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चीन को भी भारत बालाकोट जैसा सबक सिखाए : दरगाह दीवान

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अजमेर। भारत-चीन तवांग में सैनिकों के बीच झड़प मामले पर राजस्थान में अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान ने कहा है कि भारत चीन को भी बालाकोट जैसा सबक सिखाए।

अजमेर में आज जारी बयान में दरगाह दीवान ने कहा कि चीन आए दिन भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश करता है और भारतीय सैनिकों के साथ झड़प के समाचार मिलते हैं लेकिन भारतीय सेना के शूरवीर उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देते। उन्होंने कहा कि चीन की रोज रोज की इस नापाक हरकत पर विराम लगाने के लिए अब यह जरुरी है कि भारत, चीन को भी बालाकोट जैसा सबक सिखाए।

दरगाह दीवान ने कहा कि भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ शांति और मधुर संबंधों पर जोर देता आया है लेकिन पड़ोसी मुल्क शायद भारत के इस व्यवहार को कमजोरी न समझे। आज चीन हो या अन्य कोई देश भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने में सक्षम है। इसकी जीती जागती मिसाल दुनिया के सामने बालाकोट है। चीन को अपनी नापाक हरकतों से बाज आना ही होगा नहीं तो वह ध्यान रखें कि यह नया भारत है।

दीवान ने तवांग में तैनात भारतीय सैनिकों द्वारा चीनी सेना को खदेड़े जाने पर उन्हें सलाम करते हुए कहा कि हमारी दुआएँ हमेशा शूरवीर सैनिकों के साथ है और पूरा भारत देश सेना के साथ खड़ा है।

‘अल हिल्म’ बॉल से खेला जाएगा फीफा विश्व कप फाइनल

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मुंबई। कतर के लुसैल स्टेडियम में रविवार को आयोजित होने वाला फीफा विश्व कप 2022 का फाइनल ‘अल हिल्म’ बॉल से खेला जाएगा।

विश्व कप के आधिकारिक बॉल आपूर्तिकर्ता एडिडास ने बताया कि यह बॉल बुधवार और गुरुवार को होने वाले सेमीफाइनलों में भी इस्तेमाल की जाएगी।

अरबी के शब्द अल हिल्म का हिन्दी में अर्थ ‘ख्वाब’ है। अल हिल्म को बनाने में उसी ‘कनेक्टेड बॉल’ तकनीक का प्रयोग किया गया है जिसे टूर्नामेंट की पिछली बॉल अल रिहला (सफर) में शामिल किया गया था। यह तकनीक मैच अधिकारियों को तेजी से और अधिक सटीक निर्णय लेने में मदद करने में अमूल्य साबित हुई है।

अल हिल्म को तैयार करने में पर्यायवरण का ध्यान रखा गया है और यह फाइनल में प्रयोग होने वाली पहली बॉल है जिसे केवल स्याही और गोंद का उपयोग करके बनाया गया है।

एडिडास के महाप्रबंधक निक क्रैग्स ने बॉल के अनावरण पर कहा कि अल हिल्म दुनिया को एक साथ लाने की खेल और फुटबॉल की शक्ति दिखाता है। दुनिया के लगभग हर देश से लाखों लोग फुटबॉल के लिएअपने जुनून के कारण एकजुट होकर मुकाबलों का आनंद लेंगे। हम टूर्नामेंट के अंतिम चरण में शामिल सभी टीमों को फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर खेलने के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

गुजरात के मंत्रियों को विभागों का आवंटन, यहां पढेंं सूची

गांधीनगर। गुजरात में सोमवार को शपथ लेने वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री, आठ कैबिनेट और आठ राज्य मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के पास सामान्य प्रशासन, प्रशासनिक सुधार, प्रशिक्षण एवं योजना, गृह एवं पुलिस आवास, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी विकास एवं शहरी गृह निर्माण, पंचायत, सड़क एवं भवन एवं राजधानी योजना, खान एवं खनिज, यात्राधाम विकास, नर्मदा एवं कल्पसर, बंदरगाह, सूचना एवं प्रसारण, नशाबंदी एवं आबकारी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सभी नीतिगत मामले, अन्य मंत्रियों को अनावंटित विषय और सभी विभाग जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री कनुभाई मोहनभाई देसाई के पास मंत्री वित्त, ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन, ऋषिकेशभाई पटेल के पास स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, विधि, न्यायपालिका, वैधानिक एवं संसदीय मामले, राघवजीभाई पटेल के पास कृषि, पशुपालन, गौसंवर्द्धन, मत्सोद्योग, ग्रामीण गृह निर्माण एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय, बलवंतसिंह राजपूत के पास उद्योग, लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग, कुटीर, खादी एवं ग्रामोद्योग, नागरिक उड्डयन, श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय।

