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ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग का भाजपा से इस्तीफा

भुवनेश्वर। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग और उनके पुत्र शिशिर गमांग ने बुधवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और आरोप लगाया कि वे लोगों के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में असमर्थ थे। गिरिधर और उनके बेटे ने भाजपा को दो अलग-अलग इस्तीफा का पत्र भेजा और राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से इन्हें स्वीकार करने का अनुरोध किया।

नौ बार के लोकसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं 2015 में बिना किसी पूर्व शर्त के अपनी मर्जी से भाजपा में शामिल हुआ था। मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री और पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह का आभारी हूं कि उन्होंने 1999 में मेरे मतदान के लिए संसद में स्पष्टीकरण दिया था।

गोमांग ने लिखा कि हालांकि, मैंने महसूस किया कि मैं पिछले कई वर्षों से ओडिशा के लोगों के प्रति अपने राजनीतिक, सामाजिक और नैतिक कर्तव्य का निर्वहन करने में असमर्थ रहा हूं और इसलिए मैं तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।

शिशिर ने अपने त्यागपत्र में लिखा कि मैं 2015 में मुख्यतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व और दृष्टिकोण के कारण भाजपा में शामिल हुआ था। हालांकि, मैंने महसूस किया कि मैं पिछले कई वर्षों से अपने आदिवासी समुदाय और युवाओं के कल्याण के लिए बहुत कुछ नहीं कर पा रहा हूं और इसलिए मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे रहा हूं।

सूत्रों के अनुसार पिता-पुत्र की जोड़ी ने इस्तीफा इसलिए दिया है क्योंकि उन्हें पार्टी में जानबूझकर दरकिनार कर दिया गया था और भाजपा के बेहतर कामकाज के लिए उनके विचारों को कोई महत्व नहीं दिया जा रहा था।

गौरतलब है कि गिरिधर गोमांग और उनके बेटे ने हाल ही में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मुलाकात की थी। संभावना व्यक्त की जा रही है कि वे तेलंगाना के मुख्यमंत्री द्वारा गठित पार्टी भारतीय राष्ट्रीय समिति (बीआरएस) में शामिल हो सकते हैं।

भारतीय संविधान के आदर्शों ने देश को निरंतर तरक्की का रास्ता दिखाया है: मुर्मू

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि भारतीय संविधान में निहित आदर्शों ने देश का मार्गदर्शन किया है और इससे गरीबी और अशिक्षा की स्थिति से निकल कर देश अब आत्मनिर्भर राष्ट्र बन कर खड़ा है।

मूर्मू ने 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने परंपरागत संबोधन में कहा कि संविधान में निहित आदर्शों ने निरंतर हमारे गणतंत्र को राह दिखाई है। इस अवधि के दौरान, भारत एक गरीब और निरक्षर राष्ट्र की स्थिति से आगे बढ़ते हुए विश्व-मंच पर एक आत्मविश्वास से भरे राष्ट्र का स्थान ले चुका है। संविधान निर्माताओं की सामूहिक बुद्धिमत्ता से मिले मार्गदर्शन के बिना यह प्रगति संभव नहीं थी।

राष्ट्रपति ने कहा कि बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर और अन्य विभूतियों ने हमें एक मानचित्र तथा एक नैतिक आधार प्रदान किया। उस राह पर चलने की जिम्मेदारी हम सब की है। हम काफी हद तक उनकी उम्मीदों पर खरे उतरे भी हैं, लेकिन हम यह महसूस करते हैं कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ‘सर्वोदय’ के आदर्शों को प्राप्त करना अर्थात सभी का उत्थान किया जाना अभी बाकी है। फिर भी, हमने सभी क्षेत्रों में उत्साहजनक प्रगति हासिल की है।

मुर्मू ने भारत की आर्थिक क्षेत्र की प्रगति को उत्साहजनक बताया और कहा कि सर्वोदय के हमारे मिशन में आर्थिक मंच पर हुई प्रगति सबसे अधिक उत्साहजनक रही है। पिछले साल भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया।

उन्होंने कहा कि भारत ने यह उपलब्धि कोविड-19 महामारी के प्रभावों के बीच आर्थिक अनिश्चितता से भरी वैश्विक पृष्ठभूमि में प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और दुनिया के अधिकांश हिस्सों में आर्थिक विकास पर, इसका प्रभाव पड़ रहा है। शुरुआती दौर में कोविड-19 से भारत की अर्थव्यवस्था को भी काफी क्षति पहुंची।

