Warning: Constant WP_MEMORY_LIMIT already defined in /www/wwwroot/sabguru/sabguru.com/18-22/wp-config.php on line 46
Sabguru News - 7250 का पृष्ठ 368 -
होम ब्लॉग पेज 368

त्रिपुरा को फिर से विकास के रास्ते पर लेकर आयी भाजपा : मोदी

अगरतला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और वाममोर्चा सरकारों पर त्रिपुरा को विकास के मामले में पीछे धकेलने का आरोप लगाते हुए शनिवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने महज पांच साल में राज्य को तीव्र विकास के पथ पर ला खड़ा किया है।

मोदी 16 फरवरी को राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के प्रचार अभियान को तेज करने के लिए शनिवार को त्रिपुरा पहुंचे। धलाई जिले के अंबासा में आयोजित पहली रैली में उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और वाम दल केवल गरीबों को धोखा देना जानते हैं। वे गरीबों को चिंता से कभी मुक्त नहीं कर सकते। भाजपा आपके नौकर की तरह आपकी सभी चिंताओं को हल करने के लिए दिन-रात काम कर रही है और आपकी सच्ची साथी है।

मोदी ने कांग्रेस और वामपंथियों पर निशाना साधते हुए कहा कि त्रिपुरा में गांव-गांव ऑप्टिकल फाइबर लगाने का काम चल रहा है। पिछले आठ वर्षों में त्रिपुरा में तीन गुना से अधिक ऑप्टिकल फाइबर बिछाया गया है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा बहुत जल्द दक्षिण एशिया का ‘गेटवे’ बनने जा रहा है, क्योंकि भाजपा की डबल इंजन सरकार इस दिशा में काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संकल्प से साबित होता है कि भाजपा वही करती है जो आप चाहते हैं और हम वही करते हैं जो आपकी प्राथमिकता है, जो आपकी जरूरत है। हमने अपने संकल्प में नए लक्ष्यों के साथ नए कदम उठाने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले त्रिपुरा में सिर्फ वाम दलों से जुड़े कैडरों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा था, लेकिन अब हर नागरिक को इनका लाभ मिल रहा है।

मोदी ने कहा कि राज्य के थाने भी माकपा कार्यकर्ताओं के नियंत्रण में थे, लेकिन भाजपा सरकार ने राज्य में कानून का शासन स्थापित किया। अब त्रिपुरा की पहचान हिंसा और पिछड़ापन नहीं है। पहले त्रिपुरा में केवल एक पार्टी को झंडा फहराने की अनुमति थी, लेकिन आज भाजपा सरकार ने त्रिपुरा को भय, धमकी और हिंसा से मुक्त कर दिया है।

उन्होंने कहा कि इस जनसभा में खुशी और उत्साह के माहौल से साफ लगता है कि विकास का यह डबल इंजन कभी भी नहीं रुकेगा और हर कोई फिर से ‘डबल इंजन’ सरकार की मांग कर रहा है।

मोदी ने वाम दलों और कांग्रेस के बीच सीटों के संतुलन पर कहा कि कांग्रेस और वाम दलों के लोग छल-कपट में शामिल हैं, कुशासन के पुराने खिलाड़ियों ने हाथ मिला लिया है। उन्हें दिया जाने वाला एक-एक वोट त्रिपुरा को पीछे धकेल देगा। तो आपको बस इतना करना है कि कमल का बटन दबाना है।

अमरीका ने अलास्का क्षेत्र में उड़ रही ‘अज्ञात वस्तु’ को मार गिराया

वाशिंगटन। अमरीका ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन के आदेश पर अलास्का राज्य के पास आसमान में उड़ती एक ‘अज्ञात वस्तु’ को फाइटर जेट ने मार गिराया।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि राष्ट्रपति ने यह फैसला नागरिकों की सुरक्षा दृष्टि से लिया। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि शुक्रवार को आसमान में उड़ती हुई ‘अज्ञात वस्तु’ का उद्देश्य स्पष्ट नहीं था। इस वस्तु का मलबा पिछले शनिवार को दक्षिण कैरोलिना के तट से नीचे गिराए गए चीनी गुब्बारे की तुलना में बहुत कम था।

