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केन्द्र का बजट राजस्थान के लिए घोर निराशाजनक : अशोक गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र की मोदी सरकार के बजट को गरीब, भूमिहीन किसान एवं आमजन विरोधी बताते हुए कहा है कि इसमें केवल मीडिया में हेडलाइन बनाने वाले जुमलो का प्रयास किया गया है।

गहलोत ने बजट की प्रतिक्रिया में आज यह बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट की यदि राजस्थान के संदर्भ में बात की जाये तो यह बजट प्रदेश के लिए घोर निराशाजनक रहा। राजस्थान राज्य के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजना पूवी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय दर्जा देने की हमारी वाजिब मांग को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किये जाने से प्रदेशवासियों को निराशा हुई है।

जबकि चुनावों को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक राज्य को उपरी भद्रा परियोजना के लिए अतिरिक्त सहायता के रुप में 5300 करोड़ रुपए उपलब्ध कराया जाना केन्द्र का राजस्थान के प्रति मोदी सरकार के सौतेले व्यवहार को दिखाता है। राजस्थान की जनता इसका समय आने पर माकूल जवाब देगी।

उन्होंने कहा कि बजट में केवल मीडिया में हेडलाइन बनाने वाले जुमलों का प्रयास किया गया है लेकिन गरीब लोगो के लिए कोरोना काल में संजीवनी साबित हुई महात्मा गांधी नरेगा जैसी योजनाओं में केन्द्र सरकार द्वारा इस योजना में वर्ष 2023-24 का बजट प्रावधान 33 प्रतिशत (लगभग 30 हजार करोड़ रुपए) कम करना साबित करता है कि यह बजट गरीब, भूमिहीन किसान एवं आमजन विरोधी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में कृषि एवं कृषक कल्याण से संबंधित बहुत सारी थोथी घोषणाएं की गई है लेकिन कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय के बजट में पिछले वर्ष से लगभग छह प्रतिशत (करीब 7500 करोड़) कम राशि का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार यूरिया सब्सिडी मद में गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत (करीब 23 हजार करोड़) की उल्लेखनीय कमी कर दी है।

उन्होंने कहा कि पूरा देश गत वर्षों से महंगाई से त्रस्त है, आम आदमी के प्रतिदिन काम में आने वाले आटा, दाल, तेल साबुन आदि की कीमतों में काफी वृदि हुई जिससे आम आदमी का जीवन यापन दूभर हुआ। महंगाई को कम करने के संंबंध में कोई पॉलिसी स्टेटमेंट नहीं आने से आम आदमी का जीवन और भी मुश्किल होगा।

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अजमेर भ्राजपा नेता बोले बजट सर्व हितेषी, कांग्रेस ने कहा थोथा बजट

अजमेर। केन्द्रीय आम बजट को अजमेर भाजपा के नेताओं ने जहां सराहा है वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे झूठ का पुलिंदा करार देते हुए इसकी आलोचना की है।

सांसद भगीरथ चौधरी ने कहा कि समृद्ध व समावेशी भारत की दिशा में वर्ष 2023-24 के बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। अमृतकाल का यह बजट आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

रेलवे का कायापलट करने के लिए 2.4 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा, ट्रांसपोर्ट इंफ्रा पर 75,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे, 50 नए एयरपोर्ट और हेलीपैड बनाए जाएंगे और शहरी विकास पर सालाना ₹10,000 करोड़ खर्च किया जाएगा। सात लाख रुपए तक सालाना कमाने वालो को कोई कर नहीं देना होगा।

विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने कहा कि केंद्रीय बजट देश को आत्मनिर्भर बनाएगा, सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी, समृद्धि में मील का पत्थर साबित होगा। बजट में युवा, किसान, महिलाएं, बुजुर्ग, नौकरी-पेशा सहित गरीब वर्ग का ध्यान रखा गया है साथ ही सभी वर्गों की चिंता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए राहत दी गई है।

मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का यह बजट ऐतिहासिक, प्रशंसनीय व स्वागत योग्य है। यह बजट निश्चित रूप से देश को आगे बढ़ाने, नई ऊंचाइयां देने और सभी लोगों की समृद्धि के लिए मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली इस सरकार का यह बजट प्रशंसनीय और स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हो रहा है।

देवनानी ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मुफ्त अनाज योजना को एक साल के लिए बढ़ाया गया है, जिससे देश के करीब 80 करोड़ गरीब लोगों को लाभ मिलेगा। इस प्रावधान से मोदी सरकार ने अपना यह संकल्प साबित किया है कि देश में कोई भी गरीब परिवार भूखा नहीं सोए। किसानों को मोटा अनाज पैदा करने के लिए बजट में 2 हजार 2 सौ करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिससे यह साबित हो गया है कि मोदी सरकार किसानों की बहुत ज्यादा हितैषी है।

अजमेर दक्षिण विधायिक अनिता भदेल ने कहा की इस बजट की सात प्राथमिकताएं हैं, जो सप्तऋषि की तरह अमृतकाल के दौरान हमारा मार्गदर्शन करेंगी। अमृत काल का बजट आम जन के जीवन में अमृत बरसाने वाला है, आम बजट सामाजिक न्याय, समानता और समान अवसर की अवधारणा को चरितार्थ करने वाला बजट है।

