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लोकेश राहुुल के धैर्यवान अर्द्धशतक ने भारत को दिलाई जीत

कोलकाता। कुलदीप यादव (51/3) और मोहम्मद सिराज (30/3) की शानदार गेंदबाजी के बाद लोकेश राहुल (64 नाबाद) के धैर्यवान अर्द्धशतक की बदौलत भारत ने श्रीलंका को दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में गुरुवार को चार विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। श्रीलंका ने भारत के सामने 216 रन का लक्ष्य रखा, जिसे भारत ने 43.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया।

राहुल जब बल्लेबाजी करने उतरे तब भारत 62 रन पर तीन विकेट गंवा चुका था। श्रेयस अय्यर (28) अच्छी लय में दिख रहे थे लेकिन वह भी पगबाधा होकर पवेलियन लौट गए। राहुल ने इसके बाद हार्दिक पांड्या के साथ 75 रन की साझेदारी करके भारतीय पारी को संभाला। पांड्या के आउट होने के बाद उन्होंने अक्षर पटेल (21) के साथ 30 जबकि कुलदीप यादव के साथ 28 रन जोड़कर भारत को जीत तक पहुंचाया।

राहुल ने अपनी मैच जिताऊ पारी में 103 गेंदें खेलकर छह चौकों के साथ 64 रन बनाए। भारत ने इस जीत के साथ तीन मैचों की शृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। यह भारत की श्रीलंका पर लगातार 10वीं सीरीज जीत है। शृंखला का आखिरी मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम पर खेला जायेगा।

श्रीलंका ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। मोहम्मद सिराज की गेंद पर अविष्का फर्नांडो (17 गेंद, चार चौके, 20 रन) के बोल्ड होने के बाद भी नुवानिदु फर्नांडो और कुसल मेंडिस ने पारी की रफ्तार नहीं रुकने दी और पावरप्ले में 51 रन जोड़ लिये।

फर्नांडो ने 12वें ओवर में उमरान मलिक को दो चौके लगाकर रनगति बढ़ाई, जबकि मेंडिस ने दो ओवर बाद उमरान की छोटी गेंद पर छक्का लगाया। फर्नांडो-मेंडिस ने दूसरे विकेट के लिए 73 रन जोड़े। श्रीलंका को मजबूत स्थिति से निकालने के लिए भारत को विकेट की जरूरत थी और कप्तान रोहित शर्मा ने गेंद स्पिनरों को सौंपी।

कुलदीप ने अपने पहले ही ओवर में मेंडिस का विकेट निकाला, जबकि अक्षर पटेल ने अगले ओवर में धनन्जय डी सिल्वा को शून्य रन पर पवेलियन भेज दिया। फर्नांडो ने पारी की 62वीं गेंद पर अपना अर्द्धशतक पूरा किया लेकिन अगली ही गेंद पर वह रनआउट हो गए। श्रीलंका के लिए पदार्पण कर रहे नुवानिदु फर्नांडो ने अपने पहले ही मैच में अर्द्धशतक जड़ते हुए 63 गेंदों पर छह चौकों के साथ 50 रन बनाए, जबकि कुसल मेंडिस ने 34 गेंदों पर तीन चौकों के साथ 34 रन का योगदान दिया।

कुलदीप ने इसके बाद चरित असलंका (15) और कप्तान दसुन शनाका (दो) को आउट करके श्रीलंकाई मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। सिर्फ 24 रन के अंतराल में पांच विकेट गिरने के कारण श्रीलंका संकट की स्थिति में थी। वानिंदू हसरंगा (17 गेंद, तीन चौके, एक छक्का, 21 रन) और चमिका करुणारत्ने (25 गेंद, तीन चौके, 17 रन) ने कुछ अच्छे शॉट खेले लेकिन उनके पास उमरान की रफ्तार का कोई जवाब नहीं था। उमरान ने निचले क्रम के दोनों बल्लेबाजों को बैकवर्ड पॉइंट पर खड़े अक्षर पटेल के हाथों कैच आउट करवाया।