उन्होंने कहा कि इस ‘अज्ञात वस्तु’ को उस वक्त मार गिराया, जब यह अलास्का के उत्तरी तट पर 40हजार फीट (12,000 मीटर) की ऊंचाई पर उड़ती हुई उत्तरी ध्रुव की ओर जा रही थी।

किर्बी ने कहा कि ‘अज्ञात वस्तु’ को पहली बार गुरुवार रात को देखा गया था जिसके बाद, वायु मार्ग की ओर से आने वाले संदिग्ध वस्तु की निगरानी कर रहे अधिकारियों ने बाइडेन को इस बारे में जानकारी दी, जिसके तुरंत बाद ही उन्होंने उस वस्तु को फाइटर जेट को मार गिराने का आदेश दिया।

इससे पहले, फाइटर जेट ने वस्तु के करीब पहुंचकर उसमें किसी की उपस्थिति का मूल्यांकन किया, जब उन्होंने यह जानकारी पुख्ता कर ली कि इस वस्तु में कोई नहीं है, तभी उसे मार गिराया गया।

किर्बी ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए अपने दायित्वों को सर्वोपरि मानते हैं। इसलिए, हवाई क्षेत्रों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि वस्तु का मारे जाने से पहले उत्तरी अलास्का के डेडहोरसे के ऊपर अमरीकी हवाई क्षेत्र के लगभग 10 वर्ग मील के हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया था।

किर्बी ने कहा कि पिछले शनिवार को अमरीका में एक चीनी गुब्बारे को मार गिराए जाने के कुछ घंटों बाद, रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने अपने चीनी समकक्ष को इस घटना से संबंधित बातचीत करने के लिए बुलाया था लेकिन चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंघे ने अस्वीकार कर दिया था। चीनी अधिकारियों ने कल अमरीका पर राजनीतिक हेरफेर और प्रचार करने का आरोप लगाया।

पांच चीनी कंपनियों और एक शोध संस्थान को शुक्रवार की देर रात अमरीकी सरकार की व्यापार की ‘काली सूची’ में डाल दिया गया। अमरीकी वाणिज्य विभाग ने कहा कि संगठनों को इसलिए काली सूची में डाला गया क्योंकि, उऩकी ओर से अमरीका पर निगरानी करने के लिए एयरशिप और गुब्बारे भेजे गए, जिन्हें अमरीकी वायु सेना के फाइटर जेट के पायलटों ने मार गिराया।

रवींद्र जडेजा पर मैच फीस का 25 फीसदी जुर्माना

0

नागपुर। आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले हरफनमौला रवींद्र जडेजा को भारत के टेस्ट के दौरान आईसीसी आचार संहिता के लेवल एक के उल्लंघन का दोषी मानते हुए मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है।

दरअसल, टेस्ट मैच के पहले दिन गुरूवार को ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के 46वें ओवर में जडेजा को अपनी तर्जनी उंगली पर क्रीम लगाते हुए पाया गया था। वीडियो फुटेज में बाएं हाथ के स्पिनर ने मोहम्मद सिराज की हथेली से कोई पदार्थ लिया और इसे अपने बाएं हाथ की तर्जनी पर रगड़ लिया।

इस बारे में हालांकि भारतीय टीम प्रबंधन ने सफाई दी थी कि जडेजा हाथ की तर्जनी पर सूजन से राहत पाने के लिए क्रीम लगा रहे थे मगर यह कृत्य ऑन-फील्ड अंपायरों से अनुमति मांगे बिना किया गया था। जडेजा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था जिसके बाद मैच रेफरी को औपचारिक सुनवाई की कोई आवश्यकता महसूस नहीं हुई।

जडेजा को खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहयोगी कर्मियों के लिए आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.20 का उल्लंघन करते पाया गया, जो खेल भावना के विपरीत आचरण प्रदर्शित करने से संबंधित है। इसके अलावा जडेजा के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है। 24 महीने की अवधि में यह उनका पहला अपराध था।