भाजपा शहर ज़िला अध्यक्ष डॉ प्रियशील हाड़ा ने कहा कि आम बजट 2023-24 देश की ‘अमृत पीढ़ी’ के सपनों को साकार करने वाला बजट है। युवाओं को कुशल बनाने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 शुरू की जाएगी। ‘अमृतकाल’ का यह पहला बजट विकसित भारत के विराट संकल्प को पूरा करने के लिए एक मजबूत नींव का निर्माण करेगा। यह बजट वंचितों को वरीयता देता है। यह बजट आज की आकांक्षी सोसायटी, गांव, गरीब, किसान, मध्यम वर्ग, सभी के सपनों को पूरा करेगा।

यह बजट समावेशी विकास, अंतिम व्यक्ति तक पहुंच, बुनियादी ढांचा और निवेश क्षमता को उजागर करेगा एवं हरित विकास, युवा और वित्तीय क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगा। वर्ष 2014 की तुलना में इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर 400% से ज्यादा की वृद्धि की गई है। इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर पर 10 लाख करोड़ रुपए का अभूतपूर्व निवेश होगा। यह निवेश युवाओं के लिए रोजगार और एक बड़ी आबादी को आय के नए अवसर पैदा करेगा।

महापौर ब्रजलता हाड़ा ने कहा कि बजट प्रस्तुति के दौरान नारीशक्ति की एक ऐतिहासिक तस्वीर देखने को मिली। इससे पहले कभी भी किसी महिला वित्त मंत्री ने भारत की किसी महिला राष्ट्रपति को बजट पेश नहीं किया है। महिलाओं के लिए एक विशेष बचत योजना भी इस बजट में शुरू की जा रही है। यह बजट सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बनाएगा।

नए प्राइमरी कॉपरेटिव्स बनाने के लिए एक महत्वकांक्षी योजना का भी ऐलान इस बजट में किया गया है। गांव से लेकर शहर तक में रहने वाली हमारी महिलाओं के जीवन स्तर में बदलाव लाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं, उन्हें अब और ताकत के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

टैक्स स्लैब्स में छूट की सीमा वृद्धि कर मोदी सरकार ने मध्यम और नौकरीपेशा वर्ग को बड़ी राहत दी है। छूट की सीमा में वृद्धि, और नई कर व्यवस्था में बदलाव से लोगों के हाथ में अधिक पैसा बचेगा, खपत बढ़ेगी और विकास को गति मिलेगी। केंद्र सरकार के बजट में सबसे बड़ी राहत गरीबों को मिली है। वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को एक साल के लिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

उपमहापौर नीरज जैन ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय आम बजट 2023-24 सामाजिक न्याय, समानता और समान अवसर की अवधारणा को चरितार्थ करने वाला बजट है। यह गरीब- कल्याण, गरीबों को सशक्त और सक्षम बनाने वाला और ग्राम विकास, कृषि विकास, श्रमिक कल्याण, अवसंरचना विकास, पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी क्षेत्रों के विकास को समर्पित बजट है। बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों और आदिवासियों को समर्पित बजट है। जैन ने कहा की निगम को बॉण्ड जारी करने का प्रावधान शहरी विकास के लिए समर्पित नैग निगमों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

बजट को सपनों को साकार करने वाला करार देते हुए भाजपा शहर महामंत्री रमेश सोनी, संपत सांखला, वेद प्रकाश दाधीच, पूर्व ज़िला अध्यक्ष अरविंद यादव समेत सभी भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री एवं वितमंत्री का धन्यवाद दिया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा, केंद्रीय बजट को झूठ का पुलिंदा

राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री धर्मेंद्र राठौड़ ने केंद्र सरकार द्वारा पेश केंद्रीय बजट 2023 24 को जुमला बजट बताया है। निगम अध्यक्ष राठौड ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर बताया कि वर्ष 2023 में 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव एवं 2024 में लोकसभा चुनाव को मद्दे नजर रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर झूठ का पुलिंदा देश के सामने परोसा है!

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में पर्यटन एवं पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कोई भी व्यापक ठोस कदम नहीं उठाए हैं! गत वर्ष 2022 23 के केंद्रीय बजट में पूरे देश में 24 सौ करोड पर्यटन एवं पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने पर खर्च करने का वादा किया था वह भी अभी तक धरातल पर पूरा नहीं उतरा। जबकि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पर्यटन एवं पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान के लिए 1000 करोड़ रुपए आवंटित किए थे जो जगजाहिर है।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व विधायक डॉ राजकुमार जयपाल, पूर्व जिला प्रमुख रामस्वरूप चौधरी, अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान उपाध्यक्ष फकरे मोईन, महासचिव शिव कुमार बंसल, महेश चौहान, डॉ संजय पुरोहित, मामराज सेन, अजय कृष्ण तेन्गैार ने भी भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा जारी केंद्रीय बजट 2023-24 को झूठ का पुलिंदा बताया है।

इन नेताओं ने कहा कि केंद्रीय बजट से स्पष्ट दिखाई देता है कि देश की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है और भाजपा सरकार के पास ठोस दिशा नहीं है। बजट महंगाई बढ़ाने वाला है और इसमें किसानों, बेरोजगारों, युवाओं गरीब वंचित वर्ग मध्यम वर्ग लघु उद्योगों एवं महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए कोई ब्लूप्रिंट नहीं है। बजट में राजस्थान की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है। आम बजट से आम जनता को निराशा मिली हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले बजट के प्रावधानों को ही पूरा नहीं किया।

उन्होंने कहा कि पिछले 8 साल में राजकोषीय घाटा दुगना हो गया है इस बजट के बाद घाटा और बढ़ने वाला है। केंद्रीय बजट में रोजगार के नए आंकड़े पेश किए गए हैं लेकिन कोई खास कार्य योजना नहीं बताई गई है इसका हश्र में दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष वादे जैसा होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट उद्योगपतियों की जेब भरने वाला एवं आम आदमी किसान मजदूर की जेब खाली करने वाला बजट साबित होगा।