अंत में डुनिथ वेलालगे और कसुन रजिता ने नौंवे विकेट के लिए 38 रन की साझेदारी करके श्रीलंका को 215 रन तक पहुंचाया। रजिता 17 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि सिराज ने 40वें ओवर की तीसरी और चौथी गेंद पर वेलालगे (32) और लहिरू कुमारा को आउट करके श्रीलंंका की पारी समाप्त की।

सिराज ने तीन विकेट लेते हुए अपने 5.4 ओवरों में 30 रन दिए। कुलदीप ने 10 ओवर में 51 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि उमरान को दो और अक्षर को एक विकेट हासिल हुआ।

पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर में श्रद्धालु अब ऑनलाइन दान दे सकेंगे

अजमेर। राजस्थान में अजमेर के निकटवर्ती तीर्थराज पुष्कर स्थित विश्व के एकमात्र जगतपिता ब्रह्मा मंदिर में श्रद्धालु अब ऑनलाइन दान दे सकेंगे।

अजमेर कलक्टर एवं ब्रह्मा मंदिर अस्थाई प्रबंध समिति के अध्यक्ष अंशदीप ने आज ऑनलाइन क्यूआर कोड का विमोचन किया जिसके जरिए विश्व के दूरदराज हिस्सों में बैठे श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार ऑनलाइन दान राशि दे सकेंगे।

यह नवाचार कर ब्रह्मा मंदिर की आय बढ़ाने का रास्ता खोला गया है। ब्रह्मा मंदिर में रखे दानपात्रों से सालाना लाखों में राशि निकलती है लेकिन अब ऑनलाइन दान की व्यवस्था से इसमें दोगुना से ज्यादा दान राशि प्राप्त होने की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि ब्रह्मा मंदिर के महंत सोमपुरी की 2017 में मृत्यु के बाद से मंदिर का प्रबंधन प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ में है। महंत सोमपुरी के समय और उससे पहले भी महंत लहरपुरी के गद्दी पर रहते चढ़ावे राशि का आंकड़ा बहुत कम हुआ करता था। प्रशासनिक प्रबंधन से राशि में इजाफा हुआ है।

उल्लेखनीय है कि ब्रह्मा मंदिर गद्दी को पिछले छह सालों से महंत के रूप में उत्तराधिकारी की प्रतीक्षा है। यहां के धार्मिक कामों एवं अन्य प्रबंधों का पहले भी महंतों के माध्यम से ही संचालन होता आया है।

लोहड़ी मनाकर लौट रहे परिवार की कार दुर्घटनाग्रस्त, 5 की मौत

संगरूर। पंजाब के सुनाम में लोहड़ी मनाकर लौट रहे एक परिवार की कार आज दुर्घटनाग्रस्त हो गयी जिसमें तीन महिलाओं और एक बच्चेे सहित पांच लोगों की मौत हो गई तथा एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

पुलिस ने बताया कि गांव कोठे आला सिंह के निवासी जसप्रीत सिंह (23) का परिवार रिश्तेदारी में आयोजित लोहड़ी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे, जब गांव चट्टा ननहेडा और छाहड़ के बीच नहरी पानी की टंकी से कार टकराकर पलट गई।

दुर्घटना में जसप्रीत सिंह, उनकी मां चरणजीत कौर, रिश्तेदार वीरपाल कौर (28), परमजीत कौर (55) और 6 वर्षीय बच्चे जपजौत सिंह की मौत हो गई। सिमरजीत कौर (42) दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुई हैं और उन्हें पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में रेफर किया गया है।

मकर संक्रांति पर्व से जुडी धार्मिक व सामाजिक मान्यताएं

अजमेर। मकर संक्रांति को सूर्य उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। इस बार 14 जनवरी 2023 को रात को 8 बजकर 43 मिनट पर सूर्य का मकर राशि मे प्रवेश होगा तथा 15 जनवरी 2023 को पुण्यकाल होगा।