मैच रेफरी इस बात से संतुष्ट थे कि क्रीम पूरी तरह से चिकित्सा उद्देश्यों के लिए उंगली पर लगाई गई थी। क्रीम को गेंद पर कृत्रिम पदार्थ के रूप में नहीं लगाया गया था और इसके परिणामस्वरूप, इसने गेंद की स्थिति में बदलाव नहीं किया, जो आईसीसी खेल की शर्तों का उल्लंघन होता। मैदानी अंपायर नितिन मेनन और रिचर्ड इलिंगवर्थ, तीसरे अंपायर माइकल गफ और चौथे अंपायर केएन अनंतपद्मनाभन ने जडेजा पर यह आरोप लगाया था।

गौरतलब है कि लेवल 1 के उल्लंघन पर कम से कम आधिकारिक फटकार, खिलाड़ी की मैच फीस का अधिकतम 50 फीसदी जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक का प्रावधान है।

पिच के टेस्ट में कंगारू फेल, भारत की ऐतिहासिक जीत

नक्सली हमलों को प्रजातांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा : जेपी नड्डा

जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि नक्सली हमलों को प्रजातांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा।

नड्डा आज यहां लाल बाग मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नारायणपुर में हुए हादसे ने दिल को दहला दिया। उन्होंने कहा कि नक्सली हमलों का प्रजातांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। उन्होंने नारायणपुर में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सागर साहू की मौत का दुख व्यक्त किया।

हवाई अड्डे पर नड्डा का भाजपा के नेताओं ने स्वागत किया। उन्होंने यहां स्थानीय भाजपा कार्यालय में कोर कमेटी के सदस्यों की बैठक ली और हेलीकाॅप्टर से नारायणपुर के लिए रवाना हो गए। नारायणपुर जाने से पहले उन्होंने दंतेश्वरी मंदिर जाकर मां के दर्शन किए।

लाल बाग में आम सभा को पूर्व मुख्य मंत्री डाॅ रमन सिंह ने मौजूदा कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। और भाजपा के कार्यकाल में हुए उपलब्धियों को गिनाया।

सिरोही नगर परिषद का कमाल, पार्किंग में सीढ़ियों से भेजेंगे गाड़ियां!

0
सिरोही में शाहजी की बाड़ी के मोड़ पर नवनिर्मित कॉम्प्लेक्स जिसकी सीढ़ियां सड़कों तक आ गई हैं। ।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। भाजपा को हटाकर सिरोही नगर परिषद में कांग्रेस को लाकर बैठाने से यहां भ्रष्टाचार में कोई कमी आई है ऐसा मत सोचिएगा। जबकि उससे ज्यादा बढ़ गया है। भ्रष्टाचार की परिणीति सिरोही शहर की बदहाली में देखने को मिल जाएगी।

मोदी रविवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दौसा खंड का करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राजस्थान और सोमवार को कर्नाटक का दौरा करेंगे कई राजमार्ग और दूसरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने के अलावा बेंगलुरु में एयरो इंडिया प्रदर्शनी के 14वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय की शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार मोदी 12 फरवरी को राजस्थान के दौसा में आयोजित कार्यक्रम में 18,100 करोड़ रुपए से अधिक की सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

मोदी वहां दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 246 किलोमीटर लंबे दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड को 12,150 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इसके बनने से दिल्ली से जयपुर की यात्रा में पांच घंटे की जगह लगभग 3.5 घंटे लगेंगे।

मोदी 13 फरवरी को बेंगलुरु के येलहंका में वायु सेना केंद्र में एयरो इंडिया 2023 के 14वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। एयरो इंडिया 2023 का विषय द रनवे टू ए बिलियन अपॉर्चुनिटीज (एक अरब संभावनाओं की हवाई-पट्टी)है। यह प्रदर्शनी 17 फरवरी तक चलेगी।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि एयरो इंडिया 2023 में स्वदेशी उपकरणों/प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने और विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसका आयोजन प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के दृष्टिकोण के अनुरूप किया जा रहा है।

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे 1,386 किमी की लंबाई के साथ भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। इससे दिल्ली और मुंबई के बीच सड़क मार्ग से यात्रा की दूरी 12 प्रतिशत कम होकर वर्तमान 1,424 किमी से 1,242 किमी हो जाएगी और यात्रा का समय 24 घंटे से 12 घंटे हो जाएगा।

