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भीलवाड़ा : नाबालिग से रेप के दोषी को 20 वर्ष का कारावास

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाडा में विशिष्ट न्यायाधीश (पोक्सो 1) देवेंद्र सिंह नागर ने बुधवार को एक अहम फैसले में नाबालिग से दुष्कर्म के एक आरोपी को 20 वर्ष का कारावास की सजा सुनाई।

विशिष्ट लोक अभियोजक हर्ष राका ने बताया कि सुभाष नगर थाने में 10 नवंबर 2020 को एक महिला ने रिपोर्ट पेश की गई उसकी नाबालिग पुत्री जो रात 8 बजे किसी काम से घर से निकली थी जो लौटकर नहीं आई। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान किया।

पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर उसके बयान दर्ज किए। नाबालिग ने भीलवाड़ा के ही चेतन रावत पर उसे अगवा कर रेप करने का आरोप लगाया। पुलिस ने इस मामले में चेतन रावत को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश की। सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक रांका ने 18 गवाहों के बयान करवाते हुए 34 दस्तावेज पेश कर चेतन पर लगे आरोप सिद्ध किए।

बुधवार को मामले में सुनवाई पूरी होने पर विशिष्ट न्यायाधीश ने अहम फैसले में आरोपी चेतन रावत को नाबालिग को बहला-फुसलाकर अगवा कर ले जाने और दुष्कर्म के आरोप में 20 साल की सजा और 20000 के जुर्माने से दंडित किया।

ख्वाजा के सालाना उर्स 18 जनवरी को झंडे की रस्म के साथ होगा आगाज

अजमेर। राजस्थान में अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 811वे सालाना उर्स ’ उर्स मेला 2023 का 18 जनवरी को चढ़ने जा रहे झंडे की रस्म के साथ ही आगाज हो जाएगा।

अजमेर कलक्टर ने आज जिलाधीशालय सभागार में उर्स मेले की तैयारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न विभागों को सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने बताया कि उर्स में भारतीय रेल द्वारा 32 से अधिक ट्रेनें उपलब्ध रहेगी जिनमें से कुछ विशेष ट्रेनें होंगी। साथ ही रोडवेज द्वारा जायरीन के लिए पचास से अधिक रोडवेज बसें रिजर्व रहेंगी। आठ डिस्पेंसरियां चिकित्सा व्यवस्था में चौबीस घंटे संचालित की जाएगी। दरगाह क्षेत्र के स्थापित सभी कैमरे कार्यशील रहेंगे तथा लोकल टैम्पो किराए की निर्धारित दरें मुख्य स्थानों पर चस्पा की जाएंगी ताकि जायरीन को सुविधा रहे।

जिलाधीश शक्तियों का उर्स मेले का सार्वजनिक अवकाश 27 जनवरी को रहेगा। बैठक में पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी, दरगाह कमेटी के सहायक नाजिम डॉ. मोहम्मद आदिल, अंजुमन सदर गुलाम किबरिया, सचिव सरवर चिश्ती भी मौजूद रहे।

अंजुमन सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने बताया कि 22 जनवरी को चांद रात होगी और 23 जनवरी को सालाना उर्स का विधिवत आगाज होगा। इस दौरान जन्नती दरवाजा भी खोला जाएगा और उर्स के मुबारक मौके पर तीन गुस्ल की रसूमात अदा की जाएगी।

अजमेर में नगर निगम बोर्ड की बैठक 12 जनवरी को

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अजमेर। राजस्थान के अजमेर में नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी बोर्ड की महापौर बृजलता हाडा के नेतृत्व में 12 जनवरी को दूसरी साधारण सभा आयोजित होगी।

निगम आयुक्त सुशील कुमार के अनुसार साधारण सभा में 405 करोड़ रुपए के बजट प्रस्ताव को पेश किया जाएगा। बैठक के लिए जारी एजेंडे में 22 प्रस्तावों को शामिल किया गया है जिनमें से पार्षदों के वेतन की वृद्धि का प्रस्ताव भी शामिल हैं।