राष्ट्रपति ने कहाकि भारतीय अर्थव्यवस्था के अधिकांश क्षेत्र अब महामारी के प्रभाव से बाहर आ गए हैं। भारत सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।” उन्होंने कहा कि यह सरकार द्वारा समय पर किए गए सक्रिय प्रयासों द्वारा ही संभव हो पाया है। इस संदर्भ में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के प्रति जनसामान्य के बीच विशेष उत्साह देखा जा रहा है। इसके अलावा, विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं भी लागू की गई हैं।

राष्ट्रपति ने हाशिए पर रह रहे लोगों के कल्याण के लिए योजनाओं और कार्यक्रमों को समावेशी बनाए जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कठिनाई के दौर में ऐसे लोगों की मदद की गई है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि मार्च 2020 में घोषित ‘प्रधान मंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ पर अमल करते हुए सरकार ने उस समय गरीब परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जब हमारे देशवासी कोविड-19 की महामारी के कारण अकस्मात उत्पन्न हुए आर्थिक व्यवधान का सामना कर रहे थे। इस सहायता की वजह से किसी को भी खाली पेट नहीं सोना पड़ा।

उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि गरीब परिवारों के हित को सर्वोपरि रखते हुए इस योजना की अवधि को बार-बार बढ़ाया गया तथा लगभग 81 करोड़ देशवासी लाभान्वित होते रहे। इस सहायता को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने घोषणा की है कि वर्ष 2023 के दौरान भी लाभार्थियों को उनका मासिक राशन मुफ्त में मिलेगा।

मुर्मू ने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम से, सरकार ने, कमजोर वर्गों को आर्थिक विकास में शामिल करने के साथ-साथ, उनकी देखभाल की ज़िम्मेदारी भी ली है। उन्होंने कहा कि हमारा अंतिम लक्ष्य एक ऐसा वातावरण बनाना है जिससे सभी नागरिक व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से, अपनी वास्तविक क्षमताओं का पूरा उपयोग करें और उनका जीवन फले-फूले।

राष्ट्रपति ने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए शिक्षा ही आधारशिला तैयार करती है, इसलिए ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ में महत्वाकांक्षी परिवर्तन किए गए हैं। शिक्षा के दो प्रमुख उद्देश्य कहे जा सकते हैं। पहला, आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण और दूसरा, सत्य की खोज। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति इन दोनों लक्ष्यों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करती है।

उन्होंने कहा कि यह नीति शिक्षार्थियों को इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करते हुए हमारी सभ्यता पर आधारित ज्ञान को समकालीन जीवन के लिए प्रासंगिक बनाती है। इस नीति में, शिक्षा प्रक्रिया को विस्तार और गहराई प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया है।

मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन में डिजिटल इंडिया मिशन के तहत गांव और शहर की दूरी समाप्त करने की योजना, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति एवं मंगल मिशन में ‘असाधारण महिलाओं की टीम’ की अग्रणी भूमिका और शासन के सभी पहलुओं में बदलाव तथा लोगों की रचनात्मक ऊर्जा को अभिव्यक्ति देने के प्रयास से विश्व में भारत का सम्मान बढ़ने का विशेष रूप से उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि विश्व-मंच पर भारत ने जो सम्मान अर्जित किया है, उसके फलस्वरूप देश को नये अवसर और जिम्मेदारियां भी मिली हैं। उन्होंने कहा कि जैसा कि आप सब जानते हैं, इस वर्ष भारत जी-20 देशों के समूह की अध्यक्षता कर रहा है। किस प्रकार, जी-20 की अध्यक्षता, लोकतंत्र और बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने का अच्छा अवसर भी है,और साथ ही, एक बेहतर विश्व और बेहतर भविष्य को स्वरूप देने के लिए उचित मंच भी है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के शुरुआती दौर में यह देखने को मिला कि प्रौद्योगिकी में जीवन को बदलने की संभावनाएं होती हैं। ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ के तहत गांव और शहर की दूरी को समाप्त करके, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी को समावेशी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। दूर-दराज के स्थानों में अधिक से अधिक लोग इंटरनेट का लाभ उठा रहे हैं।

मुर्मू ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने के लिए ‘गगनयान’ कार्यक्रम प्रगति पर है। यह भारत की पहली मानव-युक्त अंतरिक्ष-उड़ान होगी। हम सितारों तक पहुंचकर भी अपने पांव ज़मीन पर ही रखते हैं।

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत गिने-चुने अग्रणी देशों में से एक रहा है। इस क्षेत्र में काफी समय से लंबित सुधार किए जा रहे हैं, और अब निजी उद्यमों को इस विकास-यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।उन्होंने कहा कि भारत का ‘मंगल मिशन’ असाधारण महिलाओं की एक टीम द्वारा संचालित किया गया था और अन्य क्षेत्रों में भी बहन-बेटियां अब पीछे नहीं हैं।

