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जियो-बीपी ने लॉन्च किया 20 फीसदी इथेनॉल मिक्स वाला पेट्रोल-ई20

नई दिल्ली। रिलायंस और बीपी के संयुक्त उद्यम जियो-बीपी ने आज ई20 पेट्रोल को लॉन्च किया। कंपनी ने यहां जारी बयान में कहा कि जैसा नाम से ही जाहिर है ई20 पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिक्स किया गया है। 20 प्रतिशत इथेनॉल मिक्स पेट्रोल बाजार में उतारने वाली जियो-बीपी देश की पहली कंपनी है।

ई 20 पेट्रोल अभी जियो-बीपी के चुनिंदा पेट्रोल पंप पर मिलेगा और जल्द ही यह जियो-बीपी के सभी पंप पर उपलब्ध होगा। दरअसल केंद्र सरकार देश की तेल आयात लागत को कम करने में जुटी है।

ऊर्जा सुरक्षा, कम कार्बन उत्सर्जन, बेहतर वायु गुणवत्ता, आत्मनिर्भरता, पराली जैसी अवशेषों का उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिक्स करने के लिए गाइडलाइन जारी की थी। जियो-बीपी का ई20 पेट्रोल देश की ऊर्जी सुरक्षा और सरकारी गाइडलाइन के अनुरूप है।

ईंधन और मोबिलिटी का भारतीय बाजार तेजी से बढ़ रहा है। अगले 20 वर्षों तक इसके दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला ईंधन बाजार होने की उम्मीद है। जियो-बीपी मोबिलिटी स्टेशनों को इस बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

दिल्ली महापौर चुनाव : उपराज्यपाल कार्यालय को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने महापौर चुनाव में नामांकित पार्षदों को मतदान के अधिकार की अनुमति देने को चुनौती देने वाली आम आदमी पार्टी की याचिका बुधवार को दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय समेत अन्य को नोटिस जारी करके जवाब-तलब किया।

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने महापौर पद की उम्मीदवार शेली ओबेरॉय की याचिका पर उपराज्यपाल कार्यालय के अलावा दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के प्रो-टेम पीठासीन अधिकारी और एमसीडी आयुक्त के कार्यालयों को नोटिस जारी करके महापौर चुनाव कराने में देरी पर जवाब देने को कहा है।

महापौर चुनाव में देरी के खिलाफ दायर याचिका में एक सप्ताह के भीतर नगर निगम सदन की बैठक बुलाने, महापौर का चुनाव पूरा होने तक सदन की कार्रवाई कार्यवाही स्थगित नहीं करने और यह घोषणा करने की मांग की गई है कि निगम के मनोनीत पार्षदों (सदस्यों) को महापौर चुनाव में मतदान का अधिकार नहीं हैं, आदि गुहार लगाई गई है।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने याचिकाकर्ता का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हालांकि चुनाव दिसंबर, 2022 में होने थे, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव नहीं हुए हैं।

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 243-आर का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली नगर निगम सदन के मनोनीत सदस्यों को मतदान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। उन सदस्यों को महापौर एवं अन्य पदों के चुनाव में मतदान करने की अनुमति देना असंवैधानिक है।

दिल्ली नगर निगम सदन की बैठक छह फरवरी को तीसरी बार स्थगित कर दी गई थी। भारी हंगामे के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)और ‘आप’ के कई पार्षदों के बीच हाथापाई के बाद महापौर का चुनाव टाल दिया गया था।

पिछले साल दिसंबर में हुए एमसीडी चुनाव हुए थे, जिसमें ‘आप’ ने 250 वार्डों में से 134 पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को 104 वार्डों में जीत हासिल हुई थी।

जालोर जिले में डिस्कॉम का कनिष्ठ अभियंता 4000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

जालोर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जालोर जिले के सांचौर में वृत्त-सांकड़, जोधपुर डिस्कॉम के कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार को एक मामले में चार हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए आज गिरफ्तार किया।

एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक हेमंत प्रियदर्शी (अतिरिक्त चार्ज महानिदेशक) ने बताया कि एसीबी की जालोर इकाई को परिवादी ने शिकायत दी कि विद्युत् ट्रांसफार्मर बदलने की एवज में कनिष्ठ अभियंता द्वारा दस हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है।

इस पर सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने कनिष्ठ अभियंता को परिवादी से चार हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम एन के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।

सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी शादी के बंधन में बंधे

जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार को बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और अभिनेत्री कियारा आडवाणी एक निजी समारोह में परिणय सूत्र में बंध गए।

नवविवाहित जोड़े ने सोशल मीडिया पर शादी की पहली तस्वीरें साझा कीं। पेस्टल गुलाबी कढ़ाई वाले लहंगे में कियारा स्वप्निल लग रही थीं, जबकि सिद्धार्थ सुनहरे रंग की कढ़ाई वाली शेरवानी में जोशीले लग रहे थे। सभी तस्वीरों में नवदम्पति मुस्कुरा रहे हैं।

उन्होंने तस्वीरों को कैप्शन दिया कि अब हमारी स्थायी बुकिंग हो गई है, हम अपनी आगे की यात्रा पर आपका आशीर्वाद और प्यार चाहते हैं। सोशल मीडिया पर नवविवाहित जोड़े के लिए बधाई संदेशों की बाढ़ सी आ गई है। पोस्ट को 40 लाख से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं।

सिद्धार्थ और कियारा की जोड़ी ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘शेरशाह’ में अपने प्रदर्शन के लिए खूब प्रशंसा बटोरी थी। फिल्म में सिद्धार्थ ने विक्रम बत्रा की भूमिका और कियारा ने उनकी प्रेमिका डिंपल चीमा की भूमिका निभाई थी।

तुर्की, सीरिया में भूकंप में मरने वालों की संख्या 11200 के पार, 55000 घायल

इस्तांबूल/दमिश्क। तुर्की और सीरिया में आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या बुधवार को 11,200 से अधिक हो गई। वहीं, बचावकर्मी कड़ाके की ठंड में मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए पूरे दमखम के साथ जुटे हुए हैं।

समाचारपत्र ‘डॉन’ ने आज बताया कि अधिकारियों और चिकित्सकों ने कहा कि सोमवार को आए 7.8 तीव्रता के भूकंप से तुर्की में 8,574 और सीरिया में 2,662 लोगों की मौत हो गई, जिससे कुल संख्या 11,236 हो गई।

दोनों देशों के अधिकारियों और बचावकर्मियों ने बताया कि तुर्की में करीब 50,000 और सीरिया में 5,000 लोग घायल हुए हैं। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन ने शुरुआती भूकंप के केंद्र में दक्षिणी तुर्की के शहर कहारनमारस की यात्रा के दौरान हताहतों की संख्या के बारे में जानकारी दी।

टेलीविजन ने एक रोती हुई बुजुर्ग महिला को गले लगाते हुए और एक बड़ी भीड़ के माध्यम से एक रेड क्रीसेंट मानवीय राहत तम्बू की ओर जाते हुए दिखाया। एर्दोगन ने एक वर्ष के भीतर क्षतिग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। तुर्की की सबसे खराब आपदा के लिए सरकार की धीमी कार्रवाई के लिए आलोचना हो रही है।

एर्दाेगन ने टेलीविज़न पर कहा कि शुरुआत में हवाई अड्डों एवं सड़कों पर समस्याएं थी लेकिन आज चीजें आसान हो रही हैं तथा कल यह और भी आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हमने अपने सभी संसाधन जुटा लिए हैं। देश अपना काम कर रहा है।

मलबे से एक नवजात को जिंदा निकाले जाने और पिता द्वारा अपनी मृत बेटी का हाथ पकड़े जाने के दिल दहला देने वाले दृश्यों सामने आ रहे हैं। भूकंप के बाद से दो दिनों और रातों के लिए बचाव दल की तत्काल सेना ने ठंड के मौसम में काम कर रही है ताकि वे अभी भी खंडहरों में फंसे हुए लोगों को निकाला जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने चेतावनी दी है कि हजारों घायलों और अभी भी फंसे लोगों निकलता जा रहा है।