यह छह राज्यों दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी और कोटा, इंदौर, जयपुर, भोपाल, वडोदरा और सूरत जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगी।

यह एक्सप्रेसवे 93 पीएम गति शक्ति आर्थिक नोड्स, 13 बंदरगाहों, आठ प्रमुख हवाई अड्डों और आठ मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) के साथ-साथ जेवर हवाई अड्डे, नवी मुंबई हवाई अड्डे और जेएनपीटी बंदरगाह जैसे नए आने वाले ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों को भी सेवा प्रदान करेगा।

दौसा में होने वाले कार्यक्रम में मोदी 5940 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित होने वाली 247 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इसमें बांदीकुई से जयपुर तक 2000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित होने वाली 67 किलोमीटर लंबी चार लेन की स्पर सड़क, लगभग 3775 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाली कोटपूतली से बड़ाओदानियो तक छह लेन की स्पर सड़क शामिल है और लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से लालसोट-करौली खंड के दो लेन पेव्ड शोल्डर का विकास किया जा रहा है।

बेंगलूरु में विमान उद्योग प्रदर्शनी में अत्याधुनिक डिजाइन (अभिकल्पना), मानव रहित विमान (यूएवी), रक्षा अंतरिक्ष और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिको को भी प्रदर्शित करेगा। यह आयोजन भारत के हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए)-तेजस, एचटीटी-40, डोर्नियर लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (एलयूएच), हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एलसीएच) और उन्नत लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच) जैसी हवाई अस्त्र-शस्त्र प्रणालियों के निर्यात को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

सरकार का मानना है कि यह आयोजन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में घरेलू छोटे मझोले उद्यमों और स्टार्ट-अप को एकीकृत करने में भी मदद करेगा और सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए साझेदारी सहित विदेशी निवेश को आकर्षित करेगा।

एयरो इंडिया 2023 में एयरो इंडिया 2023 प्रदर्शनी में लगभग 100 विदेशी और 700 भारतीय कंपनियों सहित 800 से अधिक रक्षा कंपनियां भाग लेंगी। इसमें 80 से अधिक देशों की भागीदारी देखी जाएगी। इसमें लगभग 30 देशों के मंत्रियों और वैश्विक और 65 भारतीय मूल उपकरण विनिर्माता संगठनों और कंपनियों के 65 प्रमुख अधिकारियों के भाग लेने की संभावना है।

सरकार के निर्देश पर ‘काउ हग डे’ मनाने की अपील वापस

नई दिल्ली। भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्लूबीआई) ने सरकार के निर्देश पर 14 फरवरी को ‘काउ हग डे’ मनाने की अपील वापस ले ली है।

चौदह फरवरी को दुनिया भर में ‘वैलेंटाइन डे’ के रूप में मनाया जाता है। एडब्ल्यूबीआई ने गाय प्रेमियों से इस दिन को ‘काउ हग डे’ मनाने की अपील करते हुए छह फरवरी को कहा था कि पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव की वजह से भारत की वैदिक परंपराएं विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। इस निकाय ने पहली बार इस तरह की अपील की थी।

एडब्ल्यूबीआई ने एक बयान में कहा सरकार के निर्देश पर उसने 14 फरवरी, 2023 को ‘काउ हग डे’ मनाने की अपील को शुक्रवार को वापस ले लिया। गौरतलब है कि इसकी व्यापक रूप से आलोचना हो रही थी और इंटरनेट पर इसको लेकर मीम्स की भरमार हो गई थी।

बयान के अनुसार सक्षम प्राधिकरण और मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के निर्देश के बाद, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने 14 फरवरी 2023 को ‘काउ हग डे’ मनाने की अपील वापस ले ली है।

सरकार की सलाहकार निकाय ने पहले कहा था कि गाय को गले लगाने से भावनात्मक समृद्धि आएगी और व्यक्तिगत तथा सामूहिक खुशी में बढ़ोतरी होगी।