भारत की प्रगति में आधी आबादी (महिलाओं) की भूमिका पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान में लोगों की भागीदारी के बल पर हर कार्य-क्षेत्र में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है। राज्यों की अपनी यात्राओं, शिक्षण-संस्थानों के कार्यक्रमों और पेशेवर लोगों के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मिलने के दौरान, मैं युवतियों के आत्मविश्वास से बहुत प्रभावित होती हूं।

उन्होंने कहा कि मेरे मन में कोई संदेह नहीं है कि महिलाएं ही आने वाले कल के भारत को स्वरूप देने के लिए अधिकतम योगदान देंगी। यदि आधी आबादी को राष्ट्र-निर्माण में अपनी श्रेष्ठतम क्षमता के अनुसार योगदान करने के अवसर दिए जाएं, तथा उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, तो ऐसे कौन से चमत्कार हैं जो नहीं किए जा सकते हैं?

राष्ट्रपति ने कहा कि सशक्तीकरण की यही दृष्टि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों सहित, कमजोर वर्गों के लोगों के लिए सरकार की कार्य-प्रणाली का मार्गदर्शन करती है। उन्होंने कहा कि वास्तव में, हमारा उद्देश्य न केवल उन लोगों के जीवन की बाधाओं को दूर करना और उनके विकास में मदद करना है, बल्कि उन समुदायों से सीखना भी है। विशेष रूप से जनजातीय समुदाय के लोग, पर्यावरण की रक्षा से लेकर समाज को और अधिक एकजुट बनाने तक, कई क्षेत्रों में, सीख दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि शासन के सभी पहलुओं में बदलाव लाने और लोगों की रचनात्मक ऊर्जा को उजागर करने के लिए हाल के वर्षों में किए गए प्रयासों की श्रृंखला के परिणामस्वरूप, अब विश्व-समुदाय भारत को सम्मान की नई दृष्टि से देखता है। विश्व के विभिन्न मंचों पर हमारी सक्रियता से सकारात्मक बदलाव आने शुरू हो गए हैं।

राष्ट्रपति ने विकास के साथ पर्यावरण की रक्षा पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए हमें प्राचीन परम्पराओं को नई दृष्टि से देखना होगा।

उन्होंने कहा कि अगर हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे इस धरती पर सुखमय जीवन बिताएं तो हमें अपनी जीवन-शैली को बदलने की जरूरत है। इस संदर्भ में सुझाए गए परिवर्तनों में से एक बदलाव भोजन से संबंधित है। मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि संयुक्त राष्ट्र ने भारत के सुझाव को स्वीकार किया है और वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय ज्वार-बाजरा वर्ष घोषित किया है।

मुर्मू ने कोविड-19 वायर से अब भी सावधान रखने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान, जब भी हमें लगा है कि हमने वायरस पर काबू पा लिया है, तो वायरस फिर किसी विकृत रूप में वापस आ जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि हमने यह समझ लिया है कि हमारा नेतृत्व, हमारे वैज्ञानिक और डॉक्टर, हमारे प्रशासक और ‘कोरोना योद्धा’ किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

मुर्मू ने गणतंत्र की अब तक की विकास-गाथा में अमूल्य योगदान के लिए किसानों, मजदूरों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की भूमिकाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इनकी सामूहिक शक्ति हमारे देश को “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान’ की भावना के अनुरूप आगे बढ़ने में सक्षम बनाती है।

उन्होंने कहा कि मैं देश की प्रगति में योगदान देने वाले प्रत्येक नागरिक की सराहना करती हूं। भारत की संस्कृति और सभ्यता के अग्रदूत, प्रवासी भारतीयों का भी मैं अभिवादन करती हूं।राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश की सीमाओं की सुरक्षा में दिन-रात जुड़े बहादुर जवानों तथा आंतरिक सुरक्षा में लगे अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस-बलों के बहादुर जवानों की सेवाओं की सराहना की।

राष्ट्रपित ने कहा कि मैं उन बहादुर जवानों की विशेष रूप से, सराहना करती हूं, जो हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं और किसी भी त्याग तथा बलिदान के लिए सदैव तैयार रहते हैं। देशवासियों को आंतरिक सुरक्षा प्रदान करने वाले समस्त अर्द्धसैनिक बलों तथा पुलिस-बलों के बहादुर जवानों की भी मैं सराहना करती हूं। हमारी सेनाओं, अर्द्धसैनिक बलों तथा पुलिस-बलों के जिन वीरों ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है उन सब को मैं सादर नमन करती हूं। उन्होंने देश के सभी बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभ आशीर्वाद और सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं के साथ संबोधन समाप्त किया।