तुर्की शहर कहारनमारस के कई लोगों ने लगातार भूकंप के बार-बार आ रहे झटकों के बीच ठंडी बारिश और हिमपात के बीच मस्जिदों, स्कूलों और यहां तक ​​कि बस शेल्टरों में शरण ली है। लोग ठंड से बचने के लिए मलबे को जलाना रहे। मदद पहुंचने में देरी से लोगों में निराशा बढ़ रही है।

कहारामनमारस में अली सगिरोग्लू ने कहा कि मैं अपने भाई को खंडहर से वापस नहीं ला सकता। मैं अपने भतीजे को वापस नहीं ला सकता। इधर उधर देखो। भगवान के लिए यहां कोई सरकारी अधिकारी नहीं है।

उन्होंने कहा कि दो दिनों से हमने यहां के आसपास की स्थिति नहीं देखी है। बच्चे ठंड से ठिठुर रहे हैं। पास के गजियंटेप में, दुकानें बंद हैं, क्योंकि विस्फोटों से बचने के लिए गैस की लाइनें काट दी गई हैं और पेट्रोल ढूंढना कठिन है।

इकसठ वर्षीय निवासी सेलाल डेनिज ने बताया कि जब बचाव दल का इंतजार कर रही अधीर भीड़ ने ‘विद्रोह’ किया तो पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। हवाईअड्डे के टर्मिनल के लाउंज में लगभग 100 अन्य लोग कंबल में लिपटे सोए थे, जो आम तौर पर तुर्की के राजनेताओं और मशहूर हस्तियों का स्वागत करते थे।

अपने दो छोटे बच्चों के साथ हवाईअड्डे आए जाहिद सुतकू ने कहा कि हमने इमारतों को गिरते हुए देखा है, इसलिए हम जानते हैं कि हम भाग्यशाली हैं कि हम जीवित हैं। लेकिन अब हमारे जीवन में इतनी अनिश्चितता है। मैं इन बच्चों की देखभाल कैसे करूंगा?

उत्तरी सीरिया में सीमा के पार, एक दशक के गृह युद्ध और सीरिया-रूसी हवाई बमबारी ने पहले ही अस्पतालों को नष्ट कर दिया था तथा अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर दिया था और बिजली, ईंधन और पानी की कमी को बढ़ावा दिया था। जिंदयारिस के विद्रोही-नियंत्रित शहर में, एक नवजात बच्चे को बचाने की खुशी भी उदासी में डूबी हुई थी। वह अभी भी अपनी मां से बंधी हुई थी जो आपदा में मारी गई थी।

खलील अल-सुवादी ने बताया कि जब हम खुदाई कर रहे थे तो हमें एक आवाज सुनाई दी। हमने धूल साफ की और बच्चे को गर्भनाल (बरकरार) के साथ पाया, इसलिए हमने उसे काट दिया और मेरे चचेरे भाई उसे अस्पताल ले गए।

शिशु अपने तत्काल परिवार के बीच एकमात्र उत्तरजीवी के रूप में एक कठिन भविष्य का सामना करना पड़ सकता है। बाकी लोगों को मंगलवार को सामूहिक कब्र में एक साथ दफनाया गया।अमरीका,भारत, चीन और खाड़ी राज्यों सहित दर्जनों देशों ने मदद करने का वादा किया है, और खोजी दलों के साथ-साथ राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुंचनी शुरू हो गई है।

सर्दी के तूफ़ान ने कई सड़कों को भूकंप ने क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप कुछ क्षेत्रों में कई किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम हो गया है। इस बीच तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने 10 दक्षिणपूर्वी प्रांतों में तीन महीने के लिए आपातकाल की घोषणा की है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि 2.3 करोड़ तक लोग भूकंप से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने विभिन्न देशों से प्रभावित इलाकों में तत्काल सहायता पहुंचाने का अनुरोध किया है।

