाए गए और गुस्साये लोगों ने उन पर काले कपड़े और काली स्याही फेंक कर अपना विरोध दर्ज कराया।

वाराणसी से सोनभद्र के लिये जा रहे मौर्य का काफिला जब रामनगर थाना क्षेत्र के टेंगारामोर इलाके से गुजर रहा था तो स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए, काले कपड़े फेंके तथा काली स्याही भी फेंकी।

भारतीय जनता पार्टी नेता राजवीर ने कहा कि रामचरित मानस पर यहां की जनता मौर्य की टिप्पणी से खासी आहत हैं। सनातन परंपरा से जुड़े लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले सपा नेता के खिलाफ उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया है।

उन्होंने कहा कि रामचरित मानस पर विवादित टिप्पणी के लिए मौर्य को कभी माफ नहीं किया जा सकता। इस बीच पुलिस ने बीचबचाव कर भाजपा कार्यकर्ताओं को पीछे धकेल दिया जिसके बाद मौर्य की कार सोनभद्र जिले की ओर रवाना हो गई।

श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर उमड़ा आस्था का सैलाब

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अजमेर।
श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड पडा। भीड़ को देखते हुए मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज ने सुुबह जल्दी ही बाबा भैरव, मां कालिका एवं मनोकामना पूर्ण स्थम्भ की पूजा अर्चना की। इसके बाद प्रदेशभर से आए श्रद्धालुओं को मन्दिर परिसर में प्रवेश दिया गया।

भैरव धाम पर अल सुबह ही दूर दराज के बड़ी संख्या में आए श्रद्धालु उमड पडे जिसके चलते धाम पर मेले जैसा माहौल बन गया। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि पिछले काफी समय से श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ चैरीटेबल ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सर्द हवाओं के देखते हुए ओढने को कम्बल व रजाईयों तथा चाय की व्यवस्था भी की जा रही है।

धाम पर आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए चम्पालाल महाराज ने कहा कि भगवान तो देता है वह कभी कुछ लेता नहीं। राजगढ़़ धाम पर किसी से कुछ लिया नहीं जाता है बल्कि आने वाले श्रद्धालुओं को अंधविश्वास से भी दूर किया जाता है। महाराज ने आए हुए श्रद्धालुओं को रक्तदान करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अधिक से अधिक रक्तदान करना चाहिए।

श्रद्धालुओं नेे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व कन्या भूण हत्या रोकने का महाराज की प्रेरणा से संकल्प तेले हुए ‘कन्या भ्रूण हत्या महापाप है, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसे कई नारों से पूरे राजगढ़ गांव को गुंजायमान कर दिया। राजगढ़ धाम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां किसी भी प्रकार का दान, चन्दा, चढावा, गुप्तदान, पूजा सामग्री स्वीकार नहीं किया जाता। भैरव धाम राजगढ़ की अन्यत्र कोई शाखा भी नहीं है।

धाम पर प्रदेशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने नशा मुक्ति का संकल्प लिया जिसमें बीड़़ी, सिगरेट, गुटका, शराब, चोरी, अपराध आदि को बाबा के चरणों में छोडा़। श्रद्धालुओं ने ज्योती के दर्शन किए व मत्था टेककर एवं मनोकामना पूर्ण स्तम्भ की परिक्रमा लगाकर सुख समृद्धि की कामना की।

अजमेर में पथ संचलन को निहारते रहे लोग, पुष्पवर्षा से स्वागत


अजमेर।
राजस्थान के अजमेर में आज राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से गुणवत्ता पथ संचलन का आयोजन किया गया।

अजमेर के सुभाष उद्यान से सुबह निर्धारित समय पर अजयमेरू महानगर का पथ संचलन महानगर संघ संचालक खाजूलाल चौहान के नेतृत्व में शुरू हुआ। सुबह 10 बजे स्वयंसेवक पंक्तिबद्घ कदमताल करते हुए बैण्ड की स्वरलहरियों के साथ सडकों पर निकले तो आमजन कौतुहलवश एकटकी लगाकर उन्हें निहारने पर मजबूर हो गए।