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800 करोड़ यात्रियों की आकांक्षाएं पूरी करेगी रेलवे : अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज कहा कि आम बजट में रेलवे को कई वर्षों बाद वांछित निवेश प्राप्त हुआ है और इससे 800 करोड़ यात्रियों की आकांक्षाओं को पूरा किया जाएगा।

वैष्णव ने बजट में रेलवे, संचार सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालयों के आवंटन का विवरण साझा करने के लिए रेल भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रेलवे के लिए पूंजीगत व्यय के लिए इतनी बड़ी राशि के आवंटन के लिए वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं। कई वर्षों से निवेश की जरूरताें को पूरा किया जाएगा। दो लाख 41 हजार करोड़ रुपए के आवंटन से देश के रेल की यात्रा करने वाले आठ सौ करोड़ यात्रियों की आकांक्षाओं को पूरा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि रेलवे को अगले वित्त वर्ष में पूरा फोकस प्रदूषण रहित परिवहन, ढांचागत विस्तार, यात्री सुविधाओं पर होगा। चूंकि यात्रियों को सबसे पहले स्टेशन से वास्ता पड़ता है। इसलिए रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की अमृतभारत स्टेशन योजना ला रही है जिसके तहत 1275 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। ये स्टेशन बड़े शहरों से लेकर छोटे शहर तक होंगे।

उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेन के उत्पादन काे बहुत तेजी से बढ़ाया जाएगा। महाराष्ट्र में लातूर, हरियाणा में सोनीपत और उत्तर प्रदेश में रायबरेली की कार्यशालाओं में ये गाड़ी बनायी जाएगी। उन्होंने कहा कि वंदे भारत की तकनीक को अब स्थायित्व आ गया है। आठ वंदे भारत गाड़ियों ने अब तक पृथ्वी की 52 परिक्रमाओं के बराबर दूरी की यात्रा कर ली है। इस समय चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्टरी में सात दिनों में एक वंदे भारत ट्रेन बन रही है। हमारा लक्ष्य है कि रोज़ दो से तीन वंदे भारत गाड़ियां बनें।

उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि वंदे भारत ट्रेन दरअसल वंदे मेट्रो की तर्ज पर चलें। एक विश्व स्तरीय शटल सेवा जैसे छोटी जगहों के लोग वंदे भारत ट्रेन से बड़े शहर दिन में जाएं और अपना काम करके शाम को वापस घर आ जाएं। हमारा लक्ष्य है कि देश में हर 50-60 किलोमीटर के दायरे में एक वंदे भारत ट्रेन का स्टापेज हो जाए। देश का कोई कोना वंदे भारत ट्रेन से ना छूटे।

उन्होंने कहा कि रेलवे को बंदरगाहों एवं मालवहन के गलियारों के साथ साथ सामाजिक विकास के मार्गाें को भी सुदृढ़ करना है। ऊर्जा कॉरीडोर, सागरमाला कॉरीडोर, जनजातीय गौरव कॉरीडोर, सीमेंट कॉरीडोर, कोल कॉरीडोर आदि विकसित किये जाएंगे जिससे देश के सामाजिक एवं आर्थिक दोनों प्रकार के विकास को गति मिले।

उन्होंने कहा कि देश में 2014 के पहले प्रतिदिन चार किलोमीटर प्रतिदिन की गति से रेलवे लाइन बिछायी जा रहीं थीं। आज यह गति 12 किलोमीटर प्रतिदिन की है जिसे अगले साल 16 किलोमीटर प्रतिदिन तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय ने सबसे पहले गतिशक्ति निदेशालय स्थापित किया है जिससे बड़ी परियोजनाओं को एक से डेढ़ माह के भीतर और छोटी परियोजनाओं को चंद दिनों में भी स्वीकृति मिलने लगी है। इससे काम की रफ्तार बढ़ी है।

वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियाेजना में भी तेज गति से प्रगति हो रही है। महाराष्ट्र में नयी सरकार के आने से उस राज्य में भी अटके हुए काम में तेजी आयी है। इस साल यह गति और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस बजट में पर्यटन पर भी फोकस किया गया है। भारत गौरव ट्रेन के इस वर्ष पांच छह सर्किट और जोड़े जाएंगे।

रेल मंत्री ने कहा कि विश्व की मौजूदा परिस्थितियों में आया आज का बजट भारत को विश्व की प्रगति का इंजन बनाएगा। पूरी दुनिया भारत को आशा की दृष्टि से देख रही है। उन्होंने कहा कि आज के बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। वित्त मंत्री ने सही कहा है -वंचितों को वरीयता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विज़न है कि समाज के हर वर्ग के जीवन में परिवर्तन आए।

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आम बजट 2023-24 की मुख्य बातें

नई दिल्ली। मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद में आम बजट 2023-24 पेश किया जिसकी मुख्‍य बातें इस प्रकार हैं:

प्रति व्‍यक्ति आय करीब नौ वर्षों में दोगुनी होकर 1.97 लाख रुपए हो गई है।

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का आकार बढ़ा है और यह पिछले नौ साल में विश्‍व की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्‍यस्‍था बन गई है।

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन में सदस्‍यों की संख्‍या दोगुनी से अधिक होकर 27 करोड़ तक पहुंच गई है।

वर्ष 2022 में यूपीआई के माध्‍यम से 126 लाख करोड़ रुपये के 7,400 करोड़ डिजिटल भुगतान किए गए हैं।