हर साल सालाना उर्स में सड़क, पानी, बिजली व्यवस्थाओं पर खर्च के लिए अनुदान राशि का अनुमोदन प्रस्तावित है जो कि डेढ़ करोड़ से ज्यादा का है। खास बात यह है कि एजेंडे में कचरा संग्रहण शुल्क (यूजर चार्जस) विषयक प्रस्ताव को शामिल नहीं किया गया है।

जैसलमेर में हेलीकॉप्टर एडवंचर जॉय राईड्स का संचालन अस्थाई रूप से बंद

जैसलमेर। राजस्थान मे जैसलमेर के विश्व विख्यात सम के रेतीले धोरों पर गत 27 दिसंबर से शुरु हुई हेलीकॉप्टर एडवंचर जॉय राईड्स का संचालन मंगलवार से अस्थाई तौर पर बंद हो गया।

बताया जाता हैं कि इस जॉय राईड्स का संचालन द ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के ब्रिडिंग एवं कन्जरवेशन सेंटर के नजदीक करने तथा संचालकों द्वारा वन विभाग से किसी प्रकार की पर्यावरण स्वीकृति एवं अन्य वन्यजीव स्वीकृति लिएबिना ही संचालन करने पर वन विभाग की आपत्ति के बाद संचालकों द्वारा अस्थाई रुप से इसका संचालन रोका गया हैं।

संचालकों द्वारा अब उड़ान के नए रुट के तहकीकात की जा रही हैं। वन विभाग द्वारा जिला प्रशासन को एक पत्र लिखकर आग्रह किया गया हैं कि इस जॉय राईड के संचालकों को राष्ट्रीय मरु उद्यान एवं ईको सेन्सिटिव जोन से बाहर संचालित करने के लिए पाबंद कराएं। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा नए उड़ान क्षेत्र के संबंध में जांच पड़ताल शुरु की गई हैं।

वहीं दूसरी तरफ यह भी जानकारी मिली हैं कि क्रिसमिस न्यू ईयर पर आए सैलानियों की भारी भरकम भीड़ अब कम होने लगी हैं, इसके कारण जॉय राईड के लिए उतने पैसेंजर्स नहीं मिल पा रहे थे जिसके कारण जॉय राईड के संचालक अस्थाई तौर पर इसे बंद करने के लिए इसे विचार कर रहे थे।

गौरतलब हैं कि जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में अभी तक ईको सेन्सिटिव जोन नोटिफाई नहीं हो पाया हैं। डेजर्ट नेशनल पार्क से सुप्रीम कोर्ट की गाईड लाईन के मुताबिक 10 किलोमीटर की दूरी में ईको सेनिस्टिव जोन होता हैं, इसे बदलकर 1 किलोमीटर क्षेत्र की दूरी पर निर्धारित करने प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार को भिजवाए गए हैं लेकिन अभी तक इसमें कोई निर्णय नहीं हो पाया हैं।

राजस्थान कांग्रेस ने नियुक्त किए सौ ब्लॉक अध्यक्ष

जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस ने आज सौ ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की है। प्रदेश कांग्रेस ने करीब ढाई साल से खाली चल रहे संगठन के पदों पर अब यह नियुक्तियों की शुरुआत की है और सौ ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई।

बीकानेर और झुंझुनूं जिले में आठ-आठ, अलवर, बाड़मेर, बारां एवं दौसा में छह-छह, बांसवाड़ा,भरतपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, कोटा, नागौर, सीकर एवं उदयपुर में चार-चार तथा बूंदी, धौलपुर, डूंगरपुर, गंगानगर, जालोर, सवाईमाधोपुर, सिरोही एवं टोंक जिले में दो-दो ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।

इन नियुक्तियों पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने सभी नवनयुक्त ब्लॉक कमेटियों के अध्यक्षों को हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि ये सभी अपनी इस नई ज़िम्मेदारी का पूरे समर्पण से निर्वह्न कर पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 100 ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। डोटासरा ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि ये सभी इस ज़िम्मेदारी का पूरी लगन और मेहनत से निर्वह्न कर संगठन को और अधिक मज़बूत करेंगे।

ब्रह्मा बाबा की समाधि पर राष्ट्रपति मुर्मू ने अर्पित किया पुष्पचक्र

माउंट आबू। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने आज यहां ब्रह्माकुमारी संगठन के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्माबाबा के समाधिस्थल शांतिस्तंभ पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