मकर राशि का सूर्य मानव व जीव जगत में नई ऊर्जा का संचार करता है और बंसत ऋतु के आगमन की सूचना देता है। वर्ष 2023 में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को रात 8 बजकर 43 मिनट पर होगा। मकर संक्रांति का पुण्य काल अगले दिन 15 जनवरी को सूर्योदय से दिन को 12 बजकर 45 मिनट तक श्रेष्ठ माना गया है।

संक्रांति के दिन माघ मास कृष्ण पक्ष सप्तमी शनिवार रहेगा। ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओ के अनुसार इस संक्रान्ति का वाहन बाघ तथा उप वाहन अश्व रहेगा और माली के घर प्रवेश करेगी।

ग्रहों एवं नक्षत्रों का हमारे जीवन पर विशेष प्रभाव पडता है। इनकी गति स्थिति, उदय अस्त और वक्री मार्गी होने का अलग अलग प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। पृथ्वी अपने अक्ष व कक्ष दोनों पर नियमित भ्रमण करती है। अक्ष पर भ्रमण करने के दिन ओर रात होते हैं और कक्ष पर भ्रमण करने के कारण ऋतु परिवर्तन होता है।

यह भी जानते हैं कि पृथ्वी वर्ष में सूर्य की एक परिक्रमा पूरी कर लेती है जो वार्षिक गति कहलाती है। इस वार्षिक गति के आधार पर मास की गणना की जाती है। अयन गणना अर्थात जब सूर्य की गति दक्षिण से उतर की ओर होती है, इसे उतरायन सूर्य कहा जाता है तथा उतर से दक्षिण होने पर दक्षिणायन सूर्य कहा जाता है।

सूर्य जब अपनी कक्षा परिवर्तित करता है तो उसे संक्रमण काल कहा जाता है। इसी क्रम में 14 जनवरी को सूर्य दक्षिणायन से उतरायन होकर मकर राशि में प्रवेश करता है, इस कारण ये दिन मकरसंक्रांति के रूप में माना जाता है।

मकर राशि में सूर्य का प्रवेश व सूर्य की गति का उत्तरायन होना वैदिक धर्म शास्त्र के अनुसार शुभ माना जाता है क्योंकि देवी देवताओं का प्रवेश उतरी गोलार्द्ध में माना जाता है।

सूर्योत्सव के रूप में उत्सव के रूप में मनाए जाने वाला यह पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का द्योतक है। सूर्य के उतरायन होने से रात्रि काल घटने लगता है, दिन काल बढ़ने लगता है जिससे पृथ्वी पर प्रकाश की वृद्धि होतीं हैं और व्यक्ति की कार्य दक्षता में वृद्धि भी होती हैं।

मकर संक्रांति पर नदियों पर स्नान, दान पुण्य, गाय को चारा खिलाना आदि का अपना विशेष पौराणिक महत्व है। इस दिन तिल दान, हवन यज्ञ, तर्पण कर्म आदि का विशेष महत्व है। हिन्दु परम्परा में मकर संक्रांति महत्ता हासिल है।

पौराणिक ओर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों में इस दिन समस्त देवी देवता अपना स्वरूप बदल कर स्नान करने को आते हैं। मान्यतानुसार इस दिन कंबल, घी,द तेल और तिल के लड्डू, घेवर, मोतीचूर के लड्डू तथा ऊनी वस्त्र कपास व नमक दान का विशेष महत्व माना जाता है। नई फ़सल चावल, दाल व तिल को घर में लाया जाता है और भगवान के अर्पण किया जाता है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से मल मास समाप्त हो जाता है।

मकर संक्रांति के दिन सूर्य व चन्द्रमा व अन्य ग्रहों के आधार पर वर्षभर की भविष्यवाणी की जाती हैं। तमिल पंचांग का नया वर्ष भी इसी दिन से शुरू होता है। अलग अलग राज्यों व समाज की मान्यता के अनुसार इस पर्व को विभिन्न रूपों में मनाया जाता है।