सबगुरु राशिफल : 8 फरवरी बुधवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष, द्वितीया तिथि, वार बुधवार, सम्वत 2079, शिशिर ऋतु, रवि उत्तरायण, सुबह 04.28 बजे बाद तृतीया तिथि प्रारम्भ।

मेष राशि :- आज स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। घुटनों और जोड़ों के दर्द से राहत मिल सकती है। सुबह व्यायाम करें, अतिरिक्त लाभ मिलेगा। पारिवारिक कारण या नौकरी को लेकर आप लंबी दूरी की यात्राओं पर जाने से बचें। कार्यक्षेत्र में आपको उच्च पद, प्रतिष्ठा व मान-सम्मान मिलने के संकेत हैं।

वृषभ राशि :- आज आपकी कार्य-शक्ति गज़ब की रहेगी। जिसकी वजह से आप अपने कार्य समय से पूरा कर पाएंगे। बिज़नेस में पिता का सहयोग आपको बड़ा आर्थिक लाभ दे सकता है। आर्थिक मामलों के लिए यह अवधि बढ़िया रहेगी बस धन संबंधी लेन-देन में आपको जल्दबाज़ी करने से बचना होगा।

मिथुन राशि :- आज आप विपरीत लिंग वाले लोगों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। सेहत पर ध्यान दें। अधिकारी आपसे खुश हो सकते हैं। स्टूडेंट्स को किसी मामले पर निराशा भी हो सकती है। फालतू विवादों से बचने की कोशिश भी करनी चाहिए। कारोबार में खर्चों पर कंट्रोल रखना होगा।

कर्क राशि :- आज घरेलू जीवन के लिए यह समय जटिल हो सकता है। भाई-बहनों को अपने स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सतर्कता बरतनी होगी। दाम्पत्य जीवन के लिए यह समय मिलाजुला रहने वाला होगा। रिश्तों में मधुरता कायम रहे इसके लिए बेहतर तो यही होगा कि आप उनके साथ थोड़ा संयम से पेश आएं।

सिंह राशि :- आज परिवार के साथ आप कुछ बेहतरीन पलों का आनंद उठा सकते हैं। सुख-सुविधाओं की वस्तुओं का उपभोग करने व उन्हें जुटाने के लिए इस अवधि में आप काफी प्रयासरत रहेंगे। दाम्पत्य जीवन के लिए यह समय काफी अनुकूल रहने की सम्भावना है। आपके वैवाहिक संबंध मजबूत रहेंगे।

कन्या राशि :- आज छोटी या लंबी दूरी की यात्रा से बचना होगा। वे जातक जिनका झुकाव धार्मिक प्रवृत्ति की ओर ज्यादा है, वे लोग ईश्वर की स्तुति का आयोजन कर सकते हैं।प्रेम प्रसंगों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। उनकी सेहत का पूरा ख्याल रखें। इसके अलावा इलाज पर अधिक खर्च होने से आपका बजट बिगड़ सकता है।

तुला राशि :- आज घरेलू जीवन के लिए यह समय अच्छा प्रतीत होता नहीं दिख रहा। कुछ न कुछ पारिवारिक अशांति आपके साथ लगी रहेगी। दाम्पत्य जीवन के लिए यह समय काफी अच्छा रह सकता है। जीवनसाथी के साथ शांति के कुछ ख़ुशनुमा पल आप बिता सकेंगे। सेहत की दृष्टि से यह आपके लिए उत्तम रहेगा।

वृश्चिक राशि :- आज आपका पारिवारिक जीवन आनंदमय बना रहेगा। आप एक नई ऊर्जा का संचार महसूस करेंगे।किसी ख़ूबसूरत पल को याद करके आप अपने को तरोताज़ा कर सकते हैं। अपने प्रेमी की तरफ आपका झुकाव अधिक रहेगा। रोमांस करने के भी आपको भरपूर मौक़े प्राप्त होंगे। कुछ स्टूडेंट्स गलत लोगों की संगत में पड़कर अपना समय खराब कर सकते हैं।