मुर्मू ने संगठन के संस्थापक ब्रह्मा बाबा की तपस्यास्थली कुटिया, बाबा का ध्यानकक्ष, ऐतिहासिक सभागृह बारीकी से अवलोकन किया। बाबा की समाधि शांति सतंभ पर मानवीय कल्याण को अंकित महावाक्यों का अध्ययन कर दो मिनट मौन रहकर ध्यानयोग किया।

मुर्मू ने इस अवसर पर अपने जीवन में आई चुनौतियों से सीखकर आगे बढऩे के अनुभव सांझा करते हुए कहा कि जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने महसूस किया कि मुश्किलों के दौर में परमात्मा हर एक की मदद करता है। कभी भी अकेले नहीं छोड़ता बशर्ते सर्वशक्तिमान परमात्मा पर अटूट विश्वास अटल निश्चय बना रहे।

हर समय परमपिता परमात्मा का साथ और वरदानी हाथ अपने सिर पर अनुभव करते रहने से जीवन में आने वाली कठिनाईयों का सुगमतापूर्वक समाधान मिलता है। जिसका उन्हें अपने दैनिक जीवन में एक नहीं अनेकों अनुभव प्राप्त हैं।

मुर्मू ने ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में पीस कॉटेज के सामने पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत डॉ. ऐपीजे अब्दुल कलाम एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदि विभिन्न अतिविशिष्ट लोगों की ओर से लगाए गए पौधे जो आज वृक्ष का रूप धारण कर चुके हैं उनके समीप ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन लंबी आयु के लिए स्वच्छ पर्यावरण की नितांत आवश्यकता है। जिसके लिए लोगों को अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होना चाहिए।

इससे पूर्व मुर्मू ने अलसुबह तीन बजे उठकर अपने आवासस्थल पीस कॉटेज में बने मेडिटेशन रूम में सहज राजयोग, ध्यान का अभ्यास किया। मेडिटेशन करने के बाद उन्होंने संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका डॉ. निर्मला दीदी से ईश्वरीय महावाक्यों का श्रवण किया। जिसके बाद ज्ञान सरोवर परिसर में नियमित आयोजित होने वाली प्रातःकालीन सभा में शामिल हुई।

इस अवसर शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला, सचिव राजेश वर्मा, प्रेजीडेंट के मिलट्री सेक्रेटरी मेजर जनरल आरएस मनराल, प्रेस सेक्रेटरी अजय कुमार, अतिरिक्त प्रेस सचिव विजय कुमार नायक, कैप्टन (आईएन) आरएस रंधावा, निजी सचिव संपदा मेहता, फिजिशियन डॉ. समीक्षा जैन, जिला परिषद अधिकारी शुभमंगला, कलक्टर भंवर लाल, एसपी ममता गुप्ता, उपखंड अधिकारी राहुल जैन सहित बड़ी संख्या में संस्था के सदस्य व अधिकारीगण मौजूद थे।

बांदा में 5 साल की बच्ची से रेप और हत्या के आरोपी को फांसी की सजा

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की एक अदालत ने बुधवार को पांच वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपी चचेरे बाबा को फांसी की सजा सुनायी।

अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट की अदालत ने फांसी और जुर्माने की सजा सुनाई। विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम ने बताया कि 18 अप्रैल 2021 को मरका थाना के समगरा गांव निवासी राम बहादुर प्रजापति अपनी पांच वर्षीया चचेरी नातिन को बिस्कुट खिलाने के बहाने अपने घर फुसला कर ले गया था। जहां उसने बलात्कार के बाद उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी और शव को कमरे में छुपा दिया था।

घटना की सूचना पर मौके में पहुंची पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी में आरोपी रामबहादुर के घर के कमरे में छिपा बच्ची का शव बरामद हुआ। पुलिस ने घटना का मुकदमा आरोपी के विरुद्ध दर्ज कर विवेचना शुरु की और प्रमाणिक तथ्यों का संकलन किया और 42 दिन में 31 मई. 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

