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शहरीकरण के इस दौर में बीमार पड़ना बहुत ही मामूली बात है। हर कोई दवाई जरूर खा रहा होता है। लेकिन क्या दवाई खाना इतना जरूरी है? ऐसा तो है नहीं। बीमारी तो स्वस्थ रहने से भी ठीक हो जाती है। बढ़ते प्रदूषण में बीमार होना आम बात बन गई है। प्रदूषण का असर तभी होता है जब हमारी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। बाहर की चीजों को पूरी तरह से ना कह दें। यही बीमारी का मुख्य कारण बना हुआ है। इसलिए बाहर का खाना खाना बिल्कुल भी बंद कर दें। इसी तरह कोल्डड्रिंक भी पीना बंद करे दें। ॐ मेडिटेशन करें। ॐ मेडिटेशन करने के खूब सारे फायदे हैं।
जो लोग आर्ट ऑफ लिविंग को फॉलो करते हैं उनके लिए ओम कोई नया शब्द नहीं होगा। कहते हैं ओम के बिना किसी घर की पूजा पूरी नहीं होती है, बिना ओम सृष्टि की कल्पना भी नहीं हो सकती है। ॐ की ध्वनि में ब्रहाम्ड का सार छुपा है। इसलिए ये काफी पावरफुल शब्द माना जाता है। ओम मेडिटेशन किसी शांत जगह में ही करें। पद्मासन में बैठकर, पेट से आवाज निकालते हुए जोर से ओम का उच्चारण करें। ओम को जितना लंबा खींच सकें, खींचें। सांस भर जाने पर रुकें और फिर यही प्रक्रिया दोहराएं। उच्चारण खत्म करने के बाद 2 मिनट के लिए ध्यान लगाएं और फिर उठ जाएं।
रोजाना मेडिटेशन करने से हमारे अंदर से नकारात्मकता दूर होती है और यह हमारे जीवन को सकारात्मक बनाता है। जिससे हम हमेशा अच्छा महसूस करते हैं और दीमाग को खुश रहने और अच्छा रहने के लिए प्रेरित करते हैं। जिससे दिमाग में हैप्पी हार्मोन्स रीलिज होते हैं जो प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
ऊं मेडिटेशन करने से तनाव दूर होता है और दिमाग शांत रहता है। मानिसक रोगियों के लिए ये अचूक उपाय माना जाता है। इस मेडिटेशन को करने से चेहरे पर कांति और आंखों में अनोखी चमक आती है। शरीर में थकावट नहीं होती है और हमेशा फ्रेश महसूस करते हैं।
112 ‘First Lady’ who dreamed of crossing the limits
नई दिल्ली | 112 विभिन्न क्षेत्रों और पेशों से ताल्लुक रखने वाली ‘पहली भारतीय महिलाएं’ जिनमें कई गुमनामी में खो गई अभिनेत्रियां, पहली महिला कुली से लेकर ऑटो-रिक्शा चालक, पहली महिला ट्रेन, बस चालक और यहां तक कि पहली बारटेन्डर और सेना, नौसेना में जाने वाली पहली महिला जिन्होंने अपने पेशे से संबंधित क्षेत्रों में हदों के पार जाकर शानदार काम किया, उन्हें शनिवार को सम्मानित किया गया। 112 महिलाओं की सूची न सिर्फ परंपरागत पेशों से है, बल्कि बेहद अलग पेशों से भी है। उन लोगों ने देश की पहली पेशेवर कॉफी टेस्ट करने वाली महिला, पहली महिला जासूस, पहली महिला बॉडीबिल्डर प्रतियोगी, पहली साइबर अपराध जांचकर्ता और पहली महिला बैगपाइप कलाकार को भी शामिल किया।
सम्मानित महिलाओं के बीच पहली ऑटो-रिक्शा चालक शीला दावरे भी हैं। जिन्होंने 1988 में रूढ़िवादी मान्यताओं को झुठलाते हुए ऑटो-रिक्शा चलाना शुरू किया। दावरे ने यहां एक मीडिया वार्ता के दौरान को बताया, मेरे माता-पिता शिक्षित थे, लेकिन जब मैंने ऑटो-रिक्शा चालक बनने का फैसला किया तो किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। अब मुझे अच्छा लगता है कि मेरे लिए एक सम्मान है, हालांकि बाद में मेरा परिवार मुझसे खुश हो गया, राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना अच्छा लगता है और यह अन्य महिलाओं को आगे आकर गाड़ी चलाने को पेशे के रूप में अपनाने में भी मदद करेगा।
मास्टर शेफ इंडिया जीतने वाली पहली भारतीय महिला पंकज भदौरिया ने बताया, यह एक खूबसूरत पहल है। यह न सिर्फ उन महिलाओं को पहचान दे रहा है, जो पहले से ही अच्छा कर रही हैं, बल्कि युवा लड़कियों को भी आगे आने और जीवन में अच्छा काम करने के लिए प्रेरित करेगा।
नकद रहित भुगतान कंपनी की नींव डालने वाली पहली महिला उपासना टाकू ने कई अन्य लोगों से पहले नकद रहित अर्थव्यवस्था का सपना देखा और 2009 में अपने इस सपने को पूरा करने के लिए इस पर काम करना शुरू कर दिया। वह अग्रणी ई-भुगतान प्लेटफॉर्म मोबीक्विक की सह-संस्थापक हैं।