पिच के टेस्ट में कंगारू फेल, भारत की ऐतिहासिक जीत

नागपुर। स्पिन गेंदबाजों की मददगार वीसीए स्टेडियम की पिच पर रविचंद्रन अश्विन की अगुवाई वाले गेंदबाजी आक्रमण की बदौलत भारत ने दुनिया की नम्बर एक टेस्ट टीम आस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन शनिवार को पारी और 132 रनों से हरा कर ऐतिहासिक जीत अर्जित की।

विदर्भ क्रिकेट एसोसियेशन स्टेडियम की पिच पर टास जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए आस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 177 रन बनाए थे जिसके जवाब में भारत ने ठोस बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए 400 रनों का स्कोर खड़ा किया था। पहली पारी में 223 रन से पिछड़ने वाली आस्ट्रेलिया पर दवाब बरकरार रखते हुए अश्विन (37 रन पर पांच विकेट) और रविन्द्र जडेजा (34 रन पर दो विकेट) ने मेहमान बल्लेबाजी की बखिया उधेड़ दी जबकि मोहम्मद शमी (13 रन पर दो विकेट) और अक्षर पटेल (छह रन पर एक विकेट) ने रही सही कसर पूरी करते हुए कंगारूओं के खिलाफ भारत को अब तक की सबसे बड़ी जीत दिला दी।

भारत के खिलाफ आस्ट्रेलिया का दूसरी पारी में यह दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले सात फरवरी 1981 को आस्ट्रेलिया ने मेलबर्न की पिच पर अपनी दूसरी पारी में महज 83 रन बनाये थे। गुंडप्पा विश्वनाथ के शानदार शतक की बदौलत भारत यह मैच 59 रन से जीता था जबकि तीन नवंबर 2004 को मुबंई में वानखेडे स्टेडियम पर कंगारू टीम भारत के खिलाफ 93 रन पर ढेर हो गयी थी और नजदीकी मुकाबले में भारत को 13 रन से जीत मिली थी।

दूसरी पारी में 32.3 ओवर के खेल में मात्र 91 रन पर आस्ट्रेलिया को समेटने का श्रेय टेस्ट करियर में 31 बार पांच विकेट लेने वाले रविचंद्रन अश्विन को जाता है जिन्होने एक बार फिर अपने करिश्माई प्रदर्शन से विरोधी टीम को चारो खाने चित कर दिया। उनके इस नेक काज को आसान बनाने में दूसरे छोर पर हरफनमौला रविन्द्र जडेजा ने मदद की। पहली पारी में पांच विकेट लेने वाले जडेजा ने दूसरी पारी में भी कंगारूओं पर अपना खौफ बरकरार रखा जिसका नतीजा था कि आस्ट्रेलिया के सात बल्लेबाज अपने निजी स्कोर को दहाई के अंक तक पहुंचाने में नाकाम साबित हुए। आस्ट्रेलिया के निचले क्रम को समेटने के काम शमी और अक्षर पटेल ने कर दिखाया।

स्टीवन स्मिथ (25 नाबाद) अंत तक भारतीय आक्रमण को एक छोर पर टिक कर झेलते रहे। वह दूसरी पारी में सर्वाधिक रन बनाने वाले आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बने। भारत की इस ऐतिहासिक जीत में कप्तान राेहित शर्मा (120) के अलावा अक्षर पटेल (84) और रविन्द्र जडेजा (70) का अहम योगदान रहा जिसकी बदौलत भारत अपनी पहली पारी में 400 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल हो सका।

नागपुर की टर्न लेती पिच पर दोनो टीमों के गिरे कुल 30 विकेट में से 24 विकेट फिरकी गेंदबाजाें के हाथ लगे। आस्ट्रेलिया की पहली पारी को समेटने में जडेजा ने पांच,अश्विन ने तीन विकेट लिये थे वहीं भारत की पहली पारी को समेटने में टोड मर्फी ((124 रन पर सात विकेट) की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी। विक्टोरिया के 22 वर्षीय युवा खिलाड़ी ने अपने पदार्पण टेस्ट में यह कारनामा कर दिखाया था।