राजस्थानी मान्यता के अनुसार इस दिन स्त्रियां घेवर, मोतीचूर के लड्डू, तिल के लड्डू अपनी सांस को भेंट करती हैं साथ ही चौदह वस्तुओं का दान करतीं हैं। दक्षिण भारत में इसे पोंगल नाम से जाना जाता है तो असम में इसे बिहू त्योहार के रूप में पूजा जाता हैं।

उतर प्रदेश में इसे खिचड़ी पर्व के रूप में मानकर खिचड़ी व तिल दान करने की प्रथा है। बंगाल में इस दिन तिल दान का विशेष महत्व है तो महाराष्ट्र में तेल, कपास व नमक दान किया जाता है। पंजाब में इसे लोहडी पर्व के रूप में माना जाता है। अपने अपने धर्म की मान्यता अनुसार इस पर्व को विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। सुहागिन स्त्री सुहाग की समस्त सामग्री के 13 जोड़ी लेकर कलपती है। कहीं कहीं देवताओं के लिए एक पृथ्क रख कर 14 जोड़ी मानतीं है।

मकर संक्रांति के दिन बंगाल में विश्व प्रसिद्ध गंगा सागर का मेला लगता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा जी को धरती पर भागीरथ लेकर आए थे। भागीरथ के पीछे पीछे चलती गंगा नदी कपिल मुनि के आश्रम पहुंची और सागर में मिल गई। गंगा के पावन जल से राजा सागर के साठ हजार पुत्रों का उद्धार हुआ और उन्हें श्राप से मुक्ति मिली। गुजरात व महाराष्ट्र मे इस दिन रंगोली बनाई जाती है।

मकर संक्रांति ऋतु परिवर्तन की सूचक है जो बंसत ऋतु आगमन की सूचना देती है। मान्यताएं और विश्वास चाहे कोई माने या नहीं लेकिन मकर संक्रांति का सूर्य मानव व जीव जगत में नई ऊर्जा का संचार करता है तथा कार्य क्षमता को बढाता है। हालांकि इस शिशिर ॠतु का जाता हुआ अंतिम चरण महावट की वर्षा से एकदम सर्दी बढा देता है। ओलावृष्टि, हिमस्खलन, बर्फीली हवा और समुद्री क्षेत्र में तूफान उठा देता है और बंसत ऋतु से आने के पहले मौसमी बीमारियों को बढा देता है।

मानव मकर संक्रांति ओर शिशिर ऋतु के अंतिम प्रहार से सावधानी बरत। खान पान और गर्म वस्त्रों का इस्तेमाल कर, यथा संभव गरीब तबको की इससे मदद कर। बंसत अभी दूर है और शिशिर ऋतु के प्रकोप अभी भी जारी है। लोहिडी पर्व और मकर संक्राति पर्व की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं।

ज्योतिषाचार्य भंवरलाल
जोगणियाधाम, पुष्कर

व्यापारियों ने बन्द किया सिरोही बाजार बंद, व्यापारी पहुंचे कलेक्ट्रेट ग्राहक पहुंचे यहाँ

सिरोही बन्द के दौरान बैठक करते व्यापारी

सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही में लगाये गए ट्रेड फेयर को लेकर सिरोही व्यापार महासंघ से जुड़े संगठनों ने सिरोही बन्द का आव्हान किया। इसे देखते हुए मकर संक्रांति को लेकर खरीदारी को आसपास के गांवों से आये लोग इसी मेले में जाकर खरीदारी करने लगे। बाद में उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इस पर जिला कलेक्टर के आदेश पर उपखण्ड अधिकारी सीमा खेतान और तहसीलदार  मेले के निरीक्षण पहुंची को पहुंची।
-ये थी मांगें
व्यापारियों की मांग थी कि प्रशासन वर्तमान मेले को चलने देवे लेकिन, इस बात को लेकर आश्वस्त करे कि आगे से सिरोही में ट्रेड फेयर लगाने के लिए स्थानीय व्यापार मंडल को विश्वास में लेगा। उनका कहना था कि खेल मैदान बच्चों के खेलने के लिए काम आता है इसलिए उन्हें किसी ट्रेड फेयर के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाए। इससे पहले व्यापार संघ के कुछ प्रतिनिधियों ने मेले के दौरान स्थानीय बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत भी की थी। इन सभी मांगों और शिकायतों को लेकर उपखण्ड अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान वहां आई स्कूली बच्चियों से भी बात की कि उनसे कोई व्यक्ति दुर्व्यवहार कर रहा है या नहीं।

