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ऐतिहासिक नगरी अजमेर में चला डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं का झाडू़

अजमेर को साफ करने को पहुंचे बच्चे, नौजवान, बुजुर्ग व महिलाएं
अजमेर। डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं ने शनिवार को अजमेर में सफाई अभियान चलाकर शहर को चकाचक कर दिया। शहर में सुभाष उद्यान के नजदीक सफाई अभियान के शुभारंभ अवसर पर अजमेर के विधायक वासुदेव देवनानी व डिप्टी मेयर नीरज जैन मुख्य रूप से पहुंचे। विधायक व डिप्टी मेयर ने संगत के साथ जहां स्वयं झाडू़ चलाया वहीं सफाई अभियान चलाने वाले श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया।

बता दें कि राजस्थान प्रदेश की साध संगत ने करीब पांच साल बाद परम पिता शाह सतनाम जी महाराज का एमएसजी रहमोकर्म माह का शुभ भंडारा पूज्य संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के साथ मनाने की खुशी में मरु भूमि राजस्थान को स्वच्छता की सौगात दी है। इस खुशी में राजस्थान प्रदेश की साध संगत ने पूरे राज्य में एक साथ सफाई अभियान चलाकर राज्य को निखारा।

इस सफाई महा अभियान की शुरुआत साध संगत के आग्रह पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने यूपी के शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा से ऑनलाइन स्वयं झाड़ू लगाकर किया। इसके पश्चात एक साथ डेरा अनुयायी सफाई कार्य में जुट गए। अजमेर में सेवादारों ने शहर को पांच जोनो में बांटकर सफाई कार्य किया।

इस दौरान दरगाह से देहली गेट, गज चौराहा, महावीर सर्कल, गोपाल बाईति, अग्रसेन सर्कल, बस स्टैंड, अंबेडकर सर्कल, बजरंगढ चौराहा, सर्किट हाऊस, मैडिकल चौराहा, मरेवाडा एस्टेट, बारादडी व लवकुश घाट सहित अनेकों स्थानों से होते हुए सेवादारों ने शहर में अभियान चलाया।

सफाई अभियान चलाना सराहनीय : विधायक

अजमेर के विधायक वासुदेव देवनानी ने अपने संबोधन में कहा कि डेरा सच्चा सौदा बहुत बडा संगठन है जोकि सेवा कार्यों में अग्रणी रहता है। हजारों लोगों ने अजमेर में सफाई अभियान चलाया है यह सराहनीय कार्य है, इसके लिए वे धन्यवाद करते हैंं। आज समाज को डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों जैसे मन से सेवा करने वाले संगठनों की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि आज आमजन को भी डेरा सच्चा सौदा के कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने इर्द गिर्द सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। विधायक ने डेरा श्रद्धालुओं की खुले मन से प्रंशसा की और धन्यवाद किया।

स्वच्छता जीवन का अभिन्न अंग : नीरज

नगर निगम अजमेर के डिप्टी मेयर नीरज जैन ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का अंग है। सफाई अभियान के माध्यम से डेरा सच्चा सौदा ने बाहरी गंदगी के साथ मन की गंदगी को भी साफ करने का भी संदेश दिया है। यह संदेश हर नागरिक को अपने मन में उतारना चाहिए। डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं से प्रेरणा हर किसी को लेनी चाहिए और अपने आस पास के क्षेत्र में सफाई करते रहना चाहिए। उनका मानना है कि डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए गए सफाई अभियान से हर वर्ग को प्रेरणा मिलेगी। नगर निगम द्वारा सफाई कर रहे सेवादारों के लिए गंदगी उठाने के लिए गाडियों का भी प्रबंध किया है। डेरा सच्चा सौदा के संत देश में चले सफाई अभियानों के प्रेरणा स्त्रोत हैं।

उत्साह के साथ सफाई करने पहुंचे श्रद्धालु

सफाई अभियान को लेकर डेरा श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और सेवादारों ने देखते ही देखते गांव व शहर को चमका दिया। साध संगत सफाई करने के औजार जैसे झाड़ू, कस्सी, तसला, पल्ली, आरी, कुल्हाड़ी आदि अपने साथ लेकर आई। इतना ही नही साध-संगत अपने लिए लंगर-भोजन भी साथ लेकर पहुंची। सेवादारों ने पूरी तन्मयता के साथ सफाई की और शहर में वर्षो से लगे कूड़े कर्कट के ढेरों को साफ कर दिया।