मामले में अभियोजन पक्ष ने छह गवाह न्यायालय में पेश किया जिसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट विशेष अनु सक्सेना की अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पिछली 23 दिसंबर को आरोपी राम बहादुर प्रजापति को दोषी ठहरा कर सजा सुनाने की तिथि चार जनवरी मुकर्रर की थी। पॉक्सो एक्ट की अदालत ने बुधवार को आरोपी रामबहादुर प्रजापति को मृत्युदंड के साथ दो लाख 70 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

कश्मीर में कड़ाके की ठंड जारी, डल झील में जमी बर्फ

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में हाड़ कपाने वाली ठंड जारी है और श्रीनगर तथा कश्मीर घाटी के अन्य प्रमुख हिस्सों में रात के तापमान में और गिरावट आने से डल झील के अधिकांश हिस्सों एवं अन्य जलाशयों में पानी जम गया है।

श्रीनगर में कल रात का न्यूनतम न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुलमर्ग को छोड़कर पूरे क्षेत्र में न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण श्रीनगर और अन्य जगहों पर स्थित जलाशयों में बर्फ की मोटी परत जम गई। जिन जलाशयों में बर्फ की परत जमी हैं, उनमें चुंटी खुल सहित प्रसिद्ध डल झील भी शामिल है।

मौसम विभाग ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से शून्य से नीचे 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इससे पिछली रात तापमान शून्य से नीचे 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सीजन की इस अवधि के दौरान यह तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस कम है।

वहीं, दक्षिण कश्मीर में पहलगाम पर्यटन स्थल कश्मीर घाटी में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिछली रात तापमान शून्य से नीचे 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग में बुधवार को न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि एक दिन पहले यह तापमान शून्य से 9.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था।

दक्षिण कश्मीर में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कोकेरनाग में आज न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 3.8 डिग्री सेल्सियस रहा है।

वहीं, कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान पिछले दिन के शून्य से नीचे 5.3 डिग्री की तुलना में शून्य से नीचे 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो इस मौसम के सामान्य से 3.5 डिग्री कम है।

मौसम विभाग ने जम्मू -कश्मीर में 07 जनवरी की दोपहर तक आसमान साफ रहने तथा मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है। जम्मू के मैदानी इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाने के साथ 06 जनवरी तक दिन में गर्म और रातें सर्द होने के आसार हैं।

केन्द्रशासित प्रदेश के कई स्थानों में जनवरी के दूसरे सप्ताह के दौरान हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी हो सकती है या फिर बादल छाए रहने का अनुमान है। प्रदेश में 07 जनवरी को रात के समय छिटपुट स्थानों पर हल्की बर्फबारी होने का अनुमान जताया गया है।

कांग्रेस सरकार जनता के समक्ष खो चुकी है अपनी साख : सुधांशु त्रिवेदी

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राजस्थान में कांग्रेस सरकार पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उसमें संकट के कारण वह जनता के सामने अपनी साख खो चुकी है।

त्रिवेदी आज भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है, सांप्रदायिकता, वैमनस्यता एवं धार्मिक उन्माद फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही नहीं होती। करौली, जोधपुर, भीलवाड़ा में हुए सांप्रदायिक उन्माद राज्य में बिगड़ी कानून व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है।

अतीत में राजस्थान की छवि शांति, समृद्धि और राष्ट्रीय गौरव को प्रकट करने वाली थी और पर्यटकों के पंसद का राज्य माना जाता रहा है लेकिन राजस्थान कांग्रेस के गत चार वर्षाे के शासन में अराजकता और खतरनाक कट्टरता में बहता हुआ राजस्थान बना दिया गया है।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था लचर होने से बच्चियां और महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कहते है कि महिलाओं की ओर से 56 प्रतिशत दर्ज कराए गए मामले झूंठे होते है। गहलोत इन मामलों में कितने बड़े सांख्यिकी और गणितीय विशेषज्ञ हो गए है, इतनी सटिकता के साथ प्रतिशत बता रहे है, यह बोलना सरकार की संवेदनहीनता का बहुत बड़ा उदाहरण है।

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के घोषणा-पत्र में देशद्रोह कानून को खत्म करने की बात कांग्रेस ने कही, गहलोत सरकार ने अपने मंत्रियों और विधायकों पर ही देशद्रोह के मुकदमे दर्ज करवाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जो युवाओं को रोजगार, किसानों की कर्जमाफी के वादे किए, उसमें से एक भी वादा पूरा नही कर पाई, राजस्थान में पेपर लीक होना आम बात हो गई है, एक के बाद एक पेपर लीक के मामले सामने आ रहे है।