सिरोही में बन्द किया गया बाजार।

– इसलिए लगते हैं ट्रेड मेले
सिरोही नहीं राज्य और देश में भी ट्रेड मेलों को लेकर कुछ संगठनों से जुड़े स्थानीय व्यापारियों ने इस तरह की आपत्ति दर्ज करबाते रहे हैं। लेकिन, इन आपत्तियों को कभी इसलिए तरजीह नहीं दी गई कि ये संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
दरअसल,संविधान का आर्टिकल 19 भारत के नागरिक को उसकी जीविका चलाने का अधिकार देता है। वो भारत के किसी भी क्षेत्र में कानून सम्वत कार्यों को करके आजीविका चला सकता है। इसी अधिकार के तहत सिरोही के प्रवासी दूसरे राज्यों में जाकर अपना व्यापार कर पा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी दूसरी जगह जाकर व्यवसाय में करने के अधिकार को आर्टिकल 19 के तहत जायज माना है।

इसलिये ट्रेड मेला नहीं लगाने की मांग को लेकर यदि सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे तो उन्हें संरक्षण नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं संवैधानिक प्रावधानों को लागू करने का अधिकार के लिए एग्जीक्यूटिव्स को दिया गया है। इसलिए उन्हें इसके लिए किसी निजी संस्था से अनुमति या सहमति लेने की आवश्यकता भी नहीं है।

सिरोही में इसी तरह की आपत्ति 10 साल पहले भी की गई थी और सड़क पर व्यवसाय करने वाले वेंडर्स के खिलाफ भी किये थे।सिरोही के ठेले वालों को बाजार में चिन्हित नो वेंडिंग जोन से वेंडिंग जोन में भेजने के प्रशासनिक आदेश पर रोक लग पाई थी। जिस दिन आर्टिकल 19 के तहत वेंडरों का अधिकार छीन लिया गया उसके सबसे पहला शिकार सिरोही समेत देश के अन्य इलाकों में ठेले पर व्यवसाय करने वाले होंगे। फिर ये मेला तो वैसे भी मुख्य बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाके से दूर लगा हुआ है।
इसी तरह दूसरी मांग स्कूली मैदान को इस्तेमाल नहीं करने की अनुमति का है। इसे लेकर भी एक दशक पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने दौसा के एक जनप्रतिनिधि द्वारा स्कूल मैदान को किसी आयोजन के लिये नहीं दिए जाने की जनहित याचिका लगाई थी।
करीब 5 सालों तक हाइकोर्ट के आदेश पर इस पर रोक रही। लेकिन, बाद में न्यायालय ने निर्णय दिया कि स्कूल मैदानों से होने वाली आय का इस्तेमाल सबसे पहले मैदान को आयोजन से हुए नुकसान से दुरुस्त करने के लिये किया जाएगा। इसके बाद अन्य कामों में लिया जाएगा। फिर न्यायालय ने ही खेल मैदानों को विद्यालयों की निजी आय के लिए अनुमत कर दिया।
-बन्द की वजह से मेले में पहुंचे लोग
व्यापारियों ने गाहे-बगाहे ही इस बन्द से उन लोगों को भी सिरोही के एक कोने में लगे मेले की ओर भेज दिया जिन्हें इसके बारे में मालूम नहीं था। आबूरोड से आये एक उपभोक्ता ने बताया कि वो सिरोही काम से आये थे। बाजार बंद मिला। कारण पूछा तो बताया कि मेले के विरोध में बाजार बन्द है। ये सुनकर वो भी पता पूछते हुए रावण दहन मैदान में लगे मेले में आ गए। यहां घूमने में खरीदारी करने में उन्हें डेढ़ घण्टा लग गया। इसी तरह ग्रामीणों ने बताया कि ये हमारी पसंद है कि हम कहाँ से खरीदारी करें। जहाँ दो पैसे बचेंगे औऱ ज्यादा विकल्प मिलेंगे वहां जाएंगे।