स्‍वच्‍छ भारत मिशन के अंतर्गत 11.7 करोड़ घरों में शौचालय बनाए गए हैं।

उज्‍ज्‍वला योजना के तहत 9.6 करोड़ एलपीजी कनेक्‍शन दिये गए।

102 करोड़ लोगों को लक्षित करते हुए कोविड टीकाकरण का आंकड़ा 220 करोड़ से पार।

47.8 करोड़ प्रधानमंत्री जनधन बैंक खाते खोले गए।

पीएम सुरक्षा बीमा योजना और पीएम जीवन ज्‍योति योजना के अंतर्गत 44.6 करोड़ लोगों को बीमा कवरेज।

पीएम सम्‍मान किसान निधि के तहत 11.4 करोड़ किसानों को 2.2 लाख करोड़ रुपए का नकद हस्‍तांतरण।

बजट की सात प्राथमिकताएं ‘सप्‍तऋषि’ जिनमें समावेशी विकास, अंतिम छोर-अंतिम व्‍यक्ति तक पहुंच, बुनियादी ढांचा और निवेश, निहित क्षमताओं का विस्‍तार, हरित विकास, युवा शक्ति तथा वित्‍तीय क्षेत्र शामिल।

आत्‍मनिर्भर स्‍वच्‍छ पादप कार्यक्रम का शुभारंभ 2,200 करोड़ रुपए के प्रारंभिक परिव्‍यय के साथ उच्‍च गुणवत्‍ता वाली बागवानी फसल के लिए रोग-मुक्‍त तथा गुणवत्‍तापूर्ण पौध सामग्री की उपलब्‍धता बढ़ाने की उद्देश्‍य से किया जाएगा।

वर्ष 2014 से स्‍थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ ही संस्‍थानों में 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे।

केन्‍द्र अगले तीन वर्षों में 3.5 लाख जनजातीय विद्यार्थियों के लिए 740 एकलव्‍य मॉडल आवासीय विद्यालयों में 38,800 अध्‍यापकों तथा सहयोगी कर्मचारियों को नियुक्‍त किया जाएगा।

पीएम आवास योजना के लिए परिव्‍यय 66 प्रतिशत बढ़ाकर 79,000 करोड़ रुपये किया गया।

रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपए की पूंजीगत निधि का प्रावधान, जो 2013-14 में उपलब्‍ध कराई गई धनराशि से 9 गुना अधिक और अब तक की सर्वाधिक राशि है।

शहरी अवसंरचना विकास कोष (यूआईडीएफ) की स्‍थापना प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आई ऋण की कमी के उपयोग के माध्‍यम से होगी। इसका प्रबंधन राष्‍ट्रीय आवास बैंक द्वारा किया जाएगा और इसका उपयोग टीयर 2 तथा टीयर 3 शहरों में शहरी अवसंरचना के निर्माण के लिए सार्वजनिक एजेंसियों द्वारा किया जाएगा।

5जी सेवाओं पर आधारित एप्‍लीकेशन विकसित करने के लिए 100 लैब स्‍थापित की जाएंगी, जिनसे नए अवसरों, बिजनेस मॉडलों और रोजगार संबंधी संभावनाओं को तलाशने में सहायता मिलेगी।

चक्रीय अर्थव्‍यवथा को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से गोबरधन (गैल्‍वनाइजिंग आर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सिज धन) नामक योजना के तहत 10,000 हजार करोड़ रुपए के कुल निवेश के साथ 500 नए अपशिष्‍ट से आय संयंत्र स्‍थापित किए जाएंगे। प्राकृतिक और बॉयोगेस का विपणन कर रहे सभी संगठनों के लिए 5 प्रतिशत का कम्‍प्रेस्‍ड बायोगैस अधिशेष भी लाया जाएगा।

सरकार अगले तीन वर्षों में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्‍साहित करेगी और उनकी सहायता करेगी। इसके लिए राष्‍ट्रीय स्‍तर पर वितरित सूक्ष्‍म उर्वरक और कीट नाशक विनिर्माण नेटवर्क तैयार करते हुए 10,000 बायो-इनपुट रिसोर्स केन्‍द्र स्‍थापित किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 को अगले तीन वर्षों में लाखों युवाओं को कौशल सम्‍पन्‍न बनाने के लिए शुरू की जाएगी और इसमें उद्योग जगत 4.0 से संबंधित नई पीढ़ी के आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्‍स, मेकाट्रॉनिक्‍स, आईओटी, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन और सॉफ्ट स्किल जैसे पाठ्यक्रम शामिल किए जाएंगे।

कुशल युवाओं को अंतरराष्‍ट्रीय अवसर उपलब्‍ध कराने के लिए 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्‍थापित किए जाएंगे।

एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी योजना को नवीनीकृत किया गया है। यह पहली अप्रैल 2023 से कार्प्‍स में 9,000 करोड़ रुपए जोड़कर क्रियान्वित होगी। इसके अतिरिक्‍त इस योजना के माध्‍यम से 2 लाख करोड़ रुपए का मुक्‍त गांरटीयुक्‍त ऋण संभव हो पाएगा। इसके अलावा ऋण की लागत में करीब 1 प्रतिशत की कमी आएगी।

वरिष्‍ठ नागरिक बचत खाता योजना में अधिकतम जमा की सीमा 15 लाख रुपए से बढ़कर 30 लाख रुपए की गई।

राजकोषीय घाटा 2025-26 तक जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे रहने का अनुमान है।

भारत को ‘श्री अन्‍न’ के लिए वैश्विक केन्‍द्र बनाने के उद्देश्‍य से हैदराबाद के भारतीय मोटा अनाज अनुसंधान संस्‍थान को उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि ऋण में पशुपालन, डेयरी और मत्‍स्‍य उद्योग तक विस्तार करते हुए 20 लाख करोड़ रुपये ऋण देने का लक्ष्य।