इसके अलावा नालियों व सीवरेज की सफाई के साथ साथ सार्वजनिक तथा सामुदायिक शौचालयों की सफाई कर उन्हें नीट एंड क्लीन किया। सेवादारों को सफाई करते देख हर शहरवासी दंग रह गए और सेवादारों की सेवा भावना के कायल हो गए और साध संगत को भगवान का दूत बताया। सेवादारों ने सफाई के साथ-साथ लोगों को भविष्य में अपना शहर साफ सुथरा रखने के लिए जागरूक करते हुए फार्म भी भरवाए।

डेरा सच्चा सौदा के सेवादार रामफल, सूरज, सतीश कुमार, सुरेश, डा. राजकुमार, हरिओम ने बताया कि 28 फरवरी 1960 को डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज ने परम पिता शाह सतनाम जी महाराज को डेरा सच्चा सौदा की दूसरी पातशाही के रूप में विराजमान किया था। इसलिए इस पूरे महीने को डेरा सच्चा सौदा की साध संगत एमएसजी महारहमोकर्म माह के रूप में मनाती है। पूज्य गुरु जी के साथ इस पावन भंडारे को मनाने की खुशी में राजस्थान के साध संगत पूरे प्रदेश में सफाई अभियान चलाया हैं।

पोक्सो एक्ट का वांछित आरोपी अरेस्ट

अजमेर जिले के किशनगढ़ की मदनगंज थाना पुलिस ने पोक्सो एक्ट के आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुष्ट सूत्रों के अनुसार पुलिस ने रजिया कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय आरोपी दिनेश सिंह रावत को गुजरात के मोरबी से गिरफ्तार किया है। उस पर नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने का आरोप है। साथ ही पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक सोने का मंगलसूत्र व बाइक को भी जब्त किया है। पुलिस ने नाबालिग को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के बाद परिजनों के सुपुर्द किया है।

केंद्र सरकार एवं अडानी के खिलाफ धरना प्रदर्शन 6 को

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार अजमेर में छह फरवरी को केंद्र सरकार एवं उद्योगपति अडानी के खिलाफ विशाल धरने प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।

अजमेर डेयरी अध्यक्ष एवं देहात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बताया कि अजमेर में सुबह 11 बजे कलक्ट्रेट पर देहात जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से भारत सरकार एवं गौतम अडानी के विभिन्न बैंकों के लगभग 80 हजार करोड़ के घोटाले के विरोध में एक विशाल धरने का आयोजन किया जाएगा जिसमें बड़ी संख्या में अजमेर जिले के कांग्रेसी कार्यकर्ता व आमजन भाग लेंगे।

जैसलमर : मरु महोत्सव परवान पर, रोमांचक स्पर्धाओं ने बिखेरा आकर्षण

जैसलमेर। देश-दुनिया भर में मशहूर जैसलमेर में मरु महोत्सव के चार दिवसीय आयोजनों के तीसरे दिन आज अधिकांश गतिविधियां शहर के डेडानसर मैदान में केन्द्रित रही जहां रेगिस्तान के जहाज ऊंटों से जुड़ी कई स्पर्धाओं ने हजारों दर्शकों का मन मोह लिया वहीं रोमांच और साहस भरे करतबों से परिचय कराया। इसमें वायु सैनिकों के पराक्रम और कलात्मक शौर्य प्रदर्शन के साथ ही लोक कलाकारों द्वारा दी गई मनोहारी प्रस्तुतियों ने अभिभूत किए रखा।

मरु महोत्सव के तीसरे दिन के विभिन्न कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में स्थानीयों और देशी-विदेशी सैलानियों में जबर्दस्त उत्साह लहराता रहा। डेडानसर मैदान में मेले जैसा माहौल बना रहा। विदेशी पर्यटकों ने सभी कार्यक्रमों को उत्सव से देखा एवं चिरस्थायी याद के लिए अपने कैमरों में कैद किया।