कुंवरजीभाई बावणिया के पास जल संसाधन तथा जलापूर्ति, खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े मामले मंत्रालय, मुलुभाई बेरा के पास पर्यटन, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, वन एवं पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) मंत्रालय, डॉ. कुबेरबाई डिंडोर आदिजाति विकास, प्राथमिक, माध्यमिक एवं प्रौढ़ शिक्षा मंत्री, भानूबेन बाबरिया सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बनी हैं।

राज्य मंत्रियों में हर्ष संघवी (स्वतंत्र प्रभार) के पास खेल-कूद तथा युवक सेवा, स्वैच्छिक संगठनों के साथ समन्वय, प्रवासी गुजराती प्रभाग, परिवहन, गृह रक्षक बल तथा ग्राम रक्षक बल, नागरिक सुरक्षा, जेल, सीमा सुरक्षा (सभी विभागों का स्वतंत्र प्रभार), गृह एवं पुलिस आवास, उद्योग, सांस्कृतिक गतिविधियां (राज्य मंत्री) मंत्रालय है।

जगदीश विश्वकर्मा (पंचाल) (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता, नमक उद्योग, मुद्रण कार्य व लेखन सामग्री, प्रोटोकॉल (सभी विभागों का स्वतंत्र प्रभार), लघु, सूक्ष्म तथा मध्यम उद्योग, कुटीर, खादी एवं ग्रामोद्योग, नागरिक उड्डयन (राज्य मंत्री) मंत्री हैं।

परसोत्तम सोलंकी: मत्स्योद्योग तथा पशुपालन, बचुभाई मगनभाई खाबड़: पंचायत, कृषि, मुकेशभाई जे पटेल : वन एवं पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज), जल संसाधन एवं जलापूर्ति, प्रफुल्लभाई पानसेरिया: संसदीय मंत्री हैं।

इसके अलावा भीखूसिंह चतुरसिंह परमार के पास खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय है। जबकि कुंवरजीभाई हणपति के पास आदिजाति विकास, श्रम एवं रोज़गार, ग्रामीण विकास मंत्रालय का प्रभार है।

जनता को झूठे सब्जबाग दिखाकर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार : गजेन्द्र सिंह शेखावत

जयपुर। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार सब्ज‍बाग दिखाकर और झूठ बोलकर सत्ता में आई। पिछले चार साल से राज्य में अराजकता का मौहाल है और भ्रष्टाचार चरम पर है, जिसकी वजह से जनता भयभीत है। केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि अब 15 से 31 दिसंबर तक विधानसभा स्तर पर बड़ी जन आक्रोश सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें बूथ महासंपर्क अभियान भी चलेगा।

मंगलवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि राज्य सरकार की इन्हीं तमाम खामियों और जनता के मन में व्याप्त आक्रोश के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी ने 200 विधानसभा क्षेत्रों में जन आक्रोश यात्रा का आयोजन करने का फैसला किया। 200 रथों ने 94 हजार किलोमीटर की यात्रा की और इस दौरान 50,367 से ज्यादा नुक्कड़ और बड़ी सभाओं का आयोजन किया गया। 82 लाख 75 हजार से अधिक लोगों को हमें जन आक्रोश यात्रा से जोड़ने का अवसर प्राप्त हुआ।

उन्होंने बताया कि जनता की शिकायतों को एकत्रित करने की भी व्यवस्था की गई थी, जिसके तहत दो तरह की पद्धति अपनाई गई। एक, पेटिका रखी गई थी। इसमें लोगों ने लिखित शिकायतें डालीं। पेटिका में लाखों शिकायतें एकत्रित हुईं हैं। दूसरा, वेबसाइट पर लगभग तीन लाख शिकायतें अब तक दर्ज हो चुकी हैं। 75 लाख आरोप-पत्र बांटे गए और 11 लाख 87 हजार हाथ से लिखे आरोप-पत्र और शिकायतें एकत्रित की गईं।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि अब 15 से 31 दिसंबर तक सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर बड़ी जन आक्रोश सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें बूथ महासंपर्क अभियान भी चलेगा। पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ और घर-घर जाकर जन आक्रोश के संदेश को ले जाएंगे और जन भावनाओं को संकलित करने का काम करेंगे। सभाओं को राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेता संबोधित करेंगे। हर विधानसभा में 8 से 10 कार्यकर्ता, ऐसे पूरे प्रदेश में कुल 2 हजार कार्यकर्ता, रात्रि प्रवास करेंगे।

शेखावत ने बताया कि 25 दिसंबर को जब देश स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में सुशासन दिवस मना रहा होगा, तब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेश के सभी बूथों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का मन की बात कार्यक्रम भी सुनेंगे।