धनु राशि :- आज पारिवारिक स्तर पर ख़ुशियों में बढ़ोत्तरी संभव है। इस दौरान मनोरंजन हेतु आप परिवार के साथ कोई आयोजन कर सकते हैं। दाम्पत्य जीवन के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जीवनसाथी के स्वभाव में आपको गर्म मिज़ाजी देखने को मिल सकती है। स्वास्थ्य का मामला सामान्य रहेगा। आप अपने स्वभाव में आध्यात्मिकता की वृद्धि पाएंगे।

मकर राशि :- आज सम्बन्धों में मधुरता बनाएं रखने के लिए आपके लिए यह जरुरी है कि अपने पार्टनर की भावनाओं का आदर करें व बेवज़ह उनके साथ उलझने से बचें। मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए आप अपनी आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ा सकते हैं। ऑफिस से जुड़ी गलतफहमी या परेशानी भी खत्म हो जाएगी। लोग आपका सहयोग करेंगे, लेकिन पहल आपको ही करनी पड़ेगी।

कुंभ राशि :- आज नौकरी में परिवर्तन होने के आसार नज़र आ रहे हैं। जो लोग नई जॉब की तलाश में हैं उन्हें इस अवधि में सफलता मिल सकती है। शेयर बाजार व सट्टे-लॉटरी से जुड़े जातक अच्छा पैसा कमा सकते हैं। आर्थिक लाभ के लिए यह समय बहुत अनुकूल हो सकता है। धन कमाने के लिए आपकी भागा-दौड़ी लगी रहेगी।

मीन राशि :- आज पारिवारिक जीवन के लिए यह समय थोड़ा कष्टदायी हो सकता है। घरेलू लोगों में तालमेल की कमी आपको दृष्टिगोचर हो सकती है। पिता का भरपूर सहयोग व समर्थन आपको मिलने की उम्मीद रहेगी। प्रेम जीवन बहुत ही आनंदमय रहने के संकेत हैं। प्रियजन के साथ मनपसंद जगहों पर घूमने के मौक़े आपको मिल सकते हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से आज का दिन सामान्य रहेगा।

बजट घोषणा में कर्मचारियों की मांगों के लिए महासंघ का सद्बुद्धि यज्ञ

जयपुर। बजट घोषणा में कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) गुरुवार को सभी संभागों एवं जिलों में सद्बुद्धि यज्ञ का अनुष्ठान कर लंबित मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करेगा। यह जानकारी महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने एक बयान में दी।

उन्होंने बताया कि यह ध्यानाकर्षण यज्ञ सभी संभागों एवं जिलों में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच कलेक्ट्रेट कार्यालय पर आयोजित किए जाएंगे। राठौड़ ने एक अन्य बयान में कर्मचारियों की मांगों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रमुख मांगों में वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए गठित सामंत कमेटी और खेमराज कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।

चयनित वेतनमान (एसीपी) का लाभ 9, 18 व 27 वर्ष के स्थान पर 8,16, 24 व 32 वर्ष पर पदोन्नति पद के समान दिया जाए। ग्रेड- पे 2400 व 2800 के लिए बनाए गए पे-लेवल को समाप्त कर केंद्र के अनुरूप पे मैट्रिक्स क्रमशः 25500 – 81100 एवं 29200-92300 निर्धारित की जाए।