समारोह के दौरान जैसलमेर विधायक रूपाराम धनदे, कलक्टर टीना डाबी, सीमा सुरक्षा बल के उप समादेष्टा क्षेत्रीय मुख्यालय उतर असीम व्यास, राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजना मेघवाल, ग्रुप केप्टन एयरफोर्स केके शर्मा, अतिरिक्त कलक्टर गोपाल लाल स्वर्णकार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृत जीनगर, उप अधीक्षक पुलिस प्रियंका कुमावत, उपखण्ड अधिकारी जगदीश सिंह आशिया, जैसलमेर तहसीलदार निरभाराम कोडेचा, आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा, सहायक निदेशक पर्यटन कृष्ण कुमार के साथ ही अधिकारीगण, सीमा सुरक्षा बल, एयरफोर्स उपस्थित थे।

राजस्थान में डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने कई शहरों में चलाया सफाई अभियान

जयपुर। राजस्थान में डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं ने शनिवार को राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के हर गांव, शहर व संभाग में एक साथ स्वच्छता अभियान चलाकर कीर्तिमान कायम किया। अभियान के तहत प्रदेशभर में बड़ी संख्या में डेरा अनुयायियों ने सुबह दस ज्ञसे पांच बजे तक जयपुर सहित सभी जिलों में सफाई अभियान में भाग लिया और राजस्थान को स्वच्छ बनाने में अपनी भागीदारी निभाई।

प्रदेश में एक साथ चले इस सफाई महाभियान की शुरूआत डेरा सच्चा सौदा के संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां ने उत्तरप्रदेश में शाह सतनाम आश्रम बरनावा से वर्चुअली स्वयं झाड़ू लगाकर और सफाई महाअभियान से संबंधित स्लोगन लिखे गुब्बारे आसमान में छोड़कर इसका शुभारंभ किया।

जयपुर में स्टेच्यू सर्किल से बॉलीवुड एक्टर व कोरियोग्राफर विकास सक्सेना, पार्षद उत्तम शर्मा व विद्याधर स्टेडियम समीप सेंट्रल स्पाइन चौराहा से नगर निगम हैरिटेज की मेयर सौम्या गुर्जर, कमिश्नर महेंद्रपाल सोनी, सेवानिवृत न्यायाधीश राम सिंह भंडारी द्वारा झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। इसके पश्चात गुलाबी नगरी के 18 अलग-अलग जोनों में बंटे डेरा के अनुयायियी सफाई कार्य में जुट गए।

इस दौरान सफाई अभियान को लेकर प्रदेश के डेरा श्रद्धालुओं में काफी जोश देखने को मिला और सेवादारों ने देखते ही देखते गांव व शहरों में सफाई करके कूड़े-करकट की ढेरियां बना दी और बाद में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर उन्हीं कचरे की ढेरियों को ट्रेक्टर-ट्रालियों में डालकर डंपिग प्वाइंर्टों तक पहुंचाया गया।

इसके अलावा बड़े बड़े गटर, नालियों, सीवरेज में उतरकर व सार्वजनिक तथा सामुदायिक शौचालयों की सफाई कर उन्हें नीट एंड क्लीन किया। सेवादारों को सफाई करते देख हर शहरवासी दंग रह गए और सेवादारों की सेवा भावना की प्रशंसा की गई।

सेवादारों ने सफाई के साथ-साथ लोगों को भविष्य में अपने आस-पास व अपने गांव-शहर व संभाग को साफ सुथरा रखने के लिए जागरूक करते हुए शपथ पत्र भी भरवाए। सफाई के पश्चात सार्वजनिक स्थानों की मूर्त ही बदली नजर आई।

जयपुर सहित अन्य शहरों में पहुंची साध-संगत के पास अपनी एक झाडू जरूर थी। शहर की सफाई करने वाले सेवादारों में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक आदि भी शामिल थे। साध-संगत सफाई के औजार जैसे झाड़ू, कस्सी, तसला, पल्ली, आरी, कुल्हाड़ी आदि अपने साथ लेकर आई। इतना ही नहीं साध-संगत अपने लिए लंगर-भोजन भी साथ लेकर पहुंची।

डेरा के शाह सतनाम महाराज के एमएसजी महारहमोकर्म माह के उपलक्ष में रविवार को गुलाबीनगरी में एक साथ सात जगहों पर पावन भंडारा मनाया जाएगा। इसके लिए राजस्थान से लाखों की संख्या में साध-संगत आने की संभावना के मद्देनजर रूह-ए-सुख आश्रम, दौलतपुरा, जयपुर, राजधानी के विद्याधर नगर स्टेडियम, शिप्रा पथ, मानसरोवर, सांगानेर, दशहरा ग्राउंड, राजापार्क सहित सात स्थानों पर सत्संग होंगे। इनमें संत राम रहीम वर्चुअली सत्संग करेंगे । इस दौरान राजस्थान प्रदेश की ग्राम पंचायतों और शहरों को मुहिम के तहत नशा मुक्त करने के उद्देश्य से संकल्प दिलाया जाएगा।