अजमेर उर्स 2023 : 2 जोड़ी उर्स स्पेशल रेलेसवाओं का संचालन

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अजमेर। रेलवे प्रशासन द्वारा अजमेर में आयोजित 811 वें उर्स मेले में यात्रियों की सुविधा हेतु अजमेर-बरेली-अजमेर (01 ट्रिप) व मदार-भोपाल-मदार (01 ट्रिप) उर्स स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन किया जा रहा है।

1. अजमेर-बरेली-अजमेर उर्स स्पेशल रेलसेवा (01 ट्रिप)

गाडी संख्या 09653 अजमेर-बरेली उर्स स्पेशल रेल सेवा दिनांक 27.01.23 शुक्रवार को अजमेर से 18.15 बजे रवाना होकर शनिवार को 09.00 बजे बरेली पहुचेगी। इसी प्रकार गाडी संख्या 09654 बरेली-अजमेर उर्स स्पेशल रेल सेवा दिनांक 28.01.23 शनिवार को बरेली से 12.00 बजे रवाना होकर रविवार को 02.50 बजे अजमेर पहुचेगी। यह रेलसेवा मार्ग में मदार, किशनगढ, जयपुर, बांदीकुई, अलवर, रेवाड़ी, दिल्ली व मुरादाबाद स्टेशनों पर ठहराव करेगी।

2. मदार-भोपाल-मदार उर्स स्पेशल रेल सेवा (01 ट्रिप)

गाडी संख्या 09651 मदार-भोपाल उर्स स्पेशल रेल सेवा दिनांक 29.01.23 रविवार को मदार से 06.25 बजे रवाना होकर 20.20 बजे भोपाल पहुचेगी। इसी प्रकार गाडी संख्या 09652 भोपाल-मदार उर्स स्पेशल रेल सेवा दिनांक 29.01.23 रविवार को भोपाल से 21.05 बजे रवाना होकर सोमवार को 12.35 बजे मदार पहुचेगी। यह रेलसेवा मार्ग में अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तोड़गढ, नीमच, मंदसौर, रतलाम व उज्जैन स्टेशनों पर ठहराव करेगी।

अहमदाबाद-योगनगरी ऋषिकेश-अहमदाबाद ट्रेन का सोमेसर स्टेशन पर ठहराव

रेलवे प्रशासन द्वारा रेल यात्रियों की सुविधा हेतु अहमदाबाद-योगनगरी ऋषिकेश-अहमदाबाद रेलसेवा का दिनांक 13.01.23 से सोमेसर स्टेशन पर ठहराव दिया जा रहा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार गाडी संख्या 19031, अहमदाबाद-योग नगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक 13.01.23 से सोमेसर स्टेशन पर 17.10 बजे आगमन एवं 17.12 बजे प्रस्थान करेगी। इसी प्रकार गाडी संख्या 19032, योगनगरी ऋषिकेश-अहमदाबाद एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक 13.01.23 से सोमेसर स्टेशन पर 08.16 बजे आगमन एवं 08.18 बजे प्रस्थान करेगी।

नोट : उपरोक्त रेलसेवा का ठहराव छह माह के लिए दिया जा रहा है, जिसे समीक्षा पश्चात् बढाया भी जा सकता है।

भीलवाड़ा : पिकअप के कुचलने से दो कॉलेज छात्राओं की मौत

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बडलियास थाना क्षेत्र में चावंडिया गांव पिकअप के कुचलने से दो कॉलेज छात्रा की मौत हो गई।