टाकू ने को बताया, मुझे हमेशा से इस बात का अहसास था कि हमें भुगतान के लिए लाइन में खड़े होकर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए और इस सब की शुरूआत वहां से हुई। मैं खुश हूं कि मुझे इस तरह की पहचान मिल रही है।
इस सूची में कल्पना चावला (अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला), बछेंद्री पाल (माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला), ऐश्वर्या राय (कान्स में जूरी सदस्य बनने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री) और निकोल फारिया (मिस अर्थ का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला) भी शामिल की गई हैं।
खेल के क्षेत्र से जुड़ी कई महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। रियो ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाली पहली महिला जिम्नास्ट दीपा करमाकर, भारती की पहली महिला क्रिकेटर, जिन्हें मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की आजीवन सदस्यता मिली, पैरालंपिक खेलों में पहला पदक जीतने वाली भारतीय महिला दीपा मलिक और ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पी.वी. सिंधु भी शामिल हैं।
साइना नेहवाल (ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली बैडमिंटन खिलाड़ी), एम.सी. मैरी कॉम ( एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला), साक्षी मलिक (ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान) और मिताली राज (पहली महिला भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने 6,000 रन बनाए) इस सूची में सानिया मिर्जा (महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) डबल रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज होने वाली पहली भारतीय महिला) और पी.टी. उषा (ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली प्रथम भारतीय महिला) भी शामिल हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में इन असाधारण महिलाओं को सम्मानित किया, जो संबंधित क्षेत्रों में मील का पत्थर कायम करने वाली पहली महिला भारतीय महिला रहीं। सूची को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा एक साल की अवधि में काफी रिसर्च के बाद तैयार किया गया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने बताया, हमें उन लोगों के सम्मान का जश्न मनाना चाहिए, जिन्होंने जीवन में असाधारण काम किए हैं। इन महिलाओं को साथ लाना उनके और उनके काम को सम्मान देने का एक तरीका है।
मेनका ने कहा कि ‘प्रथम महिला’ पहल के जरिए मंत्रालय ने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली पहली महिलाओं की पहचान की है। हमने ऐसी महिलाओं की तलाश की जो अपने पेशे में प्रथम हैं और इन नामों को विभिन्न स्रोतों से एकत्र किया।
सूची में सेना में जाने वाली पहली महिला, पहली पायलट, पहली मर्चेट नेवी कैप्टन, पहली महिला न्यायाधीश, पहली महलिा भारोत्तोलक, पहली वन डे कप्तान और कई महिलाएं हैं। सम्मान समारोह में हालांकि हर महिला ने खुद को खास और असाधारण महसूस किया, उन लोगों ने यह भी कहा कि कई ऐसी सफल महिलाओं से मुलाकात के बाद , जिनेक बारे में उन लोगों ने कभी भी नहीं सुना था, वे बहुत अच्छा महसूस कर रही है।
लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) जोसीसिला फरीदा रेहाना, भारतीय सेना की पहली महिला पैराट्रपर (एएमसी) ने आईएएनएस को बताया कि यह उनके लिए किसी लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से कम नहीं है। 1940 में मैसूर में जन्मी रेहाना 1964 में भारतीय सेना में शामिल हुई थीं। द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजी जा चुकीं पहली भारतीय महिला क्रिकेट कोच सुनीता शर्मा ने आईएएनएस को बताया कि उनके लिए यह देर आए, दुरुस्त आए जैसा है।
उन्होंने कहा, मैं खुश हूं कि हालांकि, थोड़ी देर से ही सही, हमें हमारे योगदान के लिए सम्मान मिल रहा है।सुनीता ने कहा, सरकार को न सिर्फ पुरस्कार, बल्कि महिला खिलाड़ियों को नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए भी कुछ करना चाहिए। उनके पास सिर्फ रेलवे में नौकरी करने का विकल्प होता है। अन्य विभागों को भी खिलाड़ियों को नौकरी का विकल्प देने पर ध्यान देना चाहिए।