इस अवसर पर सौम्या गुर्जर ने कहा कि सफाई के इस महायज्ञ में जिस तरह से सभी डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने आहूति दी है, उसके लिए उनका धन्यवाद किया और कहा कि इस अभियान में जयपुर शहर, गुलाबी नगरी को स्वच्छता की सौगात मिली है। प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि स्वच्छ भारत, सुन्दर भारत ये तभी बनेगा जब सभी सम्प्रदाय, सभी धर्म स्वच्छता को प्राथमिकता देने लगेंगे।

भारतीय कंपनी ने अमरीकी बाजार से हटा ली आंख की दवा आर्टिफीशियल टीयर्स

नई दिल्ली। भारतीय दवा निर्माता कंपनी की आंख की दवाई को लेकर अमरीकी स्वास्थ्य नियामक सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के गंभीर आरोपों के बाद चेन्नई स्थित ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर ने अमरीकी बाजार से आर्टिफीशियल टीयर्स दवा को हटा लिया है।

सीडीएस ने बयान जारी करके कहा कई लोगों को जबरदस्त दुष्प्रभाव झेलने पड़े हैं और यह संभवत: आंख की इस दवा के इस्तेमाल के कारण ही हुआ हो। सीडीएस ने अमरीकी खाद्य एवं दवा प्रशासन (एडीए) को भी सचेत करते हुए बताया कि आंखों के संक्रमण, स्थायी रूप से आंख की रोशनी चले जाने और इसी के प्रभाव से आंख में अत्यधिक रक्तस्राव एक व्यक्ति की मौत और 55 अन्य तरह की समस्याओं के मामले सामने आए हैं। सीडीसी कई राज्यों में सामने आए दवा प्रतिरोधी संक्रमण के मामलों की जांच कर रहा था जो आर्टिफीशियल टीयर्स दवा के इस्तेमाल से जुडे हैं। इस दवा को इज़री केयर, एलएलसी और डेलसम फार्मा अमरीका में वितरित करती है।

एफडीए द्वारा शुक्रवार को जारी एक चेतावनी में उपभोक्ताओं और डॉक्टरों को निर्देश दिया गया कि वे उत्पाद को न खरीदें और उसका उपयोग बंद कर दें। चेतावनी में कहा गया है कि दूषित कृत्रिम आंसू के इस्तेमाल से आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे अंधापन या मौत हो सकती है। एफडीए ने दवा के बनाये जाने में नियमों के उल्लंघनों के कारण दवा वापस लेने की सिफारिश की थी, जिसमें उपयुक्त माइक्रोबियल परीक्षण की कमी, सूत्रीकरण के मुद्दे (कंपनी पर्याप्त परिरक्षकों के बिना बहु-उपयोगी बोतलों में नेत्र संबंधी दवाओं का निर्माण और वितरण करती है), और छेड़छाड़-स्पष्ट पैकेजिंग के संबंध में उचित नियंत्रण की कमी जैसी आपत्तियों को शामिल किया गया है।

एक दुर्लभ दवा प्रतिरोधी स्ट्रेन स्यूडोमोनास एरुजिनोसा बैक्टीरिया की की जांच करते समय अमरीकी एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया था। दवा को लेकर मांगे गए रिकॉर्ड पर उचित प्रतिक्रिया न देने से कंपनी को अमरीकी एफडीए की आयात चेतावनी सूची में रखा गया है। इस अलर्ट का उद्देश्य कंपनी के उत्पादों को अमरीका में प्रवेश करने से रोकना है।

सिप्ला के पूर्व वैश्विक वकील, मुरली नीलकंठन ने कहा कि आंखों की दवा या चतुर्थ तरल पदार्थों के साथ चुनौती यह है कि उन्हें अंग विशेष में भीतर डाला जाता है इस कारण इन दवाओं को बनाने, पैक करने और सुरक्षित रूप से भेजने को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जानी अनिवार्य है।