मंत्रालयिक कर्मचारियों को सचिवालय कर्मचारियों के समान पदोन्नति लाभ दिया जाए। कांग्रेस के घोषणापत्र के अनुरूप जनता जल योजना कर्मी, होमगार्ड, आंगनबाड़ी कर्मियों, सीसीडीयू एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंशकालीन रसोईये व चौकीदार, संविदा कर्मियों, एनआरएचएम एवं एनयूएचएम कर्मियों, पैरा टीचर्स, उर्दू पैरा टीचर्स, लोक जुंबिश कर्मियों, शिक्षाकर्मियों, विद्यार्थी मित्रों, पंचायत सहायकों, प्रेरक, वनमित्र, कृषि मित्र, चिकित्सा कर्मी, एंबुलेंस कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, संविदा फार्मासिस्ट, मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना में लगाए गए लैब टेक्नीशियन व लैब अटेंडेंट, आईटीआई संविदा कर्मी एवं पशुपालन विभाग के पशुधन सहायक आदि सभी अस्थाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए।

कर्मचारियों के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाई जाए। ग्रामीण भत्ता 10% स्वीकृत किया जाए। केंद्र के अनुरूप राज्य में एमटीएस का पद सृजित किया जाए। दो से अधिक संतान होने के कारण पदोन्नति से 5 वर्ष/3 वर्ष वंचित किए जा चुके राज्य कर्मचारियों को उनकी पदोन्नति उपरांत मूल वरिष्ठता प्रदान की जाए।

अर्जित अवकाश की सीमा 300 दिवस से बढ़ाकर सेवानिवृत्ति तक जोड़ने की घोषणा की जाए।) पेंशनर्स को पेंशन वृद्धि का लाभ 80 वर्ष पर 20% देने के स्थान पर 65,70,75 व 80 वर्ष पर क्रमशः 5- 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि करना आदि शामिल है। राठौड़ ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि बजट में कर्मचारी वर्ग की अनदेखी की गई तो कर्मचारी महासंघ आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।

जिला अभिभाषक संघ के चुनावों में नामांकन दाखिल, अध्यक्ष पद के चार दावेदार

सबगुरु न्यूज-सिरोही। जिला अभिभाषक संघ के प्रस्तावित चुनावों को लेकर बुधवार को नामांकन दाखिल किया गया। इसमें अध्यक्ष पद के लिए चार दावेदार सामने आए हैंं, जिनमें एक पूर्व व एक निवर्तमान अध्यक्ष भी शामिल हैं।

बीबीसी पैदायशी पक्षपाती

1922 में ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कंपनी के रूप में स्थापित व 1927 में ब्रिटिश ब्रोडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के रूप में पुनर्गठित, बीबीसी ब्रिटेन का सबसे पुराना प्रसारक है। जिसका कार्यक्षेत्र ब्रिटिश औपनिवेशिक देशों, विशेष कर एशिया में विस्तृत है।

अपनी स्थापना के समय से ही BBC कई विषयों में विवादों से घिरा रहा है, चाहे फिर वह कोई अंतरराष्ट्रीय मुद्दा हो या फिर किसी देश के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप की बात हो। राजनीति, धर्म, नैतिकता, सामाजिक, सांस्कृतिक मूल्यों के विषयों पर बीबीसी के कई लेख व रिपोर्ट्स पर अनेक देशों में विवाद हमेशा देखा जा सकता है।

फंड व स्टाफिंग के मामलों मे भी इसके अनेक झगड़े है। विवाद उत्पन्न करने वाले एवं कई प्रसंगो में पक्षपाती समाचार, कवरेज व एजेंडा युक्त न्यूज स्टोरी वाली बीबीसी की छवि समय-समय पर सामने आती रही है। बीबीसी में कार्य करने वाले कर्मचारी, उच्च स्तर के कई अधिकारी स्वयं इसके गैर जिम्मेदाराना व वाममार्गी केंद्रित रवैये की निंदा करते नजर आते हैं।

लंबे समय तक बीबीसी में समाचार प्रस्तुतकर्ता पीटर सिंसस इस मामले में कहते हैं कि बीबीसी के मूल में, इसके डीएनए में, सोचने का एक तरीका है,जो दृढ़ता से वामपंथी है। एक और बीबीसी प्रस्तुतकर्ता एंड्रयू मार ने इस बारे में कहा कि बीबीसी निष्पक्ष या तटस्थ नहीं है।