चित्रकूट में अब्बास अंसारी की पत्नी निखत अरेस्ट, पढें क्या था मामला

चित्रकूट। उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले की रगोली जिला जेल में बंद माफिया मुख़्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की पत्नी निखत को शुक्रवार और शनिवार की रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस सिलसिले में जेल अधीक्षक समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने देर रात चित्रकूट जेल में छापा मारा तो निखत को जेल में बने एक कमरे में अब्बास के साथ पाया। सूत्रों के मुताबिक निखत के मोबाइल से अब्बास मुकदमों के गवाहों और अधिकारियों को धमकी देता था जिसकी सूचना गोपनीय ढंग से जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को मिल गई थी।

उसी क्रम में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने देर रात जेल में छापा डालकर निकहत अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। निखत बंदी मुलाकाती रजिस्टर में नाम दर्ज कराए बिना अपने पति अब्बास से मिलने जेल पहुंची थी।

गौरतलब है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब्बास अंसारी जिला जेल रगौली में लगभग दो माह से निरुद्ध हैं। जिला जेल में जिलाधिकारी अभिषेक आनंद व पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला द्वारा अपनी पूरी टीम के साथ छापेमारी की गई, जिसमें अब्बास से मिलने आई निखत की तलाशी में दो मोबाइल फोन समेत विदेशी मुद्रा एवं कुछ आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई। तलाशी के दौरान उसने पुलिस टीम को देख लेने और परिणाम भुगतने की भी धमकी दी। जिसके बाद महिला सिपाहियों द्वारा निखत को जेल के बाहर से हिरासत में ले लिया गया था।

इस मामले में रगौली चौकी प्रभारी श्याम देव सिंह द्वारा कर्वी कोतवाली मे अब्बास की पत्नी निकहत, जेल अधीक्षक अशोक सागर समेत डिप्टी जेलर सुशील कुमार कांस्टेबल जगमोहन सहित सात लोगों के विरुद्ध धारा 387,222,186, 506,201,120बी समेत अन्य कई गंभीर धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया है।

सिरोही : फील्ड में पूर्व जिलाध्यक्ष, प्रेस नोट में जिलाध्यक्ष

सिरोही में चिकित्सा मंत्री के आगमन पर अपने क्षेत्र की समस्या से चिकित्सा मंत्री को अवगत करवाते भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी।

सिरोही। हाल में चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीणा सिरोही आए थे। इस दौरान जो देखने को मिला वो वाकई सराहनीय था। ये नजारा सरकार को ये संदेश दे रहा था कि जनता की आवाज उठाने के लिए विपक्ष जिंदा है।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी अपने क्षेत्र के लोगों की समस्या के निराकरण के लिए उनसे और स्थानीय विधायक संयम लोढ़ा से मिले। उन्हें पता था कि वो चिकित्सा मंत्री है, लेकिन सरकार का हिस्सा हैं।

उन्होंने सबसे पहले मीणा और लोढ़ा के सामने जिले के किसानों की समस्या रखी। उनका विचार था कि जीएसएस के पास के इलाकों की कृषि लाइन का सीधे जीएसएस से ही जोड़ दिया जाए। दूसरा उनके क्षेत्र की सीएससी और पीएचसी में स्टाफ की नियुक्ति।

वो इन समस्या के लिए चिकित्सा मंत्री और स्थानीय विधायक संयम लोढ़ा दोनों से मुखातिब थे। मकसद एक था कि लोगों की समस्या का निराकरण सरकार के नुमांइदों के माध्यम से हो जाए। उनकी समस्या का निराकरण हो या नहीं हो उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता के प्रति एक जनप्रतिनिधि के रूप में जवाबदेही निभाई। जिसकी अपेक्षा जनता को रहती है।

ये पहला मौका नहीं था। इससे पहले वो रामझरोखा पर किसानों की स्थानीय समस्याओं को लेकर भी एक धरना आयोजित कर चुके हैं जो संख्या के लिहाज से काफी सफल रहा था। पार्टी सूत्रों की मानें तो संगठन के कार्यक्रम को लेकर अपनी मर्जी से कार्यक्रम करके जिला नेतृत्व को चुनौती देने की उनकी शिकायत प्रदेश संगठन को की गई थी। विपक्ष के प्रमुख पद और एमएलए पद के भावी दावेदार के रूप में ये जवाबदेही भाजपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित की है वो उसे भी नहीं निभा पा रहे हैं।