ऐसा ही एक दूसरा मामला ब्रिटेन में आंख की दवा भेजने वाली एक कंपनी के साथ हुआ जब अधिकारियों ने दवा से भरे कंटेनरों को बाजार में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी और उन्हें नष्ट करना पड़ा, हालांकि इस बात का कोई सबूत नहीं था कि आई ड्रॉप दूषित थे।

उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, विशेष रूप से पूरी तरह से जीवाणु मुक्त होने काे लेकर प्रत्येक चरण पर जाँच करने की आवश्यकता है – निर्माण से पहले और उसके दौरान, आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से कंटेनरों के अंदर भी तापमान निश्चित बनाए रखने को लेकर कडे नियम अपनाने तथा बंदरगाह में प्रवेश और वितरण के दौरान भी कड़े नियम बनाए रखा जाना चाहिए।

सुविख्यात पार्श्व गायिका वाणी जयराम का निधन

चेन्नई। सुविख्यात पार्श्व गायिका वाणी जयराम का शनिवार को यहां निधन हो गया। वह 78 वर्ष की थीं। गायिकी क्षेत्र की ऑलराउंडर इस गायिका ने पांच दशक के करियर में विभिन्न भारतीय भाषाओं की एक हजार से अधिक फिल्मों में करीब 10,000 गाने गाए हैं।

सुश्री जयराम को हाल ही में गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा प्रतिष्ठित पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई शहर के नुंगमबक्कम इलाके के हैडोस रोड स्थित एक अपार्टमेंट में रहती थी।उनके घर में पिछले 10 साल से काम कर रही उसकी नौकरानी के मुताबिक जब वह आज सुबह करीब 11 बजे काम पर आई तो उसने कई बार दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

नौकरानी मलारकोडी ने संवाददाताओं से कहाकि यहां तक ​​कि वह मोबाइल कॉल का भी जवाब नहीं दे रही थीं। इसलिए, उसने अलवरपेट में वाणी जयराम के रिश्तेदार को सूचित किया और पुलिस को सतर्क किया, जिसने आकर दरवाजा तोड़ा। पुलिस ने गायिका को फर्श पर मृत पाया। सुश्री जयराम के माथे पर और बाएं कंधे के पास चोटों के निशान भी थे। पुलिस को संदेह है कि वह बिस्तर से गिर गई होंगी जिसमें उन्हें चोट लगी होगी।

पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। शाम करीब चार बजे शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा।

नौकरानी ने बताया कि वह रोजाना सुबह करीब 10-10.30 बजे ही काम पर आ जाती थी और दोपहर तक चली जाती थी। उसने कहा कि जयराम स्वस्थ थीं और जब से उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया तब से उनका फोन बजना बंद नहीं हुआ था। उन्होंने तमिल फिल्मों में सैकड़ों मधुर हिट गाने गाए हैं जो लोगों के मन में सदाबहार रहेंगे।

तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, बंगाली, असमिया, गुजराती और उड़िया सहित 19 भारतीय भाषाओं में गा चुकीं जयराम ने तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं – एक 1975 में तमिल फिल्म ‘अबुरवा रागंगल’ के लिए और दो तेलुगु फिल्मों के सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के रूप में जिसमें 1980 के एवर ग्रीन म्यूजिकल हिट ‘शंकरबरनम’ (जिसे प्रसिद्ध के. विश्वनाथ द्वारा निर्देशित किया गया था, जिनका दो दिन पहले निधन हो गया) भी शामिल है।

वर्ष 1945 में तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में कलाइवानी के रूप में जन्मी, वाणी जयराम 1973 में एक तमिल फिल्म थायुम सयुम (मां और बच्चे) में पार्श्व गायिका के रूप में अपनी शुरुआत करने के बाद 1975 में पहला राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली शायद सबसे कम उम्र की गायिका थीं।

जयराम ने वास्तव में बॉलीवुड में अपना गायन कैरियर शुरू किया था। उन्हें पहला ब्रेक हिंदी फिल्म गुड्डी (1971) में मिला। उन्होंने तेलुगु फिल्म संगीत पर बहुत प्रभाव डाला है। तेलुगु फिल्म शंकरभरणम उनकी सबसे प्रसिद्ध फिल्म थी।उनकी पहली तेलुगु फिल्म अभिमनवंतुलु (1973) थी, लेकिन 1975 की पूजा तक उन्होंने प्रसिद्धी हासिल कर ली थी। वह एनेन्नो जन्ममाला बंधम के अपने प्रदर्शन की बदौलत एक घरेलू नाम बन गईं।