भारत के संदर्भ में देखा जाए तो 1940 में स्थापित बीबीसी हिंदी मीडिया चैनल भी इस मामले में अपनी मुख्य संस्था का अनुगामी लगता है। वाम विचार केंद्रित और घृणित मानसिकता के चलते बीबीसी ने भारत और भारतीयता व ना केवल सामाजिक, राजनीतिक बल्कि पारिवारिक मूल्यों पर भी गलत रिपोर्टिंग द्वारा प्रहार के प्रयास समय-समय पर किए हैं।

गलत नैरेटिव गढ़ने और अपने असामाजिक और अनैतिक हथकंडो द्वारा भारतीय संस्कृति को गलत तरीके से प्रस्तुत करने के प्रयासों में बीबीसी लंबे समय से लगा रहा है। राष्ट्रीयता में विश्वास करने वाले व अपनी संस्कृति को गर्व से अपनाने वाले भारतीयों को उग्रवादी व चरमपंथी कहना भी इसकी दूषित मानसिकता का परिचायक है।

1968 -71 के बीच तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लगाया गया बेन इसका प्रमाण है। परंतु आश्चर्यजनक बात है की वर्तमान में विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस नेतृत्व इसका समर्थन कर रहा है। इसके और भी कई उदाहरण समय-समय पर सामने आते रहे हैं, जैसे बीबीसी के लिए तीस वर्षों तक कार्य करने वाले भारतीय पत्रकार मार्कटली का त्यागपत्र व इस संबंध में भारत में उनसे हाथापाई के मामले।

अपने कार्यकाल के दौरान दक्षिण एशिया की प्रमुख घटनाओं के साथ-साथ भारत-पाक संघर्ष, भोपाल गैस त्रासदी, ऑपरेशन ब्लूस्टार, जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने वाले टली ने 1994 में बीबीसी के तत्कालीन महानिदेशक जॉन बर्टी के साथ बहस के बाद बीबीसी को भय द्वारा चलाने व बीबीसी पर अपारदर्शी संस्था होने का आरोप लगाया।

इसके अलावा 2008 के मुंबई हमलों के बाद आरोपियों के लिए आतंकवादी के स्थान पर बंदूकधारी शब्द का प्रयोग किया गया। यह कृत्य बीबीसी के रवैया और इसकी पत्रकारिता में एकतरफा झुकाव को स्पष्ट करने के लिए पर्याप्त है। इस प्रकार के शब्दों के प्रयोग द्वारा अपराध को बढ़ावा देने वाला पत्रकारिता का गिरा हुआ स्तर बीबीसी में स्पष्ट देखा जा सकता है।

हालांकि हमारे ही देश में दीमक की तरह काम कर रहा एक तबका बीबीसी के इस प्रकार के प्रत्येक विवाद में बीबीसी के साथ ढाल की तरह खड़ा रहता है। और उनका इस तरह बचाव में आना कोई बड़ी बात भी नहीं क्योंकि दोनों का एक ही लक्ष्य है, भारत व भारतीयता पर प्रहार। परंतु यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

वर्तमान परिपेक्ष्य में देखा जाए तो वर्ष भर पहले के एक प्रकरण से बीबीसी के इस रवैया को और अच्छे से समझा जा सकता है, जहां स्टैंडअप कॉमेडी के नाम पर हिंदू संस्कृति पर प्रहार व पाकिस्तान प्रेम का राग अलापने वाले कुणाल कुमार और मुनव्वर फारुखी जैसे लोगों के बचाव में बीबीसी अपना पक्षपाती इंटरव्यू जारी करता है।

अभी कुछ ही समय पूर्व दीपावली पर घर की सफाई व महिलाओं के संबंध में बीबीसी का लेख भी सब ने देखा कि किस तरह हमारे उत्सवों का अवमूल्यन करने का कुत्सित प्रयास व भारतीय परम्परा और संस्कृति को कमतर बताने के लिए यह बिना तर्कों की बातें करने से भी बाज नहीं आता।