पीएम मत्‍स्‍य संपदा योजना की एक नई उप-योजना को 6,000 करोड़ रुपए के लक्षित निवेश के साथ शुरू किया जाएगा।

सरकारी सेवाओं को बढ़ाने के लिए 500 प्रखंडों को शामिल करते हुए आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना के तहत अगले 3 वर्षों में प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन को लागू करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये। बंदरगाहों, कोयला, इस्‍पात, उर्वरक और खाद्यान्‍न क्षेत्रों में 100 महत्‍वपूर्ण परिवहन अवसंरचना परियोजनाओं के लिए 75,000 करोड़ रुपए का निवेश, जिसमें निजी क्षेत्र का 15,000 करोड़ रुपये शामिल है।

सतत लघु सिंचाई उपलब्‍ध कराने और पेयजल परियोजना के लिए केन्‍द्रीय मदद के रूप में 5300 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

न्‍यायिक प्रशासन में दक्षता लाने के लिए 7,000 करोड़ रूपये के व्‍यय से ई-न्‍यायालय परियोजना का चरण-3 शुरू किया जाएगा।

ऊर्जा-परिवर्तन तथा निवल-शून्‍य उद्देश्‍यों और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में प्राथमिकता प्राप्‍त पूंजीगत निवेशों के लिए 35,000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

लद्दाख से नवीकरणीय ऊर्जा के निष्‍क्रमण और ग्रिड एकीकरण के लिए अंतर-राज्‍यीय पारेषण प्रणाली 20,700 करोड़ रूपए के निवेश के साथ निर्मित की जाएगी।

मासिक आय खाता योजना के लिए अधिकत्तम जमा सीमा को एकल खाते के लिए 4.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 9 लाख रूपए और संयुक्त खाते के लिए 9 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए किया गया।

चालू वित्त वर्ष में उधारियों से इतर कुल प्राप्तियों का संशोधित बजट अनुमान 24.3 लाख करोड़ रुपए है जिसमें से शुद्ध कर प्राप्तियां 20.9 लाख करोड़ रुपए हैं। कुल व्यय का संशोधित अनुमान 41.9 लाख करोड़ रुपए है जिसमें से पूंजीगत व्यय लगभग 7.3 लाख करोड़ रुपए हैं। राजकोषीय घाटे का संशोधित अनुमान जीडीपी का 6.4 प्रतिशत है।

आम बजट 2023-24 में कुल प्राप्तियां और कुल व्यय क्रमशः 27.2 लाख करोड़ रुपये और 45 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। शुद्ध कर प्राप्तियां 23.3 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। राजकोषीय घाटा जीडीपी के 5.9 प्रतिशत रहने का अनुमान। 2023-24 में राजकोषीय़ घाटे के वित्त पोषण के लिए प्रतिभूतियों से बाजार उधारियां 11.8 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। सकल बाजार उधारियां 15.4 लाख करोड़ रूपये होने का अनुमान है।

नई कर व्यवस्था में निजी आयकर में छूट की सीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रूपये कर दिया गया है। नयी व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था में स्लैबों की संख्या छह से घटाकर पांच कर दी गई और कर छूट की सीमा को बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है। नयी कर व्यवस्था में वेतन भोगी व्यक्ति को 50 हजार रुपए की मानक कटौती और परिवार पेंशन में 15 हजार तक कटौती का लाभ देने का प्रस्ताव।

गैर सरकारी वेतनभोगी कर्मचारी के सेवानिवृत्ति पर छुट्टी नगदीकरण पर कर छूट की सीमा बढ़ाकर 25 लाख की गई।

नई कर व्यवस्था को डिफॉल्ट कर व्यवस्था बनाया जाएगा, हालांकि नागरिकों के लिए पुरानी कर व्यवस्था का लाभ लेने का विकल्प जारी रहेगा।

अग्निवीर निधि को ईईई स्तर प्रदान करने और अग्निपथ योजना 2022 में पंजीकृत अग्निवीरों को अग्निवीर कॉर्पस फंड द्वारा किया गया भुगतान को कर के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव। अग्निवीरों की कुल आय में कटौती को अग्निवीरों को देने का प्रस्ताव, जो उन्होंने अपना योगदान दिया है या केन्द्र सरकार ने इनकी सेवा के लिए उनके खाते में हस्तांरित किया है।

वस्त्रों और कृषि को छोड़कर बेसिक सीमा शुल्क दरों को 21 से घटाकर 13 किया गया। कुछ वस्तुओं की बेसिक सीमा शुल्कों, उपकरों और अधिभारों में मामूली परिवर्तन हुआ है जिसमें खिलौने, साइकिल, ऑटोमोबाइल और नाफ्था शामिल हैं।

हरित मोबिलिटी को और संवेग प्रदान करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रयुक्त बैटरियों के लिथियम आयन सेलों के विनिर्माण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं और मशीनरी के आयात पर सीमा शुल्क में छूट दी जा रही है। मोबाइल फोनों के विनिर्माण में घरेलू मूल्यवर्धन को और बढ़ाने के लिए, कुछ एक पूर्जों और कैमरा लैंसो जैसे आदानों के आयात पर बेसिक सीमा शुल्क में राहत देने और लिथियम-आयान बैटरी सेलों पर रियायती शुल्क को एक और वर्ष लिए जारी रखना प्रस्तावित। टीवी पैनल के ओपन सेलों के पूर्जों पर बेसिक सीमा शुल्क को घटा कर 2.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।