विश्वनाथ की संगीतमय फिल्म शंकरभरणम (1979) के साउंडट्रैक में स्वर देने के बाद वाणी जयराम का सितारा चमक उठा, जिसके लिए उन्होंने अपना दूसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपने तेलुगु गीत अनाथिनीरा हारा (स्वाथिकिरणम) के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

उन्होंने केवी महादेवन, चक्रवर्ती, सत्यम, इलियाराजा और एमएस विश्वनाथन जैसे कई प्रसिद्ध संगीतकारों के साथ काम किया है। उन्होंने पीबीश्रीनिवास, टीएम सौंदरराजन, केजे येसुदास और बाद में एसपी बालासुब्रमण्यम जैसे दिग्गजों के साथ गाया था। उनके निधन पर तमिल और तेलुगु फिल्म उद्योग और प्रमुख हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

जगदलपुर में पुल से टकराकर तेज रफ्तार कार में लगी आग

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आज तेज रफ्तार कार पुल से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में आग लग गई। समय रहते कार सवार युवकों ने खिड़की का शीशा तोड़ और बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने फोम डालकर आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार जलकर खाक हो चुकी थी। फिलहाल घायल युवकों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। हादसा कोतवाली क्षेत्र में हुआ है।

पुलिस ने बताया कि वृंदावन लॉन के आगे शिव मंदिर के पास पुल पर एक कार के एक्सीडेंट की सूचना मिली थी। जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि वहां कार पुल से टकराई थी और उसमें आग लग चुकी थी। तब तब कार में सवार तीन युवक भी उसका शीशा तोड़कर बाहर निकल आए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच एसडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई। पहले उन्होंने पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन जब कामयाबी नहीं मिली तो फोम डालकर आग बुझाई।

पुलिस ने कार को टोचन कर सड़क किनारे कराया। बताया जा रहा है कि कार किसी अमन वर्मा की है। कार लेकर उसका साला और दो दोस्त निकले हुए थे। इसी दौरान हादसा हो गया। हालांकि कार सवार कहां जा रहे थे और उनके नाम क्या हैं, अभी पता नहीं चल सका है।

लोगों ने पुलिस को बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। इसके कारण चालक का पुल पर नियंत्रण बिगड़ गया और वह रेलिंग से जा टकराई। समय रहते युवक कार से बाहर निकल आए, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।

महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय पर हमला करने वाला ब्रिटिश नागरिक दोषी करार

लंदन। विंडसर कैसल में 2021 में एक लोडेड क्रॉसबो के साथ महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने की बात स्वीकार करने के बाद कई दशकों बाद पहली बार एक ब्रिटिश नागरिक को दोषी ठहराया गया है।

दक्षिणी इंग्लैंड के 21 वर्षीय जसवंत सिंह चैल को क्रिसमस के दिन शाही निवास के मैदान में हिरासत में लिया गया था, जबकि तत्कालीन रानी वहां थीं। उसने एक सशस्त्र अधिकारी के सामने स्वीकार किया कि वह रानी को मारने के लिए वहां था और उसे एक आपराधिक अदालत की सुनवाई में तीन आरोपों के लिए शुक्रवार को दोषी ठहराया गया।

चैल के मामले में देशद्रोह अधिनियम का वह हिस्सा भी शामिल किया गया, जो 1842 में वापस आया था, जो महामहिम महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के किसी व्यक्ति को घायल करने या महामहिम को खतरे में डालने के प्रयास को गैरकानूनी घोषित करता है। उसे जान से मारने की धमकी देने और आपत्तिजनक हथियार रखने का भी दोषी ठहराया गया।

उसकी गिरफ्तारी के बाद, यह सामने आया कि उसने चार दिन पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में अपनी मंशा बताई थी, जिसे उसने पकड़े जाने से लगभग 10 मिनट पहले अपनी फोन संपर्क सूची में भेजा था। उसने ब्रिटिश औपनिवेशिक सैनिकों द्वारा 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए इस हमले की योजना बनाई थी ,इस वीडियो को अदालत की पिछली सुनवाई में सुना गया था।