पथ संचलन गंज, दिल्लीगेट, धानमंडी, दरगाह बाजार, नला बाजार, मदारगेट, गांधीभवन, चूडी बाजार, गोलप्याऊ, नयाबाजार, आगरागेट, महावीर सर्किल होता हुआ ऋषिघाटी बाईपास स्थित रामप्रसाद घाट पहुंच कर स्मपन्न हुआ। संघ के इस पथ संचलन में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की माकूल व्यवस्था भी की गई।

दरगाह के सामने जोरदार पुष्पवर्षा

पथ संचलन का यूं तो शहर के हर मार्ग पर आमजन की ओर से फूलों से स्वागत किया गया। लोगों ने देशभक्ति से ओतप्रोत जयकारे लगाए। संचलन जब दरगाह के सामने पहुंचा तो वहां पहलं से मौजूद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष शफीक खान के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुष्प वर्षा कर माहौल को सदभावना से भर दिया। इस मौके पर मोर्चा महामंत्री मोइन खान, जैनुल आबेदीन घोसी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश बंसल, सरदार तेजपाल सिंह साहनी, इमरान खान, शादाब खान, महबूब जी खानपुरा, अजमत उल्लाह, इशरत, परवीन, शहजाद खान, अमान खान आदि मौजूद थे।

भीलवाड़ा मे विधवा महिला के साथ सामुहिक दुष्कर्म

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बीगोद थाना क्षेत्र में एक विधवा महिला के साथ उसी के मकान में घुसकर सामुहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है।

पीड़िता की चीख सुनकर नजदीकी होटल से बचाव के लिए आए तीन में से एक ग्रामीण के साथ आरोपितों ने मारपीट की जबकि 2 लोग जान बचाकर मौके से भाग छूटे। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर एफ आई आर दर्ज की है जिसकी जांच डीएसपी मांडलगढ़ ने शुरू की है।

शव को राष्ट्रीय राजमार्ग पर रख प्रदर्शन, केस दर्ज

भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र में रोशन हत्याकांड मामले में शव नेशनल हाइवे पर रखकर रोड़ जाम कर प्रदर्शन और नारेबाजी करने वालों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने 11 लोगों को नामजद किया है। वहीं सौ से डेढ़ सौ महिलायें और पुरुष मामले में आरोपित बनाए गए हैं।

थाना प्रभारी पूरणमल मीणा की रिपोर्ट पर आसींद पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 के तहत केस दर्ज किया है। इस रिपोर्ट में मीरांबक्ष पीनारा, मदिना, इनायत मोहम्मद, शाहरुख पीनारा, टोनू, पिंटू पठान, शरीफ, मुनीर मंसूरी, निजू, समीर एवं इदरिश को आरोपित बनाया है।

महर्षि दयानंद सरस्वती ने दूर कीं ‘धर्म’ से जुड़ी गलतियां : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने धर्म के आलोक में उन बुराइयों को दूर किया जिन्हें गलत तरीके से धर्म के नाम से जोड़ा गया था।

मोदी ने यहां इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले समारोह का उद्घाटन करने के बाद कहा कि धर्म के नाम पर जो गलतियां की गईं, स्वामी जी ने उन्हें धर्म के प्रकाश से ही हटा दिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्मरणोत्सव के लिए लोगो भी जारी किया।

दयानंद सरस्वती के जन्म के समय भारत की स्थिति को याद करते हुए, मोदी ने कहा कि भारत सदियों की गुलामी के बाद कमजोर एवं निरीह हो गया था तथा अपनी आभा और आत्मविश्वास खो रहा था। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने भारत की परंपराओं और शास्त्रों में किसी भी तरह की कमी की धारणा को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका वास्तविक अर्थ भुला दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने उस समय को भी याद किया जब भारत को कमजोर करने के लिए वेदों की झूठी व्याख्या का इस्तेमाल किया जा रहा था और परंपराओं को विकृत किया जा रहा था, ऐसे समय में महर्षि दयानंद का प्रयास एक ‘रक्षक’ के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि महर्षि जी ने भेदभाव और छुआछूत जैसी सामाजिक बीमारियों के खिलाफ एक मजबूत अभियान शुरू किया।

मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि महर्षि दयानंद महिलाओं को लेकर समाज में पनपी रूढ़ियों के खिलाफ एक तार्किक और प्रभावी आवाज बनकर उभरे। उन्होंने बताया कि महर्षि दयानंद ने महिलाओं के खिलाफ भेदभाव का कड़ा विरोध किया और महिलाओं की शिक्षा के लिए अभियान भी चलाया, जबकि यह तथ्य 150 साल से अधिक पुराना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के समय में भी ऐसे समाज हैं जो महिलाओं को उनके शिक्षा और सम्मान के अधिकार से वंचित करते हैं, लेकिन यह महर्षि दयानंद ही थे जिन्होंने अपनी आवाज तब उठाई जब महिलाओं के लिए समान अधिकार एक दूर की सच्चाई थी, यहां तक ​​कि पश्चिमी देशों में भी।

मोदी ने कहा कि आर्य समाज के पास स्वामी जी की शिक्षाओं की विरासत है और देश हर ‘आर्य वीर’ से बहुत उम्मीद करता है। उन्होंने कहा कि अमृत काल में, हम सभी को महर्षि दयानंद जी के प्रयासों से प्रेरणा मिल सकती है।

गौरतलब है कि आज ही के दिन यानी बारह फरवरी, 1824 को जन्मे महर्षि दयानंद सरस्वती एक समाज सुधारक थे, जिन्होंने 1875 में आर्य समाज की स्थापना सामाजिक असमानताओं और उस समय के अंधविश्वास का मुकाबला करने के लिए की थी। आर्य समाज ने सामाजिक सुधारों और शिक्षा पर जोर देकर देश की सांस्कृतिक और सामाजिक जागृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

महर्षि दयानन्द सरस्वती को 200वीं जयंती पर स्वामी रामदेव ने किया नमन

हरिद्वार/देहरादून। महर्षि दयानंद सरस्वती की दो सौवीं (द्विशताब्दी वर्ष) जयंती के पावन अवसर पर पतंजलि योगपीठ के स्वामी रामदेव ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने यहां महर्षि दयानन्द के स्मरण को आयोजित कार्यक्रम में महर्षि के उद्बोधन ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ अर्थात, धरती हमारी मां है और इसके लिए हमें अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तत्पर रहना चाहिए, का उल्लेख किया।

स्वामी रामदेव ने कहा कि महर्षि दयानंद ने राष्ट्रधर्म को सर्वोपरि बता, देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है और इस देश को जातिवाद, ढोंग, आडंबर, पाखंड, अंधविश्वास और तमाम तरह के ऊंच-नीच, भेदभाव, छुआछूत से मुक्ति दिला कर सबको एक पूर्वज, ऋषियों की संतान भारत माता, धरती माता की संतान कहकर सबको यह बोध कराया कि हम सभी एक हैं, सभी श्रेष्ठ हैं।

स्वामी रामदेव ने कहा कि आज उनकी जयंती पर उनको स्मरण करते हुए हमें उनके सपनों का भारत बनाने के लिए जैसी वह इस देश में शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था चाहते थे, वैसी ही एक सामाजिक एकता की भावना, एक भारत और श्रेष्ठ भारत के जो उन्होंने गीत गाये, हम सब मिलकर, उनके सपनों का भारत बनाएंगे और देश को आर्थिक गुलामी शिक्षा चिकित्सा की गुलामी सांस्कृतिक वैचारिक धार्मिक गुलामी से मुक्ति दिला करके इस भारत को परम वैभव शाली बनाएंगे। यह संकल्प आज हम दोहराते हैं।

उन्होंने आगे कहा आज वक्त आ गया है कि हम अपने महापुरुषों को और उनके विचारों को और उनका जो योगदान अवदान इस देश के लिए रहा उसको विराटता से देखें तो लोगों ने अक्सर महापुरुषों को बंधक सा बना लिया।

गहलोत ने ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का मोदी से किया आग्रह