इलेक्ट्रिक रसोई घर चिमनियों पर बेसिक सीमा शुल्क को 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव। इलेक्ट्रिक रसोई घर चिमनियों के हीट क्वायलों पर आयात शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।

सिगरेटों पर राष्ट्रीय आपदा आकस्मिकता शुल्क (एनसीसीडी) में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि करने का प्रस्ताव।

वैश्विक आर्थिक मंदी के भारतीय अर्थव्यवस्था ‘चमकता हुआ सितारा’

वैश्विक आर्थिक मंदी के भारतीय अर्थव्यवस्था ‘चमकता हुआ सितारा’

बजट 2023 : रुपया कहां से आया-कहां गया

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पेश 45.03 लाख करोड़ रुपये के आम बजट में रुपया कहां से आया और कहां गया। एक रुपया में किस मद से कितने पैसे आए और किस मद में कितने पैसे गए का विवरण निम्न प्रकार है।

100 पैसे में

कंपनी कर से 15 पैसे

आयकर कर से 15 पैसे

सीमा शुल्क से चार पैसे

केन्द्रीय उत्पाद शुल्क से सात पैसे

माल एवं सेवा कर और अन्य कर से 17 पैसे

गैर कर प्राप्तियां छह पैसे

गैर ऋण पूंजी प्राप्तियां दो पैसे

और उधार एवं अन्य देनदारियां 34 पैसे

इसी प्रकार से 100 पैसे में से व्यय

केन्द्रीय क्षेत्र की योजना 17 पैसे

ब्याज भुगतान 20 पैसे

रक्षा आठ पैसे

सब्सिडी सात पैसे

वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप हस्तातंरण और अन्य देनदारियां नौ पैसे

करों और शुल्कों में राज्यों का हिस्सा 18 पैसे

पेंशन चार पैसे

अन्य व्यय आठ पैसे

वैश्विक आर्थिक मंदी के भारतीय अर्थव्यवस्था ‘चमकता हुआ सितारा’

वैश्विक आर्थिक मंदी के भारतीय अर्थव्यवस्था ‘चमकता हुआ सितारा’

बजट 2023 : मोबाइल फोन हुए सस्ते, आभूषण महंगे

नई दिल्ली। विभिन्न प्रकार के करों में कमी किए जाने के कारण स्वदेशी मोबाइल फोन और टीवी सेट, भारत निर्मित रसोई चिमनी तथा झींगा पालन के उपयोग किए जाने वाले चारे सस्ते हो जाएंगे जबकि करों को बढ़ाए जाने के कारण आयातित कारें, साइकिल, सोने-चांदी तथा प्लेटिनम के आभूषण एवं कृत्रिम आभूषण महंगे हो जाएंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद में आम बजट पेश करने के दौरान विभिन्न प्रकार की वस्तुओं पर लगाए जाने वाले करों में बदलाव के प्रस्तावों की जानकारी दी। उन्होंने मोबाइल फोन के कैमरे और उनके कुछ कलपूर्जों के आयात शुल्कों में कमी की घोषणा की। इसी तरह से टीवी पैनल के ओपन शेल के कलपूर्जों पर मूल आयात शुल्क घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया गया है जिससे यह सस्ता हो जाएगा।

रसोईघर को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए लगाए जाने वाली स्वदेशी चिमनी सस्ती हो जाएंगी। रसोई घर की चिमनी विनिर्माण के लिए लगाई जाने हिट क्वाइल पर लगने वाली सीमा शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है जिससे स्वदेशी रसोई चिमनी सस्ती हो जाएगी। हालांकि आयातित रसोई चिमनी पर शुल्क 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने से यह महंगी हो जाएगी।

विदेशों में निर्यात किए जाने वाली झींगा मछली पालन के लिए उपयोग किए जाने वाले चारे सस्ते हो जाएंगे। चारे के निर्माण के लिए उपयोग किये जाने वाली विभिन्न सामग्रियों पर करों में कमी किए जाने से चारे सस्ते हो जाएंगे। कम्प्रेस्ड बायो गैस को उत्पाद शुल्क मुक्त कर दिया गया है। इस गैस से अनेक प्रकार के इंजिनों का संचालन होता है। सरकार ने अनेक प्रकार के रसायन और पेट्रो रसायनों को आयात शुल्क मुक्त करने का प्रस्ताव किया है।

साइकिल पर आयात शुल्क 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार से सीकेडी वाहन (कार) पर आयात शुल्क 30 से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया गया है। सीबीयू वाहन (कार) पर आयात शुल्क 60 से बएाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। इलेक्ट्रिक सीबीयू वाहन (कार) कर 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। इलेक्ट्रानिक खिलौने के अलावा खिलौने और उनके पूर्जो पर कर 60 से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। मिश्रित रबड़ पर कर की दर को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया गया है।

चांदी पर कर की दर को 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। चांदी की छड़ पर कर की दर को 6.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह से सोना, चांदी और प्लेटिनम से बने आभूषणों पर कर 20 प्रतिशत से बढाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। कृत्रिम आभूषणों पर भी कर की दर को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है।

वैश्विक आर्थिक मंदी के भारतीय अर्थव्यवस्था ‘चमकता हुआ सितारा’

सार्वजनिक स्थल के सामने डांस करने वाले ईरानी जोड़े को 10 वर्ष की जेल

पेरिस। ईरान की एक अदालत ने तेहरान के मुख्य स्थलों में से एक आजादी टावर के सामने नृत्य करने वाले एक जोड़े को 10 वर्ष से अधिक अवधि के लिए जेल की सजा सुनाई है।