लगभग नौ महीने बाद, आठ सितंबर को, 96 वर्ष की आयु में, एक वर्ष की बीमारी के बाद महारानी एलिज़ाबेथ का निधन हो गया था। चैल, एक बेरोजगार पूर्व सुपरमार्केट कर्मचारी था जो इस साल के अंत में लंदन के पश्चिम में विंडसर में हुई घटना को लेकर स्टैंड ट्रायल पर था लेकिन राजधानी के सेंट्रल क्रिमिनल कोर्ट में, जिसे ओल्ड बेली के नाम से जाना जाता है, उच्च सुरक्षा वाले मनोरोग अस्पताल ब्रॉडमूर से वीडियो-लिंक के माध्यम से पेश होकर, उसने तीनों आरोपों को स्वीकार किया।

अब चैल को इसी अदालत में 31 मार्च को सजा सुनाई जानी है, इससे पहले मेडिकल रिपोर्ट का आदेश दिया गया था। क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी निक प्राइस ने कहा कि यह एक गंभीर लेकिन सौभाग्य से एक दुर्लभ घटना थी। उन्होंने एक बयान में कहा कि शुक्र है कि पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और किसी को चोट नहीं आई।

चैल ने महारानी पर तब आक्रमण करने का प्रयास किया जब रानी अपने सबसे बड़े बेटे और वारिस, प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी कैमिला के साथ विंडसर कैसल में क्रिसमस डे 2021 को समय बिता रही थीं। हमलावर, काले कपड़े पहने और हुड, दस्ताने और धातु का मुखौटा पहने हुए, नायलॉन की रस्सी की सीढ़ी के साथ मैदान की परिधि को बढा था।

बिना किसी प्रतिरोध के हिरासत में लिए जाने से पहले वह लगभग दो घंटे तक मैदान में रहा। ग्रेनेडियर गार्ड्स के दो सैनिकों ने एक सशस्त्र अधिकारी से कहा कि वह रानी को मारने का इरादा रखता है। उसके कब्जे में क्रॉसबो लोड किया गया था और फायर करने के लिए तैयार था।

डाेपिंग का डंक : जिम्नास्ट दीपा करमाकर पर 21 महीने का प्रतिबंध

नई दिल्ली। प्रतिबंधित दवाओं के सेवन की पुष्टि के बाद अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) ने भारत की स्टार जिम्नास्टिक खिलाड़ी दीपा करमाकर पर 21 महीने का प्रतिबंध लगा दिया है।

आईटीए ने एक बयान में कहा कि दीपा करमाकर पर लगा यह प्रतिबंध दस जुलाई 2023 को समाप्त होगा। दीपा के नमूने 11 अक्टूबर 2021 को लिए गए थे। दीपा ने हाइजेनामाइन नामक प्रतिबंधित दवा का इस्तेमाल किया जो कि विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी की निषिद्ध दवाओं की सूची में आती है। हाइजेनामाइन को विश्व डोपिंग एजेंसी की 2017 में प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में डाला गया था।

दीपा पर प्रतिबंध लगने का मतलब है अब वह जिमनास्टिक विश्व कप के सभी टूर्नामेंट और छह विश्व कप चैलेंज कप की सीरीज में से कम से कम तीन में नहीं खेल पाएगी। वह 23 सितंबर, 2023 से एंटवर्प में शुरू होने वाले ओलंपिक क्वालीफायर इंवेंट वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए पात्र होंगी।

दीपा ओलंपिक में भाग लेने वाली भारत की एक मात्र जिम्नास्ट है। त्रिपुरा की इस जिम्नास्ट खिलाड़ी ने रियो ओलंपिक 2016 में महिलाओं की वॉल्ट फाइनल में चाैथा स्थान हासिल कर देश के लिए एक नया इतिहास रच दिया था।

चिली के 150 से अधिक जंगलों में लगी आग, 13 लोगों की मौत

सैंटियागो। दक्षिण अमरीकी देश चिली में चिलचिलाती गर्मी के बीच 150 से अधिक जंगलों में लगी आग के कारण शुक्रवार की रात तक कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई।

मीडिया रिपाेर्टों के अनुसार आग से अब तक कई घरों और हजारों एकड़ जंगल नष्ट हो गए हैं। जबकि दक्षिण अमरीकी देश चिलचिलाती गर्मी मार झेल रही है। राजधानी सैंटियागो से लगभग 560 किलोमीटर (348 मील) दक्षिण में बायोबियो क्षेत्र में दो अलग-अलग वाहनों में चार मौतें हुईं।