केन्द्र की योजनाओं को तरजीह नहीं

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने वर्ष 2014 में सत्ता में आने के साथ ही कई जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। जब राजस्थान में वसुंधरा राजे नेतृत्व वाली सरकार चल रही थी, तब राज्य केन्द्र की तमाम जनकल्या‍णकारी योजनाओं को लागू करने में पहले, दूसरे और तीसरे पायदान पर था, लेकिन जब वर्ष 2018 सरकार बदली तो केन्द्र की जनकल्यामणकारी योजनाएं राज्य में धीरे-धीरे पटरी से उतर गईं। आलम यह है कि राज्य सरकार केन्द्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के मामले में निचले पायदान पर है। राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना की रफ्तार काफी कमजोर हुई है। 12 में तीन जिले दौसा, झुंझनूं, राजसमंद ऐसे हैं, जिनमें शून्य काम हुआ है। केन्द्र द्वारा मांग के अनुरूप खाद्य उपलब्ध कराया गया, लेकिन राज्य में कालाबाजारी का आलम चरम पर रहा।

जल जीवन मिशन में पिछड़ा राजस्थान

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि जल जीवन मिशन को लागू करने में जहां पूरे देश में तेजी से प्रगति हो रही है, वहीं राजस्थान सरकार इस महत्वपूर्ण योजना को लागू करने में बहुत पीछे है। राजस्थान सरकार केन्द्र द्वारा दी गई धनराशि को खर्च नहीं कर पाई है। वह अपने हिस्से का भी पैसा निवेश नहीं कर पाई है। राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश में 125 जिले ऐसे हैं, जो 100 प्रतिशत नल से जल उपलब्ध होने की दिशा में आगे हैं, लेकिन राजस्थान का एक भी जिला और ब्लॉक इस श्रेणी में शामिल होने की स्थिति में नहीं पहुंच पाया है। देश में जहां जल जीवन मिशन योजना की ग्रोथ 40 प्रतिशत से अधिक है, वहीं राजस्थान में केवल 20 प्रतिशत है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजस्थान सरकार इस महत्वपूर्ण योजना को लागू करने में कितनी सुस्त है।

महिलाओं से अत्याचार के 1 लाख 61 हजार मुकदमे दर्ज

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि जो राजस्थान महिलाओं के सम्मान के मामले में पूरे देश में नंबर वन पर था, आज वहां महिलाओं के खिलाफ सबसे अधिक अपराध हो रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के 1 लाख 61 हजार मुकदमे दर्ज हुए हैं। 27 हजार बहन-बेटियों के साथ दुष्कर्म हुआ, महिला शिक्षकों को जिंदा जला दिया गया और एम्बुलेंस में गैंगरेप होता है। जिस राजस्थान को दुनिया रानी पद्मिनी के जौहर, हाड़ीरानी के शीशदान, गौरा और पन्नाधाय के उत्सार्ग, मीरा और कर्मा के भक्तिभाव से जानती थी, आज राजस्थान सरकार ने उन सबके सम्मान पर कालिख पोतने का काम किया है। सरकार के वरिष्ठम मंत्री विधानसभा के पटल पर कहते हैं कि राजस्थान में बलात्कार इसलिए अधिक होते हैं, क्योंकि यह मर्दों का प्रदेश है। इससे अधिक शर्मनाक और क्या हो सकता है।

तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने राजस्थान सरकार पर अपने वोटबैंक को बचाए रखने के लिए तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह की घटना करौली में हुई। रामनवमी के जुलूस पर जिस तरह से पथराव हुआ। घटनाओं की जांच में जिस तरह से भेदभाव किया गया। एफआईआर, गिरफ्तारी, कार्रवाई, चालान पेश करने से लेकर मुआवजा देने तक तुष्टीकरण किया गया। केन्द्रीय मंत्री ने भीलवाड़ा, जोधपुर में घटी घटनाओं के अलावा उदयपुर में हुई कन्हैयालाल की नृशंस हत्या को लेकर भी राजस्थान सरकार को आडे हाथों लिया।

चीनी सैनिकों को वापस भगाया : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में कहा कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों के अतिक्रमण को दृढ़ता, साहस और पराक्रम से रोका है और उन्हें वापस अपनी चौकी पर भगा दिया है।

सिंह ने विपक्षी दलों के सदस्यों के भारी हंगामे के बाद लोकसभा और राज्यसभा में चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर बारी बारी से दिये गये एकसमान वक्तव्य में कहा कि 9 दिसंबर को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास किया।

चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढता के साथ सामना किया। इस दौरान हाथापाई भी हुई। भारतीय सेना ने बहादुरी से पीएलए के हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें उनकी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया। इस झड़प में दोनों ओर से कुछ सैनिकों को चोटें आई। उन्होंने कहा कि मैं इस सदन को बताना चाहता हूं कि हमारे किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है और न ही कोई गंभीर रुप से घायल हुआ है।