परंतु अब लोग बीबीसी के इन षड्यंत्रों को समझने लगे हैं, क्योंकि बीबीसी की इस पत्रकारिता के विपरीत विश्व भर में बनी भारत की लोकप्रिय छवि को लोग देख रहे हैं । चाहे वह विश्व की टॉप पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की बात हो, जलवायु परिवर्तन,विश्व शांति जैसे अनेक मुद्दों में भारत की अहम भूमिका हो या फिर जी-20 की अध्यक्षता।

वैश्विक अर्थव्यवस्था, राजनीति व अन्य सभी पहलुओं में भारत के स्टैंड को लोग समझ रहे हैं।अतः बीबीसी एक बार फिर अपने एजेंडा के तहत एक नई डॉक्यूमेंट्री के साथ सामने आया है, ताकि आंतरिक अशांति के द्वारा फिर से भारत की प्रगति से ध्यान भटकाया जा सके और बीबीसी के मैदान में उतरते ही भारत के तमाम लेफ्ट- लिबरल गेंग व भारत विरोधी संगठन एक बार फिर इसके साथ मैदान में आ गए। प्रतिबंध के बाद भी टुकड़े टुकड़े समूह द्वारा विभिन्न विश्वविद्यालयो में यह दिखाई जा रही है।

डॉक्यूमेंट्री का विषय लंबा है, उस पर अलग से चर्चा हो सकती है, फिर भी यहां एक बात का उल्लेख करना आवश्यक है कि हर बात में लोकतंत्र की बात करने वाले व लोकतंत्र को खतरे में बताने वाले भारत के ही कुछ लोग इस विषय पर देश में अशांति फैला रहे हैं जिसे सुप्रीम कोर्ट जो कि लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, सिरे से खारिज कर चुका है।

बात बीबीसी की है तो इसके पाकिस्तान प्रेम को भी नहीं भुला जा सकता जब भी बीबीसी ने भारत के खिलाफ इस प्रकार की पत्रकारिता की कोशिश की है, पाकिस्तान हमेशा इसके साथ खड़ा दिखाई देता है। वर्तमान में जारी डॉक्यूमेंट्री के संबंध में भी इसे देखा जा सकता है जहां ब्रिटेन के प्रधानमंत्री व कई अन्य मंत्री और आम जनता बीबीसी, जो कि ब्रिटेन का प्रसारक होने के बावजूद भी उसकी निंदा कर चुके हैं।

यूएस, फ्रांस व कई अन्य देश जहां बीबीसी के इस कृत्य की निंदा करते नजर आ रहे हैं वहीं पाकिस्तान इसके साथ खड़ा दिखाई देता है। और दूसरी तरफ बीबीसी भी अनेक विवादित मुद्दों पर पाकिस्तान के पक्ष में पत्रकारिता करता देखा जा सकता है पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विषय में अमेरिका की मशहूर लेखिका और विशेषज्ञ क्रिस्टीन फेर ने बीबीसी के एक प्रोग्राम में पाकिस्तान को पूरी दुनिया में आग लगने वाला बताया तो बीबीसी एंकर भड़क गई व क्रिस्टीन फेर से ही भिड़ गई। आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है?

बीबीसी की भारत के प्रति यह सोच उसी औपनिवेशिक मानसिकता की ओर संकेत है जो भारत को लगातार मानसिक परतंत्रता की और धकेलने में लगी रहती है। सरकार बीबीसी पर भारत में प्रतिबन्ध लगाए यह सरकार व जागरूक समाज दोनों की जवाबदेही है कि भारत विरोधी विमर्श नहीं बनने दे।

शीतल-पथिक

विधायक समाराम गरासिया को उनके ही सलाहकारों ने घिरवाया!

Abu road sub divisional officer office in mount abu
sub divisional officer office mount abu

सबगुरु न्यूज-सिरोही। माउण्ट आबू के प्रकरण में विधायक समाराम गरासिया को उनके अपनी ही पार्टी की माउण्ट आबू विषय पर राय देने वाले सलाहकार घिरवा रहे हैं।