थानाधिकारी शिव चरण के अनुसार चावंडिया गांव की रहने वाली छात्रा गायत्री पुरोहित 18 वर्ष एवं खुशबू पुरोहित 18 वर्ष दोनों को कॉलेज जाने के लिए हाइवे तक ड्रॉप करने परिवार का ही शुभम बाइक लेकर गया था।

गायत्री एवं खुशबु को शुभम ने हाइवे स्थित चावंडिया चौराहे पर ड्रॉप किया, तभी बीगोद की ओर से तेज रफ्तार पिकअप आई। पिकअप ने दोनों स्टूडेंट्स के साथ ही बाइक सवार शुभम को चपेट में ले लिया। इससे दोनों स्टूडेंट्स गायत्री एवं खुशबु की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि शुभम घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।

उधर, हादसे के बाद चालक पिकअप को छोड़कर भाग छूटा। वहीं दूसरी और हादसे की खबर से चांवडिया में शोक छा गया। बड़ी संख्या में लोग हाइवे पर पहुंच गये और मृत आश्रितों के लिए मुआवजे की मांग करने लगे। उधर, दूसरी और गायत्री व खुशबु की मौत की खबर जैसे ही चावंडिया पहुंची, परिजनों की चीत्कार फूट पड़ी।

सूचना पर डीएसपी पवन भदौरिया, थाना प्रभारी शिवचरण मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश कर शांत करवा दिया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

मारूति ने लॉन्च की फ्रोंक्स और जिम्नी, बुकिंग शुरू

ग्रेटर नोएडा। यात्री वाहन बनाने वाली कंपनी मारूति सुजुकी इंडिया ने आज भारतीय बाजार में अपनी बहु प्रतीक्षित पांच डोर वाली एसयूवी जिम्नी के साथ ही बलेनो पर आधारित स्पोर्टी एसयूवी फ्रोंक्स को लाँच करने की घोषणा के साथ ही इन दोनों की आज से ही बुकिंग भी शुरू कर दी है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ हिसाशी टेकेयूची ने 16वें ऑटो एक्सपाे के दूसरे दिन आज इन दोनों एसयूवी को लॉंच किया। जिम्नी के महिंद्रा की लोकप्रिय ऑफरोडर एसयूवी थार को कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है क्योंकि सुजुकी कार्पोरेशन इसको दुनिया के 190 से अधिक देशों में पहले से बेच रही है और अब इसको भारतीय बाजार में उतारी है।

उन्होंने कहा कि इन दोनों वाहनों में सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। फ्रोंक्स में छह एयरबैग दिये गये हैं साथ ही सुरक्षा के लिए आवश्यक अन्य सभी फीचर भी हैं।

उन्होंने कहा कि फ्रोंक्स की बुकिंग शुरू हो चुकी है और 11 हजार रुपए में इसे बुक किया जा सकता है। इसको दो इंजन विकल्पों में उतारा जा रहा है जिसमें 1.0 लीटर और 1.2 लीटर इंजन शामिल है। जिम्नी में 1.5 लीटर का के 15 बी पेट्रोल इंजन है। इसकी बिक्री कंपनी मई 2023 में शुरू करने वाली है। इसमें छह एयरबैग दिये गये हैं।

टेकेयूची ने इन दोनों एसयूवी के बल पर भारत में इस श्रेणी के वाहन बाजार में अगले वित्त वर्ष में अव्वल स्थान हासिल करने की उम्मीद जताते हुए कहा कि दुनिया के 199 देशों में जिम्नी पहले से बिक रही है और अब तक 32 लाख से अधिक जिम्नी सड़कों पर उतर चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय ग्राहकों को यह अधिक पंसद आने वाली एसयूवी होगी क्योंकि यह फोर व्हील ड्राइव वाहन है।