सिंह ने कहा कि भारतीय सेना के कमांडर के समय पर हस्तक्षेप के कारण पीएलए सैनिक अपनी लोकेशन पर वापस चले गए। इस घटना के पश्चात क्षेत्र के स्थानीय कमांडर ने 11 दिसम्बर को अपने चीनी समकक्ष के साथ स्थापित व्यवस्था के तहत एक फ्लैग मीटिंग की और इस घटना पर चर्चा की। चीनी पक्ष को इस तरह के कार्रवाई के लिए मना किया और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कहा गया। इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि मैं इस सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सेनाएं हमारी भौगोलिक अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसकके खिलाफ किसी भी प्रयास को रोकने के लिए सदैव तत्पर है। मुझे विश्वास है कि यह सदन हमारी सेनाओं की वीरता और साहस को एक स्वर से समर्थन देगा।

चीनी घुसपैठ की सच्चाई छिपा रही है सरकार : कांग्रेस

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नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है चीन सीमा पर भारत के बड़े इलाके पर कब्जा कर चुका है लेकिन मोदी सरकार इस सच्चाई को छिपा रही है और देश की जनता को गुमराह कर रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता गौरव गोगोई तथा पवन खेड़ा ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन सीमा की सच्चाई को लेकर सरकार गलत बयानी कर रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद में स्वीकार करते हैं कि चीन की फौज ने भारतीय सीमा पर कब्जा कर रखा है लेकिन गृहमंत्री अमित शाह कहते हैं कि चीन देश की एक इंच जमीन नहीं ले सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर्वदलीय बैठक में कहते हैं कि चीन के कब्जे में भारत की कोई जमीन नहीं है लेकिन सच्चाई सबके सामने थी कि चीन ने भारतीय जमीन पर कब्जा किया हुआ है।

उन्होंने कहा कि गत 9 दिसंबर को चीन की सेना ने भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास किया लेकिन हमारी सेना के वीर जवानों ने साहस और पूरी ताकत के साथ सीमा की सुरक्षा की। उन्होंने कांग्रेस पार्टी तथा देश की जनता की तरफ से जवानों का आभार जताया और कहा कि पूरा देश और कांग्रेस पार्टी सेना के साथ खड़ी है।

प्रवक्ताओं ने मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि उसकी नीतियों में खामियां है। सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर सीमा पर चीन की तरफ से की जा रही घुसपैठ को देश की जनता से छिपा रही है।

उन्होंने कहा कि चीन ने हजारों किलोमीटर भारतीय जमीन पर कब्जा कर रखा है। खुद रक्षामंत्री देश की संसद में इस बारे में बयान देते हैं लेकिन गृह मंत्री कहते हैं कि चीन ने कोई घुसपैठ कर ही नहीं सकता है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि चीन सीमा पर हाईवे बना रहा है और ढांचागत विकास खड़ा कर रहा है लेकिन सरकार से इस बारे में सवाल करो तो कोई जवाब नही मिलता है।

उनका कहना था कि मोदी संसद को लोकतंत्र का मंदिर कहते हैं तो वहां देश की जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कितने क्षेत्र में चीन का कब्ज़ा है। हालात यह हैं कि लद्दाख के स्थानीय लोग कहते हैं कि वे पहले जिन इलाकों में अपनी बकरियां चुगाते थे वहां उनके प्रवेश को अब वर्जित कर दिया गया है। सरकार को इस पर संसद में जवाब देना चाहिए।

गोगोई ने कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता का प्रश्न है इसलिए वह सरकार से सवाल पूछेंगे और सरकार को इस सवाल का जवाब देना पड़ेगा। उनका कहना था कि सबसे बड़ी दिक्कत क्या है? किसके लिए मोदी खुद की छवि को देश से ज्यादा मानते हैं। देश की सीमा पर घुसपैठ हो रही है और आश्चर्य की बात है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुई है। जब बड़े मुद्दे होते हैं तो श्री मोदी कभी विदेश मंत्री, कभी रक्षा मंत्री तो कभी गृह मंत्री के पीछे छिप कर बात करते हैं।

उन्होंने कहा कि चीन के साथ लद्दाख और गलवान को लेकर 16 बार की बात हुई है इसके बावजूद चीन हमारी सीमा पर नजर रखे हुए है। इससे साफ है कि चीन सरकार और भारत सरकार के बीच जो बातें हो रही हैं उनका कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। भारतीय सेना गलवान में पहले पेट्रोलिंग करती थी लेकिन अब वहां पेट्रोलिंग नहीं हो रही है। इससे पेट्रोलिंग करने की सेना की आजादी भी नियंत्रित हो गई है और देश की जमीन चीन के पास चली गई है।

उन्होंने सवाल किया कि आखिर क्यों भारत सरकार बफर जोन बनाने पर लगी हुई है? सेना की आजादी को सीमित क्यों किया जा रहा है। सरकार के इन कदमों के कारण चीन का साहस बढ़ रहा है। हमारी सरकार जो बफर जोन बनाती है उसका फायदा चीन को होता है और फ्री होकर के सीमा पर आता जाता है इसलिए इस पर रोक लगाना जरूरी है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चीन ने देश के समक्ष बड़ा संकट पैदा कर दिया है और इससे निपटने के लिए सभी दलों को मिलकर रणनीति बनाने की जरूरत है लेकिन सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है।