पांच साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सिरोही आगमन के दौरान प्रदर्शन करते कांग्रेस के तत्कालीन नेता संयम लोढ़ा से वार्ता करती तत्कालीन जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल।

खड़ा नहीं कर पाए स्थानीय आंदोलन

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को सवा चार साल हो गए हैं। नारायण पुरोहित को भाजपा का जिलाध्यक्ष बने भी करीब चार साल हो जाएंगे। लेकिन, इन चार सालों में राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व से मिले टास्क के अलावा अपने स्तर पर कोई स्थानीय आंदोलन नहीं खड़ा कर पाए हैं।

वो अपने आपको जिले सिरोही विधानसभा क्षेत्र में विधायक पद का दावेदार मानते हैं। लेकिन, विपक्ष में रहकर जिस तरह से स्थानीय विधायक संयम लोढ़ा सिरोही विधानसभा की समस्याओं को लेकर आंदोलन खड़े किए थे नारायण पुरोहित ऐसा एक भी आंदोलन खड़ा नहीं कर पाए हैं। आंदोलन खड़ा करना तो बड़ी बात है उनका स्थानीय लोगों की समस्या को लेकर सरकार के नुमाइंदों और जनप्रतिनिधियों से मिलने या घेरने तक का कोई सार्वजनिक मामला पिछले चार सालों में गाहे बगाहे ही आया होगा।

अब तक सिरोही में जितनी बार राज्य सरकार के कबीना मंत्रियों का आगमन हुआ उसमें भी जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा इन मंत्रियों और प्रभारी मंत्री के समक्ष क्षेत्र की जनता के समस्याग्रस्त होने को लेकर प्रदर्शन नहीं कर पाए। जबकि विपक्ष में रहते हुए संयम लोढ़ा के नेतृत्व में तो कांग्रेस ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जिले में घेरने की तैयारी और उनके आगमन पर धरने प्रदर्शन कर दिया था।

स्थानीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की उनकी निष्क्रियता बताती है कि वो मान चुके हैं कि या तो सिरोही जिले में रामराज है या फिर वो जनता की समस्याएं उठाने में विफल हैं। उनका व्यवहार ऐसा लग रहा है कि जैसे वो ये संकल्प कर चुके हैं कि बिना वो एमएलए बनकर सीधे समस्या का निराकरण ही करेंगे, उनके लिए आवाज नहीं उठाएंगे।

निष्क्रियता से संगठन में भी निराशा

मेरिट की बजाय सिफारिश से मिली नियुक्तियां किसी भी व्यवस्था को धराशाई कर देती है। जिला संगठन में अंदरखाने जो चर्चा है उसके अनुसार आरएसएस के प्रदेश स्तरीय नेता की बदौलत वो जिलाध्यक्ष पद पर दोबारा काबिज हुए हैं।

उनकी निष्क्रियता ने जिले में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ताओं में निराशा का संचार कर दिया है। इसी वजह से संगठन के अंदर भी उन्हें लेकर जबरदस्त आक्रोश नजर आ रहा है। दो साल पहले चूरमा पार्टी के बहाने जिला मुख्यालय पर उनकी निष्क्रियता से कसमसाते भाजपाई एकजुट हुए थे। हाल ही में भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष हेमंत पुरोहित ने नारायण पुरोहित को टिकिट देने पर उनके निर्दलीय खिलाफ चुनाव लडऩे की घोषणा तक कर दी थी।

ये हालात पैदा होने की प्रमुख वजह उनके नेतृत्व में जिला संगठन की निष्क्रियता है। स्थिति ये है कि पिछले चार सालों में जिले की तीन विधानसभाओं में से सरकार सिर्फ सिरोही विधानसभा पर मेहरबान रही। लेकिन, वो जिले की तो छोडि़ए अपनी गृह विधानसभा रेवदर की समस्याओं को लेकर भी उद्वेलित नहीं हो पाए। वहां चिकित्सकों और शिक्षकों की कमी को लेकर भी प्रेसनोट और ज्ञापन के अलावा सक्रियता दिखाते हुए शायद ही नजर आए हों।