नई दिल्ली| अपने फेसबुक मित्र से मिलने गई एक 19 वर्षीय किशोरी का कथित तौर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने यौन उत्पीड़न किया। यह घटना शनिवार देर को घटित हुई। लेकिन पुलिस को इसकी सूचना पीड़िता व उसकी मां द्वारा पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर में दुष्कर्म व यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने पर रविवार को मिली।पीड़िता ने पुलिस से कहा कि वह शनिवार की रात अपने फेसबुक मित्र आलोक से मिलने पेपर मार्केट में गई थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब वे सड़क पर टहल रहे थे तो लगभग चालीस वर्षीय एक व्यक्ति ने उसे देर रात घर से बाहर निकलने के लिए बुरा-भला कहा। व्यक्ति ने शायद शराब पी रखी थी।
इससे दोनों डर गए और अलग हो गए। गाजीपुर पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, जब पीड़िता सपेरा बस्ती के पास पहुंची तो आरोपी ने अंधेरे का फायदा उठाकर उसका मुंह बंद कर पिटाई की। एफआईआर में कहा, उसने किशोरी को जान से मारने की धमकी दी और एक नाले में खींच कर ले गया जहां उसने उसका यौन उत्पीड़न किया।
Turkey refuses to limit military operations in Syria to Afreen
अंकारा| तुर्की ने कहा है कि उसने रूस या किसी अन्य देश को इस बात की गारंटी नहीं दी है कि सीरिया में उसका सैन्य अभियान आफरीन तक सीमित रहेगा। तुर्की के उप प्रधानमंत्री बेकिर बोजदाग ने कहा कि अमेरिका समर्थित पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट्स (वाईपीजी) के खिलाफ तुर्की के अभियान पर सीमाएं लगाने का अधिकार किसी को नहीं है। इसी बीच, विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी उन रूसी मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि सीरियाई सीमा पर तुर्की सैन्य अभियान को आफरीन तक सीमित कर दिया गया है। तुर्की ने शनिवार को ‘ऑपरेशन ओलिव ब्रांच’ शुरू किया था जिसके तहत उसने वाईपीजी को आफरीन के खदेड़ने के लिए उसके ठिकानों पर कई हवाई हमले किए। तुर्की का कहना है कि वाईपीजी, कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी से संबद् एक आतंकवादी संगठन है।
मुंबई| दक्षिण भारतीय फिल्म स्टार मोहनलाल यहां अजोय वर्मा के निर्देशन में बन रही मारधाड़ व रोमांच से भरपूर एक नई फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। ‘ओप्पम’ और ‘इरुवर’ जैसी मलयालम फिल्मों में काम करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहनलाल ने ट्विटर पर फिल्म के लिए अपनाए गए लुक को साझा किया। तस्वीर में वह नारंगी रंग के कॉर्डिगन के साथ भूरे रंग का जैकेट पहने नजर आ रहे हैं, उन्होंने कंधे पर बैग लटका रखा है और बाएं हाथ में फोन पकड़ रखा है, मोहनलाल ने मंगलवार को ट्वीट किया, सुप्रभात दोस्तों, जैसा कि आप सब जानते हैं मैं फिलहाल मुंबई में हूं और अजोय वर्मा की नई फिल्म की शूटिंग कर रहा हूं। इस फिल्म में मुख्य किरदार निभाने को लेकर मैं रोमांचित हूं, जो ढेर सारे एक्शन और रोमांच से भरपूर है। इस एक्शन फिल्म के पोस्टर की पहली झलक देखिए।
17 year old girl sets herself on fire after being harassed in Shahjahanpur
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के बंड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में छेड़छाड़ से तंग आकर रविवार को आग लगाने वाली युवती की सोमवार की शाम इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने प्राथमिकी तब दर्ज की, जब परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
Opposition in Jammu and Kashmir assembly on harassment of Kashmiris