कांग्रेस सरकार में संकट के कारण वह जनता के बीच अपनी साख खो चुकी है, अभी तक राजस्थान में हुए पेपर लीक मामलों में निश्चित रूप से कांग्रेस सरकार से जुड़े लोग शामिल है, इसी वजह से कांग्रेस सरकार इसकी केन्द्रीय जांच ब्यूरो से जांच नहीं करवाती है। बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा करते हुए पेपर लीक मामले की श्रृंखला बना दी है, इन पेपर लीक मामलों से सरकार के प्रतिनिधि प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कहा कि देश विरोधी संगठनों को पालने का काम भी कांग्रेस सरकार के संरक्षण में हो रहा है, पीएफआई जैसे कटठरपंथी एवं देश विरोधी संगठन को रैली निकालने की अनुमति देने से ऐसे संगठनों को प्रश्रय मिलता है।

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अप्रैल 2021 में महंगाई रैली में जयपुर की धरती से भाषण देते हुए कंन्फ्यूजन की शुरूआत की, महंगाई पर भाषण ना देकर हिंदू एवं हिंदुत्व पर कंफ्यूजन भाषण दिया। पहले तो हिंदु बनाम हिंदुत्व में कंफ्यूज रखते थे और अब महंगाई बनाम हिंदुत्व में रखते है।

अर्थव्यवस्था में भी कंफ्यूज हो जाते है, भारत सबसे बड़ा मोबाइल एक्सपोर्टर होता जा रहा है। राहुल गांधी कहते है मेन्युफेक्चुरिंग नहीं हो रहीे है जबकि 200 से अधिक मोबाइल मेन्युफेक्चुरिंग यूनिट काम कर रही है। देश आज विमान युद्धपोत बना रहा है, जबकि राहुल गांधी कहते है कि कुछ भी नहीं बन रहा है। राहुल गांधी में कंफ्यूजन की पराकाष्ठा है, कंफ्यूजन ऐसा है कि राजस्थान में भी खूब घमासान हुआ।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की सरकार के जहाज को दो पायलट चला रहे है, दोनों जहाज को अपने-अपने हिसाब से दिशा में ले जाना चाह रहे है, जहाज को चला कौन रहा है, दोनों एक दूसरे के ऊपर सुंदर पुष्प वर्षा कर रहे है।

उन्होंने बताया कि भाजपा द्वारा राजस्थान की 128 विधानसभाओं में जन आक्रोश महासभाएं हो चुकी है, शेष विधानसभाओं में 10 जनवरी तक महासभाएं पूर्ण कर ली जाएगी। जन आक्रोश यात्रा के द्वारा 62 हजार 211 नुक्कड़ सभाएं एवं चौपाले हो चुकी है, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2 करोड़ 25 लाख लोगों से संपर्क किया गया और 92 लाख से अधिक आरोप पत्र वितरित किए जा चुके है तथा पूरे प्रदेश में एक लाख 15 हजार किलोमीटर रथ यात्राएं हुई। हुई।

ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी मिली, भारत बनेगा ग्रीन हाइड्रोजन का वैश्विक हब

नई दिल्ली। सरकार ने देश को 2047 तक ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ बुधवार को 19744 करोड़ रुपये की सहायता के साथ राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को आज स्वीकृति प्रदान की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आज यहां हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के निर्णय की जानकारी देेते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं से कहा कि हमने सालाना 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। हम भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के निर्यात का वैश्विक हब बनाना चाहते हैं। इससे 2030 तक कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में प्रतिवर्ष लगभग पांच करोड़ टन की कमी आने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन और उपकरणों के निर्माण के लिए प्रोत्साहन देने की योजना को मंजूर किया है। इसके तहत देश में इलेक्ट्रोलाइजर्स के विनिर्माण और ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन 2029-30 तक 17490 करोड़ रुपएकी प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा सरकार इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास तथा इसके उपयोग के पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए भी प्रोत्साहन देगी।