उन्होंने देश की आर्थिक नीति पर भी सवाल उठाया और कहा कि सरकार सिर्फ चीन के छोटे-छोटे ऐप को प्रतिबंधित करने में लगी हुई है और उसके साथ व्यापार में कटौती नहीं की जा रही है। इस नीति का फायदा पूंजीपतियों को हो रहा है और आम आदमी को इससे कोई लाभ नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन तथा आसियान के साथ हमारी विदेश नीति की कहीं कोई बात नहीं होती है। आसियान के साथ भारत के रिश्ते कई कारणों से कम हुए हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के समक्ष चीन के कारण संकट खड़े हो गए हैं और यदि चीन को उसके दुस्साहस का मिलकर के जवाब नहीं दिया गया तो देश को इसके दुष्परिणाम झेलने पड़ेंगे इसलिए समय रहते चीन को जवाब देना जरूरी है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार ने चीन के 59 ऐप पर प्रतिबंध लगाया है लेकिन असली सवाल यह है कि आरएसएस के एक सांस्कृतिक संगठन होने के बावजूद उसके चीन से संबंध है। आखिर चीन क्यों कहता है कि गुजरात में भाजपा को जीतना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार चीन से डरती है। चीन भारत की कमजोरी को समझ गया है और प्राथमिक स्तर पर भी हमारी कमजोरी खुलकर के सामने आ गई है इसलिए वह बार-बार घुसपैठ कर रहा है और किसी भी वार्ता को मानने को तैयार नहीं है।

कांग्रेस के चीन-प्रेम के कारण हमारी हजारों हेक्टेयर भूमि हड़पी गई : अमित शाह

धमतरी: प्रेम प्रसंग के चलते चाय बेचने वाली महिला की प्रेमी ने की हत्या

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मगरलोड पुलिस ने प्रेमिका की हत्या के मामले में आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार नगर पंचायत मगरलोड के तहसील कार्यालय के सामने चाय दुकान लगाकर जीवन यापन करने वाली महिला रेशमी साहू (25) निवासी वार्ड क्रमांक 15 मथुरा नगर मगरलोड की कल शाम किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके सिर पर प्राणघातक हमला कर दिया।

उसे नगर के युवकों ने लहूलुहान हालत में मगरलोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया। जहां इलाज के दौरान कुछ देर बाद मौत हो गयी। घटना की सूचना मिलते ही मगरलोड पुलिस हरकत में आई। पुलिस आरोपी की पता तलाश में जुट गई।

पुलिस ने बताया कि महिला के चाय दुकान में खिसोरा निवासी शत्रुघ्न साहू का लगातार आना-जाना रहता था। पुलिस ने तत्काल खिसोरा निवासी शत्रुघ्न साहू को हत्या के संदेह में घेराबंदी कर पकड़ा। पुलिस की शत्रुघ्न साहू से कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्या करना कबूल किया।

आरोपी शत्रुघ्न साहू ने पुलिस को बताया कि उसका रेशमी साहू के साथ चार वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। रेशमी साहू किसी और के साथ फोन पर लगातार बातचीत करती थी। पूछने पर टालमटोल जवाब देती थी।

कल चाय दुकान में उसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ। आवेश में आकर नजदीक में रखे लकड़ी की डंडे से 3 बार सिर पर ताबड़तोड़ प्राणघात हमला करने के बाद वह अपने घर खिसोरा चला गया। पुलिस ने हत्या के धारा के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

कांग्रेस के चीन-प्रेम के कारण हमारी हजारों हेक्टेयर भूमि हड़पी गई : अमित शाह

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश सीमा पर चीन के सौनिकों के साथ टकराव के मुद्दे पर तत्काल चर्चा करने की मांग को लेकर संसद में मंगलवार को हंगामा करने के लिए विपक्ष, विशेष रूप से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के चीन प्रेम के कारण भारत की सुरक्षा परिषद में सदस्यता बलि चढ़ी थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के ही दौर में 1962 में चीन ने हमारी हजारों हेक्टेयर भूमि हड़पी है।

अमित शाह ने कहा कि सरकार पूर्वेत्तर सीमा की स्थिति पर 12 बजे बयान देने को तैयार थे, ऐसे में विपक्ष का सदन की कार्यवाही को बाधित करने का कोई औचित्य नहीं बनता था। पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारतीय सैनिकों के साथ चीन के टकराव के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में व्यवधान डालने पर नाराजगी प्रकट करते हुए गृहमंत्री ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आज संसद में प्रश्नकाल को विपक्ष और ख़ास कर कांग्रेस पार्टी द्वारा नहीं चलने दिया गया। मैं विपक्ष और विशेषकर कांग्रेस पार्टी के इस कुप्रयास की घोर निंदा करता हूँ। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत-चीन सीमा पर 9 दिसंबर की घटनाओं का हवाला देते हुए विपक्ष ने प्रश्नकाल को स्थगित कराया जिसका कोई औचित्य नहीं था।