जम्मू | विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस के सदस्यों ने गणतंत्र दिवस समारोह से पहले कश्मीर घाटी में लोगों के कथित उत्पीड़न के विरोध में मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा से बहिर्गमन किया। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, पार्टी के नेता श्रीनगर से विधायक अली मुहम्मद सागर ने कहा, घाटी जेल बन गई है और यहां लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है।उन्होंने 26 जनवरी से पहले भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए जाने का हवाला देते हुए कहा, उन्हें घर से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य इसके विरोध में सदन से बाहर चले गए।
कांग्रेस के विधायकों ने भी सदन में नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में भारतीय नागरिकों के मारे जाने का विरोध किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की जिंदगी की रक्षा करने में विफल रही। इन सदस्यों ने सदन से बाहर जाने से पहले पाकिस्तान के विरुद्ध नारे लगाए।
बनाने की विधि-
पनीर के टुकड़ों पर कॉर्न स्टार्च छिड़क दें। इसे अच्छी तरह मिला दें। कॉर्न स्टार्च पनीर में अच्छी तरह चिपक जाना चाहिए लेकिन पनीर टूटे नहीं। कड़ाही में तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें। पनीर के टुकड़ों को इसमें डालकर डीप फ्राई करें। जब पनीर के टुकड़े ब्राउन होने लगें तो इन्हें निकाल लें। एक मध्यम आकार के प्याज को आठ टुकड़ों में काट लें। इसके बाद शिमला मिर्च को भी काट लें। हरी मिर्च को काटकर भी अलग रख लें। कॉर्न स्टार्च को टोमेटो केचप और सफेद सिरके के साथ मिला लें। इसमें वेजिटेबल स्टॉक भी मिला लें। इसे भी अलग रख दें। सॉस पैन में तेल गर्म करें। इसमें लहसुन डालें और ब्राउन होने तक पकाएं। अब इसमें हरी मिर्च, शिमला मिर्च और प्याज डालें। करीब 30 सेकंड तक तेज आंच पर पकाएं। इसके बाद कॉर्न और सॉस के पेस्ट को इसमें मिला दें। जब तक सॉस गाढ़ा न हो जाए, इसे पकाएं। अब इसमें पनीर के टुकड़े डालकर मिला दें। इसे गर्मागर्म सर्व करें।
Here is the ‘stupid hotel’, only the name is enough
गिरिडीह। हिन्दी के शब्दकोष में बेवकूफ एक ऐसा शब्द है जिसका अभिप्राय मूर्खता माना जाता हैं। लेकिन प्रदेश के गिरिडीह में यह शब्द मूर्खता नहीं अपितु दर्जनों लोगों की आजीविका का माध्यम है। यहां बेवकूफ होटल एक जाना-माना नाम है। 1970 के दशक में गिरिडीह देश के मानचित्र में अबरख उद्योग के लिए जाना जाता रहा हैं। गिरिडीह आने वाले लोग एक बार बेवकूफ होटल में भोजन करने की इच्छा को दबा नहीं पाते हैं। आज शहर में बेवकूफ होटलों की संख्या आधा दर्जन पार कर गयी है,गिरिडीह में बेवकूफ होटल की शुरुआत और इसकी प्रसिद्धि का इतिहास भी दिलचस्प है। सर्वप्रथम सत्तर के दशक में गोपी राम ने फुटपाथ पर होटल की शुरूआत की थी। उस दौरान महज चालीस पैसे में ग्राहकों को दाल-भात, सब्जी, चोखा, ग्राहकों को परोसा जाता था।
कचहरी के समीप होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले और अबरख कारखानों में काम करने वाले लोग बड़ी संख्या में दोपहर का भोजन बेवकूफ होटल में ही किया करते है। दोपहर में खाने वाले की इतनी अधिक भीड़ हो जाती थी और कुछ लोग भोजन करने के बाद बगैर पैसा दिए ही खिसक जाते और कहते है कि दुकानदार बेवकूफ है। जब गोपीराम को यह पता चला कि उन्हें कुछ लोग बेवकूफ कहते है तो एक दिन होटल में बेवकूफ होटल का साईन बोर्ड लगा दिया और फिर यह नाम पूरे शहर में न केवल चर्चित हुआ बल्कि टेªडमार्क बन गया। 1975-76 के दौरान गिरिडीह में जब अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चला तब बेवकूफ होटल को भी फुटपाथ से हटा दिया गया। बाद में पास में ही एक छोटी से दुकान किराए पर लेकर गोपीराम होटल चलाने लगे। आज भी उसी स्थल पर नये भवन में बेवकूफ होटल चल रहा है।
परिजन इस बात से खुश हैं कि उनके पूर्वजों का दिया गया नाम आज सिर्फ टेªडमार्क ही नहीं हैं बल्कि देश के कई हिस्सों से आने वाले लोगों के आकर्षण का केंद्र है। अब तो बेवकूफ होटल के अलावा बेवकूफ रेस्टोरेंट भी खुल गया है। जिसकी मेन्यू में लजीज व्यंजन शामिल है।
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बिसंड़ा थाना क्षेत्र में दलित महिला के साथ रेप का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।