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का आज फिर आग्रह किया।

गहलोत मुख्यमंत्री निवास से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण समारोह में भाग लेते हुए आज यह आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के 13 जिलों में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहद जरूरी है। राज्य सरकार अपने संसाधनों से ईआरसीपी के कार्य को आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करें, ताकि कार्यों को गति मिले और आमजन को समयबद्ध पानी उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि ईआरसीपी मुद्दा बना हुआ है और इससे पूरे 13 जिलों की प्यास बुझेगी। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इस पर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय के अंतराल पर प्रधानमंत्री का राजस्थान में दूसरी बार आना हमारे लिए सौभाग्य की बात है और इससे विकास को और गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे के साथ चार राष्ट्रीय राजमार्गों का कार्य उल्लेखनीय है। उन्होंने एक्सप्रेस-वे को जयपुर से जोड़ने को उपयोगी बताते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में नई सड़कों के निर्माण के साथ-साथ सुदृढ़ीकरण के कार्य कराए जा रहे हैं। गत चार साल में 54 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया गया है वहीं 46 हजार किमी सड़कों का निर्माण प्रगतिरत है। इन कार्यों से राजस्थान के आर्थिक और औद्योगिक विकास को अधिक गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इसी वर्ष बजट में सड़क एवं आधारभूत विकास के लिए लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। राजस्थान की बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से ही औद्योगिक विकास अच्छा हुआ है। इसी का परिणाम है कि राजस्थान 11.04 प्रतिशत जीडीपी विकास दर के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्ट राजस्थान में 11 लाख करोड़ रुपए के एमओयू, एलओआई होने से विकास बढ़ेगा।

गहलोत ने केंद्र सरकार द्वारा राजस्थान की 50 सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के संदर्भ में गजट नोटिफिकेशन शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जयपुर रिंग रोड, जोधपुर एलिवेटेड रोड, लालसोट-पचपदरा रोड एवं हनुमानगढ़-साधुवाली रोड की डीपीआर एनएचएआई तैयार कर रहा है। इनका निर्माण शीघ्र शुरू कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पचपदरा में रिफाइनरी विकसित होने से एवं अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे निर्मित होने से जोधपुर से पचपदरा तक यातायात का दबाव बढ़ेगा। इसलिए जोधपुर एवं पचपदरा रिफाइनरी को अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे से जोड़े जाने के लिए छह लेन सड़क बनाई जाए।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के पहले चरण का किया उद्घाटन

दौसा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सबसे लंबे दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे के पहले चरण (दिल्ली-दौसा-लालसोट) का आज यहां उद्घाटन किया।

इसके लिए राजस्थान के दौसा जिले के धनावड़ में आयोजित कार्यक्रम में श्री मोदी ने इसका उद्घाटन करते हुए कहा कि इस एक्सप्रेस-वे को राष्ट्र को समर्पित करते हुए उन्हें बहुत गर्व हो रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दुनिया के सबसे उन्नत एक्सप्रेसवे में से एक है जो विकासशील भारत की भव्य तस्वीर पेश करता है। उन्होंने दौसा एवं देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि जब ऐसी आधुनिक सड़के, आधुनिक रेलवे स्टेशन, रेलवे ट्रेक, मेट्रो, एयरपोर्ट बनते है तो देश की प्रगति को गति मिलती हैं।

प्रधानमंत्री ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 246 किलोमीटर लंबा दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड राष्ट्र को समर्पित करने के साथ 5940 करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत से विकसित होने वाली 247 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। उन्होंने अवसंरचना पर निवेश के गुणात्मक प्रभाव पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में राजमार्गों के निर्माण के लिए 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। उन्होंने कहा पिछले नौ वर्षों से केंद्र सरकार अवसंरचना में लगातार भारी निवेश कर रही है और इस साल के बजट में अवसंरचना के लिए दस लाख करोड़ रुपये आवंटित किये गए है, जो वर्ष 2014 के आवंटन से पांच गुना ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि इससे राजस्थान के गरीब और मध्यम वर्ग को काफी फायदा होगा। अवसंरचना में निवेश से अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचता है और इससे रोजगार और परिवहन-संपर्क का निर्माण होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, ऑप्टिकल फाइबर, डिजिटल कनेक्टिविटी, पक्के घरों और कॉलेजों के निर्माण में निवेश किया जाता है, तो समाज का हर वर्ग सशक्त होता है और इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली-दौसा-लालसोट राजमार्ग के निर्माण से दिल्ली और जयपुर के बीच लगने वाला यात्रा का समय कम हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे के किनारे ग्रामीण हाट स्थापित किए जा रहे हैं, जो स्थानीय किसानों और कारीगरों की मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से राजस्थान के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि सरिस्का, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, रणथंभौर और जयपुर एवं अजमेर जैसे पर्यटन स्थलों को राजमार्ग से लाभ मिलेगा।