ऑस्ट्रेलिया में अपराध संकट के बीच शराब पर प्रतिबंध की घोषणा

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज ने मंगलवार को मध्य ऑस्ट्रेलिया में अपराध के संकट को रोकने के लिए शराब पर रोक समेत नए प्रतिबंधों की घोषणा की।

अल्बनीज ने ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के सबसे बड़े शहर एलिस स्प्रिंग्स में समुदाय के नेताओं के साथ मंगलवार शाम को क्षेत्र में शराब और ईंधन से होने वाली हिंसा पर चर्चा की। संकट में हस्तक्षेप करने के लिए संघीय सरकार पर विपक्ष के तीव्र दबाव के दिनों के बाद यह यात्रा हुई।

नॉर्दर्न टेरिटरी (एनटी) पुलिस के आंकड़ों के अनुसार एलिस स्प्रिंग्स में हमलों में पिछले वर्ष की तुलना में 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। स्वदेशी समुदाय, कानून प्रवर्तन और एनटी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद, अल्बनीज ने कहा कि शराब की बिक्री प्रति व्यक्ति प्रति दिन एक लेनदेन तक सीमित होगी।

सोमवार और मंगलवार को ‘टेकअवे अल्कोहल-फ्री डेज’ होगा और टेकअवे अल्कोहल की बिक्री हर दूसरे दिन अपराह्न तीन बजे से शाम सात बजे के बीच तक सीमित रहेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐलिस स्प्रिंग्स में ये जटिल समस्याएं हैं और उन्हें पूर्ण समाधान की आवश्यकता है। इसके लिए सरकार के विभिन्न स्तरों को एक साथ काम करने की भी आवश्यकता है। नए उपाय या प्रतिबंध तीन महीने की शुरुआती अवधि के लिए लागू होंगे।

एनटी की मुख्यमंत्री नताशा फाइल्स ने कहा कि हर कोई प्रतिबंधों का स्वागत नहीं करेगा, लेकिन कहा कि ये आवश्यक भी है। उन्होंने कहा कि इसलिए मैं समुदाय से यह समझने के लिए कहती हूं कि हम इन फैसलों को हल्के में नहीं लेते हैं। ये हमारे समुदाय में शराब की मात्रा को कम करने के उपाय हैं।

रंग लाई आम आदमी से लड़ाई, आदर्श विद्या मंदिर की मान्यता पर बन आई

सरूपगंज में विवादित भूमि पर बनी आदर्श विद्या मंदिर स्कूल।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। आदर्श शिक्षा समिति के तत्वावधान में सरूपगंज में संचालित आदर्श विद्या मंदिर की मान्यता पर बन आई है। जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा शिक्षा निदेशालय एव शिक्षा मंत्री के विशिष्ट सहायक के 19 जुलाई 2022 को जारी पत्र के संबंध अग्रिम कार्रवाई करते हुए आदर्श विद्या मंदिर सरूपगंज के प्रधानाध्यापक को विद्यालय की मान्यता समाप्त करने के संदर्भ में नोटिस जारी किया है।

राहुल गांधी दिग्विजय सिंह को भी सिखाएं सेना का सम्मान करना : भाजपा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सेना का सम्मान करने के बयान पर आज सवाल उठाया कि आखिर वह उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को यह बात क्यों नहीं समझा पा रहे हैं जो लगातार आतंकवादियों को महिमामंडित करते रहे हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गांधी ने पहली बार कहा है कि वह सेना का सम्मान करते हैं। लेकिन गांधी के बयान ने कई और सवाल खड़े कर दिये हैं। गांधी यह बताएं कि उनके साथ यात्रा में हजारों किलोमीटर चलने वाले दिग्विजय सिंह को वह यह बात क्यों नहीं समझा पाए।