उन्होंने बताया कि मिशन के लिए प्रारंभिक परिव्यय 19 हजार 744 करोड़ रुपए होगा, जिसमें साइट कार्यक्रम के लिए 17 हजार 490 करोड़ रुपए, पायलट परियोजनाओं के लिए 1466 करोड़ रुपए, अनुसंधान एवं विकास के लिए 400 करोड़ रुपए और अन्य मिशन घटकों के लिए 388 करोड़ रुपए शामिल हैं।

ठाकुर ने कहा कि इस मिशन के संचालन के लिए एक अधिकार संपन्न समूह के गठन का प्रस्ताव है। मिशन निदेशक इस क्षेत्र की विशेषज्ञता रखने वाले व्यक्ति को बनाया जाएगा जो नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत कार्य करेगा।

मिशन से प्राप्त होने वाले विभिन्न प्रकार के लाभों का उल्लेख करते हुए ठाकुर ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन एवं इसके सहायक उत्पादों के लिए निर्यात के अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक, आवागमन और ऊर्जा क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। आयातित जीवाश्म ईंधन और फीडस्टॉक पर निर्भरता घटेगी और स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं का विकास होगा तथा; रोजगार के अवसरों का सृजन के साथ अत्याधुनिक तकनीक का विकास होगा।

उन्होंने कहा कि देश में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता कम से कम 50 लाख टन प्रति वर्ष तक पहुंचने की संभावना है, जिसमें लगभग 125 गीगावाट की संबद्ध अक्षय ऊर्जा क्षमता शामिल है। उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में 2030 तक आठ लाख करोड़ रुपए का निवेश होने का लक्ष्य है और छह लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि इस मिशन से ग्रीन हाइड्रोजन की मांग, उत्पादन, उपयोग और निर्यात की सुविधा प्राप्त होगी। ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन प्रोग्राम (एसआईजीएचटी) के लिए रणनीतिक क्रियाकलाप के लिए मिशन के तहत दो अलग-अलग वित्तीय प्रोत्साहन तंत्र बनाए जाएंगे जिनमें से एक इलेक्ट्रोलाइजर के घरेलू निर्माण और दूसरा ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए लक्षित होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि मिशन संभावित उपभोग वाले क्षेत्रों और उत्पादन मार्गों में पायलट परियोजनाओं का भी समर्थन करेगा। बड़े पैमाने पर उत्पादन और/या हाइड्रोजन के इस्तेमाल का समर्थन करने में सक्षम क्षेत्रों की पहचान की जाएगी और उन्हें ग्रीन हाइड्रोजन हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

ठाकुर ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम की स्थापना का समर्थन करने के लिए एक सक्षम नीतिगत कार्यक्रम विकसित किया जाएगा। एक मजबूत मानक और नियमन संरचना भी विकसित की जाएगी। इसके अलावा, मिशन के तहत अनुसंधान एवं विकास (रणनीतिक हाइड्रोजन नवाचार भागीदारी-एसएचआईपी) के लिए एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी की सुविधा प्रदान की जाएगी। अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं लक्ष्य-उन्मुख, समयबद्ध और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए उपयुक्त रूप से बढ़ाई जाएंगी। मिशन के तहत एक समन्वित कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के सभी संबंधित मंत्रालय, विभाग, एजेंसियां और संस्थान मिशन के उद्देश्यों की सफल उपलब्धि सुनिश्चित करने के लिए केंद्रित और समन्वित कदम उठाएंगे। मिशन के समग्र समन्वय और कार्यान्वयन के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय नोडल मंत्रालय होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2021 में 15 अगस्त को लाल किले पर राष्ट्र ध्वज के नीचे ग्रीन हाइड्रोजन के लिए मिशन शुरू करने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने भारत की बिजली उत्पादन में 2030 तक 40 प्रतिशत हिस्सा हरित स्रोतों से करने का लक्ष्य रखा गया था। इसका लक्ष्य 2021 में ही पूरा कर लिया गया। भारत ने ग्लासको सम्मेलन में 2070 तक कार्बन उत्पादन को शुद्ध रूप से शून्य स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है और इस दिशा में हाइड्रोजन मिशन की बड़ी भूमिका होने जा रही है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 2047 तक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। भारत इस समय अपनी पेट्रोलियम जरूरतों का तीन चौथाई आयात करता है।