शाह ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट कहा था कि आज दोपहर 12:00 बजे देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस विषय पर सदन के सामने अपना बयान रखेंगे तो विपक्ष द्वारा प्रश्नकाल को स्थगित करवाना कहीं से भी सही नहीं था। शाह ने कहा कि कांग्रेस जवाब दे कि वर्ष 2005-07 के बीच कांग्रेस के एक परिवार द्वारा चलाए जा रहे राजीव गांधी फाउंडेशन ने चीनी दूतावास से जो एक करोड़ 35 लाख रुपए प्राप्त किए उनसे क्या किया। उन्होंने कहा कि यह विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के अनुसार उचित नहीं था, इसलिए गृह मंत्रालय ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उस फाउंडेशन का पंजीकरण रद्द किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश को बताएये कि राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट ने जाकिर नाइक की संस्था से बिना अनुमति के एफसीआरए खाते में जुलाई 2011 को 50 लाख रुपए क्यों लिए।

गृह मंत्री ने कहा कि 1962 में भारत की हजारों हेक्टेयर भूमि चीन ने हड़प ली। उन्होंने कहा जब देश में कांग्रेस की सरकार थी तो 2006 में भारत में चीन के दूतावास ने पूरे अरुणाचल और पूरे नेफा पर अपना दावा किया था। चीन ने कांग्रेस पार्टी के ही (अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन) मुख्यमंत्री दोरजी खांडू को वीजा देने से इनकार कर दिया था, यह मानते हुए कि अरुणाचल तो उनका ही हिस्सा है। शाह ने सवाल किया कि इस विषय पर फाउंडेशन ने शोध किया था क्या?

शाह ने कहा कि अब देश में मोदी सरकार है, हमारी एक इंच भूमि भी कोई नहीं ले सकता।उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी को कहना चाहता हूं कि यह दोहरा और दोगला रवैया जनता के सामने नहीं चलता है। जनता सब देख रही है। कांग्रेस की ही सरकार के समय में देश की हजारों किलोमीटर भूमि अवैध रूप से चीन द्वारा हड़प ली गई। देश की जनता इन सारे विषयों को जानती और समझती है।

गृह मंत्री ने कहा कि 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर हुए चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के कुप्रयास को भारतीय सेना द्वारा विफल कर दिया। शाह ने कहा कि मैंने (आज) प्रश्नकाल की सूची को देखा तो पांचवें नंबर का प्रश्न देख कर इनकी चिंता समझ गया क्योंकि प्रश्नकाल का पांचवां प्रश्न राजीव गांधी फाउंडेशन के एफसीआरए रजिस्ट्रेशन को रद्द करने के बारे में था और कांग्रेस के ही सदस्य के द्वारा यह प्रश्न उठाया गया था।

गृहमंत्री ने कहा कि इसका जवाब भी बहुत स्पष्ट था। अगर मौक़ा मिलता तो मैं सदन के पटल पर भी बताता कि राजीव गांधी फाउंडेशन को 2005-06 और 2006-07 के वित्तीय वर्ष में चीनी दूतावास से 1.35 करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ था जो एफसीआरए क़ानून के अनुरूप नहीं था।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन ने अपना रजिस्ट्रेशन सामाजिक कार्यों के लिए करवाया था, लेकिन जो राशि चीनी दूतावास से इस फाउंडेशन को मिली थी, वह फाउंडेशन को भारत-चीन संबंधों के विकास पर शोध करने के लिए दिया गया। शाह ने सवाल किया कि अब मैं कांग्रेस पार्टी को पूछना चाहता हूं कि उन्होंने क्या शोध किया? वर्ष 1962 में भारत की जो हजारों हेक्टेयर की भूमि चीन ने हड़प ली थी, क्या इस विषय को अपने शोध में शामिल किया था, और शोध किया तो रिपोर्ट क्या आई?

उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या इस फाउंडेशन ने नेहरू जी के चीन प्रेम के कारण सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की बलि चढ़ाए जाने का भी शोध किया, क्या उसने यह शोध किया कि गलवान घाटी (लद्दाख क्षेत्र) में भारत के वीर सैनिकों की चीनियों के साथ भिडंत के समय चीनी दूतावास के अधिकारियों को कौन भोज दे रहा था? क्या उसने 2006 में भारत में चीन के दूतावास द्वारा किए गए इस दावे पर शोध किया कि पूरा अरुणाचल और पूरे नेफा चीन का है? क्या उसने 25 मई 2007 को (तत्कालीन) मुख्यमंत्री दोरजी खांडू को वीजा देने से चीन के इनकार फाउंडेशन ने शोध किया क्या?

उन्होंने 13 अक्टूबर 2009 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अरुणाचल यात्रा पर चीन ने आपत्ति और 2011 में कांग्रेस की सरकार ने चीन की धमकी के बाद डेमचोक में हमारे रोड और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण रोके जाने का भी उल्लेख करते हुए कहा कि क्या राजीव गांधी फाउंडेशन ने इस विषय पर शोध किया, और किया तो उसकी रिपोर्ट क्या है?