देश के गृह मंत्री कैरोलिना टोहा ने कहा कि एक वाहन में सवार व्यक्ति आग की चपेट में आने से मौत हुई। दूसरे मामले में, शायद आग से बचने की कोशिश कर रहे पीड़ितों की दुर्घटना में मृत्यु हो गई। आग का पांचवां शिकार अग्निशामक कर्मी था जिसे इलाके में लगी आग पर काबू पाने के दौरान एक दमकल ट्रक ने कुचल दिया।

बाद में दोपहर में आग की लपटों से लड़ने में मदद कर रहा एक हेलीकॉप्टर अरूकानिया क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें पायलट, एक बोलिवियाई नागरिक और एक मैकेनिक की मौत हो गई, जो चिली का था।

रात में, आपात स्थिति के लिए जिम्मेदार राष्ट्रीय एजेंसी ने नवीनतम मौतों पर ब्योरा दिए बिना मरने वालों की संख्या 13 तक बताई। शुक्रवार के मध्य तक, पूरे चिली में 151 जंगल आग की चपेट में आ चुके थे जिसमें 65 को नियंत्रण में घोषित किया गया। आग अब तक 14,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैल गई है।

अधिकांश जंगल में लगी आग बायोबियो और पड़ोसी नुबल में हैं, जहां सरकार ने तबाही की स्थिति घोषित की है जो सेना के साथ अधिक समन्वय और कुछ संवैधानिक अधिकारों के निलंबन की अनुमति देती है। चिली में गर्मी की लहर उच्च तापमान और तेज हवाओं के साथ जारी है जो जंगल की आग को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना सकती है।

राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा करने के लिए अपनी छुट्टी स्थगित कर दी और कहा कि इस बात के ‘सबूत’ हैं कि कुछ जंगलों में आग अनाधिकृत रूप से जलाने के कारण लगी है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले, आग से लड़ने और सभी पीड़ितों का साथ देने के लिए देश की पूरी ताकत तैनात की जाएगी। अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितने घर और अन्य इमारतें जली हैं।

मोबाइल फोन के बेतहाशा इस्तेमाल से बढ़ा विजन सिंड्रोम का खतरा

कुशीनगर। आधुनिक जीवनशैली का अभिन्न अंग बन चुके मोबाईल फोन आंखो की बीमारी विजन सिंड्रोम के खतरे में इजाफा कर रहा है।

चिकित्सकों के अनुसार मौसम में हो रहे बदलाव से आंख के मरीजों की संख्या बढ़ी है मगर इस दौरान विजन सिंड्रोम से ग्रसित ऐसे मरीज भी सामने आ रहे हैं जिनकी परेशानी की वजह मोबाइल फोन अथवा कंम्प्यूटर की स्क्रीन से घंटों तक चिपके रहना है।

जिला अस्पताल के बाहृय रोगी विभाग (OPD) में प्रतिदिन नेत्र रोग से संबंधित 90 से 110 मरीज आ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ जांच के साथ अत्यधिक मोबाइल फोन के प्रयोग से बचने की सलाह दे रहे हैं। अधिकतर मरीजों की आंख में जलन, कीचड़, सूजन आदि की समस्या सामने आ रही है। अधिक देर तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से युवाओं और किशोर- किशोरियों की आंख में परेशानी हो रही है।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डा सिंह ने बताया कि अधिक देर तक मोबाइल फोन अथवा लैपटॉप या कंप्यूटर का प्रयोग करने से आंख में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम नामक बीमारी होती है। ऐसे मरीज प्रतिदिन दस से 15 पहुंच रहे हैं। इनमें दूर दृष्टि की समस्या होती है। इसके लक्षण की शुरूआत सिर और गर्दन में दर्द से होती है जो बाद में आंखों में जलन और सूजन के रूप में सामने आती है।

उन्होंने सुझाव दिया कि मोबाइल फोन और कंप्यूटर का प्रयोग 30 मिनट तक लगातार करने के बाद कुछ देर तक बंद कर देना चाहिए। धूप में चश्मा का प्रयोग करना चाहिए। कंप्यूटर आदि का प्रयोग करते समय नीली ग्लास का प्रयोग करना चाहिए। धूल आदि से आंखों की सुरक्षा करनी चाहिए। आंख में जलन आदि होने पर रगड़ना नहीं चाहिए। बिना किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ के परामर्श के बाहर की दवा का प्रयोग न करें।