उन्होंने कहा कि ये देश सेना की शहादत का सबूत नहीं मांगता उनके बलिदान को सलाम करता है। दिग्विजय सिंह ने जाकिर नाइक को शांति का दूत बताया था और बाटला हाउस मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के परिवार से मिले और मुठभेड़ पर सवाल खड़ा किया। दिल्ली पुलिस की वीरता को नीचा दिखाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता सलमान खुर्शीद ने अपनी एक पुस्तक में हिन्दुत्व का बदनाम किया है। कांग्रेस ने इसे उनके निजी विचार कहा है लेकिन निजी विचार की कोई सीमा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारा शुरू से मानना है कि भारत की सेना देश की बहुत बड़ी धरोहर है और हमें भारतीय सेना की परंपरा, उसकी वीरता और बलिदान पर गर्व है। हमें राजनीति से ऊपर उठकर सेना का सम्मान करना चाहिए। लेकिन श्री गांधी से सवाल है कि उन्हें यह बात सार्वजनिक रूप से कहने में वर्षों क्यों लगे कि वह सशस्त्र सेनाओं का सम्मान करते हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी, हजारों किलोमीटर साथ चलने के बाद भी आप दिग्विजय सिंह को भारत की सेना का सम्मान करना क्यों नहीं सिखा पाए? वह भी कश्मीर के अंदर, ये बड़े शर्म की बात है। उन्होंने सवाल किया कि कल नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती थी, दिल्ली में इतनी बड़ी प्रतिमा नेता जी सुभाष चंद्र बोस की लगी है, क्या कांग्रेस का कोई नेता वहां प्रणाम करने गया? ये कांग्रेसी, सरदार पटेल की प्रतिमा पर भी नहीं गए और नेता जी की प्रतिमा पर भी नहीं गए।

उन्होंने कहा कि जयराम रमेश का वीडियाे देखा गया है जिसमें रमेश सवालों को पूछने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं जबकि दिग्विजय सिंह जवाब देने के लिए उतावले दिख रहे हैं। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को बहाल करने के दावे के बारे में पूछने पर प्रसाद ने कहा कि जम्मू कश्मीर बहुत ही संवेदनशील विषय है। अनुच्छेद 370 अब अतीत की बात हो गयी है। अनुच्छेद 370 को वापस लाने के लिए दो तिहाई बहुमत उन्हें कभी नहीं मिलेगा।

गांधी को अब अतार्किक एवं अप्रासंगिक बातें करने की बजाए तथ्यों पर बात करनी चाहिए। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर की प्रगति एवं समृद्धि के रास्ते खुल गये हैं और वहां तेजी से विकास हो रहा है। प्रदेश में सैलानियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। राज्य के युवक आईएएस आईपीएस बन रहे हैं। उपराज्यपाल को लेकर जिस प्रकार की बयानबाज़ी हो रही है, वो बहुत गलत बात है।

हाथ से हाथ जोड़ा अभियान के पंचायत समन्वयकों की नियुक्ति

कांग्रेस का हाथ से हाथ जोड़ो अभियान

सबगुरु न्यूज-सिरोही। प्रदेश कांग्रेस की ओर से राज्य में प्रारंभ किए गए हाथ से हाथ जोड़ों अभियान के ब्लॉक समन्वयक हरीश राठौड ने ब्लॉक क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में पंचायत समन्वयकों की नियुक्ति कर दी है।

ब्लॉक अध्यक्ष तेजाराम मेघवाल ने बताया कि आमलारी में फरसाराम प्रजापत काकेन्द्रा, उड में कल्पेश त्रिवेदी, गोल कृष्णागंज में वनाराम देवासी वेलांगरी, कालन्द्री में ईश्वर पुरोहित तंवरी, खाम्बल में जोगाराम मेघवाल पाडीव, गोयली में नंदकिशोर चारण उड, गोल में राजेन्द्र कुमार माली गोयली,जेला में पन्नालाल हिरागर मेरमाण्डवाडा पंचायत समन्वयक बनाया गया है।

इसी तरह डोडूआ में प्रतापसिंह नून, तंवरी में रतनलाल माली कालन्द्री, नवारा में भरत माली बरलूट, पाडीव में कानाराम भील, फुगनी खीमसिंह मोहब्बतनगर, बरलूट में प्रकाश प्रजापति, बालदा में भगवतसिंह डोडूआ, भुतगांव में सवजी चेलाजी घांची जावाल, माडिया में नरेन्द्र भाई मेवाडा सिलदर, मण्डवारिया में शांतिलाल मेघवाल जामोतरा,मनोरा में छगन सुथार, मेरमाण्डवाडा मेंं किशोरसिंह जैला मकरोडा में वीरेन्द्रसिंह सिंदरथ,मोहब्बतनगर में शिवलाल घांची नून, रामपुर में देशाराम मेघवाल सरपंच पाडीव समन्यवक होंगे।