तीन अन्य परियोजनाओं के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनमें से एक जयपुर को एक्सप्रेसवे के साथ सीधा संपर्क देगी। दूसरी परियोजना एक्सप्रेसवे को अलवर के पास अंबाला-कोटपूतली कॉरिडोर से जोड़ेगी। इससे हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और जम्मू कश्मीर से आने वाले वाहनों को पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक पहुँचने में मदद मिलेगी। लालसोट करोली सड़क भी इस क्षेत्र को एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर राजस्थान एवं देश की प्रगति के दो मजबूत स्तंभ बनने जा रहे हैं और आने वाले समय में राजस्थान सहित इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल देंगे। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं मुंबई-दिल्ली आर्थिक गलियारे को मजबूत करेंगी और सड़क एवं फ्रेट कॉरिडोर राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी भारत के कई इलाकों को बंदरगाहों से जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इससे लॉजिस्टिक्स, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और अन्य उद्योगों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पीएम गतिशक्ति मास्टरप्लान द्वारा संचालित होने के बारे बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर, बिजली लाइनों और गैस पाइपलाइनों को बिछाने की व्यवस्था की गई है और बची हुई भूमि का उपयोग सौर ऊर्जा के उत्पादन के साथ-साथ उसके भंडारण के लिए किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा की, “ये प्रयास भविष्य में देश का काफी धन बचाएंगे।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’के मंत्र पर काम कर रही है उसका संकल्प एक समर्थ, सक्षम और समृद्ध भारत बनाना है। इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, राजस्थान सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री भजनलाल जाटव और कई सांसद भी मौजूद थे।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 246 किलोमीटर लंबे दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड को 12,150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इस खंड के प्रचालनगत होने से दिल्ली से जयपुर की यात्रा का समय पांच घंटे से घटकर लगभग साढ़े तीन घंटे रह जाएगा और इससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को अत्यधिक बढ़ावा मिलेगा।

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे 1,386 किमी की लंबाई के साथ भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। यह दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा की दूरी को 1,424 किमी से 12 प्रतिशत कम करके 1,242 किमी कर देगा और यात्रा का समय 24 घंटे से घटकर 12 घंटे तक यानी 50 प्रतिशत कम हो जाएगा। यह छह राज्यों – दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा और कोटा, इंदौर, जयपुर, भोपाल, वडोदरा और सूरत जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।

एक्सप्रेसवे 93 पीएम गति शक्ति आर्थिक नोड्स, 13 बंदरगाहों, 8 प्रमुख हवाई अड्डों और 8 मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) के साथ-साथ जेवर हवाई अड्डे, नवी मुंबई हवाई अड्डे और जेएनपीटी बंदरगाह जैसे नए आगामी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों को भी सेवा प्रदान करेगा। इस एक्सप्रेसवे का सभी समीपस्थ क्षेत्रों के विकास संबंधी मार्ग पर उत्प्रेरक प्रभाव पड़ेगा और इस प्रकार यह देश के आर्थिक रुपांतरण में प्रमुख योगदान देगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 5940 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित होने वाली 247 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इसमें बांदीकुई से जयपुर तक 2000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित की जाने वाली 67 किलोमीटर लंबी चार लेन की छोटी सड़क, लगभग 3775 रुपये की लागत से विकसित की जाने वाली कोटपुतली से बड़ा ओदानियो तक छह लेन की छोटी सड़क एवं लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जा रहा लालसोट-करौली खंड का दो लेन पेव्ड शोल्डर शामिल है।