समाचार पत्र ‘डान’ के अनुसार गत नवंबर की शुरुआत में आज़ादी टॉवर के सामने अस्तियाज़ हघी और उनके मंगेतर अमीर मोहम्मद अहमदी (दोनों की उम्र 20 वर्ष के करीब) काे उनका एक रोमांटिक डांस करते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था।

महिलाओं के लिए इस्लामिक गणतंत्र के सख्त नियमों की अवहेलना में हाघी ने एक सिर पर दुपट्टा भी नहीं पहना था, साथ ही ईरान में महिलाओं को सार्वजनिक रूप से नृत्य करने की अनुमति नहीं है।

अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी ने कहा कि तेहरान में एक रिवोल्युशनरी गॉर्ड अदालत ने उन्हें 10 साल और छह महीने की जेल की सजा सुनाई। साथ ही इंटरनेट का उपयोग करने और ईरान छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया।

तेहरान में लोकप्रिय इंस्टाग्राम ब्लॉगर्स के रूप में पहले से ही मौजूद युगल को भ्रष्टाचार और सार्वजनिक वेश्यावृत्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को बाधित करने के इरादे से इकट्ठा होने का दोषी ठहराया गया है।

एचआरएएनए ने उनके परिवारों के करीबी सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें अदालती कार्यवाही के दौरान वकीलों से वंचित रखा गया और जमानत पर उनकी रिहाई के अपीलों को खारिज कर दिया गया। हाघी अब तेहरान के बाहर महिलाओं के लिए कुख्यात करचक जेल में है। कार्यकर्ता नियमित रूप से इस जेल की परिस्थितियों की की निंदा करते रहे है।

सितंबर में महसा अमिनी की मौत के बाद से ईरानी अधिकारियों ने सभी प्रकार के विरोधों पर कड़ा प्रहार किया है, जिसे कथित तौर पर ‘हेडस्कार्फ़’ नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद यहां सरकार के खिलाफ विरोध भड़क उठा था जो बाद में एक आंदोलन में बदल गया।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इस दौरान कम से कम 14 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें प्रमुख हस्तियों, पत्रकारों और वकीलों से लेकर सड़कों पर उतरे आम लोगों शामिल हैं। सरकार विराधी आंदोलनकारियों द्वारा मांग की गई स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में इस युगल के वीडियो का स्वागत किया गया था। वीडियों में अहमदी ने एक पल में अपने साथी को हवा में उठा लिया और उसके लंबे बाल पीछे लहरा रहे थे।

ईरानी राजधानी के मुख्य प्रतीकों में से एक यह आजादी टॉवर विशाल और भविष्यवादी आज़ादी (स्वतंत्रता) और संवेदनशील स्थान है। यह 1970 के दशक की शुरुआत में अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के शासन में खोला गया था, जब इसे शहीद (इन मेमोरी ऑफ द शाह) टॉवर के रूप में जाना जाता था।

इस्लामिक गणराज्य के निर्माण के साथ ही 1979 में शाह को बेदखल करने के बाद इसका नाम बदल दिया गया। इसके वास्तुकार, बहाई धर्म के सदस्य, जिसे आज के ईरान में मान्यता प्राप्त नहीं है, अब निर्वासन में रहते हैं।

बजट पेश होते ही सेंसेक्स ने लगाई 1100 अंक से अधिक की छलांग

मुंबई। संसद में नए वित्त वर्ष के लिए सर्वांगीण विकास और मजबूत बजट के पेश होते ही उत्साहित निवेशकों की चौतरफा लिवाली की बदौलत आज सेंसेक्स ने 1100 अंक से अधिक की छलांग लगाई।

बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1188.61 अंक अर्थात दो प्रतिशत की उड़ान भरकर 60 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 60738.51 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 287.05 अंक यानी 1.63 प्रतिशत की छलांग लगाकर 17949.20 अंक पर पहुंच गया।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 451 अंक की तूफानी तेजी लेकर 60001.17 अंक पर खुला और दमदार लिवाली की बदौलत 60730.40 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बिकवाली के दबाव में 59807.68 अंक के निचले स्तर पर भी रहा। इसी तरह निफ्टी 149 अंक चढ़कर 17811.60 अंक पर खुला और अभी तक के सत्र के दौरान 17967.60 अंक के उच्चतम जबकि 17731.65 अंक के निचले स्तर पर भी रहा।

हिल्सबोरो आपदा : ब्रिटिश पुलिस को माफी मांगने में लग गए 34 साल

लंदन। ब्रिटेन की पुलिस को फुटबॉल के क्षेत्र में देश की सबसे भीषण त्रासदी के लिए अपनी विफलता स्वीकार करने में 34 वर्ष लग गए और उसने इस हादसे में मारे गए लिवरपूल फुटबाॅल क्लब (एफसी) के 97 सदस्य के परिजनों से मंगलवार को माफी मांगी।

शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने स्वीकार किया कि वर्ष 1989 के हिल्सबोरो आपदा का मुख्य कारण पुलिस की विफलता थी जिसमें एफसी के 97 लोग मारे गए थे। एक ऐतिहासिक संयुक्त बयान में, कॉलेज ऑफ पुलिसिंग और नेशनल पुलिस चीफ्स काउंसिल (एनपीसीसी) के प्रमुखों ने इस हादसे में जान गंवाने वाले के परिजनों के लिए माफीनामा जारी किया है।

रिपोर्ट की प्रस्तावना में मुख्य कांस्टेबल एंडी मार्श, पुलिसिंग कॉलेज के सीईओ और एनपीसीसी के अध्यक्ष मार्टिन हेविट ने कहा कि इस हादसे में पुरुष, महिलाएं और बच्चे समेत 97 लोग मारे गए थे। इसकी वजह पुलिस की विफलता मुख्य कारण थी।