वराडा में जसवंतसिंह रावणा, वेलांगरी में दीपाराम चौधरी वाडेली, सनपुर में दरजाराम राणा सिलदर, सरतरा में गणपतसिंह वेलांगरी, सिंदरथ में राजू मेघवाल माकरोडा, सिलदर में छोगाराम मेघवाल सनपुर, हालीवाडा में खेताराम माली  मेर माण्डवाडा, जावाल में मनोज पुरोहित सिरोही, सिरोही में हेमलता शर्मा कालन्द्री, नारायण भाई सुथार जावाल तथा पुनित भाई अग्रवाल जावाल को पंचायत समन्वयक नियुक्त किया गया है।

माउण्ट आबू की मॉनीटरिंग कमेटी अध्यक्ष ने सचिव को अगली बैठक का ऐजेंडा भेजा

सबगुरु न्यूज-सिरोही। माउण्ट आबू की मॉनीटरिंग कमेटी के अध्यक्ष सुधीर जैन ने मंगलवार को कमिटी की अगली बैठक आहूत करने के लिए ऐजेंडा जारी करते हुए समिति सचिव जिला कलेक्टर को शीघ्र अगली बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया है।
इस ऐजेंडे के साथ ही सोशल मीडिया पर मॉनीटरिंग कमेटी की 30 दिसम्बर 2022 की प्रोसिडिंग को राजस्थान उच्च न्यायालय के द्वारा स्टे किए जाने की वायरल खबरों को भी विराम दे दिया है।
समिति अध्यक्ष सुधीर जैन ने बताया कि अगली प्रस्तावित बैठक में 14 दिसम्बर 2022 और इससे पहले आयोजित मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक में लिए गए निर्यणों की चर्चा एवं पुष्टि की जाएगी। इसके अलावा सामुदायिक शौचालय पर चर्चा एवं निर्णय, ठोस कचरा निष्पादन, ईको फ्रेंडली हाउस, हाईमास्ट लाइट, रिपेयर मेंटेनेंस के मलबे के निष्पादन, ओएफसी केबल ठेेकेदार द्वारा बार-बार रोड खोदने के समाधान, पैराग्लाडिंग चलाने तथा व्यावसायिक भवनों में लिफ्ट लगाए जाने पर चर्चा एवं निर्णय करने के मुद्दों को एजेंडे में शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि माउण्ट आबू की ही एक होटल व्यवसाई के द्वारा अप्रेल में याचिका लगाकर केन्द्र सरकार द्वारा जारी मॉनीटरिंग कमेटी के नोटिफिकेशन में अध्यक्ष पद की योग्यता व इसके बाद मॉनीटरिंग कमेटी गठित करने के नोटिफिकेशन पर स्टे लाने की याचिका लगाई थी जिस पर न्यायालय में वाद विचाराधीन है।
इस बीच मंगलवार को एक और आदेश वायरल हो रहा है जिसमें मॉनीटरिंग कमेटी में शौचालयों के निर्माण, नए निर्माण के लिए एनजीटी के आदेशानुसार जोनल मास्टर प्लान को अपडेट करने, जानलेवा बन चुके जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण, 2009 के पहले के निर्माणों की कम्पाउंडिंग जैसे जनहित के निर्णयों को निरस्त  करने करने का वाद लगाने की बात सामने आ रही है।
इस वायरल आदेश के बीच मॉनीटरिंग कमेटी के अध्यक्ष के द्वारा अगली बैठक के एजेंडा निकालकर शीघ्र बैठक करने का अनुरोध ने इस चर्चाओं को विराम सा दे दिया है।

 

दानवाव स्कूल के वार्षिकोत्सव में विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को मिली प्रशस्ति

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आबूरोड के निकट दानवाव विद्यालय में वार्षिकोत्सव में हिस्सा लेने को तैयार विध्यार्थी।

सबगुरु न्यूज- आबूरोड। रा उ मा विद्यालय दानवाव का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम सृजन -2023 विद्यालय प्रांगण में मुख्य अतिथि लक्ष्मण भाई एवम प्रधानाचार्य श्रीमती रजनी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में धूमधाम से सम्पन्न हुआ।

सबगुरु राशिफल : 24 जनवरी मंगलवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। माघ मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि, वार मंगलवार, सम्वत 2079, शिशिर ऋतु, रवि उत्तरायण, दोपहर 03.22 बजे बाद चतुर्थी तिथि प्रारम्भ।

मेष राशि:- आज का दिन आपके लिए अच्छा है। आज आप प्रफुल्लितता का अनुभव करेंगे। नए कार्य का आरंभ भी आज कर सकते हैं। मित्रों और स्नेहीजनों से भेंट होने से आनंद हो सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें। मित्रों से सहयोग मिलेगा। कार्य में मिली सफलता के कारण आपके उत्साह में वृद्धि होगी। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त करेंगे। सम्बंधों में भावनात्मकता अधिक रहेगी। समाज में मान-सम्मान मिलेगा।