कांग्रेस पार्टी पर हमला जारी रखते हुए शाह ने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी को कहना चाहता हूं कि यह दोहरा और दोगला रवैया जनता के सामने नहीं चलता है। जनता सब देख रही है। गृह मंत्री ने कहा कि आठ दिसंबर की देर रात और 9 दिसंबर की सुबह अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत-चीन सीमा पर हमारे वीर जवानों ने जो वीरता दिखाई है, मैं इसकी भूरि-भूरि सराहना करता हूं और अपने जवानों के शौर्य को सलाम करता हूं कि उन्होंने घुसे हुए चीनियों को कुछ ही घंटों में वापस खदेड़ दिया और मातृभूमि की रक्षा की।

गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 9 दिसंबर को भारतीय सीमा की ओर आने वाले चीन के सैनिकों के साथ भारत की सैन्य टुकड़ियों के साथ झड़प के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा कराने की मांग को लेकर आज कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्य सभा की कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बाद में राज्यसभा और लोक सभा में एक जैसे बयान में कहा कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों के अतिक्रमण को साहस और पराक्रम से रोका है और उन्हें वापस अपनी चौकी पर जाने के लिए मजबूर कर दिया है।

तमिलनाडु में किसान ने पत्नी व 4 बच्चों की हत्या के बाद की खुदकुशी

चेन्नई। तमिलनाडु में एक किसान ने पत्नी और दो नाबालिगों सहित 4 बच्चों की हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली है।

यह घटना तमिलनाडु के तिरुवन्नमलाई जिला में चेनगम के ओरंथवाड़ी गांव में घटित हुई। इस घटना में उसकी 9 वर्षीय बच्ची भूमिका घायल हुई है, जिसे उपचार के लिए तिरुवन्नमलाई के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी की जंग लड़ रही है।

पुलिस ने बताया कि यह घटना कल रात की है और मंगलवार सुबह पड़ोसियों को इस घटना के बारे में पता चला कि पड़ोस में कुछ अनहोनी हो गई है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा तोड़ने के बाद सब की आखें फटी की फटी रह गई।

पुलिस ने देखा पलानी (45) छत के कुड़े से लटका हुआ है, जबकि उसकी 37 वर्षीय पत्नी वल्ली, तीन पुत्रियां त्रिशा (15), मोनिका (14), शिवशक्ति (6) और पुत्र धनुष (4) खून से लथपथ पड़े हुए है। वहीं एक अन्य पुत्री भूमिका (9) घायल अवस्था में पड़ी हुई मिली।

पुलिस ने बताया कि किसान ने इस तरह की भयावह घटना को अंजाम क्यों दिया, इसके बारे में जांच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक पारिवारिक विवाद हत्याओं की वजह हो सकती है। इस सिलसिले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

राहुल गांधी ने यात्रा में विभिन्न समूहों की बातें सुनी और समाधान का दिलाया भरोसा

सवाईमाधोपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा मंगलवार को सुबह राजस्थान में सवाईमाधोपुर जिले के जीनापुर से शुरू हुई और इस दौरान राहुल गांधी ने मुस्लिम एवं दलित युवाओं के समूह के साथ बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनी तथा उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया वहीं शाम के सत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं अंत्रप्रेनोर तथा आदिवासी समुदाय के युवा उनके साथ यात्रा में चले।

यात्रा के सुबह के सत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित कांग्रेस के अन्य कई नेता एवं पदाधिकारी राहुल गांधी के साथ चले। यात्रा में सूरवाल बाइपास तक हजारों की संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए और स्थानीय लोगों में यात्रा को लेकर ज़बरदस्त उत्साह दिखा।

इस दौरान चलते हुए राहुल गांधी ने दो समूह के साथ बातचीत की। मुस्लिम युवाओं के एक समूह ने राहुल गांधी के समक्ष केंद्र सरकार द्वारा मौलाना आजाद नेशनल फैलोशिप बंद किए जाने सहित कई मुद्दे उठाए। दूसरी बातचीत दलित युवाओं के एक समूह के साथ हुई। इस समूह के युवाओं ने विशेष रुप से भाजपा सरकार द्वारा दो अप्रैल 2018 को भारत बंद के दौरान अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों पर दर्ज़ मुकदमों एवं ज़मीन से जुड़े मुद्दे उठाए। दोनों समूहों की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद राहुल गांधी ने साथ चल रहे प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से राज्य से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री से बात करके कार्रवाई करने को कहा।