यह घटना वर्ष 1989 की है। लिवरपूल और नॉटिंघम फ़ॉरेस्ट के बीच एफ ए कप सेमीफ़ाइनल का मैच शुरू ही हुआ था कि भगदड़ मच गई जिसमें 97 लोग मारे गए और लगभग 800 घायल हो गए। शेफ़ील्ड के हिल्सबोरो स्टेडियम में खेल कुछ ही मिनटों के बाद रद्द कर दिया गया था।

इस त्रासदी के बाद से ही लिवरपूल एफसी अपने प्रशंसकों के न्याय के लिए संघर्ष कर रहा था। मार्श ने कहा कि हमें खेद है पुलिस की विफलता त्रासदी का मुख्य कारण थी। रिपोर्ट में सार्वजनिक निकायों और सरकार से कार्रवाई की सिफारिश की गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हिल्सबोरो परिवारों के दर्द और पीड़ा जैसी घटनाओं को दोहराया नहीं जा सके।

बजट 2023 : नई कर प्रणाली में सात लाख तक कोई कर नहीं

नई दिल्ली। सरकार ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले नौकरी पेशा मध्यम वर्ग को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से व्यक्तिगत आयकर में राहत देते हुए नई कर प्रणाली में सात लाख रुपए तक की वार्षिक आय को कर से मुक्त कर दिया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद में आम बजट 2023-24 पेश करते हुए मध्य वर्ग को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से व्यक्तिगत आयकर के संबंध में पांच प्रमुख घोषणाएं कीं। ये घोषणाएं छूट, कर संरचना में बदलाव, नई कर व्यवस्था में मानक छूट के लाभ का विस्तार, सरचार्ज दर में कटौती तथा गैर सरकारी वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर अवकाश नकदीकरण पर कर छूट की सीमा बढ़ाने से संबंधित है।

उन्होंने नई कर व्यवस्था में छूट सीमा को बढ़ाकर सात लाख रुपए करने की घोषणा की है। वर्तमान में पांच लाख रुपए तक की आय वाले व्यक्ति पुरानी तथा नई दोनों कर व्यवस्थाओं में किसी कर का भुगतान नहीं करते हैं। मध्य वर्गीय व्यक्तियों को राहत प्रदान करते हुए उन्होंने स्लैब की संख्या को छह से घटाकर पांच करने तथा कर छूट सीमा को बढ़ाकर तीन लाख रुपए करने के की नई व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था में कर संरचना में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है।

प्रस्तावित नई कर दरें इस प्रकार होंगी
कुल आय (रुपए) दर (प्रतिशत)
0-3 लाख तक…………………………….शून्य
3-6 लाख तक……………………………..5
6-9 लाख तक……………………………..10
9-12 लाख तक…………………………….15
12-15 लाख तक………………………….. 20
15 लाख से अधिक………………………… 30

उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था में सभी करदाताओं को राहत मिलेगी। नौ लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले व्यक्ति को केवल 45 हजार रुपए का भुगतान करना पड़ेगा। यह उसकी आय का केवल पांच प्रतिशत है। यह उस राशि, जिसका उसे भुगतान करने की आवश्यकता है अर्थात 60,000 रुपए पर 25 प्रतिशत की कटौती है। इसी प्रकार 15 लाख रुपए की आय वाले व्यक्ति को केवल 1.5 लाख रुपए या उसकी आय का 10 प्रतिशत भुगतान करने की आवश्यकता है, जो 1,87,500 रुपए की वर्तमान कर से 20 प्रतिशत कम है।

बजट का तीसरा प्रस्ताव वेतनभोगी वर्ग तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों सहित पेशनभोगियों को राहत प्रदान करने वाला है क्योंकि वित्त मंत्री ने मानक कटौती का लाभ नई कर व्यवस्था को विस्तारित करने का प्रस्ताव किया है। 15 लाख रुपए या इससे अधिक आय वाले प्रत्येक वेतनभोगी व्यक्ति को इस प्रकार 52,500 रुपए का लाभ प्राप्त होगा। वर्तमान में केवल 50,000 रुपए की मानक कटौती वेतनभोगी व्यक्तियों तथा 15,000 रुपए तक की पारिवारिक पेंशन से कटौती की पुरानी व्यवस्था के तहत अनुमति है।

व्यक्तिगत आयकर के संबंध में अपनी चौथी घोषणा में सीतारमण ने दो करोड़ रुपए से अधिक की आय के लिए नई कर व्यवस्था में सर्वोच्च सरचार्ज दर को 37 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकतम कर दर वर्तमान 42.74 प्रतिशत है, जो विश्व में सर्वाधिक है यह घटकर 39 प्रतिशत पर आ जाएगा। बहरहाल उनके लिए सरचार्ज में कोई परिवर्तन नहीं है जो इस आय समूह में पुरानी कर व्यवस्था का विकल्प चुनते हैं।

पांचवीं घोषणा के हिस्से के रूप में, बजट में सरकारी वेतनभोगी वर्ग के अनुरूप गैर सरकारी वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर 25 लाख रुपए के अवकाश नकदीकरण पर कर छूट की सीमा के विस्तार का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में अधिकतम राशि जिस पर छूट प्रदान की जा सकती है, तीन लाख रुपए है। बजट में नई आयकर व्यवस्था को डिफॉल्ट कर व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। नागरिक पुरानी कर व्यवस्था के लाभ उठाने के विकल्प का उपयोग करते रहेंगे।

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