वृष राशि:- आपको आज संभलकर चलने की आवश्यकता है। खासकर भावना और संवेदनशीलता में बहकर स्त्रीवर्ग से सम्बंध बनाने से आपको बचना होगा। पानी तथा प्रवाही पदार्थों से घात है, इसलिए उनसे भी दूर रहिएगा। किसी व्याधि के कारण मन दुविधा में रहने से निर्णय लेने में बाधा आ सकती है। अधिक विचारों के कारण हो रही मानसिक थकान से नींद न आए, ऐसा भी हो सकता है और इसका स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर भी पड़ सकता है। कौटुंबिक संपत्ति की चर्चा या वाद-विवाद से दूर रहिएगा।

मिथुन राशि:- आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा। आपका आज का दिन परोपकार और सद्भावनाओं में बीतेगा। सेवा-पुण्य का कार्य भी हो सकता है। मानसिक रूप से कार्यभार अधिक रहेगा, लेकिन मित्रों का भरपूर सहयोग मिलेगा। इस कारण सभी कार्य सफलता से कर सकेंगे। सत्कार्य करने के फलस्वरूप शारीरिक और मानसिक रूप से स्फूर्ति का अनुभव करेंगे। आर्थिक लाभ होने की संभावना है।

कर्क राशि:- आपके लिए आज का दिन बहुत शुभ है। आज आपको वाद-विवाद में अच्छी सफलता मिलेगी। आपकी वाणी किसी को मोहित करेगी और वह आप के लिए लाभदायी रहेगा। इससे नए सम्बंधों में सद्भाव बढ़ने की भी संभावना है। विद्यार्थियों को पढ़ने-लिखने में अभिरुचि बढ़ने से उनके लिए आज अच्छा दिन है। परिश्रम की अपेक्षा कम प्राप्ति होने पर भी अपने कार्य में आप अग्रसर हो सकेंगे। आज आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

सिंह राशि:- आपके लिए आज का दिन बहुत शुभ है। आज आर्थिक लाभ होने के संकेत मिल रहे हैं। परिवारजनों के साथ आप अच्छी तरह से समय बिता सकेंगे। उनका सहयोग भी अच्छा मिल सकता है। आर्थिक क्षेत्र में आय की अपेक्षा व्यय ही अधिक होगा। फिर भी वाणी द्वारा आप सबके मन को जीत सकेंगे। कार्य का व्यवस्थित आयोजन करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है। अत: सतर्क रहें।

कन्या राशि:- आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। आप वाक्चातुर्य से मीठे सम्बंध बना सकेंगे, जो कि भविष्य में आपके लिए लाभदायी सिद्ध होंगे। वैचारिक रूप से समृद्धि बढ़ेगी। शरीर, स्वास्थ और मन प्रसन्न रहेगा। पारिवारिक जीवन में उल्लासमय वातावरण रहेगा। शुभ समाचार मिलने के कारण मन प्रफुल्लित रहेगा। कार्य स्थल पर खुशी का अनुभव होगा। मित्रों से सहयोग मिल सकता है।

तुला राशि:- आपके लिए आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कुछ कार्यों में सफलता मिलेगी, लेकिन उन्हें सावधानी पूर्वक शुरू करने की आवश्यकता है। आज आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। मानसिक रूप से भी आप अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। आपकी वाणी और वर्तन से किसी को भ्रांति न हो उसकी सावधानी रखिएगा। अपने क्रोध पर संयम रखिएगा। आपकी आय की अपेक्षा व्यय अधिक होने की संभावना है।

वृश्चिक राशि:- आपके लिए आज का दिन शुभ है। आर्थिक लाभ के संयोग बन रहे हैं। मित्रों के साथ भेंट होगी तथा उनके साथ घूमने-फिरने, आनंद-प्रमोद करने में खर्च होगा। नौकरी या व्यावसायिक क्षेत्र में आपकी आय बढ़ेगी। उच्च अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। साथियों से भरपूर सहयोग मिलेगा। दांपत्य जीवन में वातावरण आनंदमय रहेगा। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

धनु राशि:- आज का दिन आपके लिए प्रतिकूल रहेगा। आपको आज निषेधात्मक कार्यों और नकारात्मक विचारों से दूर रहना होगा। अन्यथा मुसीबत में पड़ सकते हैं। झगड़े-विवाद से बचें, क्रोध और वाणी पर संयम रखें। पारिवारिक वातावरण कलुषित रहेगा। आर्थिक तंगी का अनुभव होगा। अत्यधिक मनोमंथन करने से मानसिक थकान अनुभव करेंगे। ईश्वर का स्मरण और आध्यात्मिकता आपके मानसिक बोझ को हल्का करेंगे।