दोपहर में यात्रा के विश्राम के समय राहुल गांधी ने राजस्थान में दलित समुदाय के विकास एवं कल्याण के लिए काम कर रहे अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी, सेंटर फॉर दलित राइट्स, राजस्थान बाल्मीकि मंच, उड़ान मानव सेवा समिति, आगाज़ फाउंडेशन, राइट्स रिसॉर्स सेंटर, अंबेडकर स्टडी सेंटर-जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों एवं इस समुदाय से जुड़े कई अन्य लोगों से बातचीत की। बातचीत के दौरान इन लोगों ने राजस्थान कांग्रेस सरकार द्वारा दलितों के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कुछ बेहतर सुझाव दिए और राहुल गांधी के समक्ष कुछ मांगे भी रखी गई।

राहुल गांधी ने उनकी बातें सुनी और साथ बैठे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से राज्य स्तर की जो समस्याएं थी उनके समाधान का अनुरोध किया। राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान को संविधान दलितों ने दिया, इसे कभी भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का जो पावर स्ट्रक्चर है, चाहे वो प्रशासन, जुडिशियरी या मीडिया हो उनमें एससी,एसटी और ओबीसी की भागीदारी उतनी नहीं है जितनी होनी चाहिए। बाबासाहेब अंबेडकर के दिखाए रास्तों पर चलकर ही इस स्थिति को बदला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने कभी नहीं कहा था कि उनकी पूजा की जाए। उन्होंने इसका विरोध किया था। लेकिन आज दलित समाज के लोग उनकी पूजा तो कर रहे हैं लेकिन उनके दिखाए रास्ते पर उस तरह से नहीं चल रहा है जिस तरह चलना चाहिए। उन्होंने वहां मौजूद सभी से बाबासाहेब के दिखाए रास्ते पर चलने को कहा।

यात्रा के विश्राम के समय कांग्रेस सांसद एवं पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने डोटासरा और अन्य नेताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि सवाईमाधोपुर में जिस तरह से भारत जोड़ो यात्रा का स्वागत हुआ है वैसा बहुत कम राज्यों में हुआ है। सुबह पौने छह बजे से क़रीब दस बजे तक ज़बरदस्त हूजूम यात्रा के स्वागत के लिए आया था। इसमें 60 प्रतिशत से ज़्यादा महिलाएं थी।

रमेश ने बताया कि 16 दिसंबर को यात्रा का 100वां दिन होगा और इस विशेष अवसर पर शुक्रवार को राहुल गांधी दोपहर एक बजे दौसा ज़िले में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह शाम को साढ़े छह बजे जयपुर में भारत जोड़ो संगीत समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 16 दिसंबर को हिमाचल के सभी कांग्रेस विधायक और वहां के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे। 19 दिसंबर को अलवर में एक विशाल रैली का आयोजन भी किया जाएगा।

इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में बच्चे, वृद्ध, युवा, महिला तथा सभी धर्म एवं जाति के लोग एक साथ भारत जोड़ो यात्रा में चल रहे हैं। यहां कोई भेदभाव नहीं है। यही वह भारत है जिसकी परिकल्पना आज़ादी के दीवानों एवं महात्मा गांधी ने की थी। उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में देश में नफ़रत एवं निराशा का जो माहौल बना है उसने देश को नुक़सान पहुंचाया है। लोगों को लग रहा था कि उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसे में राहुल गांधी से उम्मीद जगी है। लोगों को लग रहा है कि कोई तो है जो उनकी सुनने निकला है।

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान राजस्थान सरकार से संबंधित जो मुद्दे आ रहे हैं उन सभी मुद्दों को हम नोट कर रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा समाप्त होने के बाद हम तय करेंगे कि कैसे इनका समाधान किया या बजट में कैसे इन्हें शामिल किया जाए। विधायक इंदिरा मीणा ने बताया कि 12 दिसंबर को महिलाएं राहुल गांधी के साथ चलीं। यात्रा के दौरान उन्होंने जिस बारीकी से महिलाओं की समस्याओं, परेशानियों और उनकी बातों को सुना वह दिखाता है कि उनकी नज़र में सब बराबर है। वह सबको साथ लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं। राहुल गांधी ने नफ़रत छोड़ो, भारत जोड़ों का जो नारा दिया है उसमें गहरा संदेश छुपा हुआ है। सभी को इस संदेश को समझने की ज़रूरत है।

पूर्व मंत्री नमो नारायण मीणा ने कहा कि हर यात्रा का एक मकसद होता है और भारत जोड़ो यात्रा का उद्देश्य शांति, प्रेम एवं भाईचारे का संदेश देना और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाना है। आज पढ़े-लिखे युवाओं को रोज़गार नहीं मिल रहा है। किसानों को उनके फ़सल की सही कीमत नहीं मिल रही है। मोदी सरकार के सभी वादे झूठे साबित हुए हैं। सरकार की गलत नीतियों से हर वर्ग के लोग परेशान हैं। सभी राहुल गांधी को उम्मीद भरी नज़रों से देख रहे हैं। उन्हें लगता है कि यह आदमी झूठ नहीं बोलता। यही हमारी समस्याओं का समाधान कर सकता है।