कोटा में ट्रेन की चपेट में आने से 3 युवकों की मौत

कोटा। राजस्थान में कोटा के नयापुरा थाना क्षेत्र में आज तड़के यात्री गाड़ी की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि यह तीन युवक लोहे की चोरी की नीयत से रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे जहां कोहरे की वजह से ट्रेन की चपेट में आ जाने से उनकी मौत हो गई।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आज तड़के कोटा के नयापुरा थाना क्षेत्र के बोरखेड़ा इलाके में रेलवे ओवर ब्रिज के पास तीन युवकों के शव पड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस दल मौके पर पहुंचा और प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि आज तड़के करीब 4 बजे मुंबई से नई दिल्ली की ओर जा रही यात्री गाड़ी राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से इन तीनों युवकों की मौत हुई है।

सूत्रों ने बताया है कि जिस स्थान पर तीनों युवकों के शव पड़े थे, उसके आसपास लोहे के सरिए और लोहे की अन्य वस्तुएं बिखरी पड़ी थी, जिसके आधार पर पुलिस यह अनुमान लगा रही है कि तीनों युवक संभवत लोहे की चोरी की नीयत से रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे और इसी दौरान यात्री गाड़ी आ गई जिसे वे गहरे कोहरे के कारण देख नहीं पाए और उसकी चपेट में आने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक युवकों में से एक की पहचान कोटा जिले के सुल्तानपुर निवासी जगदीश मीणा के रूप में हुई है, जिसका लोहा चोरी का पुराना अपराधिक रिकार्ड भी रहा है। शेष दो मृतकों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस उनकी शिनाख्तगी का प्रयास कर रही है। तीनों मृतकों के शवों को कोटा के एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।

इस बीच सूचना दिए जाने के बाद जिले के सुल्तानपुर से मृतक जगदीश मीणा का भाई मुकेश मीणा कोटा पहुंच गया है और उसने पुलिस को बताया है कि मृतक कोटा में ही रहता था और क्या काम करता था, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन वह शराब पीने का आदी था और कभी-कभार ही अपने पैतृक कस्बे सुल्तानपुर आता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दिल्ली में महिला की हत्या कर कब्रिस्तान में दफनाने के मामले में 3 अरेस्ट

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई इलाके में 54 वर्षीय महिला की कथित तौर पर हत्या करने और उसके शव को दफनाने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम ने तीन लोगों के अलावा कब्रिस्तान की देखरेख करने वाले एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है, जिसने आरोपियों को रात में शव दफनाने की अनुमति दी और रजिस्टर में कोई नाम नहीं दर्ज नहीं करने के बदले में पांच हजार रुपए की कथित रिश्वत ली।

उन्होंने बताया कि तीनों आरोपियों में से एक मोबिन नाम का शख्स है जो ऑटो चालक है, दूसरा नवीन एक दर्जी है और तीसरा रेहा एक नाई है। अधिकारी ने बताया कि महिला दो जनवरी से लापता थी और इस संबंध में मंगोलपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद महिला की तलाश शुरू की गई थी।

पुलिस ने कहा कि पूछताछ के दौरान पता चला कि वह माइक्रो फाइनेंसर थी और रोजाना के आधार पर पश्चिमी दिल्ली में फेरीवालों को कर्ज देती थी। बताया जाता है कि आरोपियों ने महिला से कुछ कर्ज लिया था। महिला आरोपियों से रुपए वापस मांग रही थी, जिसके कारण उन्होंने उसकी हत्या कर दी।

उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों ने महिला से संपर्क किया, तो उसका फोन लगातार बंद आ रहा था और सीसीटीवी फुटेज से भी कुछ नहीं निकला। इसलिए, सात जनवरी को मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।

पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता को आखिरी दो कॉल करने वालों की लोकेशन एक ही मिली। उन्होंने दावा किया कि इस आधार पर मोबिन से पूछताछ की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला, लेकिन एक अन्य संदिग्ध नवीन, जिसने पहले इस संबंध में जमानत याचिका दायर की थी, बुधवार शाम को जांच में शामिल हुआ और उसने स्वीकार किया कि वे इस मामले में कथित रूप से शामिल थे।

नवीन से मिली जानकारी के आधार पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया और उचित प्रक्रिया के बाद अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया ऑटो भी बरामद कर लिया गया। मृतका का शरीर कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आगे की जांच जारी है।