मकर राशि:- दैनिक कार्यों से बाहर निकलकर आज आप कुछ रचनात्मक करेंगे। पड़ोसी की मदद लेनी पड़ सकती है। रुका हुआ प्राप्त करने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। कलाकार एवं कारीगरों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। व्यवसाय में भागीदारी के लिए शुभ समय है। वैवाहिक जीवन में अधिक निकटता स्थापित की जा सकती है। सार्वजनिक जीवन में मान-सम्मान मिलेगा।

कुंभ राशि:- आपका आज का दिन बहुत अच्छे से बीतेगा। आज आपकी यश, कीर्ति और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में उच्च पदाधिकारी खुश रहने से पदोन्नति की संभावना बढ़ेगी। स्वास्थ्य बना रहेगा। परिवार में आनंद का वातावरण रहेगा। पिता तथा सरकार की तरफ से लाभ मिलेगा। आर्थिक योजना अच्छी तरह पूरी कर सकेंगे। व्यापार-धंधे के नए अवसर मिलेंगे। अन्य लोगों की सहायता करने का प्रयत्न करेंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी।

मीन राशि:- आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा। बौद्धिक कार्य या साहित्य लेखन जैसी प्रवृत्तियों के लिए आज अनुकूल दिन है। आपके व्यवसाय में नई विचारधारा आपके कार्यों को नया स्वरूप देंगे। व्यवसाय के क्षेत्र में प्रतिकूल वातावरण आपके मन को अस्वस्थ करेंगे। शारीरिक थकान महसूस होगी। संतान की समस्या आपको परेशान करेगी। गलत रूप से धन खर्च होगा। प्रतिस्पर्धियों के साथ वाद-विवाद टालें।

नाबालिग से रेप मामले में दुद्धी विधायक रामदुलार ने किया कोर्ट में समर्पण

सोनभद्र। नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोपी दुद्धी विधायक रामदुलार सोमवार को सोनभद्र की अदालत में पेश हुए जहां अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राहुल मिश्रा की अदालत ने कड़ी हिदायत के साथ उनकी गिरफ्तारी के वारंट को निरस्त कर दिया। हालाकि कोर्ट के कटघरे में करीब दो घंटे तक विधायक को खड़े रहना पड़ा।

अदालत ने विधायक को गिरफ्तार न करने वाले म्योरपुर के दरोगा को भी तलब किया गया है। अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि चार नवंबर 2014 की शाम उसकी नाबालिग बहन ने बताया था कि प्रधान पति रामदुलार (वर्तमान में दुद्धी विधायक) ने कई बार डरा धमका कर उसके साथ दुष्कर्म किया है।

इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक सत्यप्रकाश त्रिपाठी एवं दुद्धी विधायक के अधिवक्ता रामवृक्ष तिवारी उपस्थित हुए। 10 जनवरी, 17 जनवरी व 19 जनवरी को भी बीमारी का हवाला देकर अधिवक्ता के जरिए अपलिकेशन दिया गया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

साथ ही कड़ा रुख अपनाते हुए दुद्धी विधायक रामदुलार के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए 23 जनवरी को दुद्धी विधायक को गिरफ्तार कर कोर्ट में हाजिर कराने का आदेश सोनभद्र एसपी को दिया था। दुद्धी विधायक रामदुलार अपने अधिवक्ता के साथ कोर्ट में दोपहर बाद करीब दो बजे हाजिर हुए। जिन्हें कोर्ट के कटघरे में खड़ा करा दिया गया।

विधायक के अधिवक्ता रामवृक्ष तिवारी ने वारंट रिकाल प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें बीमारी तथा आवश्यक कार्य की वजह से कोर्ट में हाजिर न आने का कारण दर्शाया गया है। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस हिदायत के साथ कि हमेशा नियत तिथि पर कोर्ट में हाजिर आते रहेंगे, गवाहों को डराएंगे, धमकाएंगे नहीं साथ ही दो लाख रूपये की पीबी पर वारंट निरस्त कर दिया।

सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि विधायक का बयान धारा 313 के तहत दर्ज कर लिया गया। इस मामले में एसपी सोनभद्र के जरिए म्योरपुर के जिस दरोगा को विधायक को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया था, को कोर्ट ने तलब किया है। इस मामले में 25 जनवरी को अगली सुनवाई की जाएगी।